सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड मुख्यालय परिसर में मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के विरोध में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग उठाई। इस धरना को राजद प्रखंड अध्यक्ष राजेश सिंह उर्फ मुन्ना ने संबोधित किया। राजेश सिंह उर्फ मुन्ना ने आरोप लगाया कि सहरसा जिले में हाल ही में किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ था, जिसका प्रशासन द्वारा आकलन भी किया गया, लेकिन प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिल सका है। उन्होंने सरकार से शीघ्र क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि दाखिल-खारिज और भूमि रसीद कटाने जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए लोगों को प्रखंड और अंचल कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं, न्याय की उम्मीद लेकर थानों में पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजद नेताओं ने जिले में लगातार बढ़ती बेरोजगारी और गरीबी पर भी चिंता व्यक्त की, जिसके कारण मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिलने से बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भूमिहीन गरीब परिवारों को अब तक वासगीत पर्चा उपलब्ध नहीं कराया गया है, जबकि वर्षों से सरकारी भूमि पर बसे लोगों को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। धरना-प्रदर्शन के दौरान, राजद नेताओं ने किसानों को मुआवजा देने, भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और भूमिहीन परिवारों को वासगीत पर्चा उपलब्ध कराने की प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो पार्टी अपने आंदोलन को और तेज करेगी।
सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड मुख्यालय परिसर में मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के विरोध में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग उठाई। इस धरना को राजद प्रखंड अध्यक्ष राजेश सिंह उर्फ मुन्ना ने संबोधित किया। राजेश सिंह उर्फ मुन्ना ने आरोप लगाया कि सहरसा जिले में हाल ही में किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ था, जिसका प्रशासन द्वारा आकलन भी किया गया, लेकिन प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिल सका है। उन्होंने सरकार से शीघ्र क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि दाखिल-खारिज और भूमि रसीद कटाने जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए लोगों को प्रखंड और अंचल कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं, न्याय की उम्मीद लेकर थानों में पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजद नेताओं ने जिले में लगातार बढ़ती बेरोजगारी और गरीबी पर भी चिंता व्यक्त की, जिसके कारण मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिलने से बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भूमिहीन गरीब परिवारों को अब तक वासगीत पर्चा उपलब्ध नहीं कराया गया है, जबकि वर्षों से सरकारी भूमि पर बसे लोगों को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। धरना-प्रदर्शन के दौरान, राजद नेताओं ने किसानों को मुआवजा देने, भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और भूमिहीन परिवारों को वासगीत पर्चा उपलब्ध कराने की प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो पार्टी अपने आंदोलन को और तेज करेगी।
- सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड मुख्यालय परिसर में मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के विरोध में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग उठाई। इस धरना को राजद प्रखंड अध्यक्ष राजेश सिंह उर्फ मुन्ना ने संबोधित किया। राजेश सिंह उर्फ मुन्ना ने आरोप लगाया कि सहरसा जिले में हाल ही में किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ था, जिसका प्रशासन द्वारा आकलन भी किया गया, लेकिन प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिल सका है। उन्होंने सरकार से शीघ्र क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि दाखिल-खारिज और भूमि रसीद कटाने जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए लोगों को प्रखंड और अंचल कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं, न्याय की उम्मीद लेकर थानों में पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजद नेताओं ने जिले में लगातार बढ़ती बेरोजगारी और गरीबी पर भी चिंता व्यक्त की, जिसके कारण मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिलने से बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भूमिहीन गरीब परिवारों को अब तक वासगीत पर्चा उपलब्ध नहीं कराया गया है, जबकि वर्षों से सरकारी भूमि पर बसे लोगों को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। धरना-प्रदर्शन के दौरान, राजद नेताओं ने किसानों को मुआवजा देने, भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और भूमिहीन परिवारों को वासगीत पर्चा उपलब्ध कराने की प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो पार्टी अपने आंदोलन को और तेज करेगी।1
- काशनगर कैरियर मेकर आवाशिया से एक बच्चा लापता हो गया था, जिसे बाद में मानसि के साथ पाया गया। इस संबंध में मामला थाने तक पहुंचा और बच्चे को मिला दिया गया।1
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- बिहार सरकार के निर्देशानुसार, सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र की चंदौर पूर्वी पंचायत में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर पंचायत सरकार भवन में संपन्न हुआ। इस शिविर में पहुंचे नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा का स्वागत चंदौर पूर्वी पंचायत की मुखिया मीरा देवी ने पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नगर आयुक्त ने बताया कि बिहार सरकार के निर्देश पर जिले की सभी पंचायतों में हर माह के पहले और आखिरी मंगलवार को ऐसे सहयोग शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों का उद्देश्य पंचायतवासियों द्वारा दिए गए आवेदनों पर विचार-विमर्श कर मात्र तीस दिनों के भीतर उनका निबटारा करना है। सहयोग शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल भी लगाए गए थे, जहाँ प्राप्त आवेदनों में सबसे अधिक जमीन संबंधी मामलों से जुड़े थे। इस सहयोग शिविर में सौर बाजार प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी, सौर बाजार अंचलाधिकारी श्री विद्याचरण, सौर बाजार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरेंद्र निराला, पंचायत के पूर्व मुखिया अवधेश कुमार, और मुखिया प्रतिनिधि संतोष कुमार सहित कई प्रमुख व्यक्ति मौजूद थे।1
- रौशन आनंद सर के मामा ने पहली बार हमारे कैमरे के सामने एक बड़ा खुलासा किया है। इस विशेष बातचीत में, उन्होंने खान सर से जुड़े विवाद से लेकर रौशन आनंद सर की पढ़ाई-लिखाई तक के विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखी है।1
- खगड़िया जिले के हौसराहा में एक सड़क दुर्घटना हुई है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।1
- मधेपुरा व्यवहार न्यायालय से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्याय की पैरवी करने वाले 11 अधिवक्ता अचानक कोर्ट की लिफ्ट में करीब डेढ़ घंटे तक फंसे रहे, जब लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल के बीच अटक गई। हालात इतने बिगड़ गए कि फंसे लोगों को निकालने के लिए आखिरकार लिफ्ट को तोड़ना पड़ा। यह घटना आज मधेपुरा व्यवहार न्यायालय के नवनिर्मित भवन में हुई, जब 11 अधिवक्ता एक साथ लिफ्ट में सवार होकर ऊपर जा रहे थे। कुछ ही सेकंड में लिफ्ट ने काम करना बंद कर दिया और क्षमता से अधिक भार के कारण बीच मंजिल में ही अटक गई, जिससे सभी लोग अंदर फंस गए। लिफ्ट के भीतर मौजूद लोगों ने बाहर संपर्क किया, जिसके बाद न्यायालय परिसर में अफरातफरी मच गई। न्यायिक पदाधिकारी, कोर्ट कर्मी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तत्काल तकनीशियन उपलब्ध न होने से राहत कार्य में देरी हुई, जिससे अंदर फंसे लोगों की बेचैनी लगातार बढ़ती रही। लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तकनीकी कर्मियों ने लिफ्ट का दरवाजा खोलकर सभी अधिवक्ताओं को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। बाहर निकलने पर अधिवक्ताओं ने राहत की सांस ली, लेकिन उन्होंने व्यवस्था को लेकर कड़ी नाराजगी भी जताई। अधिवक्ताओं का कहना है कि लिफ्ट की क्षमता केवल छह लोगों की है, जबकि अक्सर इससे अधिक लोग इसमें सवार हो जाते हैं। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था की कमी और निगरानी के अभाव का परिणाम है, और ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई और न ही क्षमता के अनुसार लोगों के प्रवेश को सुनिश्चित किया गया। फिलहाल सभी अधिवक्ता सुरक्षित हैं, लेकिन इस पूरी घटना ने न्यायालय भवन की तकनीकी व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब उम्मीद की जा रही है कि कोर्ट प्रशासन इस घटना से सबक लेगा और लिफ्ट संचालन के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।4
- मधेपुरा के मुरलीगंज थाना क्षेत्र स्थित जेडी पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में रह रहे छह वर्षीय छात्र आनंद प्रेम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है, जिसमें यह मामला हत्या का निकला। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह जानकारी बुधवार को सदर थाना में आयोजित एक प्रेस वार्ता में ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा ने दी। उन्होंने बताया कि 7 जून को प्रशिक्षु डीएसपी सह मुरलीगंज थानाध्यक्ष नूरुल हक को रामानंद यादव के पुत्र आनंद प्रेम (6) की मौत की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की और वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने पर मृतक की मां गुंजन देवी के फर्द बयान के आधार पर मुरलीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) नेसार अहमद खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त आरोपी अंकित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी अंकित कुमार ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसका हॉस्टल संचालक सुनील कुमार की पत्नी अंजली कुमारी के साथ अवैध संबंध था। 6 जून की रात आनंद प्रेम ने उन दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया और शोर मचाने लगा। इसके बाद अंजली कुमारी के कहने पर अंकित कुमार ने बच्चे का मुंह और नाक दबाकर उसे चुप कराने का प्रयास किया, जिससे बच्चा बेहोश होकर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने की भी कोशिश की। पुलिस के अनुसार, सुनील कुमार के सहयोग से शव को छिपाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफल न होने पर हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए बच्चे के शव को रस्सी के सहारे लटका दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अंकित कुमार के साथ-साथ हॉस्टल संचालक सुनील कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में सहरसा जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र के कजरा निवासी अंकित कुमार और मधेपुरा के भर्राही थाना क्षेत्र अंतर्गत मरूआहा वार्ड-4 निवासी सुनील कुमार शामिल हैं, जिन्हें आवश्यक पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।4