अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर विस्तार के लिए 7 सितंबर 2021 को तोड़े गए मकानों के मालिक 6 साल बीत जाने के बाद भी न्याय की आस में भटक रहे हैं। अहिराना, रामकोट निवासी राजन यादव, संतोष यादव और राम आधार यादव सहित अन्य प्रभावित परिवारों ने गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव श्री कृष्ण मोहन महाराज को प्रार्थना-पत्र सौंपकर अपने लंबित मुआवजे के तत्काल भुगतान की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए बिना किसी विरोध के अपना मकान खाली कर दिया था, लेकिन आज तक उन्हें न भूमि मिली और न ही मुआवजा। मुआवजा न मिलने के कारण ये परिवार भारी किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। राजन यादव के परिवार में बीमार वृद्ध माता और तीन अविवाहित बहनें हैं, जिनकी स्थायी छत न होने के कारण शादी नहीं हो पा रही है। संतोष यादव की दो बेटियां और राम आधार यादव के बेटा-बेटी भी विवाह योग्य हैं। बेघर होने की पीड़ा और आर्थिक तंगी ने इन परिवारों को गहरे मानसिक और सामाजिक संकट में धकेल दिया है। प्रार्थना-पत्र सौंपते समय महंत संत दास उर्फ राजेश सिंह मानव ने कहा कि एक तरफ ट्रस्ट सरकारी और नजूल की जमीनें भारी दामों पर खरीद रहा है, वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर के लिए घर गंवाने वाले निशक्त परिवारों को मुआवजा और जमीन देने में आनाकानी कर रहा है। पीड़ितों ने स्पष्ट किया कि वे कोई विरोध नहीं कर रहे, बल्कि अपने वैधानिक हक की मांग कर रहे हैं ताकि सम्मान से अपना घर बनाकर बेटियों का विवाह कर सकें। उन्होंने ट्रस्ट से 2021 से लंबित अपने प्रकरण की व्यक्तिगत समीक्षा कर तत्काल निस्तारण करने की गुहार लगाई है।
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर विस्तार के लिए 7 सितंबर 2021 को तोड़े गए मकानों के मालिक 6 साल बीत जाने के बाद भी न्याय की आस में भटक रहे हैं। अहिराना, रामकोट निवासी राजन यादव, संतोष यादव और राम आधार यादव सहित अन्य प्रभावित परिवारों ने गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव श्री कृष्ण मोहन महाराज को प्रार्थना-पत्र सौंपकर अपने लंबित मुआवजे के तत्काल भुगतान की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए बिना किसी विरोध के अपना मकान खाली कर
दिया था, लेकिन आज तक उन्हें न भूमि मिली और न ही मुआवजा। मुआवजा न मिलने के कारण ये परिवार भारी किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। राजन यादव के परिवार में बीमार वृद्ध माता और तीन अविवाहित बहनें हैं, जिनकी स्थायी छत न होने के कारण शादी नहीं हो पा रही है। संतोष यादव की दो बेटियां और राम आधार यादव के बेटा-बेटी भी विवाह योग्य हैं। बेघर होने की पीड़ा और आर्थिक तंगी ने इन परिवारों को गहरे मानसिक और सामाजिक संकट में धकेल दिया है। प्रार्थना-पत्र सौंपते समय महंत संत दास
उर्फ राजेश सिंह मानव ने कहा कि एक तरफ ट्रस्ट सरकारी और नजूल की जमीनें भारी दामों पर खरीद रहा है, वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर के लिए घर गंवाने वाले निशक्त परिवारों को मुआवजा और जमीन देने में आनाकानी कर रहा है। पीड़ितों ने स्पष्ट किया कि वे कोई विरोध नहीं कर रहे, बल्कि अपने वैधानिक हक की मांग कर रहे हैं ताकि सम्मान से अपना घर बनाकर बेटियों का विवाह कर सकें। उन्होंने ट्रस्ट से 2021 से लंबित अपने प्रकरण की व्यक्तिगत समीक्षा कर तत्काल निस्तारण करने की गुहार लगाई है।
- उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में ज्ञानपुर थाना पुलिस ने फर्जी और कूट रचित दस्तावेजों के जरिए गंभीर अपराधों के अभियुक्तों की जमानत कराने वाले एक पेशेवर जमानतदार को गिरफ्तार किया है। भदोही पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराधियों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी अदालत को गुमराह कर जालसाजी के दस्तावेज पेश करता था और गंभीर मामलों के अभियुक्तों को जमानत दिलवाने का काम कर रहा था। इस गिरफ्तारी के संबंध में ज्ञानपुर के क्षेत्राधिकारी (CO) चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि पुलिस को लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों से जमानत कराए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही पुलिस का कहना है कि अपराधियों और उन्हें संरक्षण देने वालों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर विस्तार के लिए 7 सितंबर 2021 को तोड़े गए मकानों के मालिक 6 साल बीत जाने के बाद भी न्याय की आस में भटक रहे हैं। अहिराना, रामकोट निवासी राजन यादव, संतोष यादव और राम आधार यादव सहित अन्य प्रभावित परिवारों ने गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव श्री कृष्ण मोहन महाराज को प्रार्थना-पत्र सौंपकर अपने लंबित मुआवजे के तत्काल भुगतान की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए बिना किसी विरोध के अपना मकान खाली कर दिया था, लेकिन आज तक उन्हें न भूमि मिली और न ही मुआवजा। मुआवजा न मिलने के कारण ये परिवार भारी किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। राजन यादव के परिवार में बीमार वृद्ध माता और तीन अविवाहित बहनें हैं, जिनकी स्थायी छत न होने के कारण शादी नहीं हो पा रही है। संतोष यादव की दो बेटियां और राम आधार यादव के बेटा-बेटी भी विवाह योग्य हैं। बेघर होने की पीड़ा और आर्थिक तंगी ने इन परिवारों को गहरे मानसिक और सामाजिक संकट में धकेल दिया है। प्रार्थना-पत्र सौंपते समय महंत संत दास उर्फ राजेश सिंह मानव ने कहा कि एक तरफ ट्रस्ट सरकारी और नजूल की जमीनें भारी दामों पर खरीद रहा है, वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर के लिए घर गंवाने वाले निशक्त परिवारों को मुआवजा और जमीन देने में आनाकानी कर रहा है। पीड़ितों ने स्पष्ट किया कि वे कोई विरोध नहीं कर रहे, बल्कि अपने वैधानिक हक की मांग कर रहे हैं ताकि सम्मान से अपना घर बनाकर बेटियों का विवाह कर सकें। उन्होंने ट्रस्ट से 2021 से लंबित अपने प्रकरण की व्यक्तिगत समीक्षा कर तत्काल निस्तारण करने की गुहार लगाई है।3
- चंदौली के चहनिया क्षेत्र स्थित रामगढ़ गांव के लोकनाथ महाविद्यालय बेसिक ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित पांच दिवसीय स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया। समापन समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं ने शिविर में प्राप्त प्रशिक्षण के आधार पर अनुशासन, प्राथमिक चिकित्सा, समाज सेवा, देशभक्ति और विभिन्न उपयोगी कौशलों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों द्वारा प्रशिक्षुओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक धनंजय सिंह ने कहा कि स्काउट-गाइड का प्रशिक्षण विद्यार्थियों में सेवा भावना, राष्ट्रभक्ति, आत्मनिर्भरता और अनुशासन जैसे गुणों का विकास करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चरित्र निर्माण और अनुशासित जीवन की मजबूत नींव इसी माध्यम से रखी जाती है, जिससे युवाओं को विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की प्रेरणा मिलती है। वहीं महाविद्यालय के निदेशक अमृत प्रकाश सिंह (अन्नू) ने कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं के सर्वांगीण विकास का प्रभावी माध्यम है, जो विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, साहस और अनुशासन को मजबूत कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाता है। समापन समारोह के अवसर पर विवेक सिंह, अभिषेक चौबे, सिद्धार्थ शंकर ओझा, सर्वेश शर्मा, रितेश पांडेय, आशुतोष चौरसिया, अमित सिंह, श्यामसदन और पप्पू सहित महाविद्यालय के शिक्षक, प्रशिक्षु तथा अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चौबेपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संधान रिंग रोड इलाके से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी सामने आई है। स्थानीय स्तर पर पुलिस पर निष्क्रिय रहने का सीधा आरोप लगाते हुए कहा गया है कि वाराणसी पुलिस अंधेरे में सो रही है। क्षेत्र में ब्राह्मणों की हत्याएं हो रही हैं और चोरों में कोई सुधार या उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने पर प्रशासन का रवैया भी कटघरे में खड़ा किया गया है। आरोप है कि जब प्रशासन से जवाब मांगा जाता है तो उनका कहना होता है कि वे जनता की रक्षा करने के लिए नहीं बल्कि केवल सड़क पर घूमने के लिए हैं। असरना थाना पास में होने के बावजूद यह क्षेत्र चौबेपुर के तहत आता है। पुलिस के इस गैर-जिम्मेदाराना जवाब और लचर रवैये पर तीखा आक्रोश जताते हुए प्रशासन की कीमत और उसकी उपयोगिता पर सवाल खड़े किए गए हैं।2
- मिर्जापुर के चुनार स्थित नगर न्यायालय परिसर और सड़कों पर NEET परीक्षा विवाद को लेकर अधिवक्ताओं ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी वकीलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की और कहा कि NEET परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को गहरे संकट में डाल दिया है। इस दौरान चुनार का पूरा इलाका "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "NEET में पारदर्शिता लाओ" के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मांग की कि NEET परीक्षा में हुई तमाम गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने अधिकारियों को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। वकीलों के इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने चुनार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।1
- उप जिलाधिकारी संतोष कुमार पाठक ने चंदौली तहसील परिसर में शुद्ध पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।1
- वाराणसी कमिश्नरेट के गोमती जोन अंतर्गत जंसा थाने पर पुलिस उपायुक्त महोदया के निर्देशन और थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक सत्यजीत सिंह के नेतृत्व में पंजीकृत सभी हिस्ट्रीशीटरों की परेड आयोजित की गई। इस दौरान थाने पर पहुंचे समस्त हिस्ट्रीशीटरों की उपस्थिति दर्ज कर उनका सत्यापन किया गया और उनके वर्तमान निवास, व्यवसाय तथा गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस प्रशासन ने सभी को भविष्य में आपराधिक व असामाजिक गतिविधियों से दूर रहकर कानून व्यवस्था बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए। परेड के दौरान सभी हिस्ट्रीशीटरों को शपथ दिलाई गई कि वे भविष्य में किसी भी प्रकार के अवैध या आपराधिक कार्यों में शामिल नहीं होंगे। उन्हें ईमानदारी और मेहनत से अपने वैध व्यवसाय पर ध्यान देकर समाज में सम्मानजनक जीवन बिताने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही चेतावनी भी दी गई कि भविष्य में किसी भी अवैध गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने, शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हिस्ट्रीशीटरों की नियमित निगरानी, सत्यापन, परेड और काउंसलिंग की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में शनिवार भोर में चेकिंग के दौरान बलुआ पुलिस की घेराबंदी देखकर गोवंश तस्करों ने सैदपुर गंगा पुल से नीचे छलांग लगा दी। इस हादसे में आजमगढ़ निवासी 24 वर्षीय तस्कर काजू कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 26 वर्षीय शिवांशु कुमार गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। वहीं, तीसरे आरोपी 23 वर्षीय शक्ति कुमार को पुलिस ने मौके से हिरासत में ले लिया है। मामला बलुआ थाना क्षेत्र का है, जहां एसओ अरुण प्रताप सिंह के निर्देशन में मारुफपुर चौकी प्रभारी अमित सिंह पुलिस टीम के साथ तीरगांवा-सैदपुर पुल पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान 11 गोवंशों से लदी एक संदिग्ध पिकअप गाड़ी को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस की घेराबंदी देख भागने के चक्कर में दो तस्करों ने पुल से छलांग लगा दी। पुलिस ने तत्काल दोनों घायलों को चहनियां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने पिकअप वाहन को कब्जे में लेकर उसमें लदे सभी 11 गोवंशों को सुरक्षित बरामद कर लिया है। पकड़े गए और घायल तीनों आरोपी आजमगढ़ जिले के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गोवंश तस्करी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। बलुआ एसओ अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से गोवंश तस्करी की बड़ी घटना को रोका गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।1