धरियावद के मूंगाणा-जूना बारिया ग्राम पंचायत के वैली फल क्षेत्र में वन विभाग की कथित कार्रवाई को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। एक गरीब परिवार ने आरोप लगाया है कि वन विभाग के दल ने उनका निर्माणाधीन मकान ध्वस्त कर दिया, महिलाओं के साथ मारपीट की और सामान को भी नुकसान पहुंचाया। पीड़ित पवन नाथ (45) ने बताया कि उनका मकान सरकारी योजना के तहत जियो टैगिंग के बाद स्वीकृत हुआ था और इंदिरा आवास योजना के तहत उन्हें ₹15 हजार की किस्त भी मिली थी। उन्होंने दो वर्षों तक अहमदाबाद में मजदूरी करके मकान के लिए सामग्री जुटाई थी, और छत डलनी ही बाकी थी। आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मूंगाणा और पारसोला क्षेत्र से आए एक दल ने जेसीबी, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और जीपों सहित मौके पर पहुंचकर इस निर्माणाधीन मकान को तोड़ा। परिवार का कहना है कि इस दौरान पवन नाथ की पत्नी पूंजी देवी और बहू सुमित्रा के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई; पूंजी देवी ने तो एक महिला कांस्टेबल पर कपड़े फाड़ने और मारपीट का आरोप लगाया है। परिवार ने बताया कि सुमित्रा की डिलीवरी को केवल 25 दिन हुए हैं और उनका बच्चा आईसीयू में भर्ती है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनके दो बकरे और एक बकरी लापता हो गए। ग्रामीणों ने शिकायत की कि यह कार्रवाई केवल एक मकान तक सीमित नहीं रही, बल्कि आसपास कुमारी क्षेत्र में हर्निया, कैलाश और गणेश के परिवारों की तीन झोपड़ियां भी तोड़ी गईं, और उन्हें जबरन वाहनों में बैठाकर ले जाया गया। इसके अतिरिक्त, गीता नाथ के बिजली के पोल तोड़ दिए गए और तारबंदी भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। पीड़ित परिवार ने वनरक्षक कैलाश चौधरी पर कार्रवाई से पहले ₹20 हजार से ₹50 हजार मांगने और राशि न देने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित भूमि लगभग चार बीघा क्षेत्र में थी और उस पर वन विभाग का अधिकार नहीं बनता। घटना की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक थावरचंद डामोर मौके पर पहुंचे, जिन्होंने रेंजर रामलाल भील और पटवारी को बुलाकर स्थिति की जानकारी ली। पटवारी बाबूलाल मीणा ने स्पष्ट किया कि जुना बोरिया आराजी नंबर 1/3 ऑनलाइन जमाबंदी के अनुसार ग्राम पंचायत गोठड़ा सुरक्षित चारागाह दर्ज है, और इस स्थान पर वन विभाग का कोई आधिपत्य नहीं है। इसके बाद, रेंजर रामलाल भील ने पीड़ित परिवार को तत्काल राशन और छत के लिए अस्थायी सहायता राशि उपलब्ध कराई। विधायक थावरचंद डामोर ने अधिकारियों को 29 जून तक पीड़ित परिवार का मकान पुनः निर्माण कर तैयार करके देने का अल्टीमेटम दिया है, साथ ही संबंधित अधिकारी को निलंबित करने की भी मांग की है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है।
धरियावद के मूंगाणा-जूना बारिया ग्राम पंचायत के वैली फल क्षेत्र में वन विभाग की कथित कार्रवाई को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। एक गरीब परिवार ने आरोप लगाया है कि वन विभाग के दल ने उनका निर्माणाधीन मकान ध्वस्त कर दिया, महिलाओं के साथ मारपीट की और सामान को भी नुकसान पहुंचाया। पीड़ित पवन नाथ (45) ने बताया कि उनका मकान सरकारी योजना के तहत जियो टैगिंग के बाद स्वीकृत हुआ था और इंदिरा आवास योजना के तहत उन्हें ₹15 हजार की किस्त भी मिली थी। उन्होंने दो वर्षों तक अहमदाबाद में मजदूरी करके मकान के लिए सामग्री जुटाई थी, और छत डलनी ही बाकी थी। आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों
के साथ मूंगाणा और पारसोला क्षेत्र से आए एक दल ने जेसीबी, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और जीपों सहित मौके पर पहुंचकर इस निर्माणाधीन मकान को तोड़ा। परिवार का कहना है कि इस दौरान पवन नाथ की पत्नी पूंजी देवी और बहू सुमित्रा के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई; पूंजी देवी ने तो एक महिला कांस्टेबल पर कपड़े फाड़ने और मारपीट का आरोप लगाया है। परिवार ने बताया कि सुमित्रा की डिलीवरी को केवल 25 दिन हुए हैं और उनका बच्चा आईसीयू में भर्ती है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनके दो बकरे और एक बकरी लापता हो गए। ग्रामीणों ने शिकायत की कि यह कार्रवाई केवल एक मकान तक
सीमित नहीं रही, बल्कि आसपास कुमारी क्षेत्र में हर्निया, कैलाश और गणेश के परिवारों की तीन झोपड़ियां भी तोड़ी गईं, और उन्हें जबरन वाहनों में बैठाकर ले जाया गया। इसके अतिरिक्त, गीता नाथ के बिजली के पोल तोड़ दिए गए और तारबंदी भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। पीड़ित परिवार ने वनरक्षक कैलाश चौधरी पर कार्रवाई से पहले ₹20 हजार से ₹50 हजार मांगने और राशि न देने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित भूमि लगभग चार बीघा क्षेत्र में थी और उस पर वन विभाग का अधिकार नहीं बनता। घटना की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक थावरचंद डामोर मौके पर पहुंचे, जिन्होंने रेंजर रामलाल भील और पटवारी को बुलाकर
स्थिति की जानकारी ली। पटवारी बाबूलाल मीणा ने स्पष्ट किया कि जुना बोरिया आराजी नंबर 1/3 ऑनलाइन जमाबंदी के अनुसार ग्राम पंचायत गोठड़ा सुरक्षित चारागाह दर्ज है, और इस स्थान पर वन विभाग का कोई आधिपत्य नहीं है। इसके बाद, रेंजर रामलाल भील ने पीड़ित परिवार को तत्काल राशन और छत के लिए अस्थायी सहायता राशि उपलब्ध कराई। विधायक थावरचंद डामोर ने अधिकारियों को 29 जून तक पीड़ित परिवार का मकान पुनः निर्माण कर तैयार करके देने का अल्टीमेटम दिया है, साथ ही संबंधित अधिकारी को निलंबित करने की भी मांग की है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है।
- प्रतापगढ़ में 24 जून को मोहर्रम की 7वीं तारीख पर बारी दरवाजे से छड़ी का आलम निकाला गया। इस आयोजन में मुस्लिम समाज के कई लोगों ने भाग लिया और हर साल की तरह इस बार भी शांति और भाईचारे के साथ जुलूस निकाला गया। यह आलम बारी दरवाजा से शुरू होकर सालमपुरा, भटपुरा कुमारवाडा से गुजरते हुए बावड़ी मोहल्ले पहुंचा, जहाँ जलसा आयोजित किया गया। इस दौरान रतलाम से आए अल अब्बास अखाड़े के पहलवानों ने अपने-अपने करतबों का प्रदर्शन किया। पहलवानों ने आग से मोटरसाइकिल निकालने, मुंह से ट्यूबलाइट चबाने और आग में जलती हुई ट्यूबलाइटों के जंगलों के बीच से खुद को निकालने जैसे कई हैरतअंगेज कारनामे दिखाए। इन कला और संस्कृति के प्रदर्शनों को देखकर लोगों ने बड़ी धूमधाम से इमाम हुसैन के नारे लगाए और प्रतापगढ़ के लोगों ने पहलवानों की बहुत तारीफ की।1
- राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के नेतृत्व में निकाली जा रही अफीम किसान जागरण रैली को उदयपुर जिले में किसानों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। यह रैली अफीम किसानों के अधिकारों, लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई है। 23 जून को डूंगला से शुरू हुई यह रैली बड़ीसादड़ी, कानोड़, भींडर और वल्लभनगर पहुंची, जहां किसानों ने जगह-जगह रैली का स्वागत किया और अफीम किसानों की मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए संबंधित उपखंड अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। इस दौरान हजारों किसान तपती गर्मी के बावजूद अपने हक और अधिकारों की आवाज बुलंद करने के लिए एकत्र हुए। बड़ीसादड़ी में शंभूलाल मेनारिया, राजा चौधरी, रवि मेनारिया सहित सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। वहीं, कानोड़ में तहसील कार्यकारिणी का गठन किया गया और रामेश्वरलाल जाट को तहसील अध्यक्ष नियुक्त किया गया। रैली में जिला अध्यक्ष विजयलाल मेनारिया, तहसील अध्यक्ष भगतलाल व्यास, संरक्षक गणपत सिंह चुंडावत, रामेश्वर कुमावत, उदयलाल जाट, दुर्गाशंकर मेनारिया और जगदीश जटली सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। 24 जून को यह रैली मावली पहुंची, जहां क्षेत्रीय विधायक पुष्कर डांगी किसानों के समर्थन में उपखंड कार्यालय तक पहुंचे और रैली में शामिल हुए। इस अवसर पर राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी एवं जिला अध्यक्ष विजयलाल मेनारिया का किसानों द्वारा स्वागत किया गया। इसके बाद बाबूलाल गाडरी (सनवाड़), ओंकार जणवा, नारायण, गंगाराम, शंकर, जगदीश, देवलाल, मंगनीराम, भरत मेनारिया (सरपंच), सुरेश दाधीच, रामेश्वर खटीक, मधुलाल जाट, मांगीलाल गुर्जर, अंबालाल (सरपंच, पालना), मंगूसिंह (महुड़ा), शिवाजी डिंगराकिया, गोपाल डबोक सहित सैकड़ों किसानों ने मावली उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार के समक्ष अफीम किसानों की समस्याओं के समाधान और मांगों के निराकरण के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने बताया कि आगामी दिनों में भी यह जागरण रैली विभिन्न तहसीलों और उपखंड मुख्यालयों पर पहुंचेगी, ताकि प्रशासन के माध्यम से अफीम किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचाई जा सके और उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।3
- नीमच शहर के कैंट थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक कूरियर ऑफिस में लूट और चाकूबाजी की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। उदय विहार-वृंदावन कॉलोनी मार्ग स्थित डिलीवरी ऑफिस में चार बदमाश पार्सल की जानकारी लेने के बहाने पहुंचे और युवक सूरजनाथ पर चाकू से कई वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ऑफिस में रखे करीब 50 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सूरजनाथ को जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए आरोपियों की तलाश में जुटी है।1
- मंदसौर में बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के जेसीबी मशीन चलाए जाने के मामले में गोरक्षा विभाग ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से, गोरक्षा विभाग ने मांग उठाई है कि पीड़ित परिवार को अपनी बात रखने और न्याय पाने का अवसर मिले।1
- बांसवाड़ा में PM Gold Jewellers के संचालक पर ₹5 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगा है। इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है, और पुलिस अब इसकी जांच कर रही है।1
- 🌹*लघु फिल्म - गौतमेश्वर महादेव दर्शन, अरनोद प्रतापगढ़ राजस्थान । ◆ सम्पादन - लक्ष्मी नारायण परमार चित्तौड़ ।।* 🚩🚩🙏🙏🚩🚩 🌹*लघु फिल्म - गौतमेश्वर महादेव दर्शन, अरनोद प्रतापगढ़ राजस्थान । ◆ सम्पादन - लक्ष्मी नारायण परमार चित्तौड़ ।।* 🚩🚩🙏🙏🚩🚩1
- नीमच जिले के पालसोडा स्थित रामेश्वर घाट पर ग्रामीणों के श्रमदान से एक स्वच्छता अभियान सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस पूरे अभियान का नेतृत्व पालसोडा के सरपंच प्रतिनिधि गुड्डू जाट ने किया।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा में अड़ाईश्वर महादेव मंदिर के पास एक शेर देखा गया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने वन्यजीवों से जुड़ी खबरों में रुचि जगाई है।1
- मंदसौर जिले में 'ड्रग फ्री मध्यप्रदेश' अभियान के तहत नई आबादी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बाजखेड़ी स्थित एक खेत में संचालित अवैध एमडी (सिंथेटिक) ड्रग निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने मौके से 13 किलो 850 ग्राम एमडी ड्रग और 9 किलो 109 ग्राम रासायनिक पदार्थ (केमिकल) जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान सदाकत खान (41) और आरिफ अजमेरी (33) को गिरफ्तार किया गया, जबकि ताहिर अजमेरी अभी भी फरार है जिसकी तलाश जारी है। मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने ड्रग निर्माण में उपयोग होने वाले सेंट्रीफ्यूगल मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा, इंडक्शन, ड्रम, बाल्टियां और अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं। इस मामले में थाना नई आबादी में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर ड्रग्स निर्माण, उसके परिवहन और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। मंदसौर पुलिस ने जिले को नशामुक्त बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रखने की बात कही है।1