उन्नाव में 15 लाख की चोरी का खुलासा अधूरा, पुलिस पर लापरवाही के आरोप; पीड़िता ने CM से मांगी निष्पक्ष जांच उन्नाव। जनपद के सफीपुर कोतवाली क्षेत्र में हुई लाखों की चोरी की घटना में महीनों बाद भी कोई ठोस प्रगति न होने पर पीड़िता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़िता संध्या देवी ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच किसी अन्य थाने से कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता के मुताबिक, 13-14 सितंबर 2025 की रात ग्राम देवगांव स्थित उनके घर में अज्ञात चोरों ने धावा बोल दिया। उस समय घर में केवल वह और उनकी पुत्री मौजूद थीं। चोर करीब 100 ग्राम सोना, 90 हजार रुपये नकद, चांदी के आभूषण, पीतल के बर्तन, एटीएम व आधार कार्ड समेत करीब 15 लाख रुपये का सामान उठा ले गए। घटना के बाद थाना कोतवाली सफीपुर में एफआईआर संख्या 0396/2025 दर्ज की गई, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट में चोरी गए सामान का पूरा और सही विवरण दर्ज नहीं किया। इससे मामले की गंभीरता कम करके दिखाने की कोशिश का आरोप भी लगाया गया है। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने कई बार थाना प्रभारी और जांच अधिकारी से संपर्क किया, साथ ही कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी बताए, लेकिन पुलिस ने उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हैरानी की बात यह है कि इतने समय बाद भी न तो किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और न ही चोरी गया सामान बरामद हो सका है। मामले में कार्रवाई न होते देख पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक उन्नाव को भी कई बार लिखित शिकायत दी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। इसके बाद उन्होंने IGRS पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी गुहार लगाई, फिर भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता का आरोप है कि जांच में लगातार देरी और उदासीनता से पुलिस की भूमिका संदिग्ध लग रही है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच सफीपुर पुलिस से हटाकर किसी अन्य थाने या निष्पक्ष एजेंसी को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पीड़िता की प्रमुख मांगें: निष्पक्ष जांच के लिए केस ट्रांसफर किया जाए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो चोरी गया सामान बरामद किया जाए लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे। अब सभी की नजर प्रशासन पर टिकी है कि आखिर कब तक पीड़िता को न्याय मिल पाता है।
उन्नाव में 15 लाख की चोरी का खुलासा अधूरा, पुलिस पर लापरवाही के आरोप; पीड़िता ने CM से मांगी निष्पक्ष जांच उन्नाव। जनपद के सफीपुर कोतवाली क्षेत्र में हुई लाखों की चोरी की घटना में महीनों बाद भी कोई ठोस प्रगति न होने पर पीड़िता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़िता संध्या देवी ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच किसी अन्य थाने से कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता के मुताबिक, 13-14 सितंबर 2025 की रात ग्राम देवगांव स्थित उनके घर में अज्ञात चोरों ने धावा बोल दिया। उस समय घर में केवल वह और उनकी पुत्री मौजूद थीं। चोर करीब 100 ग्राम सोना, 90 हजार रुपये नकद, चांदी के आभूषण, पीतल के बर्तन, एटीएम व आधार कार्ड समेत करीब 15 लाख रुपये का सामान उठा ले गए। घटना के बाद थाना कोतवाली सफीपुर में एफआईआर संख्या 0396/2025 दर्ज की गई, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट में चोरी गए सामान का पूरा और सही विवरण दर्ज नहीं किया। इससे मामले की गंभीरता कम करके दिखाने की कोशिश का आरोप भी लगाया गया है। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने कई बार थाना प्रभारी और जांच अधिकारी से संपर्क किया, साथ ही कुछ संदिग्ध लोगों के
नाम भी बताए, लेकिन पुलिस ने उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हैरानी की बात यह है कि इतने समय बाद भी न तो किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और न ही चोरी गया सामान बरामद हो सका है। मामले में कार्रवाई न होते देख पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक उन्नाव को भी कई बार लिखित शिकायत दी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। इसके बाद उन्होंने IGRS पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी गुहार लगाई, फिर भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता का आरोप है कि जांच में लगातार देरी और उदासीनता से पुलिस की भूमिका संदिग्ध लग रही है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच सफीपुर पुलिस से हटाकर किसी अन्य थाने या निष्पक्ष एजेंसी को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पीड़िता की प्रमुख मांगें: निष्पक्ष जांच के लिए केस ट्रांसफर किया जाए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो चोरी गया सामान बरामद किया जाए लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे। अब सभी की नजर प्रशासन पर टिकी है कि आखिर कब तक पीड़िता को न्याय मिल पाता है।
- लखनऊ के दुबग्गा इलाके के इज्जत नगर में बड़ा हादसा हो गया। नोबल पब्लिक स्कूल के पीछे हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 24 वर्षीय सोहेल की मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे से इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- *एन्टी करप्शन रिश्वत लेने वाले को अब सिर्फ पकड़ती नही मौके पर पीटती भी है* *आजमगढ़*: सरायमीर थाने के सब-इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह को एंटी करप्शन टीम ने मुकदमे से नाम हटाने के लिए 1 लाख मांगने पर 20 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र के इज्जत नगर में दर्दनाक हादसा सामने आया है नोबल पब्लिक स्कूल के पीछे 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 24 वर्षीय युवक सोहेल की मौके पर ही मौत हो गई घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है, जबकि सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है1
- डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के आते ही चौराहों की जाम की समस्या हो रही है खत्म खुर्रम नगर फ्लाईओवर के नीचे लगाई गई बैरीकटिंग को हटाया गया, जिससे इलाके में लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या खत्म हो गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले जहां छोटी-सी रुकावट पर भी भारी जाम लग जाता था, अब वहां यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। इस पहल के बाद आसपास के लोगों ने ट्रैफिक पुलिस का स्वागत किया और डीसीपी ट्रैफिक की जमकर सराहना की। वहीं, जाम से राहत मिलने पर जनता ने पुलिस कमिश्नर को भी बधाई दी है। खुर्रम नगर चौराहा अब ट्रैफिक जाम से पूरी तरह मुक्त बताया जा रहा है।1
- Post by Sanjay Lal1
- गौ सम्मान आह्वान अभियान का संकल्प लखनऊ प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए समाजसेवी अनिल पाण्डेय ने राष्ट्रीय स्तर पर गौ सम्मान हेतु राष्ट्र के सतों एवं समाजसेवियों द्वारा गो माता हेतु गो सेवा, गौ सुरक्षा और गो सम्मान हेतु प्रार्थना का क्रम तब तक जारी रहेगा जब तक की भी माता को सेवा, सुरक्षा और सम्मान नहीं मिल जाता। इस संकल्प के साथ गौ सम्मान आह्वान अभियान प्रारम्भ किया जा रहा है। केंद्र सरकार और देश की सभी राज्य सरकारों से राष्ट्र और भारतीय संस्कृति के हित में संविधान के दायरे में रहकर अहिंसक तरीके से गौ माता को सेवा (गौ माता को उचित अनुदान मिले), सुरक्षा (भारत से गोहत्या पूरी तरह समाप्त हो) और सम्मान (गौ माता राष्ट्रमाता बने) का मौलिक अधिकार प्रदान करवाना है। भारत सरकार से गोरक्षा सम्बधित इस मुख्य आग्रह के साथ कि गौ माता को राष्ट्र माता के पद पर विराजमान करे (गौ माता को सम्मान मिले), गो रक्षा हेतु केंद्रीय कानून बने एवं भारतवर्ष में गौ हत्या पूरी तरह समाप्त हो। पाण्डेय ने कार्यक्रम कि पूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि हमारा प्रथम कार्यक्रम 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) प्रातः 11 बजे प्रत्येक तहसील क्षेत्र के 1000 गौ भक्तों एवं संतों के साथ मिलकर प्रत्येक जिले में जितने तहसील मुख्यालय है. वहाँ जाकर तहसीलदार अथवा एस०डी०एम० को. माननीय राष्ट्रपति महोदया, भारत के प्रथानमंत्री महोदय, राज्य के माननीय राज्यपाल महोदय, राज्य के मुख्यमंत्री महोदय के नाम प्रार्थना पत्र देने से प्रारम्भ होगा। द्वितीय चरण 27 जुलाई 2026 (सोमवार) - प्रातः 11 बजे देश के प्रत्येक जिले के 5000 गौ भक्तों एवं संतों के साथ अपने-अपने जिला मुख्यालय पर जाकर जिला कलक्टर को, माननीय राष्ट्रपति महोदया, भारत के प्रधानमंत्री महोदय, राज्य के माननीय राज्यपाल महोदय, राज्य के मुख्यमंत्री महोदय के नाम प्रार्थना पत्र दिया जायेगा। तृतीय चरण में 27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) प्रातः 11 बजे सभी जिला एवं तहसील के संत अपने-अपने जिले के सभी गौ भक्तों को लेकर अपने प्रदेश की राजधानी में पहुंचकर, मुख्यमंत्री जी एंव राज्यपाल महोदय के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति महोदया जी और भारत के प्रधानमंत्री जी के नाम प्रार्थना पत्र देंगे। चतुर्थ चरण में 27 फरवरी 2027 (शनिवार) को राष्ट्र की राजधानी दिल्ली पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से संकीर्तन करते हुए गौ सेवा, गौ सुरक्षा एवं गौ सम्मान के लिए केंद्र सरकार से नियमित पत्र लेखन के माध्यम से आह्वान करेंगे जो साढ़े पाँच माह अर्थात् 15 अगस्त 2027 (रविवार) तक चलेगा। हमारा अंतिम चरण 16 अगस्त 2027 (सोमवार) से आमरण अनशन 5-5 गौ भक्त और संत आमरण अनशन पर बैठेगे। अनशन में एक किसी गो सेवक के गौ हित प्राण जाने पर उसकी जगह दूसरे गौ प्रेमी संत भक्त आमरण अनशन पर बैठेगे, यह क्रम तब तक जारी रहेगा, जब तक गौ सेवा, गौ सुरक्षा एवं गौ सम्मान नहीं मिल जाता।1
- छतरपुर में केन-बेतवा परियोजना के नाम पर हमारे आदिवासी परिवारों की ज़मीन छीनी जा रही है। आज आंदोलन का 10वां दिन है—हमारे आदिवासी भाई-बहन जल-सत्याग्रह कर 'सांकेतिक फांसी' लगा रहे हैं, और सत्ता के नशे में चूर सरकार सो रही है।* *'बिरसा मुंडा के वंशजों को प्रताड़ित करती भाजपा'* *अंग्रेज़ी में एक कहावत है “Villains are not born—they are made.”* *आज मध्यप्रदेश की ज़मीनी हकीकत इसी ओर इशारा कर रही है।* *छतरपुर की एक आदिवासी महिला की आवाज़ पूरे प्रदेश की सच्चाई बता रही है,* *10–11 दिनों से महिलाएं अपने जंगल, ज़मीन और घर बचाने के लिए धरने पर बैठी हैं, लेकिन अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा।* *एक तरफ “गौरव दिवस” और “नारी शक्ति वंदन” के नारे,* *दूसरी तरफ आदिवासी परिवारों को बेदखल किया जा रहा है।* *मैं लगातार कहता आया हूं, भाजपा सरकार आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक समझती है।* *उनकी समस्याएं, उनका डर, उनके बच्चों का भविष्य, इनसे सरकार को कोई सरोकार नहीं।* *मुख्यमंत्री “नक्सलमुक्त मध्यप्रदेश” की बात करते हैं, लेकिन क्या ऐसी ही नीतियों से हालात बिगड़ नहीं रहे?* *कांग्रेस पार्टी आदिवासी भाई-बहनों के साथ खड़ी है।* *सरकार से मांग है कि तुरंत संज्ञान ले, अधिकारियों को मौके पर भेजे और न्याय सुनिश्चित करे।*। - *पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक माननीय श्री फुन्देलाल सिह मार्को जी*1
- लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर जहां एक ओर आम जनता जाम के झाम में जूझती नजर आई, वहीं ट्रैफिक व्यवस्था संभालने वाले जिम्मेदार ही लापरवाही करते दिखे। वायरल वीडियो में ट्रैफिक पुलिस दरोगा सार्वजनिक जगह पर सिगरेट के कश लेते नजर आ रहे हैं, जबकि उनके मातहत पान मसाला चबाते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था भगवान भरोसे चलती रही। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।1
- लखनऊ में विधानसभा मार्ग पर पटेल प्रतिमा के पास बजरंग दल का बड़ा प्रदर्शन, धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ के मुद्दे पर जताई चिंता और सख्त कानून की मांग हुई तेज1