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User4723
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- सहरसा जिले के सोनवर्षा राज में एक व्यापारी को रिमोट कंट्रोल का उपयोग कर मक्के का वजन घटाकर तौलते हुए ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों ने उसे धोखाधड़ी करते हुए पकड़ा, जिससे व्यापारी की इस अनुचित प्रथा का भांडाफोड़ हुआ।1
- मधेपुरा जिले में अवैध संबंध का राज खुलने के डर से एक यूकेजी छात्र की ह*त्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने एक शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल स्कूल संचालक की पत्नी घटना के बाद से फरार बताई जा रही है।1
- स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक शौचालय का निर्माण हुए पाँच साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसमें दरवाजा नहीं लगाया गया है। इस कारण यहाँ के स्थानीय लोगों ने शौचालय पर कब्जा कर लिया है और इसमें अपना-अपना सामान रखते हैं।1
- मधेपुरा जिले के सिंगेश्वर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 106 (NH 106) पर मौजूद व्यापारियों को 'वैसे ही' हटाया जा रहा है। इस जानकारी के अनुसार, इस मार्ग पर से व्यापारियों का विस्थापन बिना किसी विशेष प्रक्रिया के हो रहा है।1
- खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना पंचायत के वार्ड संख्या-दो में वर्षों से सड़क न होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार शाम करीब पांच बजे स्थानीय ग्रामीण सुबोध यादव ने बताया कि पिछले दस वर्षों से इस वार्ड में सड़क का निर्माण नहीं हुआ है, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी कठिनाई होती है। उन्होंने यह भी बताया कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जहाँ कीचड़ और जलजमाव के कारण लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इस कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को विशेष रूप से परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि हर बार सड़क निर्माण का आश्वासन तो देते हैं, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इसी के चलते, ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शीघ्र सड़क निर्माण कराकर आवागमन की इस गंभीर समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।1
- नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर ज्वलंत जनसमस्याओं और अपनी नीतिगत विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने, भरमाने और बरगलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार आवास और सुरक्षा जैसे गैर-जरूरी मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। तेजस्वी यादव के अनुसार, इन मुद्दों से आखिरकार जनता को कुछ भी हासिल नहीं होगा।1
- मधेपुरा के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बुधवार को एक हृदयविदारक दृश्य ने हर किसी की आंखें नम कर दीं, जहां एक पिता अपने 25 दिन के नवजात बेटे का शव गोद में लिए बैठा बिलख रहा था। उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर वार्ड नंबर 9 के निवासी बाबुल यादव की आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे, और वह बस एक ही बात दोहरा रहा था, "मैंने प्रेम विवाह किया था, कोई गुनाह तो नहीं किया था... फिर मेरे बेटे को यह सजा क्यों मिली?" बाबुल यादव के अनुसार, उन्होंने दो वर्ष पहले समाज और जाति की दीवारों को तोड़कर गांव की ही मौसम चौधरी से प्रेम विवाह किया था, जो उनके परिवार को मंजूर नहीं था। पंचायत के बाद उन्हें घर के एक हिस्से में अलग रहने की अनुमति मिली थी, जहां वे मजदूरी कर अपना जीवन चला रहे थे। करीब 25 दिन पहले उनके घर बेटे ने जन्म लिया, तो बाबुल को लगा था कि शायद अब परिवार की नाराजगी खत्म हो जाएगी। लेकिन उनकी नियति को कुछ और ही मंजूर था। बाबुल का गंभीर आरोप है कि बीती रात उनके माता-पिता, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर उनके 25 दिन के मासूम बेटे की हत्या कर दी। बाबुल दावा करते हैं कि रात करीब तीन बजे जब उनकी पत्नी शौचालय गई थी और वह गहरी नींद में थे, तभी बच्चे की हालत गंभीर हुई। उन्होंने बताया कि बच्चे के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और नाक से खून भी निकल रहा था। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठा बाबुल बार-बार अपने बेटे के चेहरे को देख रहा था, कभी उसे सीने से लगाता तो कभी माथा चूमकर फूट-फूटकर रो पड़ता। उसके पास बैठे उसके ससुर भी खामोश थे, और वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम थीं। बाबुल का कहना है कि उन्हें पहले भी परिवार से धमकियां मिली थीं, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि हालात इतने भयावह हो जाएंगे। हालांकि, पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। बाबुल द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि भी जांच के उपरांत ही होगी। लेकिन बेटे के शव को गोद में लिए बिलखते उस पिता की सिसकियां और "जात-पात की यह दीवार आखिर कब टूटेगी? क्या इसकी सजा मेरे मासूम बेटे को मिलनी चाहिए थी?" जैसे सवाल आज भी प्रेम और इंसानियत से बड़ी जाति और समाज की दीवारों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा गए। वह इन सवालों का जवाब खोजते-खोजते पत्थर सा बैठा रहा, अपनी गोद में अपने 25 दिन के निर्जीव बेटे का शव लिए।4
- गोगरी थाना क्षेत्र अंतर्गत हरपुर गांव के पास एक बाइक सवार युवक को स्थानीय चार-पांच युवकों ने हथियार सटाकर पीटा और उनकी बाइक व नगदी छीन ली। इस वारदात में घायल हुए युवक की पहचान गोगरी थाना क्षेत्र के शिरनिया निवासी दिलीप मिश्रा के 22 वर्षीय पुत्र हर्ष कुमार के रूप में हुई है। हर्ष कुमार के अनुसार, वे जमालपुर बाजार जा रहे थे जब हरपुर गांव के पास इन युवकों ने उन्हें रोककर पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान ही उनसे नगदी और कई अन्य सामान छीन लिए गए। परिजनों को सूचना मिलते ही वे घटनास्थल पर पहुंचे और घायल हर्ष कुमार को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया है। गोगरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया है कि पीड़ित पक्ष से लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।1
- मधेपुरा में एक ट्रेन को 'देना पत्ती कार' की लापरवाही के कारण रोकना पड़ा। इस घटना से जुड़ी आगे की विस्तृत जानकारी और अपडेट्स के लिए मधेपुरा न्यूज़ देखते रहने की अपील की गई है।1