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उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत सुंदर दादर में आंगनवाड़ी क्रमांक एक और आंगनवाड़ी क्रमांक 3 में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का हुआ आयोजन ⏩प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सशक्त और समृद्ध हो रही हैं नारियां ⏩आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का हुआ आयोजन ⏩सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत सुंदर दादर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 01 और 03 में आयोजित किया गया। ⏩इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित नारी सशक्तिकरण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि बच्चे के गर्भ में आने से लेकर जन्म और किशोरावस्था तक सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का लक्ष्य स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे का निर्माण है। आंगनवाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि आत्मीयता, सेवा और पोषण के केंद्र हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य तथा पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ⏩ कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने दो बच्चों का अन्नप्राशन कराया तथा गोद भराई की रस्म भी पूरी की। उन्होंने बालिकाओं का पूजन कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान भी किया गया। इस दौरान बच्चों, लाभार्थी परिवारों एवं आंगनवाड़ी बहनों से आत्मीय संवाद कर स्वास्थ्य, पोषण और दैनिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त किया। अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी आमजन एवं लाभार्थियों तक पहुंचाने के साथ युवाओं को स्वच्छता, पौधारोपण और विभिन्न सेवा कार्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने पौधारोपण का कार्यक्रम भी किया।

4 hrs ago
user_Om Agrawal
Om Agrawal
पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत सुंदर दादर में आंगनवाड़ी क्रमांक एक और आंगनवाड़ी क्रमांक 3 में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का हुआ आयोजन ⏩प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सशक्त और समृद्ध हो रही हैं नारियां ⏩आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का हुआ आयोजन ⏩सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत सुंदर दादर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 01 और 03 में आयोजित किया गया। ⏩इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित नारी सशक्तिकरण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि बच्चे के गर्भ में आने से लेकर जन्म और किशोरावस्था तक सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का लक्ष्य स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे का निर्माण है। आंगनवाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि आत्मीयता, सेवा और पोषण के केंद्र हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य तथा पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ⏩ कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने दो बच्चों का अन्नप्राशन कराया तथा गोद भराई की रस्म भी पूरी की। उन्होंने बालिकाओं का पूजन कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान भी किया गया। इस दौरान बच्चों, लाभार्थी परिवारों एवं आंगनवाड़ी बहनों से आत्मीय संवाद कर स्वास्थ्य, पोषण और दैनिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त किया। अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी आमजन एवं लाभार्थियों तक पहुंचाने के साथ युवाओं को स्वच्छता, पौधारोपण और विभिन्न सेवा कार्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने पौधारोपण का कार्यक्रम भी किया।

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  • उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत सुंदर दादर में आंगनवाड़ी क्रमांक एक और आंगनवाड़ी क्रमांक 3 में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का हुआ आयोजन ⏩प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सशक्त और समृद्ध हो रही हैं नारियां ⏩आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का हुआ आयोजन ⏩सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत सुंदर दादर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 01 और 03 में आयोजित किया गया। ⏩इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित नारी सशक्तिकरण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि बच्चे के गर्भ में आने से लेकर जन्म और किशोरावस्था तक सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का लक्ष्य स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे का निर्माण है। आंगनवाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि आत्मीयता, सेवा और पोषण के केंद्र हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य तथा पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ⏩ कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने दो बच्चों का अन्नप्राशन कराया तथा गोद भराई की रस्म भी पूरी की। उन्होंने बालिकाओं का पूजन कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान भी किया गया। इस दौरान बच्चों, लाभार्थी परिवारों एवं आंगनवाड़ी बहनों से आत्मीय संवाद कर स्वास्थ्य, पोषण और दैनिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त किया। अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी आमजन एवं लाभार्थियों तक पहुंचाने के साथ युवाओं को स्वच्छता, पौधारोपण और विभिन्न सेवा कार्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने पौधारोपण का कार्यक्रम भी किया।
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    उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत सुंदर दादर में आंगनवाड़ी क्रमांक एक और आंगनवाड़ी क्रमांक 3 में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का हुआ आयोजन
⏩प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सशक्त और समृद्ध हो रही हैं नारियां 
⏩आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का हुआ आयोजन 
⏩सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत सुंदर दादर  स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 01 और 03  में आयोजित किया गया।
⏩इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित नारी सशक्तिकरण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि बच्चे के गर्भ में आने से लेकर जन्म और किशोरावस्था तक सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का लक्ष्य स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे का निर्माण है। आंगनवाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि आत्मीयता, सेवा और पोषण के केंद्र हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य तथा पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
⏩ कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने दो बच्चों का अन्नप्राशन कराया तथा गोद भराई की रस्म भी पूरी की। उन्होंने बालिकाओं का पूजन कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान भी किया गया। इस दौरान बच्चों, लाभार्थी परिवारों एवं आंगनवाड़ी बहनों से आत्मीय संवाद कर स्वास्थ्य, पोषण और दैनिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त किया। अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी आमजन एवं लाभार्थियों तक पहुंचाने के साथ युवाओं को स्वच्छता, पौधारोपण और विभिन्न सेवा कार्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने पौधारोपण का कार्यक्रम भी किया।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *मुड़गुड़ी में बदहाल सड़क और बंद नालियों से ग्रामीण परेशान* *शिकायत के बाद भी समाधान नहीं, ग्रामीणों एवं युवा जनशक्ति ने कलेक्टर को सौंपा स्मरण पत्र* *मानपुर/उमरिया*। तहसील मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मुड़गुड़ी में सड़क की बदहाल स्थिति और कई वार्डों में खुली एवं क्षतिग्रस्त नालियों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान नालियां पानी और कीचड़ से भर जाने से सड़क पर जलभराव की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या के बावजूद इसका स्थायी निराकरण नहीं हो पाया है। इस संबंध में ग्राम पंचायत मुड़गुड़ी के ग्रामीणों एवं युवा जनशक्ति द्वारा कलेक्टर उमरिया के नाम स्मरण पत्र सौंपकर सड़क की समस्या तथा खुली/क्षतिग्रस्त नालियों के निर्माण, सफाई और ढकने की मांग की गई है। आवेदन में बताया गया है कि कई स्थानों पर नालियों की स्थिति खराब होने के कारण पानी की निकासी बाधित है, जिससे आमजन को आवागमन में गंभीर परेशानी हो रही है। *11 सितंबर को भी दिया गया था आवेदन* स्मरण पत्र में उल्लेख किया गया है कि 11 सितंबर 2026 को भी ग्राम पंचायत मुड़गुड़ी में सड़क की समस्या एवं खुली-क्षतिग्रस्त नालियों को लेकर आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार जलभराव और गंदगी के कारण बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है। कलेक्टर से शीघ्र कार्रवाई की मांग ग्रामीणों एवं युवा जनशक्ति ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर वस्तुस्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही खराब सड़क का सुधार, नालियों की सफाई, क्षतिग्रस्त नालियों का निर्माण एवं उन्हें ढकने की व्यवस्था कराई जाए, ताकि बारिश के समय जलभराव की समस्या से ग्रामीणों को राहत मिल सके। आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि समस्या का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो ग्रामीणों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। *स्थान : ग्राम मुड़गुड़ी, तहसील मानपुर, जिला उमरिया* *प्रार्थी : ग्रामवासी एवं युवा जनशक्ति मुड़गुड़ी*
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    *मुड़गुड़ी में बदहाल सड़क और बंद नालियों से ग्रामीण परेशान*
*शिकायत के बाद भी समाधान नहीं, ग्रामीणों एवं युवा जनशक्ति ने कलेक्टर को सौंपा स्मरण पत्र*
*मानपुर/उमरिया*। 
तहसील मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मुड़गुड़ी में सड़क की बदहाल स्थिति और कई वार्डों में खुली एवं क्षतिग्रस्त नालियों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान नालियां पानी और कीचड़ से भर जाने से सड़क पर जलभराव की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या के बावजूद इसका स्थायी निराकरण नहीं हो पाया है।
इस संबंध में ग्राम पंचायत मुड़गुड़ी के ग्रामीणों एवं युवा जनशक्ति द्वारा कलेक्टर उमरिया के नाम स्मरण पत्र सौंपकर सड़क की समस्या तथा खुली/क्षतिग्रस्त नालियों के निर्माण, सफाई और ढकने की मांग की गई है। आवेदन में बताया गया है कि कई स्थानों पर नालियों की स्थिति खराब होने के कारण पानी की निकासी बाधित है, जिससे आमजन को आवागमन में गंभीर परेशानी हो रही है।
*11 सितंबर को भी दिया गया था आवेदन*
स्मरण पत्र में उल्लेख किया गया है कि 11 सितंबर 2026 को भी ग्राम पंचायत मुड़गुड़ी में सड़क की समस्या एवं खुली-क्षतिग्रस्त नालियों को लेकर आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार जलभराव और गंदगी के कारण बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है।
कलेक्टर से शीघ्र कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों एवं युवा जनशक्ति ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर वस्तुस्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही खराब सड़क का सुधार, नालियों की सफाई, क्षतिग्रस्त नालियों का निर्माण एवं उन्हें ढकने की व्यवस्था कराई जाए, ताकि बारिश के समय जलभराव की समस्या से ग्रामीणों को राहत मिल सके।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि समस्या का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो ग्रामीणों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
*स्थान : ग्राम मुड़गुड़ी, तहसील मानपुर, जिला उमरिया* 
*प्रार्थी : ग्रामवासी एवं युवा जनशक्ति मुड़गुड़ी*
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • ग्राम पंचायत कार्यालय में नहीं बैठते सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक, ग्रामीणों को हो रही परेशान उमरिया जिले के मानपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरिया से पंचायत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की परेशानी सामने आई है। आरोप है कि ग्राम पंचायत कार्यालय में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक नियमित रूप से मौजूद नहीं रहते, जिसके चलते आमजन को अपने जरूरी कामों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत से जुड़े कई कामों और जानकारी के लिए उन्हें पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में नहीं मिलते। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत का कामकाज कार्यालय में करने के बजाय घर से ही संचालित किया जा रहा है। वहीं, जब ग्रामीण कार्यालय में जाकर अपने काम के संबंध में जानकारी मांगते हैं, तो कथित तौर पर उन्हें यह जवाब दिया जाता है कि "क्या आपके लिए ही ग्राम पंचायत कार्यालय खोल देंगे?" इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों की मांग है कि पंचायत कार्यालय में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को अपने कामों के लिए परेशान न होना पड़े। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और पंचायत कार्यालय में नियमित रूप से कामकाज शुरू होता है या नहीं।
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    ग्राम पंचायत कार्यालय में नहीं बैठते सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक, ग्रामीणों को हो रही परेशान

उमरिया जिले के मानपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरिया से पंचायत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की परेशानी सामने आई है। आरोप है कि ग्राम पंचायत कार्यालय में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक नियमित रूप से मौजूद नहीं रहते, जिसके चलते आमजन को अपने जरूरी कामों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत से जुड़े कई कामों और जानकारी के लिए उन्हें पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में नहीं मिलते।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत का कामकाज कार्यालय में करने के बजाय घर से ही संचालित किया जा रहा है। वहीं, जब ग्रामीण कार्यालय में जाकर अपने काम के संबंध में जानकारी मांगते हैं, तो कथित तौर पर उन्हें यह जवाब दिया जाता है कि "क्या आपके लिए ही ग्राम पंचायत कार्यालय खोल देंगे?"
इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों की मांग है कि पंचायत कार्यालय में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को अपने कामों के लिए परेशान न होना पड़े।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और पंचायत कार्यालय में नियमित रूप से कामकाज शुरू होता है या नहीं।
    user_NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • जिस मां को दो साल से ढूंढ रहा था परिवार, अचानक वीडियो कॉल पर सामने आया चेहरा दो साल बाद वीडियो कॉल पर दिखी मां, खुशी के आंसुओं से छलक उठा परिवार भरतपुर के अपना घर आश्रम में मिली उमरिया की महिला, पत्रकार दीपक वर्मा के प्रयास से परिवार से हुआ संपर्क जिस मां को दो साल से ढूंढ रहा था परिवार, अचानक वीडियो कॉल पर सामने आया चेहरा दो साल बाद वीडियो कॉल पर दिखी मां, खुशी के आंसुओं से छलक उठा परिवार भरतपुर के अपना घर आश्रम में मिली उमरिया की महिला, पत्रकार दीपक वर्मा के प्रयास से परिवार से हुआ संपर्क उमरिया। दो साल से जिस मां की तलाश में परिवार की आंखें अपनों की राह निहार रही थीं, अचानक वीडियो कॉल की स्क्रीन पर वही चेहरा सामने आया तो पूरा परिवार भावुक हो उठा। मां और परिजनों ने जैसे ही एक-दूसरे को देखा, दोनों ओर खुशी के आंसू छलक पड़े। लंबे इंतजार के बाद मां को सामने देखकर परिवार की आंखों में खुशी और भावनाओं का सैलाब उमड़ आया। इस भावुक मिलन की कड़ी बने स्थानीय पत्रकार दीपक वर्मा, जिनके प्रयासों से परिवार को अपनी बिछड़ी मां की जानकारी मिल सकी। जानकारी के अनुसार राजस्थान के भरतपुर स्थित अपना घर आश्रम में रह रही एक महिला ने स्वयं को उमरिया जिले के ग्राम चंदवार का निवासी बताया था। आश्रम द्वारा चलाए जा रहे “एक प्रयास घर वापसी का अभियान” के तहत संस्थापक रजनीश जैन ने महिला से संबंधित जानकारी पत्रकार दीपक वर्मा तक पहुंचाई। इसके बाद बिछड़ी महिला के परिवार की तलाश शुरू हुई। लगातार प्रयास और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा किए जाने के बाद आखिरकार महिला के परिजनों से संपर्क हो गया। परिजनों ने बताया कि महिला करीब दो वर्षों से लापता थीं और उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। मां के भरतपुर के अपना घर आश्रम में होने की जानकारी मिलते ही परिवार की वर्षों पुरानी तलाश को जैसे मंजिल मिल गई। स्क्रीन पर मां को देखते ही छलक पड़े आंसू इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए मां और परिवार की पहली बार बातचीत कराई गई। जैसे ही स्क्रीन पर मां का चेहरा दिखाई दिया, परिजन भावुक हो उठे। किसी की आंखों में खुशी के आंसू थे तो कोई लंबे समय बाद मां को देखकर अपनी भावनाएं नहीं रोक सका। इस मार्मिक क्षण के गवाह बने पत्रकार दीपक वर्मा की आंखें भी नम हो गईं। अब घर वापसी का इंतजार परिजन अब राजस्थान के भरतपुर पहुंचकर अपनी मां को वापस घर लाने की तैयारी में हैं। करीब दो वर्षों की जुदाई के बाद होने वाला यह मिलन परिवार के लिए जिंदगी भर याद रहने वाला भावुक पल होगा। यह पूरा घटनाक्रम पत्रकारिता, सोशल मीडिया और समाजसेवा के सकारात्मक उपयोग की एक मिसाल बनकर सामने आया है। परिवार ने अपनी मां की जानकारी मिलने और उन्हें घर वापस लाने की राह आसान करने के लिए पत्रकार दीपक वर्मा तथा अपना घर आश्रम प्रबंधन के प्रति आभार जताया है।
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    जिस मां को दो साल से ढूंढ रहा था परिवार, अचानक वीडियो कॉल पर सामने आया चेहरा
दो साल बाद वीडियो कॉल पर दिखी मां, खुशी के आंसुओं से छलक उठा परिवार
भरतपुर के अपना घर आश्रम में मिली उमरिया की महिला, पत्रकार दीपक वर्मा के प्रयास से परिवार से हुआ संपर्क
जिस मां को दो साल से ढूंढ रहा था परिवार, अचानक वीडियो कॉल पर सामने आया चेहरा
दो साल बाद वीडियो कॉल पर दिखी मां, खुशी के आंसुओं से छलक उठा परिवार
भरतपुर के अपना घर आश्रम में मिली उमरिया की महिला, पत्रकार दीपक वर्मा के प्रयास से परिवार से हुआ संपर्क
उमरिया। दो साल से जिस मां की तलाश में परिवार की आंखें अपनों की राह निहार रही थीं, अचानक वीडियो कॉल की स्क्रीन पर वही चेहरा सामने आया तो पूरा परिवार भावुक हो उठा। मां और परिजनों ने जैसे ही एक-दूसरे को देखा, दोनों ओर खुशी के आंसू छलक पड़े। लंबे इंतजार के बाद मां को सामने देखकर परिवार की आंखों में खुशी और भावनाओं का सैलाब उमड़ आया।
इस भावुक मिलन की कड़ी बने स्थानीय पत्रकार दीपक वर्मा, जिनके प्रयासों से परिवार को अपनी बिछड़ी मां की जानकारी मिल सकी। जानकारी के अनुसार राजस्थान के भरतपुर स्थित अपना घर आश्रम में रह रही एक महिला ने स्वयं को उमरिया जिले के ग्राम चंदवार का निवासी बताया था।
आश्रम द्वारा चलाए जा रहे “एक प्रयास घर वापसी का अभियान” के तहत संस्थापक रजनीश जैन ने महिला से संबंधित जानकारी पत्रकार दीपक वर्मा तक पहुंचाई। इसके बाद बिछड़ी महिला के परिवार की तलाश शुरू हुई। लगातार प्रयास और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा किए जाने के बाद आखिरकार महिला के परिजनों से संपर्क हो गया।
परिजनों ने बताया कि महिला करीब दो वर्षों से लापता थीं और उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। मां के भरतपुर के अपना घर आश्रम में होने की जानकारी मिलते ही परिवार की वर्षों पुरानी तलाश को जैसे मंजिल मिल गई।
स्क्रीन पर मां को देखते ही छलक पड़े आंसू
इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए मां और परिवार की पहली बार बातचीत कराई गई। जैसे ही स्क्रीन पर मां का चेहरा दिखाई दिया, परिजन भावुक हो उठे। किसी की आंखों में खुशी के आंसू थे तो कोई लंबे समय बाद मां को देखकर अपनी भावनाएं नहीं रोक सका। इस मार्मिक क्षण के गवाह बने पत्रकार दीपक वर्मा की आंखें भी नम हो गईं।
अब घर वापसी का इंतजार
परिजन अब राजस्थान के भरतपुर पहुंचकर अपनी मां को वापस घर लाने की तैयारी में हैं। करीब दो वर्षों की जुदाई के बाद होने वाला यह मिलन परिवार के लिए जिंदगी भर याद रहने वाला भावुक पल होगा।
यह पूरा घटनाक्रम पत्रकारिता, सोशल मीडिया और समाजसेवा के सकारात्मक उपयोग की एक मिसाल बनकर सामने आया है। परिवार ने अपनी मां की जानकारी मिलने और उन्हें घर वापस लाने की राह आसान करने के लिए पत्रकार दीपक वर्मा तथा अपना घर आश्रम प्रबंधन के प्रति आभार जताया है।
    user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
    अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
    Lawyer Bandhogarh, Umaria•
    10 hrs ago
  • 🚩 जय श्री राम 🚩 सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी मिलन समारोह वार्ड नंबर 19 में संपन्न हुआ आज वार्ड नंबर 19 में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वार्ड पार्षद सिल्लू रजक कल्याणी बाजपेयी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, नाजबेबी सहायिकाओं एवं उपस्थित जनों के साथ आत्मीय संवाद कर उनके सेवाभाव और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ हीं आंगनवाड़ी मे पौधरोपण किया गया आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज और बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके माध्यम से बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर सराहनीय कार्य किया जा रहा है। समारोह के दौरान सभी से मिलकर उनके अनुभवों और सुझावों को सुना गया तथा जनसेवा के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया गया। सेवा, समर्पण और सहयोग की भावना के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना ही इस अभियान का उद्देश्य है। वार्ड नंबर 19 में आयोजित यह मिलन समारोह आपसी स्नेह, संवाद और जनसेवा की भावना को मजबूत करने वाला रहा। 🙏 सेवा ही संकल्प, जनकल्याण ही लक्ष्य। 🙏
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    🚩 जय श्री राम 🚩

 सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी मिलन समारोह वार्ड नंबर 19 में संपन्न हुआ 

आज वार्ड नंबर 19 में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वार्ड पार्षद सिल्लू रजक कल्याणी बाजपेयी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, नाजबेबी सहायिकाओं एवं उपस्थित जनों के साथ आत्मीय संवाद कर उनके सेवाभाव और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ हीं आंगनवाड़ी मे पौधरोपण किया गया 

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज और बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके माध्यम से बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर सराहनीय कार्य किया जा रहा है। समारोह के दौरान सभी से मिलकर उनके अनुभवों और सुझावों को सुना गया तथा जनसेवा के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया गया।

सेवा, समर्पण और सहयोग की भावना के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना ही इस अभियान का उद्देश्य है। वार्ड नंबर 19 में आयोजित यह मिलन समारोह आपसी स्नेह, संवाद और जनसेवा की भावना को मजबूत करने वाला रहा।

🙏 सेवा ही संकल्प, जनकल्याण ही लक्ष्य। 🙏
    user_पार्षद सिल्लू रजक शहडोल
    पार्षद सिल्लू रजक शहडोल
    Animal Protection Organisation सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • आज मंगलवार को जन सुनवाई में फिर दिया आवेदन पत्र धरने मै बैठे लोगों का कहना था कि नहीं मिले कलेक्टर साहब
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    आज मंगलवार को जन सुनवाई में फिर दिया आवेदन पत्र धरने मै बैठे लोगों का कहना था कि नहीं मिले कलेक्टर साहब
    user_Shahdol news
    Shahdol news
    Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • भालू विचरण क्षेत्र में झोपड़ियां बनाकर रह रहे बाहरी परिवार परिवार के साथ हुआ हादसा तो कौन होगा जिम्मेदार ? अनूपपुर - एक ओर वन विभाग खांड़ा क्षेत्र को भालू विचरण क्षेत्र मानता है, वहीं दूसरी ओर इसी संवेदनशील इलाके में बाहरी लोगों के झोपड़ियां बनाकर रहने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत खांड़ा के दस्तावेजों में दर्ज जानकारी के अनुसार यहां शिवपुरी जिले के गोदरी क्षेत्र से आए लोग झोपड़ियां बनाकर रह रहे हैं। बताया गया है कि मौके पर परिवार सहित लोग रह रहे हैं और इनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में सवाल केवल अवैध रूप से ठहरने का नहीं, बल्कि इन लोगों की जान की सुरक्षा का भी है। ग्राम पंचायत खांड़ा की सरपंच कमला सिंह एवं सचिव गोरेलाल केवट द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पंचनामा में मौके पर मौजूद लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि उन्हें अनूपपुर के ठेकेदार लकी वर्मा द्वारा काम कराने के लिए यहां लाया गया है। *भालू विचरण क्षेत्र में झोपड़ियां किसकी अनुमति से?* मामले ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जब यह क्षेत्र भालू विचरण क्षेत्र के रूप में चिन्हित है और यहां पूर्व में भालू के हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं, तो आखिर बाहरी लोगों को इस स्थान पर झोपड़ियां बनाकर रहने की स्थिति कैसे बनी? स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि जहां ये लोग रह रहे हैं, वह भूमि वनभूमि का हिस्सा है और लोगों को वहां ठहराने की अनुमति किसके द्वारा दी गई, यह जांच का विषय है। यदि भूमि वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है तो विभाग की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। *रेंजर को फोन पर दी सूचना, फिर भी कार्रवाई नहीं।रमेश सिंह* पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं संबंधित वन विभाग के रेंजर को टेलीफोन पर इस स्थिति की जानकारी दी और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करने की बात कही। रमेश सिंह का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद मौके पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। रमेश सिंह ने कहा कि भालू विचरण क्षेत्र में छोटे बच्चों और परिवारों के साथ लोगों का इस तरह रहना किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं माना जा सकता। यदि विभाग को स्थिति की जानकारी होने के बाद भी समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए जाते हैं और भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी जवाबदेही संबंधित अधिकारियों की होगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग की जिम्मेदारी केवल वन्यजीवों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका वाले क्षेत्रों में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके का निरीक्षण कर कार्रवाई करना चाहिए। *जानकारी के बाद भी चुप्पी क्यों?* इस पूरे मामले में सबसे गंभीर प्रश्न यही है कि यदि वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को लोगों के इस तरह रहने की जानकारी दी जा चुकी थी, तो उसके बाद क्या कार्रवाई की गई? क्या विभाग की टीम मौके पर पहुंची? क्या वहां रहने वाले लोगों को संभावित भालू हमले के खतरे के बारे में चेतावनी दी गई? क्या उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास किया गया? और सबसे अहम ,यदि यह वनभूमि है तो वहां झोपड़ियां बनने की अनुमति किसने दी? इन सवालों के जवाब अब वन विभाग की जांच से ही सामने आ सकते हैं। *हादसे का इंतजार या सुरक्षा की तैयारी?* खांड़ा क्षेत्र में मानव और वन्यजीव के बीच संघर्ष की आशंका को देखते हुए मामला बेहद संवेदनशील है। यदि संबंधित लोगों के पास वास्तव में रहने की वैध अनुमति नहीं है तो प्रशासन को उसकी जांच करनी होगी और यदि उन्हें किसी काम के लिए ठेकेदार द्वारा लाया गया है तो उनके सुरक्षित आवास की व्यवस्था की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। वहीं, यदि वन विभाग को पहले से इस स्थिति की जानकारी थी और इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो यह विभागीय स्तर पर गंभीर लापरवाही के आरोपों की जांच का विषय बनता है। फिलहाल ग्राम पंचायत के पंचनामा और रमेश सिंह द्वारा वन विभाग को दी गई सूचना के बाद गेंद संबंधित विभाग के पाले में है। अब देखना यह है कि वन विभाग किसी संभावित हादसे से पहले कार्रवाई करता है या फिर किसी अप्रिय घटना के बाद जिम्मेदारी तय करने की कवायद शुरू होती है। *इनका कहना है* “जानकारी मिलते ही संबंधित लोगों को वहां से हटकर गांव में सुरक्षित स्थान पर मकान लेकर रहने के निर्देश दिए गए हैं।” स्वर्ण गौरव सिंह रेंजर, वन विभाग अनूपपुर
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    भालू विचरण क्षेत्र में 
झोपड़ियां बनाकर रह रहे बाहरी परिवार
परिवार के साथ हुआ हादसा तो कौन होगा जिम्मेदार ? 
अनूपपुर  -  
एक ओर वन विभाग खांड़ा क्षेत्र को भालू विचरण क्षेत्र मानता है, वहीं दूसरी ओर इसी संवेदनशील इलाके में बाहरी लोगों के झोपड़ियां बनाकर रहने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत खांड़ा के दस्तावेजों में दर्ज जानकारी के अनुसार यहां शिवपुरी जिले के गोदरी क्षेत्र से आए लोग झोपड़ियां बनाकर रह रहे हैं। बताया गया है कि मौके पर परिवार सहित लोग रह रहे हैं और इनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में सवाल केवल अवैध रूप से ठहरने का नहीं, बल्कि इन लोगों की जान की सुरक्षा का भी है।
ग्राम पंचायत खांड़ा की सरपंच कमला सिंह एवं सचिव गोरेलाल केवट द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पंचनामा में मौके पर मौजूद लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि उन्हें अनूपपुर के ठेकेदार लकी वर्मा द्वारा काम कराने के लिए यहां लाया गया है।
*भालू विचरण क्षेत्र में झोपड़ियां किसकी अनुमति से?*
मामले ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जब यह क्षेत्र भालू विचरण क्षेत्र के रूप में चिन्हित है और यहां पूर्व में भालू के हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं, तो आखिर बाहरी लोगों को इस स्थान पर झोपड़ियां बनाकर रहने की स्थिति कैसे बनी?
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि जहां ये लोग रह रहे हैं, वह भूमि वनभूमि का हिस्सा है और लोगों को वहां ठहराने की अनुमति किसके द्वारा दी गई, यह जांच का विषय है। यदि भूमि वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है तो विभाग की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
*रेंजर को फोन पर दी सूचना, फिर भी कार्रवाई नहीं।रमेश सिंह*
पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं संबंधित वन विभाग के रेंजर को टेलीफोन पर इस स्थिति की जानकारी दी और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करने की बात कही। रमेश सिंह का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद मौके पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
रमेश सिंह ने कहा कि भालू विचरण क्षेत्र में छोटे बच्चों और परिवारों के साथ लोगों का इस तरह रहना किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं माना जा सकता। यदि विभाग को स्थिति की जानकारी होने के बाद भी समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए जाते हैं और भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी जवाबदेही संबंधित अधिकारियों की होगी।
उन्होंने कहा कि वन विभाग की जिम्मेदारी केवल वन्यजीवों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका वाले क्षेत्रों में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके का निरीक्षण कर कार्रवाई करना चाहिए।
*जानकारी के बाद भी चुप्पी क्यों?*
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर प्रश्न यही है कि यदि वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को लोगों के इस तरह रहने की जानकारी दी जा चुकी थी, तो उसके बाद क्या कार्रवाई की गई? क्या विभाग की टीम मौके पर पहुंची? क्या वहां रहने वाले लोगों को संभावित भालू हमले के खतरे के बारे में चेतावनी दी गई? क्या उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास किया गया? और सबसे अहम ,यदि यह वनभूमि है तो वहां झोपड़ियां बनने की अनुमति किसने दी?
इन सवालों के जवाब अब वन विभाग की जांच से ही सामने आ सकते हैं।
*हादसे का इंतजार या सुरक्षा की तैयारी?*
खांड़ा क्षेत्र में मानव और वन्यजीव के बीच संघर्ष की आशंका को देखते हुए मामला बेहद संवेदनशील है। यदि संबंधित लोगों के पास वास्तव में रहने की वैध अनुमति नहीं है तो प्रशासन को उसकी जांच करनी होगी और यदि उन्हें किसी काम के लिए ठेकेदार द्वारा लाया गया है तो उनके सुरक्षित आवास की व्यवस्था की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
वहीं, यदि वन विभाग को पहले से इस स्थिति की जानकारी थी और इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो यह विभागीय स्तर पर गंभीर लापरवाही के आरोपों की जांच का विषय बनता है।
फिलहाल ग्राम पंचायत के पंचनामा और रमेश सिंह द्वारा वन विभाग को दी गई सूचना के बाद गेंद संबंधित विभाग के पाले में है। अब देखना यह है कि वन विभाग किसी संभावित हादसे से पहले कार्रवाई करता है या फिर किसी अप्रिय घटना के बाद जिम्मेदारी तय करने की कवायद शुरू होती है।
*इनका कहना है*     
“जानकारी मिलते ही संबंधित लोगों को वहां से हटकर गांव में सुरक्षित स्थान पर मकान लेकर रहने के निर्देश दिए गए हैं।”
स्वर्ण गौरव सिंह
रेंजर, वन विभाग अनूपपुर
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बाइक चालक की लापरवाही के करण 9 दिनों तक जिंदगी से जूझ रहे महेश विश्वकर्मा की दर्दनाक मौत उमरिया जिले के थाना पाली में तेज रफ्तार का कहर हिट एंड रन नहीं, लापरवाही की टक्कर, इलाज के नौ दिन बाद महेश विश्वकर्मा की मौत, टक्कर मारने वाली चालक के लाइसेंस पर उठे सवाल बिरसिंहपुर पाली --- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में 16 सितंबर की सुबह हुई सड़क दुर्घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुए टीवीएस सवार महेश विश्वकर्मा ने 25 सितंबर को जबलपुर मेडिकल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। नौ दिन तक जीवन और मौत से जूझने के बाद महेश की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। वहीं, टक्कर मारने वाले वाहन चालक पंकज गुप्ता के ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर लोगों में संदेह गहरा रहा है। परिजनों और ग्रामीणों को आशंका है कि मामले की जांच में लीपा-पोती न हो जाए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को सुबह करीब 8 बजे महेश विश्वकर्मा अपनी टीवीएस बाइक (एमपी 54 जेडबी 1838) से किसी काम से उमरिया रोड की ओर से पाली बाजार की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान सामने से पाली बाजार की ओर से दफाई की तरफ जा रही गाड़ी रसिया होटल के सामने (एमपी 21 जेडजे 1099) के चालक पंकज गुप्ता ने महेश की बाइक को पैरदान के पास जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महेश विश्वकर्मा बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े जबकि टक्कर मारने वाली बाइक इतनी स्पीड में थी की पंकज गुप्ता की बाइक के शाखा और पहिया टूट के अलग हो गए और महेश विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। सीसीटीवी फुटेज मैं साफ दिखाई दे रहा है कि गुप्ता की गाड़ी कितनी स्पीड में थी। घटना के बाद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने मानवता दिखाते हुए घायल महेश को दोपहिया वाहन से पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद करीब 11 बजे डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए उन्हें शहडोल रेफर कर दिया। शहडोल के अमृता अस्पताल में भर्ती कर दिनभर इलाज चला, लेकिन शाम करीब 7 बजे हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया। जबलपुर के मेट्रो अस्पताल में महेश का इलाज चलता रहा। 24 सितंबर को मेट्रो अस्पताल से उन्हें मेडिकल अस्पताल जबलपुर रेफर किया गया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद महेश जिंदगी की जंग हार गए। 25 सितंबर को रात लगभग 10 बजे मेडिकल अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। 26 सितंबर को पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शव घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। नगर में शोक की लहर दौड़ गई। इस घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल गाड़ी चला रहे पंकज गुप्ता को सीसीटीवी फुटेज वीडियो साफ देखा जा सकता है और पहचान भी की जा सकती है अब इनके ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर सवाल उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंकज गुप्ता के पास जो लाइसेंस है, वह संदिग्ध है। लोगों को आशंका है कि असली चालक पर कार्रवाई से बचने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति के लाइसेंस का इस्तेमाल कर मामले को दबाने की साजिश रची जा रही है। नगर के लोगो कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाएगा। परिजनों ने सासन प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो। दुर्घटना के समय गाड़ी कौन चला रहा था, यह सब सीसीटीवी वीडियो में देखा जा सकता है इसका सही पता लगाया जा सकता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही घायल के इलाज में हुए भारी खर्च और परिवार के भरण-पोषण को देखते हुए उचित मुआवजे की मांग भी उठाई जा रही है। गौरतलब है कि पाली-उमरिया मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर लगाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने व रोड किनारे खड़ी गाड़िया हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े। अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि दोषी चालक पर कार्रवाई होती है या मामला लीपा-पोती की भेंट चढ़ जाता है।
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    बाइक चालक की लापरवाही के करण 9 दिनों तक जिंदगी से जूझ रहे महेश विश्वकर्मा की दर्दनाक मौत
उमरिया जिले के थाना पाली  में तेज रफ्तार का कहर 
हिट एंड रन नहीं, लापरवाही की टक्कर, इलाज के नौ दिन बाद महेश विश्वकर्मा की मौत, टक्कर मारने वाली चालक के लाइसेंस पर उठे सवाल
बिरसिंहपुर पाली --- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में 16 सितंबर की सुबह हुई सड़क दुर्घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुए टीवीएस सवार महेश विश्वकर्मा ने 25 सितंबर को जबलपुर मेडिकल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। नौ दिन तक जीवन और मौत से जूझने के बाद महेश की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। वहीं, टक्कर मारने वाले वाहन चालक पंकज गुप्ता के ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर लोगों में संदेह गहरा रहा है। परिजनों और ग्रामीणों को आशंका है कि मामले की जांच में लीपा-पोती न हो जाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को सुबह करीब 8 बजे महेश विश्वकर्मा अपनी टीवीएस बाइक (एमपी 54 जेडबी 1838) से किसी काम से उमरिया रोड की ओर से पाली बाजार की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान सामने से पाली बाजार की ओर से दफाई की तरफ जा रही गाड़ी रसिया होटल के सामने (एमपी 21 जेडजे 1099) के चालक पंकज गुप्ता ने महेश की बाइक को पैरदान के पास जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महेश विश्वकर्मा बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े जबकि टक्कर मारने वाली बाइक इतनी स्पीड में थी की पंकज गुप्ता की बाइक के शाखा और पहिया टूट के अलग हो गए और महेश विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। सीसीटीवी फुटेज मैं साफ दिखाई दे रहा है कि गुप्ता की गाड़ी कितनी स्पीड में थी।
घटना के बाद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने मानवता दिखाते हुए घायल महेश को दोपहिया वाहन से पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद करीब 11 बजे डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए उन्हें शहडोल रेफर कर दिया। शहडोल के अमृता अस्पताल में भर्ती कर दिनभर इलाज चला, लेकिन शाम करीब 7 बजे हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया।
जबलपुर के मेट्रो अस्पताल में महेश का इलाज चलता रहा। 24 सितंबर को मेट्रो अस्पताल से उन्हें मेडिकल अस्पताल जबलपुर रेफर किया गया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद महेश जिंदगी की जंग हार गए। 25 सितंबर को रात लगभग 10 बजे मेडिकल अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। 26 सितंबर को पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शव घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। नगर में शोक की लहर दौड़ गई।
इस घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल गाड़ी चला रहे पंकज गुप्ता को सीसीटीवी फुटेज वीडियो साफ देखा जा सकता है और पहचान भी की जा सकती है अब इनके ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर सवाल उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंकज गुप्ता के पास जो लाइसेंस है, वह संदिग्ध है। लोगों को आशंका है कि असली चालक पर कार्रवाई से बचने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति के लाइसेंस का इस्तेमाल कर मामले को दबाने की साजिश रची जा रही है। नगर  के लोगो कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाएगा।
परिजनों ने सासन प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो। दुर्घटना के समय गाड़ी कौन चला रहा था, यह सब सीसीटीवी वीडियो में देखा जा सकता है इसका सही पता लगाया जा सकता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही घायल के इलाज में हुए भारी खर्च और परिवार के भरण-पोषण को देखते हुए उचित मुआवजे की मांग भी उठाई जा रही है।
गौरतलब है कि पाली-उमरिया मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर लगाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने व रोड किनारे खड़ी गाड़िया हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े। अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि दोषी चालक पर कार्रवाई होती है या मामला लीपा-पोती की भेंट चढ़ जाता है।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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