नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने एक युवक सोनू कुमार की चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक 37 वर्षीय सोनू कुमार चेरण गांव का निवासी था और एक पैथोलॉजी में कार्यरत था। इस जघन्य घटना से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने बिहारशरीफ-बख्तियारपुर एनएच-20 को करीब दो घंटे तक जाम कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद ही जाम समाप्त कराया जा सका। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब सवा दस बजे सोनू के मोबाइल पर एक फोन आया, जिसके बाद वह शिवाजी मोहल्ला जाने की बात कहकर घर से निकला। कुछ देर बाद परिवार की एक महिला को फोन पर सूचना मिली कि सोनू सड़क किनारे खून से लथपथ पड़ा है और उसका एक्सीडेंट हो गया है। इसके तुरंत बाद पुलिस ने भी घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि सोनू गंभीर रूप से घायल था और उसके शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। उसे आनन-फानन में कल्याण बिगहा रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति के कारण पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान सोनू की मौत हो गई। इस हत्या के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पुनः बिहारशरीफ-बख्तियारपुर एनएच-20 को जाम कर हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने एक युवक सोनू कुमार की चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक 37 वर्षीय सोनू कुमार चेरण गांव का निवासी था और एक पैथोलॉजी में कार्यरत था। इस जघन्य घटना से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने बिहारशरीफ-बख्तियारपुर एनएच-20 को करीब दो घंटे तक जाम कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद ही जाम समाप्त कराया जा सका। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब सवा दस बजे सोनू के मोबाइल पर एक फोन आया, जिसके बाद वह शिवाजी मोहल्ला जाने की बात कहकर घर से निकला। कुछ देर बाद परिवार की एक महिला को
फोन पर सूचना मिली कि सोनू सड़क किनारे खून से लथपथ पड़ा है और उसका एक्सीडेंट हो गया है। इसके तुरंत बाद पुलिस ने भी घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि सोनू गंभीर रूप से घायल था और उसके शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। उसे आनन-फानन में कल्याण बिगहा रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति के कारण पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान सोनू की मौत हो गई। इस हत्या के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पुनः बिहारशरीफ-बख्तियारपुर एनएच-20 को जाम कर हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
- नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने एक युवक सोनू कुमार की चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक 37 वर्षीय सोनू कुमार चेरण गांव का निवासी था और एक पैथोलॉजी में कार्यरत था। इस जघन्य घटना से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने बिहारशरीफ-बख्तियारपुर एनएच-20 को करीब दो घंटे तक जाम कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद ही जाम समाप्त कराया जा सका। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब सवा दस बजे सोनू के मोबाइल पर एक फोन आया, जिसके बाद वह शिवाजी मोहल्ला जाने की बात कहकर घर से निकला। कुछ देर बाद परिवार की एक महिला को फोन पर सूचना मिली कि सोनू सड़क किनारे खून से लथपथ पड़ा है और उसका एक्सीडेंट हो गया है। इसके तुरंत बाद पुलिस ने भी घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि सोनू गंभीर रूप से घायल था और उसके शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। उसे आनन-फानन में कल्याण बिगहा रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति के कारण पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान सोनू की मौत हो गई। इस हत्या के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पुनः बिहारशरीफ-बख्तियारपुर एनएच-20 को जाम कर हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।2
- पटना के चर्चित 10 सर्कुलर रोड से राबड़ी देवी का नाम हटाए जाने की खबर ने बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा छेड़ दी है। इस घटना को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर राबड़ी देवी का नाम क्यों हटाया गया और इसके पीछे क्या वजह बताई जा रही है।1
- यह संदेश भगवान शिव को समर्पित है, जिसमें 'श्री श्री 108', 'ऊं नमः शिवाय', और 'हर हर महादेव' जैसे पवित्र मंत्रों का उच्चारण किया गया है। इसमें सभी के जीवन के मंगलमय होने और खुशियों की बरसात होने की प्रार्थना की गई है। संदेश 'जय बाबा शिव गुरु' के उद्घोष के साथ समाप्त होता है और इसमें एक वीडियो संख्या, 'विडियो न0-545' का भी उल्लेख है।1
- एक पोस्ट में बेहद मुखर और सीधा आरोप लगाते हुए कहा गया है कि 'गुस्ताखी माफ हो' लेकिन 'मोदी' और 'चंपत' की दोस्ती दरअसल 'भगवान राम से गद्दारी' है। यह बयान 'मोदी' और 'चंपत' के संबंधों को भगवान राम के प्रति विश्वासघात के तौर पर पेश करता है।1
- यह पोस्ट दर्शकों को एक खास जगह पर ध्यान देने के लिए कहती है, और इस बात पर ज़ोर देती है कि यह नजारा वाकई बहुत ही खूबसूरत है।1
- पुलिस राज के खिलाफ, जिसमें मॉब लिंचिंग, फर्जी इनकाउंटर और बुलडोजर जैसी कार्रवाई शामिल है, भाकपा माले (CPI ML) द्वारा आयोजित विरोध मार्च संपन्न हो गया है।1
- बिहारशरीफ में भाकपा-माले ने एक राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत जोरदार विरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन मॉब लिंचिंग की घटनाओं, कथित फर्जी मुठभेड़ों, बुलडोजर कार्रवाई और राज्य में लगातार बढ़ते अपराध के खिलाफ था। इस दौरान पार्टी के नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने विशेष रूप से राजगीर दलित हत्याकांड, हरनौत हत्याकांड और नगरनौसा डिग्री कॉलेज आंदोलन जैसे कई महत्वपूर्ण मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान एक पांच सूत्री मांगपत्र भी जारी किया गया, जिसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि अपराध, हिंसा और दमन पर प्रभावी ढंग से रोक नहीं लगाई गई, तो यह आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा।1
- सोशल मीडिया पर एक भक्तिमय संदेश साझा किया गया है, जिसमें 'राम जपो राम जपो राम जपो बावरे' का आह्वान किया गया है। यह पोस्ट उपयोगकर्ताओं को प्रेम और आस्था के साथ भगवान राम के नाम का जाप करने के लिए प्रेरित करती है, जिसमें 'बावरे' शब्द का उपयोग स्नेहपूर्ण और भक्तिपूर्ण ढंग से किया गया है। साझा किए गए दिल, चमक और फूलों के इमोजी इस आध्यात्मिक आह्वान में श्रद्धा और शांति का भाव जोड़ते हैं।1