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User7952
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रयागराज के घूरपुर क्षेत्र की दर्जनों महिलाओं ने सरकारी योजनाओं और नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी किए जाने की शिकायत डीसीपी से की है। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि आरोपियों ने उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिम कार्ड का उपयोग करके बैंक खाते खुलवाए, एटीएम बनवाए और फिर इन खातों से लाखों रुपये का लेनदेन निकाल लिया। महिलाओं के अनुसार, लगभग तीन महीने पहले कुछ युवकों ने सरकारी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे जरूरी दस्तावेज जमा किए थे। इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब महिलाएं जन सेवा केंद्र पर अपने बैंक खातों की जानकारी लेने पहुंचीं। जांच में पता चला कि कई खातों से 2 से 5 लाख रुपये तक का लेनदेन किया गया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, डीसीपी ने मामले में तत्काल पुलिस जांच के आदेश दिए हैं।1
- प्रयागराज के जसरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के बाहर एक मरीज़ तीन घंटे से सड़क पर तड़पता रहा, जिसकी पत्नी ने CHC के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित की पत्नी ने बताया कि वे सुबह 11 बजे से ही अपने बीमार पति को लेकर अस्पताल आई थीं और उन्हें सड़क के किनारे ज़मीन पर लिटाए हुए हैं। पूछने पर उन्होंने बताया कि जब वे सुबह CHC जसरा में दिखाने आईं, तो डॉक्टरों ने मरीज़ का अल्ट्रासाउंड कराने की बात कहते हुए उन्हें बाहर से इसे करवाने को कहा। पीड़ित की पत्नी ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वे अपने पति का अल्ट्रासाउंड बाहर करा सकें। यह पीड़ित मरीज़ कचरा मानपुर गाँव का बताया जा रहा है। इस घटना को लेकर कहा गया कि जहाँ एक तरफ योगी सरकार अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग सरकार को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।1
- प्रयागराज जिले के करछना तहसील क्षेत्र स्थित थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत मनैया घाट पर मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। गंगा में नहाने गए तीन किशोर अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उन्हें बचाने के लिए परिवार का एक व्यक्ति भी पानी में कूदा, लेकिन वह भी डूबने लगा। यह देख, आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और डूब रहे लोगों में से एक युवक और एक किशोर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, दो किशोर गहरे पानी में समा गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से गहरे पानी में समाए दोनों किशोरों के शवों को बाहर निकलवाया। मृतकों की पहचान मुंगारी के सल्दी का पूरा निवासी राजन यादव (16 वर्ष) और अभिषेक यादव (13 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सगे भाई थे। जानकारी के अनुसार, राजन कक्षा 8 में और अभिषेक कक्षा 6 में जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल, भीरपुर में पढ़ते थे। उनके एक और भाई अनुराग हैं; उनके पिता पेशे से ड्राइवर हैं, और माता का नाम ममता देवी है। इस दुखद घटना के संबंध में, एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और उन्हें अंतिम संस्कार के लिए अपने साथ ले गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में कोहराम मचा हुआ है।3
- कश्मीर में जोजिला टनल के दोनों छोर सफलतापूर्वक आपस में जुड़ गए हैं। यह दुनिया की सबसे लंबी 13.15 किलोमीटर लंबी सिंगल ट्यूब सड़क टनल है, जो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी। इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने से कश्मीर से लद्दाख तक पहुँचने में लगने वाला समय डेढ़ घंटे से घटकर मात्र 15 मिनट हो जाएगा। इस टनल की खासियत यह है कि इसमें एक ही सुरंग से दोनों दिशाओं में गाड़ियां चल सकेंगी, जिससे क्षेत्र में तेज़ परिवहन संभव होगा। यह उपलब्धि भारत द्वारा बेहतर कनेक्टिविटी, तेज परिवहन और मजबूत बुनियादी ढांचे की दिशा में लगातार स्थापित किए जा रहे नए कीर्तिमानों का प्रतीक है। जारी विकास यात्रा के तहत, जहाँ 2014 से पहले देश में केवल 5 सुरंगें थीं, वहीं 2015 के बाद से अब तक 54 सुरंगों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त, देशभर में 128 अन्य सुरंगों पर तेजी से काम जारी है, जो बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित रामनगर बकचूंदा चौकी के मटिही मजरे में छेड़छाड़ से परेशान होकर कक्षा 11 की छात्रा अमीषा पटेल (13) ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना मंगलवार सुबह हुई। मृतका अमीषा राम बाबू पटेल की पुत्री थी और रामनगर के एक विद्यालय में पढ़ती थी। परिजनों का आरोप है कि गांव का ही एक युवक काफी समय से अमीषा को परेशान कर रहा था। रविवार शाम जब अमीषा अपनी तीन बहनों के साथ शौच के लिए गई थी, तब आरोपी युवक ने उसके साथ छेड़खानी की थी। घर लौटकर अमीषा ने यह बात अपनी मां गुजराती देवी को बताई, जिसके बाद परिजन शिकायत लेकर आरोपी के घर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि शिकायत के बावजूद आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और वह लगातार छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। इसी प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर अमीषा ने मंगलवार सुबह अपने घर के कमरे में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर रामनगर चौकी प्रभारी अभिनव उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चौकी प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार 'बेटियों की सुरक्षा' और 'जीरो टॉलरेंस' की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण गांवों में पढ़ने जाने वाली लड़कियां भी सुरक्षित नहीं हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन डर और सामाजिक दबाव के कारण ऐसी शिकायतें अक्सर दर्ज नहीं हो पातीं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।3
- प्रयागराज कमिश्नरेट के यमुनानगर जोन स्थित औद्योगिक क्षेत्र थाना के अंतर्गत सड़वा पुलिस चौकी के लवायन कला क्षेत्र में गंगा-यमुना नदी से अवैध बालू खनन दिन के उजाले से लेकर रात्रि प्रहर तक बेखौफ जारी है। यह अवैध निकासी ऐसे स्थान पर हो रही है जहाँ रिंग रोड (ओवर ब्रिज) के कई पिलर नदी में निर्माणाधीन हैं। लगातार पिलरों के आसपास से बालू निकाले जाने के कारण इनके क्षतिग्रस्त होने का अंदेशा है, लेकिन शातिर अवैध कारोबारियों की फौज को इससे कोई लेना-देना नहीं दिख रहा। हैरानी की बात यह है कि इस अवैध खनन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।1
- समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को प्रयागराज के बारा तहसील मुख्यालय पर विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रमुख रूप से महंगाई, बेरोजगारी, बिजली-पानी संकट, किसानों की समस्याएं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे उठाए गए। सपा नेताओं ने पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आम जनता को तुरंत राहत देने की मांग की। इसके साथ ही, किसानों को सिंचाई और कृषि कार्यों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा जनहित से जुड़े सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की अपील की गई। कार्यकर्ताओं ने सरकार से जनता की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने का आह्वान किया।1
- रीवा जिले में अग्नि सुरक्षा को लेकर एक गंभीर खतरा सामने आया है, जहाँ अस्पताल, होटल, मॉल और बैंक जैसे महत्वपूर्ण संस्थान सीधे तौर पर इसकी चपेट में हैं। यह खुलासा हुआ है कि रीवा में स्थित इन संस्थानों में से 70% के पास अग्नि सुरक्षा के लिए अनिवार्य फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) उपलब्ध नहीं है। इस कमी के कारण इन इमारतों में किसी भी अग्निकांड की स्थिति में एक बड़ा जोखिम और संकट पैदा होने की आशंका बनी हुई है।1
- शंकरगढ़, प्रयागराज के विकासखंड शंकरगढ़ की ग्राम सभा जोरवट में विकास के दावों की पोल खोलती एक बदहाल सड़क ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क के ठीक बीचों-बीच बह रही एक खुली नाली, जगह-जगह टूटी हुई सड़क, चारों ओर फैली गंदगी और उससे उठती दुर्गंध ने राहगीरों और स्थानीय लोगों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसी मार्ग का उपयोग बेरूई, खान सेमरा, बेमरा, पगुआर, गोरखा सहित कई अन्य गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन के लिए करते हैं। इस सड़क और नाली की जर्जर स्थिति के कारण लोगों को हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है, वहीं नाली का गंदा पानी और उससे आने वाली बदबू संक्रामक बीमारियों को भी न्योता दे रही है। जिम्मेदार लोगों के अनुसार, इस सड़क का निर्माण कई साल पहले पीपीजीसीएल द्वारा कराया गया था, लेकिन समय के साथ यह सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और इसकी मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने यह सवाल उठाया है कि यदि सड़क की हालत इतनी खराब है तो क्या ग्राम पंचायत और संबंधित जनप्रतिनिधियों की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती? वहीं, जिम्मेदार लोगों का यह भी कहना है कि सड़क और नाली की समस्या के समाधान के लिए कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तुरंत सड़क की मरम्मत करने, नाली व्यवस्था में सुधार लाने और क्षेत्र में एक व्यापक सफाई अभियान चलाने की मांग की है। उनकी उम्मीद है कि इन कदमों से लोगों को राहत मिल सकेगी और संभावित बीमारियों से भी बचाव हो पाएगा।1