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टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बन्ने बुजुर्ग गांव में 20 दिन की एक मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल पसरा हुआ है और क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम के नेतृत्व में पुलिस बल और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए हैं। मृत बच्ची के शव का पोस्टमार्टम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पलेरा में कराया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टधर्मेंद्र सिंह लोधी
टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बन्ने बुजुर्ग गांव में 20 दिन की एक मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल पसरा हुआ है और क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम के नेतृत्व में पुलिस बल और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए हैं। मृत बच्ची के शव का पोस्टमार्टम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पलेरा में कराया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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- टीकमगढ़ को जैविक जिला बनाने में मदद करने के उद्देश्य से भारतीय किसान संघ आगामी 25 जुलाई को जिले में जैविक जागरण रैली निकालेगा। यह निर्णय कृषि अनुसंधान केंद्र कुण्डेश्वर रोड पर आयोजित भारतीय किसान संघ जिला टीकमगढ़ की मासिक जिला बैठक में लिया गया। यह बैठक प्रांत संगठन मंत्री तुलाराम जी और संभाग मंत्री हेमंत पटेल के आतिथ्य में संपन्न हुई। बैठक में आगामी कार्ययोजना, नई ग्राम समिति की सूची तैयार करने, आगामी सदस्यता अभियान और जैविक खेती के किसानों के लक्ष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला अध्यक्ष शिव मोहन गिरि ने बताया कि पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले में जैविक किसानों का सम्मान कर जैविक जागरण रैली निकाली जाएगी। इसके साथ ही संगठन ने इस बार जिले में 50,000 सदस्य बनाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। बैठक के दौरान प्रांत संगठन मंत्री तुलाराम जी ने ग्राम और तहसील के बीच की इकाई के रूप में 'मण्डल रचना' तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस. के. सिंह ने उपस्थित किसानों को जैविक खेती के संबंध में उपयोगी जानकारी दी। इस बैठक का संचालन जिला उपाध्यक्ष भागवत सिंह सोलंकी ने किया। बैठक में जिला मंत्री राजेंद्र श्रीवास्तव, महिला संयोजिका पुष्पा विश्वकर्मा, जिला जैविक खेती प्रमुख संतोष लोधी, जिला युवा आयाम प्रमुख राकेश सिंह घोष, जिला कार्यकारिणी सदस्य राघवेन्द्र सिंह घोष, मोहनगढ़ तहसील अध्यक्ष फूल सिंह घोष, टीकमगढ़ तहसील अध्यक्ष रामचंद्र श्रोत्रिय, जतारा तहसील अध्यक्ष जानकी अहिरवार, तहसील उपाध्यक्ष किशोरीलाल अहिरवार, बिहारी लाल कोरी, बद्री तिवारी, किशन कुशवाहा, रामकिशन प्रजापति, जैविक खेती प्रमुख देशराज रजक, डरू रजक और मलखान राजपूत सहित कई किसान उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा नशामुक्ति के उद्देश्य से 15 जुलाई से 30 जुलाई तक "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत छतरपुर पुलिस द्वारा जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के चौथे दिन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य पटले के मार्गदर्शन में जिले के झुग्गी-झोपड़ी इलाकों और चिन्हित हॉटस्पॉट स्थानों पर विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताकर इससे दूर रहने की अपील की गई। इसके साथ ही, नशे के आदी हो चुके व्यक्तियों और उनके परिजनों को नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की जानकारी दी गई और उन्हें नशामुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई गई। सामाजिक न्याय विभाग के सहयोग से नशे की लत से प्रभावित लोगों को परामर्श और जरूरी चिकित्सीय सहायता मुहैया कराने के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए छतरपुर पुलिस आने वाले दिनों में भी पूरे जिले में विभिन्न माध्यमों से इस प्रकार के व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।1
- टीकमगढ़ के जतारा नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आज मानसून ने जोरदार दस्तक दी है। दोपहर बाद शुरू हुई मूसलाधार बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लंबे समय से अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे। तेज बारिश होने से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। इस दौरान जहां बच्चों और युवाओं ने बारिश का भरपूर आनंद लिया, वहीं नगर की सड़कों पर कुछ समय के लिए जलभराव भी देखने को मिला। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने के बाद इस बारिश को धान, सोयाबीन, उड़द और तिल जैसी खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई इस बारिश से इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद काफी बढ़ गई है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी नियमित रूप से इसी तरह बारिश होती रही, तो कृषि उत्पादन बेहतर होगा जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।2
- टीकमगढ़ वन मण्डल के सब रेंज दिगौडा के अंतर्गत आने वाले बिजरावन, कौंडिया और बरेठी बीट में वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 10 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने यह सफलता हासिल की। इस वन भूमि पर कुछ अतिक्रमणकारियों द्वारा रात के अंधेरे में चोरी-छिपे जुताई करके अवैध रूप से फसल बो दी गई थी। मामले की जानकारी मिलने पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से बारी बागड़ को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इसके बाद विभाग द्वारा उक्त खेत में कटीली प्रजाति के बीजों की बुवाई कर दी गई है। विभाग ने वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले सुखराम, लक्ष्मन, प्रभु, कनई, खरगा, गनेश, गोकुल और सुरेश के विरुद्ध कार्रवाई की है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली वन विभाग की टीम में डिप्टी रेंजर मनोहर सिंह घोष और शहीद खान सहित अन्य वनकर्मी मुख्य रूप से शामिल रहे।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीकमगढ़ जिले को एक नए मेडिकल कॉलेज की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद जिले में बहुत ही जल्द मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा और यह जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा।1
- छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बमनोरा में ₹25 लाख की लागत से बन रहे सामुदायिक भवन के निर्माण में भारी लापरवाही और अनियमितताएं सामने आई हैं। निर्माण स्थल पर मजदूरों की जान जोखिम में डालकर काम कराया जा रहा है। यहां काम करने वाले मजदूर बिना हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और सुरक्षा जूतों के ही ऊंचाई पर काम करने को मजबूर हैं। निर्माण कार्य के लिए बांस-बल्ली के कामचलाऊ और बेहद असुरक्षित मचान का उपयोग किया जा रहा है, जो कभी भी गिर सकता है। इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भवन निर्माण में बेहद घटिया ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है और चिनाई भी टेढ़ी-मेढ़ी हो रही है। आरोप है कि टेंडर में स्वीकृत रेट की जगह बेहद घटिया स्तर के मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती और टिकाऊपन खतरे में पड़ गया है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस पूरे निर्माण के दौरान जिम्मेदार तकनीकी अमला और ठेकेदार मौके से नदारद हैं, जिससे पूरा काम बिना किसी जांच और निगरानी के पूरी तरह 'भगवान भरोसे' चल रहा है। इस बदहाली को लेकर ग्रामवासियों में गहरा रोष है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत से पुरजोर मांग की है कि तत्काल इस साइट का निरीक्षण कर निर्माण कार्य को रुकवाया जाए। इसके साथ ही, निर्माण में इस्तेमाल हो रहे मटेरियल, माप पुस्तिका और अब तक हुए भुगतान का कड़ाई से परीक्षण कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने मजदूरों को अनिवार्य रूप से सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई है।4