तराई केन्द्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज में वन विभाग की टीम ने अवैध सागौन लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लालकुआँ शहर के समीप टांडा रेंज के जंगल से वन विभाग की टीम ने करीब ₹50,000 कीमत की 5 गिल्टे सागौन की लकड़ी के साथ एक पिकअप वाहन (UK06CC0122) और एक बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल (UK04X6525) जब्त की है। वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम के अनुसार, रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि करीब तीन बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि जंगल से सागौन की लकड़ी तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने घेराबंदी की, जहां पहले से सागौन के गिल्टे रखे हुए थे। इस दौरान मौके पर पहुंची पिकअप में बैठे तस्कर लकड़ी लादने लगे। वन विभाग की टीम द्वारा टॉर्च दिखाकर रोकने का इशारा करने पर तस्करों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में वन विभाग ने भी फायरिंग की। हालांकि, जंगल में अधिक अंधेरा होने के कारण तस्कर मौके से फरार हो गए। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि फरार तस्करों की पहचान सांपकठानी गुर्जर खत्ता निवासी आकाश सिंह और घोड़ानाला निवासी चालक अभिषेक के रूप में हुई है। आकाश सिंह एक पेशेवर लकड़ी तस्कर है जो पूर्व में भी तस्करी के मामले में जेल जा चुका है और उस पर कई मुकदमे दर्ज हैं। वन विभाग ने बरामद लकड़ी और वाहनों को जब्त करते हुए फरार आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। तस्करों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मानसून सीजन को देखते हुए पूरे रेंज में स्पेशल टीमें तैनात कर तीनों समय गश्त बढ़ाई गई है और अवैध तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तराई केन्द्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज में वन विभाग की टीम ने अवैध सागौन लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लालकुआँ शहर के समीप टांडा रेंज के जंगल से वन विभाग की टीम ने करीब ₹50,000 कीमत की 5 गिल्टे सागौन की लकड़ी के साथ एक पिकअप वाहन (UK06CC0122) और एक बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल (UK04X6525) जब्त की है। वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम के अनुसार, रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि करीब तीन बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि जंगल से सागौन की लकड़ी तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने घेराबंदी की, जहां पहले से सागौन के गिल्टे रखे हुए थे। इस दौरान मौके पर पहुंची पिकअप में बैठे तस्कर लकड़ी लादने लगे। वन विभाग की टीम द्वारा टॉर्च दिखाकर रोकने का इशारा करने पर तस्करों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में वन विभाग ने भी फायरिंग की। हालांकि, जंगल में अधिक अंधेरा होने के कारण तस्कर मौके से फरार हो गए। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि फरार तस्करों की पहचान सांपकठानी गुर्जर खत्ता निवासी आकाश सिंह और घोड़ानाला निवासी चालक अभिषेक के रूप में हुई है। आकाश सिंह एक पेशेवर लकड़ी तस्कर है जो पूर्व में भी तस्करी के मामले में जेल जा चुका है और उस पर कई मुकदमे दर्ज हैं। वन विभाग ने बरामद लकड़ी और वाहनों को जब्त करते हुए फरार आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। तस्करों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मानसून सीजन को देखते हुए पूरे रेंज में स्पेशल टीमें तैनात कर तीनों समय गश्त बढ़ाई गई है और अवैध तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- तराई केन्द्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज में वन विभाग की टीम ने अवैध सागौन लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लालकुआँ शहर के समीप टांडा रेंज के जंगल से वन विभाग की टीम ने करीब ₹50,000 कीमत की 5 गिल्टे सागौन की लकड़ी के साथ एक पिकअप वाहन (UK06CC0122) और एक बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल (UK04X6525) जब्त की है। वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम के अनुसार, रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि करीब तीन बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि जंगल से सागौन की लकड़ी तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने घेराबंदी की, जहां पहले से सागौन के गिल्टे रखे हुए थे। इस दौरान मौके पर पहुंची पिकअप में बैठे तस्कर लकड़ी लादने लगे। वन विभाग की टीम द्वारा टॉर्च दिखाकर रोकने का इशारा करने पर तस्करों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में वन विभाग ने भी फायरिंग की। हालांकि, जंगल में अधिक अंधेरा होने के कारण तस्कर मौके से फरार हो गए। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि फरार तस्करों की पहचान सांपकठानी गुर्जर खत्ता निवासी आकाश सिंह और घोड़ानाला निवासी चालक अभिषेक के रूप में हुई है। आकाश सिंह एक पेशेवर लकड़ी तस्कर है जो पूर्व में भी तस्करी के मामले में जेल जा चुका है और उस पर कई मुकदमे दर्ज हैं। वन विभाग ने बरामद लकड़ी और वाहनों को जब्त करते हुए फरार आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। तस्करों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मानसून सीजन को देखते हुए पूरे रेंज में स्पेशल टीमें तैनात कर तीनों समय गश्त बढ़ाई गई है और अवैध तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- माँ की बीमारी और बेटे की ईमानदारी से जुड़ी यह भावुक कहानी किसी की भी आँखों में आँसू ला देने वाली है। यह पूरी बात बीमार माँ के प्रति एक बेटे के समर्पण, उसके जज्बात और उसकी अडिग ईमानदारी को दर्शाती है।1
- शाहजहांपुर में दो पत्रकारों को बिना किसी आधार के घंटों पूछताछ के लिए बिठाए जाने के बाद उपजे पत्रकार-प्रशासन विवाद के बीच पूर्व एमएलसी कुंवर जयेश प्रसाद खुलकर पत्रकारों के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकार की भूमिका निष्पक्ष और स्वतंत्र होती है, इसलिए किसी भी पत्रकार का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। पूर्व एमएलसी कुंवर जयेश प्रसाद ने पत्रकारों को समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताते हुए कहा कि उनका दायित्व निष्पक्ष होकर जनता की आवाज़ उठाना है। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारों पर दबाव बनाया जाएगा या उनका उत्पीड़न होगा, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चिंता का विषय होगा। उन्होंने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की निष्पक्षता और स्वतंत्रता की हर हाल में रक्षा करने पर बल दिया।1
- शाहजहांपुर के जलालाबाद तहसील में पत्रकारों ने शुक्रवार को उपजिलाधिकारी को सम्बोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार रोहित कटियार को सौंपा। इसमें एसओजी (SOG) प्रभारी और उनकी टीम पर पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि 23 जुलाई 2026 की शाम करीब 7 बजे पत्रकार प्रभाकर मिश्रा और विषेक मिश्रा अपने घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में एसओजी प्रभारी अपनी टीम के साथ पहुंचे और बिना कोई कारण बताए दोनों पत्रकारों को गाड़ी में बैठा लिया। उनके मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए गए और उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। करीब तीन घंटे तक दोनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी और बाद में पत्रकारों के दबाव के बाद उन्हें छोड़ा गया। पत्रकारों का कहना है कि पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं था, इसके बावजूद उन्हें बेवजह रोककर मानसिक उत्पीड़न किया गया। पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की है कि एसओजी प्रभारी एवं उनकी टीम को तत्काल निलंबित किया जाए, प्रभाकर मिश्रा और विशेक मिश्रा से पुलिस प्रशासन लिखित रूप से माफी मांगे तथा भविष्य में किसी पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई से पहले मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति को सूचित कर पूछताछ की जाए। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक द्वारा पत्रकार कमल सिंह के साथ कथित अभद्र व्यवहार पर भी माफी मांगने की मांग की गई है। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। साथ ही पुलिस प्रशासन से जुड़ी खबरों के बहिष्कार की भी चेतावनी दी गई है। इस दौरान पत्रकार गौरीशंकर त्रिवेदी, कमल पाण्डेय, आकाश मिश्रा, अंकित दीक्षित, प्रिंस गुप्ता, पंकज यादव, विनोद राजपूत, करन गुप्ता, हमीद और विकास राठौर सहित तमाम पत्रकार उपस्थित रहे।1
- शाहजहांपुर में दो पत्रकारों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) कुंवर जयेश प्रसाद खुलकर पत्रकारों के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों का सम्मान हर हाल में सुरक्षित रहना चाहिए और किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय या उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जा सकता। पूर्व एमएलसी ने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज होते हैं और यदि उन्हें भय तथा दबाव में रखकर काम कराया जाएगा तो इससे लोकतंत्र ही कमजोर होगा। निष्पक्ष पत्रकारिता को लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसी घटनाओं से बचना चाहिए, जिससे मीडिया की स्वतंत्रता पर प्रश्नचिह्न लगे। कुंवर जयेश प्रसाद ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पत्रकार निर्भीक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारों से भी संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से ही इस प्रकरण का समाधान होना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बेलगाम SOG और पुलिस अधीक्षक (SP) की खराब भाषाशैली के खिलाफ पत्रकारों का जबरदस्त आक्रोश फूट पड़ा है। कल शाम चिनौर रोड पर बाइक से जा रहे टीवी चैनल के पत्रकारों प्रभाकर मिश्रा और विशेक मिश्रा को SOG पकड़कर ले गई थी। कई घंटों तक पुलिस अधिकारियों ने जानकारी साझा नहीं की, लेकिन बमुश्किल पता चला कि उन्हें डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के काफिले को काले झंडे दिखाए जाने का वीडियो वायरल करने के आरोप में उठाया गया था। पत्रकारों के भारी विरोध और कोई भी साक्ष्य न होने पर SOG ने रिजर्व पुलिस लाईन के इंटरोगेशन रूम से दोनों पत्रकारों को छोड़ दिया। हालांकि, इस दौरान जब SP से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने खराब भाषा शैली का प्रयोग किया। इससे नाराज तमाम पत्रकार संगठनों ने प्रेस क्लब में बैठक की और कलेक्ट्रेट तथा विकास भवन के मीटिंग हॉल पहुंचकर जमकर नारेबाजी की, जहां मंत्री की बैठक होने वाली थी। पत्रकारों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस बल के साथ SP सौरभ दीक्षित विकास भवन पहुंचे। इसके बाद कलेक्ट्रेट स्थित मीटिंग हॉल में SP और पत्रकारों के बीच कई घंटों तक वार्ता चली। SP सौरभ दीक्षित ने घटना की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए आश्वस्त किया कि आगे से ऐसा मौका नहीं आएगा। वहीं SOG प्रभारी व उनकी टीम को तत्काल सस्पेंड करने की मांग पर SP ने कहा कि ज्ञापन की जांच कराकर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।1
- शाहजहाँपुर के प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सदर तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम शाहबाजपुर, सरौरा और सरौरी में गर्रा नदी के दाहिने तट पर संचालित कटाव निरोधक परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से संवाद कर परियोजना के संबंध में प्रतिक्रिया ली। ग्राम प्रधान कुलदीप और ग्रामीणों ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यों की सराहना की। मौके पर मौजूद ददरौल विधायक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों की बाढ़ समस्या को देखते हुए स्वीकृत इस कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। प्रभारी मंत्री ने आमजन से अपील की कि किसी भी नदी तट पर कटान दिखने पर तुरंत सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सूचित करें, ताकि समय रहते बचाव कार्य किया जा सके। ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों के आधार पर उन्होंने संबंधित खंड विकास अधिकारी को संपर्क मार्ग पर खड़ंजा निर्माण कराने तथा नदी किनारे आवागमन हेतु मार्ग निर्माण की कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में प्रस्तावित पुल का निर्माण कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने को कहा। जनपद के अन्य बाढ़ संभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए मंत्री ने समीक्षा की और बताया कि जिले में जनसुरक्षा हेतु 19 बांधों का निर्माण कराया गया है, जिससे लगभग 5,000 लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशासन की तैयारियों को पूरा बताते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, जिलाध्यक्ष के.सी. मिश्रा, अधिशासी अभियंता एस.के. भास्कर व देवेंद्र कुमार सहाय सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।4
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बेलगाम SOG और एसपी की खराब भाषाशैली को लेकर पत्रकारों में भारी आक्रोश फैल गया है। कल शाम चिनौर रोड पर बाइक से जा रहे टीवी चैनल के पत्रकारों प्रभाकर मिश्रा और विशेक मिश्रा को SOG ने पकड़ लिया और अपने साथ ले गई। कई घंटों तक मामला छिपाने के बाद जानकारी मिली कि उन्हें डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के काफिले में काले झंडे दिखाने का वीडियो वायरल करने के आरोप में उठाया गया है। बिना किसी साक्ष्य के पत्रकारों को हिरासत में लेने पर मीडियाकर्मियों ने रिजर्व पुलिस लाइन स्थित SOG इंटरोगेशन रूम पहुंचकर भारी विरोध जताया, जिसके बाद पुलिस को दोनों पत्रकारों को छोड़ना पड़ा। वहीं जब इस संबंध में एसपी से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने खराब भाषा शैली का प्रयोग किया। एसपी के रवैये और पुलिस की मनमानी के विरोध में आज तमाम पत्रकार संगठनों ने प्रेस क्लब में बैठक की और पैदल नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। विकास भवन के मीटिंग हॉल में, जहां मंत्री की बैठक होने वाली थी, पत्रकारों ने जमकर नारेबाजी की और मांग रखी कि जब तक एसपी खुद आकर बात नहीं करेंगे तब तक कोई बाहर नहीं जाएगा। पत्रकारों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस बल मौके पर पहुंचा और एसपी सौरभ दीक्षित विकास भवन के मीटिंग हॉल पहुंचे। इसके बाद कलेक्ट्रेट स्थित मीटिंग हॉल में एसपी और पत्रकारों के बीच कई घंटों तक वार्ता चली। वार्ता के दौरान एसपी सौरभ दीक्षित बैकफुट पर आए और उन्होंने कहा कि पत्रकारों के साथ जो भी घटना घटी, उसके लिए वे खुद जिम्मेदार हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस और पत्रकारों के बीच संवाद की कमी से जो स्थिति बनी, आगे से ऐसा मौका नहीं आएगा। SOG प्रभारी और उनकी पूरी टीम को तत्काल सस्पेंड करने की मांग पर एसपी सौरभ दीक्षित ने कहा कि ज्ञापन में दी गई शिकायत की जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।4