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अंडर-18 एशिया कप हॉकी के सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने एक बेहद रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 5-3 से मात देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। यह मुकाबला काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, जिसमें एक समय भारत 2-3 से पीछे चल रहा था। हालांकि, चौथे क्वार्टर में आशीष तानी पूर्ति ने जबरदस्त वापसी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल चार गोल दागे, जिसमें एक प्रभावशाली हैट्रिक भी शामिल थी। आशीष तानी पूर्ति के तीनों हैट्रिक गोल पेनल्टी कॉर्नर पर आए, जिसकी बदौलत भारत ने यह महत्वपूर्ण जीत दर्ज कर एशिया कप ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश किया।
Ashutosh kumar
अंडर-18 एशिया कप हॉकी के सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने एक बेहद रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 5-3 से मात देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। यह मुकाबला काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, जिसमें एक समय भारत 2-3 से पीछे चल रहा था। हालांकि, चौथे क्वार्टर में आशीष तानी पूर्ति ने जबरदस्त वापसी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल चार गोल दागे, जिसमें एक प्रभावशाली हैट्रिक भी शामिल थी। आशीष तानी पूर्ति के तीनों हैट्रिक गोल पेनल्टी कॉर्नर पर आए, जिसकी बदौलत भारत ने यह महत्वपूर्ण जीत दर्ज कर एशिया कप ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश किया।
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- बोधगया में एक प्लंबर के बैंक खाते में 294 करोड़ रुपये जमा होने की पिछली खबर को पुलिस ने फर्जी बताया है। इस मामले की जाँच के बाद पुलिस ने खुलासा किया है कि यह पूरा दावा निराधार था।1
- अंडर-18 एशिया कप हॉकी के सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने एक बेहद रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 5-3 से मात देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। यह मुकाबला काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, जिसमें एक समय भारत 2-3 से पीछे चल रहा था। हालांकि, चौथे क्वार्टर में आशीष तानी पूर्ति ने जबरदस्त वापसी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल चार गोल दागे, जिसमें एक प्रभावशाली हैट्रिक भी शामिल थी। आशीष तानी पूर्ति के तीनों हैट्रिक गोल पेनल्टी कॉर्नर पर आए, जिसकी बदौलत भारत ने यह महत्वपूर्ण जीत दर्ज कर एशिया कप ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश किया।1
- आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गया के गांधी मैदान में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महापौर श्री वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान और नगर निगम आयुक्त श्री अभिषेक पलासिया जी शामिल हुए, जिनके साथ स्वच्छता पदाधिकारी श्री चंदन कुमार जी, एयर पॉल्यूशन के मैनेजर श्री ऋषभ चतुर्वेदी जी और श्री सिंधु मिश्राजी सहित कई अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी भाग लिया। गया नगर निगम, गयाजी द्वारा आयोजित इस पौधरोपण कार्यक्रम के माध्यम से सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और एक हरित भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।1
- विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर 5 जून 2026 को गया के ब्रह्म वन में गया वन प्रमंडल द्वारा एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार रहे, जबकि गया वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) श्री शशिकांत कुमार ने अध्यक्षता की। इस अवसर पर जिले के कई गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनें, सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी, स्थानीय जैव विविधता समिति के सदस्य और पर्यावरण प्रेमी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था, जिसका शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, पौधा भेंट और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर डीएफओ श्री शशिकांत कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और घोषणा की कि वर्ष 2026-27 में गया वन प्रमंडल के अंतर्गत लगभग 25 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों, सामाजिक संगठनों, स्थानीय जैव विविधता समिति के सदस्यों और युवाओं से इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की, ताकि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके, क्योंकि जनभागीदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है। अपने संबोधन में माननीय मुख्य अतिथि डॉ. प्रेम कुमार ने सभी उपस्थित जनों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह दिवस हमें प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है। उन्होंने जोर दिया कि पर्यावरण हमारे जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य का आधार है, और स्वच्छ वायु, शुद्ध जल, हरित वन, उपजाऊ भूमि तथा जैव विविधता मानव जीवन की अमूल्य धरोहरें हैं, जिनके संरक्षण के बिना सतत विकास असंभव है। उन्होंने वर्तमान वैश्विक चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट और जैव विविधता के क्षरण का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि समय रहते ठोस कदम न उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकटों का सामना करना पड़ेगा। डॉ. प्रेम कुमार ने भारत की सांस्कृतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि यह सदैव प्रकृति के सम्मान और संरक्षण पर आधारित रही है, जहां वृक्षों, नदियों, पर्वतों और जीव-जंतुओं को पूजनीय माना गया है। उन्होंने 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के भाव को पुनः आत्मसात करने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'मिशन लाइफ (Lifestyle for Environment)', 'नमामि गंगे', 'एक पेड़ माँ के नाम' और नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित विभिन्न अभियानों की सराहना की, जिनके प्रयासों ने जनमानस में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सतत विकास को गति प्रदान की है। उन्होंने युवाओं से विशेष आग्रह किया कि वे पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाएं और प्रत्येक नागरिक से वर्ष में कम-से-कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। साथ ही, जल संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने तथा ऊर्जा संरक्षण को दैनिक आदत में शामिल करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल संचयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है, क्योंकि स्वस्थ पर्यावरण ही स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र की नींव है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने ब्रह्म वन परिसर में एक वटवृक्ष का पौधारोपण किया और ब्रह्मयोनि क्षेत्र की बंजर भूमि में सीड बॉल (बीज गोला) का प्रसारण कर हरित विस्तार का संदेश दिया। पर्यावरण जागरूकता हेतु 'पर्यावरण रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो पूरे जिले में पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित करेगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को फलदार पौधों का वितरण किया गया और 11-सूत्रीय पर्यावरण संरक्षण संकल्प दिलाया गया। विभिन्न वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता एवं जैव विविधता के संवर्धन पर अपने विचार व्यक्त किए और जनभागीदारी से भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में श्री अजय कुशवाहा, श्री पप्पू चंद्रवंशी, श्री विकास कुमार, श्रीमती ज्योति दांगी, श्री धनंजय शर्मा, श्री अरविंद वर्मा, श्री धनंजय कुमार धीरू, श्री जेड. खान, श्री देवानंद पासवान सहित कई गणमान्य व्यक्ति और समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के समापन पर वनपाल श्री सूरज प्रकाश ने सभी अतिथियों, ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। गया वन क्षेत्र की वन क्षेत्र पदाधिकारी (रेंज ऑफिसर) सुश्री आरती कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका और उनके नेतृत्व में वन विभाग की टीम के उत्कृष्ट समन्वय एवं व्यवस्थाओं के कारण यह कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं भव्य रूप से संपन्न हुआ।1
- गया जिले के गुरारू बाजार स्थित मंगलम पैलेस में शुक्रवार को संज्ञा समिति गया धाम की गुरारू प्रखंड इकाई का गठन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि संज्ञा समिति के केंद्रीय अध्यक्ष देवेंद्र पाठक और जिला अध्यक्ष गोपाल मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर 11 सदस्यीय प्रखंड कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें धनंजय कुमार मिश्रा को गुरारू प्रखंड अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यक्रम का सफल संयोजन अरुणाभ क्षितिज और मंगलानंद मिश्रा ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, केंद्रीय अध्यक्ष देवेंद्र पाठक ने समाज को एकजुट करने और जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी बताया कि संज्ञा समिति गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में हरसंभव सहयोग करेगी और समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। पाठक ने सकलद्वीपीय ब्राह्मण समाज की एकता पर जोर देते हुए सभी से संगठन को मजबूत बनाने और समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया। जिला अध्यक्ष गोपाल मिश्रा ने भी संगठन की गतिविधियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए समाज के लोगों को एक मंच पर आने की अपील की। इस अवसर पर संज्ञा समिति के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मंटू मिश्रा, कृष्ण कुमार मिश्रा, केंद्रीय सचिव ब्रजनंदन मिश्र, प्रेम कुमार मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संगठन को मजबूत बनाने और समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।2
- मखदुमपुर प्रखंड के नेर गांव में शुक्रवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस अभियान के तहत, एक महत्वपूर्ण जल स्रोत 'पइन' पर अवैध रूप से बनाए गए आठ मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई अंचलाधिकारी रंजीत उपाध्याय के नेतृत्व में जेसीबी मशीन का उपयोग करके की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी रही। अंचलाधिकारी ने जानकारी दी कि कुछ लोगों ने गांव के इस महत्वपूर्ण जल स्रोत को भरकर मकान बना लिए थे, जिसके कारण जल निकासी बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। सरकारी अभिलेखों और जांच के आधार पर, बउआ नन्द दास, बोधू दास, विजय दास सहित कुल आठ व्यक्तियों के मकानों को अतिक्रमण मानते हुए हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य सरकार और जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक भूमि, जल स्रोतों और सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, प्रशासन ने आम जनता से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न करने की अपील भी की है।1
- शिक्षकों खान सर और रौशन आनंद सर के बीच चल रही कथित प्रतिद्वंद्विता अब मात्र फीस या आरक्षण श्रेणी (BC) से जुड़ा मामला न होकर, 'MY समीकरण' (मुस्लिम-यादव समीकरण) से जुड़ी लड़ाई का रूप ले चुकी है। लेखक के अनुसार, खान सर को मुसलमान भी मुसलमान नहीं मानते, क्योंकि उनकी हरकतें ही ऐसी हैं। पोस्ट में स्पष्ट कहा गया है कि खान सर की सराहना नहीं की जा रही और उनके साथ जो कुछ हो रहा है, वह बिल्कुल सही और उनके हकदार हैं। वहीं, रौशन यादव सर की बात करें तो 'यादव वाद' विचारधारा से ग्रस्त लोग सोशल मीडिया पर पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ उनके समर्थन में खड़े हैं। फेसबुक और ट्विटर जैसे मंचों पर उनके समर्थन में लगातार पोस्ट किए जा रहे हैं, जिससे एक बड़ा कोहराम मचा हुआ है। इस संदर्भ में, पोस्ट 'मियां जी' (मुस्लिम समुदाय के लोगों) को सीधे तौर पर चेताते हुए कहती है कि उन्हें होश में रहना चाहिए। लेखक का कहना है कि जिस 'MY समीकरण' के लिए वे अपनी जवानी कुर्बान कर रहे हैं और 'लालू के लाल' के पीछे खड़े हैं, उन्हें यह समझना होगा कि इसी समीकरण में से 'Y' समाज के लोग और नेतागण उनके सबसे बड़े दुश्मन और कट्टर विरोधी हैं। लेखक की सलाह है कि इस बात को जितनी जल्दी समझा जाएगा, सियासी गलियारों में आगे बढ़ने में उतनी ही आसानी होगी। पोस्ट के अंत में लेखक ने स्पष्ट किया कि इस बात का कोई गलत अर्थ न निकाला जाए, बल्कि यह केवल कुछ 'मियां जी' को आईना दिखाने का प्रयास है।1
- पुलिस अचानक एक मिट्टी के मकान में पहुँची और ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया। घर के भीतर मौजूद फ्रिज में रखे सामान को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।1