हरदा द्वारा करवाए जा रहे पोखरनी से चारुवा-गुप्तेश्वर मार्ग पर निर्माणाधीन सड़क कार्य में कथित लापरवाही के कारण एक ग्रामीण परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हाल ही में हुई बारिश के बाद जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से रामचंद्र पाटीदार के मकान में पानी भर गया, जिससे उनका जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पीड़ित रामचंद्र पाटीदार ने बताया कि उन्होंने सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार से मौखिक रूप से आग्रह किया था कि उनके घर के पास पानी निकासी के लिए एक पुलिया (पाइप) डाली जाए। हालांकि, ठेकेदार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और मनमाने तरीके से निर्माण कार्य पूरा कर दिया। पाटीदार के अनुसार, एक ओर स्टेट हाईवे और दूसरी ओर निर्माणाधीन सड़क होने के कारण ऊपरी क्षेत्रों से आया बारिश का पानी उनके मकान के बीच वाले हिस्से में जमा हो गया। इस जलभराव से उनके घर में रखा खाद्यान्न, कपड़े और अन्य घरेलू सामान खराब हो गया। इतना ही नहीं, मकान से सटी भूमि पर लगा उनका पपीते का बगीचा भी पानी में डूबने से पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। पीड़ित ने अब प्रशासन से इस मामले की जांच करने, सड़क निर्माण में हुई लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने, उचित जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने और हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
हरदा द्वारा करवाए जा रहे पोखरनी से चारुवा-गुप्तेश्वर मार्ग पर निर्माणाधीन सड़क कार्य में कथित लापरवाही के कारण एक ग्रामीण परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हाल ही में हुई बारिश के बाद जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से रामचंद्र पाटीदार के मकान में पानी भर गया, जिससे उनका जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पीड़ित रामचंद्र पाटीदार ने बताया कि उन्होंने सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार से मौखिक रूप से आग्रह किया था कि उनके घर के पास पानी निकासी के लिए एक पुलिया (पाइप) डाली जाए। हालांकि, ठेकेदार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और मनमाने तरीके से निर्माण कार्य पूरा कर दिया। पाटीदार के अनुसार, एक ओर स्टेट हाईवे और दूसरी ओर निर्माणाधीन सड़क होने के कारण ऊपरी क्षेत्रों से आया बारिश का पानी उनके मकान के बीच वाले हिस्से में जमा हो गया। इस जलभराव से उनके घर में रखा खाद्यान्न, कपड़े और अन्य घरेलू सामान खराब हो गया। इतना ही नहीं, मकान से सटी भूमि पर लगा उनका पपीते का बगीचा भी पानी में डूबने से पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। पीड़ित ने अब प्रशासन से इस मामले की जांच करने, सड़क निर्माण में हुई लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने, उचित जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने और हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
- हरदा जिले के नगर परिषद सिराली में, सिराली पुलिस द्वारा 'सेफ क्लिक' अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम करना और युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। इसी कड़ी में, शासकीय महाविद्यालय सिराली में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों की विस्तृत जानकारी दी और उनसे बचाव के लिए महत्वपूर्ण उपाय भी बताए। विद्यार्थियों को विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सिम स्वैप, सोशल मीडिया धोखाधड़ी और फर्जी कस्टमर केयर कॉल जैसे खतरों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साथ ही, उन्हें सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, मजबूत पासवर्ड रखने और टू-स्टेप वेरिफिकेशन अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इस जागरूकता कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, सभी प्राध्यापकगण, पुलिस स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में, विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी इस विषय पर जागरूक करने का आह्वान किया गया।2
- मध्य प्रदेश पुलिस ने बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों को डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से राज्यभर में 'Safe Click 2.0' नामक एक साइबर जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत, लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के नवीनतम तरीकों से सावधान रहने और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, फेक कॉल, QR कोड स्कैम, OTP फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया जैसे विभिन्न माध्यमों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। इन खतरों से बचाव के लिए, अभियान लोगों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने, OTP, बैंक PIN या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करने की सलाह देता है। 'Safe Click 2.0' अभियान के तहत, स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय, बैंक और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नागरिकों को यह भी बताया जा रहा है कि यदि वे किसी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो वे तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मध्य प्रदेश पुलिस ने राज्य के नागरिकों से सतर्क रहने, सुरक्षित रहने और दूसरों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की अपील की है। पुलिस का स्पष्ट मानना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर बड़ी आर्थिक और व्यक्तिगत हानि से बचा जा सकता है।1
- खंडवा जिले के युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। एक समझौते के तहत विज्ञान वर्ग से 12वीं उत्तीर्ण 60 बेटों और 60 बेटियों को तीन वर्षीय जनरल नर्सिंग प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण पर प्रत्येक विद्यार्थी पर आने वाला लगभग ₹5 लाख का संपूर्ण व्यय आईआईटी बॉम्बे ग्रुप द्वारा वहन किया जाएगा। यह प्रशिक्षण केंद्र शीघ्र ही खेड़ी में प्रारंभ किया जाएगा, जहाँ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, प्रतिभागियों को न्यूनतम ₹30,000 प्रतिमाह वेतन वाले रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जाएगी। यह पहल न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह क्षेत्र में शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगी।1
- मध्य प्रदेश के हरसूद में अतिथि शिक्षकों को ई-अटेंडेंस दर्ज करने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालना पड़ रहा है। यह स्थिति अतिथि शिक्षकों के सामने खड़ी चुनौतियों को उजागर करती है।1
- खंडवा जिले की हरसूद तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बारूद माल के वार्ड नंबर 10 के एक निवासी ने माननीय सरपंच और सचिव महोदय से एक विनम्र निवेदन किया है। निवासी ने अधिकारियों का ध्यान वार्ड नंबर 10 की ओर आकर्षित करते हुए बताया कि उन्हें किसी समस्या से 'बहुत तकलीफ' हो रही है, जिसके निवारण या उसे हटाने का अनुरोध किया गया है।1
- मूंग तू लॉन्ग किस बनी करूं बोल मोहन काका में क्या-क्या करू😙😙🌱1
- मध्य प्रदेश में आम किसान यूनियन द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी की मात्रा बढ़ाने, पिछले वर्ष की सोयाबीन की बीमा राशि के भुगतान और उर्वरक वितरण की विकास प्रणाली को बंद करने की मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनेक गांवों में मध्य प्रदेश सरकार का पुतला जलाया गया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह उल्लेखनीय है कि 2 जुलाई को आम किसान यूनियन ने अपनी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर महोदय को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें गांव-गांव विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई थी। यूनियन का कहना है कि आगामी दिनों में जिले के हर गांव में सरकार का पुतला दहन किया जाएगा, जिसके बाद शीघ्र ही जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यालय को घेरने के लिए "घेर डालो डेरा डालो" आंदोलन किया जाएगा। आज के विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्राम भोनखेड़ी, सोनखेड़ी, नांदरा, गोयत और अन्य कई गांवों में सरकार के पुतले फूंके गए।1
- मूंग खरीदी के मुद्दे पर कांग्रेस ने मोहन सरकार के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। इस उग्र विरोध के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोहन सरकार का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।1