रीवा जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरु करन सिंह ने मंगलवार को पनवार थाना का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, अपराध संबंधी रिकॉर्ड और पुलिस बल की कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर में साफ-सफाई, रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित रख-रखाव और लंबित मामलों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि आमजन की शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने अपराध नियंत्रण की स्थिति, गंभीर मामलों की जांच की प्रगति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा थाना संचालन में आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिए। मीडिया से चर्चा के दौरान, एसपी गुरु करन सिंह ने स्वीकार किया कि जिले में पुलिस बल की कमी है, लेकिन उन्होंने उपलब्ध संसाधनों के साथ बेहतर पुलिसिंग का प्रयास करने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में आवश्यकतानुसार पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। अंत में, पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने की हिदायत देते हुए एक बेहतर पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया।
रीवा जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरु करन सिंह ने मंगलवार को पनवार थाना का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, अपराध संबंधी रिकॉर्ड और पुलिस बल की कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर में साफ-सफाई, रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित रख-रखाव और लंबित मामलों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि आमजन की शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने अपराध नियंत्रण की स्थिति, गंभीर मामलों की जांच की प्रगति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए जा
रहे प्रयासों की समीक्षा की और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा थाना संचालन में आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिए। मीडिया से चर्चा के दौरान, एसपी गुरु करन सिंह ने स्वीकार किया कि जिले में पुलिस बल की कमी है, लेकिन उन्होंने उपलब्ध संसाधनों के साथ बेहतर पुलिसिंग का प्रयास करने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में आवश्यकतानुसार पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। अंत में, पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने की हिदायत देते हुए एक बेहतर पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया।
- उपलब्ध जानकारी में केंद्रीय प्रभारी अधिकारी फैजाबाद का उल्लेख किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है, जिससे मरीजों, बच्चों, ऑफिस जाने वाले लोगों और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शासन-प्रशासन इस गंभीर ट्रैफिक समस्या को नियंत्रित कर पाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। शहर के हर चौराहे पर ट्रैफिक चेकिंग लगातार चालू रहने के बावजूद, नो-एंट्री वाले स्थानों पर भी बसें बेरोकटोक चल रही हैं, जिससे जाम की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। इस गंभीर जाम के कारण मरीजों को लेकर जा रही लगातार तीन एंबुलेंस फंस गईं। स्थिति की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि माननीय डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला को भी मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस में ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ट्रैफिक को कंट्रोल नहीं कर पा रहा है।2
- मध्य प्रदेश के सीधी में स्थित एसडीएम कार्यालय में एक वकील अपनी बुलेट मोटरसाइकिल लेकर भीतर घुस गए। इस घटना के संबंध में अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह का बयान सामने आया है।1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रामपुर बघेलान में रोगी कल्याण समिति द्वारा किए गए खर्चों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिससे समिति की मनमानी पर प्रश्नचिह्न लगा है। लगातार दस्तावेज़ सामने आ रहे हैं, जिसमें हनुमत इंटरप्राइजेज का लगभग ₹30,000 का सीसीटीवी कैमरा से संबंधित बिल (क्रमांक 85) प्रमुख है। इस बिल के साथ-साथ कार्यादेश, क्रेडिट मेमो और अन्य संबंधित दस्तावेज़ भी उपलब्ध कराए गए हैं। यह मुख्य प्रश्न उठाया गया है कि यदि लगभग ₹30,000 के अलग-अलग कार्यादेश बार-बार जारी किए जा रहे थे, तो क्या इन कार्यों को नियमानुसार एक समेकित प्रक्रिया के माध्यम से कराकर रोगी कल्याण समिति के धन की बचत नहीं की जा सकती थी? यदि ऐसा नहीं किया गया, तो इसके पीछे के कारणों की गहन जांच की मांग की गई है, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण जांच का विषय है। दस्तावेज़ों के आधार पर तथ्यों को लगातार सार्वजनिक करने का उद्देश्य सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इस बात पर जोर दिया गया है कि सार्वजनिक धन का उपयोग केवल नियमों के अनुसार और जनहित में ही होना चाहिए। इस मुद्दे पर तथ्यों को सामने लाने के लिए लोगों से पोस्ट को अधिक से अधिक साझा करने और अपनी राय कमेंट में लिखने का आग्रह किया गया है।1
- भारतीय थलसेना को अपने 31वें प्रमुख के रूप में जनरल धीरज सेठ मिल गए हैं, जिन्होंने हाल ही में कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस खास मौके पर जनरल धीरज सेठ ने अपने पिता, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ को सैल्यूट मारकर उनके पैर छुए। उनके छोटे भाई, रियर एडमिरल रवनीश सेठ भी समारोह में उपस्थित थे और उन्होंने अपने बड़े भाई तथा नए सेना प्रमुख को सलाम कर सम्मान व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि उनके पिता, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ, एक सम्मानित सेना दिग्गज होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और मध्य प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं।1
- रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बांधा में 'जन चौपाल - आपकी पुलिस आपके द्वार' अभियान के तहत एक जन चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में डीएसपी मनोज दीक्षित और थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप चतुर्वेदी ने उपस्थित ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। सरपंच सुधाकर शर्मा की मौजूदगी में आयोजित इस पुलिस जन चौपाल में, ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं पुलिस अधिकारियों को बताईं। कार्यक्रम के दौरान डीएसपी मनोज दीक्षित ने साइबर सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया।1
- रीवा में डॉक्टर्स डे के अवसर पर चिकित्सा सेवा को सलाम किया गया। इस दौरान, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने उत्कृष्ट चिकित्सकों का सम्मान किया।4
- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने मनुष्य की क्रूरता पर गहरा सवाल उठाया है, जिसमें पूछा गया है कि कोई व्यक्ति इतना बेरहम कैसे हो सकता है। पोस्ट में इस तरह के कृत्यों को 'बहादुरी' कहने पर भी प्रश्नचिह्न लगाया गया है। उपयोगकर्ता ने अन्य लोगों से इन 'बहादुरों' के लिए कुछ 'मर्यादित शब्द' कहने का भी आग्रह किया है।1
- सतना जिले के रामपुर बाघेलान क्षेत्र में किसानों के लिए रासायनिक उर्वरक, विशेषकर डीएपी और यूरिया खाद का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। यह समस्या क्षेत्र में कृषि कार्यों के लिए बेहद गंभीर मानी जा रही है। इस गंभीर समस्या को उठाते हुए, पूर्व विधायक राम लखन सिंह पटेल ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, रामपुर बाघेलान को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में डीएपी और यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की तत्काल मांग की है।2