बाकानेर के किरण उद्योग में घुसा 6.5 फीट का विशाल अजगर, थैंक्यू नेचर वेलफेयर सोसायटी ने किया सफल रेस्क्यू जगन्नाथ यादव ग्राम बाकानेर स्थित निजी किरण उद्योग (जिनिंग) में गुरुवार को एक विशाल अजगर घुसने से हड़कंप मच गया। उद्योग परिसर में काम कर रहे मजदूरों ने करीब 6.5 फीट लंबे अजगर को देखकर तत्काल इसकी सूचना जिनिंग के संचालक विनोद दोसी और पंचायत सचिव भगवान सिंह सोलंकी को दी पश्चात वन विभाग को सूचित किया गया और थैंक्यू नेचर वेलफेयर सोसायटी धामनोद को दी। सूचना मिलते ही सोसायटी की टीम तुरंत बाकानेर के लिए रवाना हुई। टीम के सक्रिय सदस्य कुणाल सिंह और राजकुमार पाटीदार ने मौके पर पहुंचकर बड़ी सावधानी और कुशलता के साथ अजगर का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। दोनों ने बिना किसी को नुकसान पहुंचाए अजगर को सुरक्षित पकड़ा। रेस्क्यू के बाद वन विभाग के नियमानुसार अजगर को उसके प्राकृतिक आवास, समीप के जंगल में ले जाकर उसकी दुनिया में सुरक्षित छोड़ दिया गया। थैंक्यू नेचर वेलफेयर सोसायटी धामनोद लगातार क्षेत्र में वन्यजीवों के संरक्षण और रेस्क्यू का कार्य कर रही है। सोसायटी के सदस्यों की इस तत्परता और जीव-प्रेम की ग्रामवासियों ने सराहना की है।
बाकानेर के किरण उद्योग में घुसा 6.5 फीट का विशाल अजगर, थैंक्यू नेचर वेलफेयर सोसायटी ने किया सफल रेस्क्यू जगन्नाथ यादव ग्राम बाकानेर स्थित निजी किरण उद्योग (जिनिंग) में गुरुवार को एक विशाल अजगर घुसने से हड़कंप मच गया। उद्योग परिसर में काम कर रहे मजदूरों ने करीब
6.5 फीट लंबे अजगर को देखकर तत्काल इसकी सूचना जिनिंग के संचालक विनोद दोसी और पंचायत सचिव भगवान सिंह सोलंकी को दी पश्चात वन विभाग को सूचित किया गया और थैंक्यू नेचर वेलफेयर सोसायटी धामनोद को दी। सूचना मिलते ही सोसायटी की टीम तुरंत बाकानेर के लिए
रवाना हुई। टीम के सक्रिय सदस्य कुणाल सिंह और राजकुमार पाटीदार ने मौके पर पहुंचकर बड़ी सावधानी और कुशलता के साथ अजगर का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। दोनों ने बिना किसी को नुकसान पहुंचाए अजगर को सुरक्षित पकड़ा। रेस्क्यू के बाद वन विभाग के नियमानुसार अजगर को उसके
प्राकृतिक आवास, समीप के जंगल में ले जाकर उसकी दुनिया में सुरक्षित छोड़ दिया गया। थैंक्यू नेचर वेलफेयर सोसायटी धामनोद लगातार क्षेत्र में वन्यजीवों के संरक्षण और रेस्क्यू का कार्य कर रही है। सोसायटी के सदस्यों की इस तत्परता और जीव-प्रेम की ग्रामवासियों ने सराहना की है।
- बाकानेर के किरण उद्योग में घुसा 6.5 फीट का विशाल अजगर, थैंक्यू नेचर वेलफेयर सोसायटी ने किया सफल रेस्क्यू जगन्नाथ यादव ग्राम बाकानेर स्थित निजी किरण उद्योग (जिनिंग) में गुरुवार को एक विशाल अजगर घुसने से हड़कंप मच गया। उद्योग परिसर में काम कर रहे मजदूरों ने करीब 6.5 फीट लंबे अजगर को देखकर तत्काल इसकी सूचना जिनिंग के संचालक विनोद दोसी और पंचायत सचिव भगवान सिंह सोलंकी को दी पश्चात वन विभाग को सूचित किया गया और थैंक्यू नेचर वेलफेयर सोसायटी धामनोद को दी। सूचना मिलते ही सोसायटी की टीम तुरंत बाकानेर के लिए रवाना हुई। टीम के सक्रिय सदस्य कुणाल सिंह और राजकुमार पाटीदार ने मौके पर पहुंचकर बड़ी सावधानी और कुशलता के साथ अजगर का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। दोनों ने बिना किसी को नुकसान पहुंचाए अजगर को सुरक्षित पकड़ा। रेस्क्यू के बाद वन विभाग के नियमानुसार अजगर को उसके प्राकृतिक आवास, समीप के जंगल में ले जाकर उसकी दुनिया में सुरक्षित छोड़ दिया गया। थैंक्यू नेचर वेलफेयर सोसायटी धामनोद लगातार क्षेत्र में वन्यजीवों के संरक्षण और रेस्क्यू का कार्य कर रही है। सोसायटी के सदस्यों की इस तत्परता और जीव-प्रेम की ग्रामवासियों ने सराहना की है।4
- करवा चौथ आज: पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनी महिलाएं रखेंगी व्रत, चांद के दीदार के बाद करेंगी पूजा अर्चना...करवा और पूजन सामग्री से सजे बाजार, पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह। धरमपुरी (धार)। सुहाग, प्रेम और अटूट दांपत्य रिश्ते का प्रतीक करवा चौथ का पर्व आज श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना के साथ सुहागिन महिलाएं व्रत रखेंगी। दिनभर उपवास के बाद रात में चंद्रमा के दर्शन कर महिलाएं विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगी और अपना व्रत खोलेंगी। करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व है। महिलाएं छलनी से पहले चांद और फिर अपने पति का चेहरा देखकर पूजा करेंगी। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण करेंगी। इस परंपरा के माध्यम से पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का भाव प्रकट होता है। बाजारों में दिखी रौनक करवा चौथ को लेकर नगर के बाजारों में भी रौनक नजर आ रही है। करवा और पूजन सामग्री की दुकानों पर खरीदारी के लिए महिलाएं पहुंच रही हैं। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है। महिलाएं सजने-संवरने के साथ पूजा की तैयारियों में जुटी हैं। करवा चौथ का पर्व दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और आपसी सामंजस्य को मजबूत करने का संदेश देता है। कमलेश भवरें, रिपोर्टर, धरमपुरी (धार)4
- थाना गंधवानी, जिला धार ऑपरेशन “प्रहार” के तहत गंधवानी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, खेत से गांजे के 360 हरे पौधे जप्त 433.70 किलोग्राम गांजा जप्त, अनुमानित कीमत करीब ₹43 लाख अवैध गांजे की खेती थाना गंधवानी, जिला धार ऑपरेशन “प्रहार” के तहत गंधवानी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, खेत से गांजे के 360 हरे पौधे जप्त 433.70 किलोग्राम गांजा जप्त, अनुमानित कीमत करीब ₹43 लाख अवैध गांजे की खेती के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार कपास एवं तुवर की फसल के बीच की हारून खत्री की विशेष रिपोर्ट गंधवानी1
- 300 साल पुराने श्मशान और समाधि स्थल पर कब्जा। *दबंगों के हौसले बुलंद, कब्रों के पास तान दी पक्की दुकान।* कसरावद न्यूज़। कसरावद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां आस्था और परंपराओं को ताक पर रखकर मुर्दों की जमीनों पर भी कब्जे शुरू हो गए है। कसरावद तहसील क्षेत्र के ग्राम डेडगांव और उटावद के नाथ समाज पर अब एक बड़ा संकट आन पड़ा है। समाज का दावा है कि उनका यह श्मशान और समाधि स्थल करीब 300 साल पुराना है। यानी बाप-दादाओं के वक्त से उनके अपनों को यहीं दफनाया और समाधियां दी जाती रही हैं।लेकिन इन सबके बीच रवीन्द्र पंवार पिता रामचंद्र पंवार, नामक शख्स की दबंगई देखिए। उसने इस पवित्र और प्राचीन श्मशान भूमि के साथ-साथ सरकारी नहर की जमीन पर भी कब्जा जमाना शुरू कर दिया है। मौके पर 4 कॉलम गाड़कर धड़ल्ले से पक्की दुकान का निर्माण किया जा रहा है। करीब 8-9 साल पहले बेड़ा नदी - डेडगांव पुल का निर्माण हुआ था, जिसकी वजह से नाथ समाज की श्मशान भूमि दो हिस्सों में बंट गई। बस, फिर क्या था। दबंगों की नजर इस खाली पड़ी और बंटी हुई जमीन पर पड़ गई और उन्होंने सरकारी नहर व श्मशान के बीच की इसमती जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। प्रशासन सोया, दबंग ने की दादागिरी। जब समाज के लोगों को इस अवैध कब्जे का पता चला, तो उन्होंने पहले कसरावद तहसीलदार को आवेदन दिया, लेकिन फाइलें दबी रहीं और कोई कार्रवाई नहीं हुई।हद तो तब हो गई जब समाज के लोग खुद आरोपी को समझाने पहुंचे, तो उसने कानून का डर दिखाने के बजाय समाज के लोगों के साथ दादागिरी और अभद्र व्यवहार किया। अब आर-पार की लड़ाई। न्याय की उम्मीद में अब नाथ समाज ने 27 अक्टूबर 2026 को कसरावद एसडीएम कार्यालय में हुंकार भरी है और एक कड़ा आवेदन सौंपकर मांग की है। श्मशान समाधि स्थल पर बन रही अवैध पक्की दुकान को तत्काल ध्वस्त किया जाए।सरकारी नहर और श्मशान की जमीन को दबंगों के चंगुल से मुक्त कराया जाए। विजन न्यूज के लिए कसरावद से जाहिद अजमेरी, की रिपोर्ट मो. नं..9174051432 आपकी इस पर क्या राय है। क्या आस्था के केंद्रों और श्मशानों तक को भी नहीं छोड़ेंगे ये भू-माफिया। कमेंट बॉक्स में अपनी आवाज जरूर उठाएं और इस पोस्ट लाइक और शेयर करें ताकि प्रशासन की नींद खुले। #KhargoneNews #Kasrawad #NathSamaj #MadhyaPradesh #CrimeNews #LandGrab #MPNews #SocialJustice1
- महू में स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़! ओवरलोड बस में लटककर सफर करने को मजबूर छात्र महू (इंदौर समाचार)। महू में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हरि फाटक क्षेत्र में स्कूल की छुट्टी के समय एक बस में क्षमता से अधिक बच्चों के सवार होने का मामला सामने आया है। वायरल वीडियो में बस के अंदर बच्चों की भीड़ दिखाई दे रही है। वहीं, कुछ छात्र बस के दरवाजे पर खड़े नजर आ रहे हैं। यह दृश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्कूल की छुट्टी के समय बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाना स्कूल प्रबंधन और संबंधित परिवहन व्यवस्था की जिम्मेदारी है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर बस में क्षमता से अधिक बच्चे सवार हैं, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या संबंधित विभाग स्कूल बसों की नियमित जांच कर रहा है? क्या निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है? बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि संबंधित अधिकारी मामले की जांच करें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उचित कार्रवाई करें। फिलहाल, इस मामले में संबंधित स्कूल और परिवहन विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है। कैमरे के साथ, महू से... इंदौर समाचार।1
- बडगोंदा पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: अरहर के खेत में गांजे की अवैध खेती पकड़ी, 3 लाख का माल जब्त महू lबडगोंदा पुलिस ने ग्राम नाहरखोह में अरहर की फसल के बीच छिपाकर की जा रही गांजे की खेती का पर्दाफाश किया। * *बरामदगी:* मौके से 210 गांजे के पौधे (वजन 67.4 किलो) जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 3 लाख रुपये है। * *गिरफ्तारी:* पुलिस ने आरोपी मदन गिरवार को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। * *टीम:* थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले और उनकी टीम ने दुर्गम रास्ते पर 1 किमी पैदल चलकर इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। *अपना महू - सबसे तेज, सबसे सटीक*1
- श्रीमान कलेक्टर महोदय, जिला खरगोन (म.प्र.) विषयः खरगौन जिले में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत निजी कम्पनी कॉमथेन सिक्योरिटी सर्विसेस द्वारा विगत 5 वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटरों को देय मानदेय में की जा रही विसंगतियों, ईपीएफ राशि में अनियमितता एवं जानकारी मांगने पर नौकरी से हटाने की धमकी के संबंध में निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु। महोदय, उपरोक्त विषयांतर्गत सविनय निवेदन है कि खरगौन जिले में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत निजी कम्पनी कॉमथेन सिक्योरिटी सर्विसेस के माध्यम से विगत लगभग 5 वर्षों से विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में अनेक आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटर पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इन कर्मचारियों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण ऑनलाइन पोर्टल, रिपोर्टिंग कार्य, डाटा संधारण एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित कार्यों का नियमित रूप से निर्वहन किया जा रहा है। इसके बावजूद आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटरों को देय मानदेय के भुगतान में गंभीर एवं असमानतापूर्ण विसंगतियां सामने आ रही हैं। समान अथवा समान प्रकृति का कार्य करने वाले कर्मचारियों में कुछ को लगभग 5,000, कुछ को 6,000 तथा कुछ कर्मचारियों को 8,000 तक का मानदेय भुगतान किए जाने की जानकारी प्राप्त हो रही है। सबसे गंभीर विषय यह है कि कर्मचारियों के वास्तविक वेतन/मानदेय से काटी जाने वाली ईपीएफ राशि के संबंध में भी पारदर्शिता का अभाव है। कर्मचारियों के अनुसार ईपीएफ की राशि नियमित रूप से जमा किए जाने के स्थान पर वर्ष में एक बार काटकर अथवा कागजों पर प्रदर्शित किए जाने की शिकायत सामने आ रही है। इस संबंध में जब कर्मचारी संबंधित ठेकेदार/कम्पनी से अपने वेतन, ईपीएफ कटौती एवं जमा राशि का विस्तृत विवरण मांगते हैं, तो उन्हें संतोषजनक जानकारी उपलब्ध कराने के बजाय नौकरी से हटाने अथवा सेवा समाप्त करने की धमकी दिए जाने की शिकायत है। श्रीमान कलेक्टर महोदय, जिला खरगोन (म.प्र.) विषयः खरगौन जिले में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत निजी कम्पनी कॉमथेन सिक्योरिटी सर्विसेस द्वारा विगत 5 वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटरों को देय मानदेय में की जा रही विसंगतियों, ईपीएफ राशि में अनियमितता एवं जानकारी मांगने पर नौकरी से हटाने की धमकी के संबंध में निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु। महोदय, उपरोक्त विषयांतर्गत सविनय निवेदन है कि खरगौन जिले में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत निजी कम्पनी कॉमथेन सिक्योरिटी सर्विसेस के माध्यम से विगत लगभग 5 वर्षों से विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में अनेक आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटर पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इन कर्मचारियों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण ऑनलाइन पोर्टल, रिपोर्टिंग कार्य, डाटा संधारण एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित कार्यों का नियमित रूप से निर्वहन किया जा रहा है। इसके बावजूद आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटरों को देय मानदेय के भुगतान में गंभीर एवं असमानतापूर्ण विसंगतियां सामने आ रही हैं। समान अथवा समान प्रकृति का कार्य करने वाले कर्मचारियों में कुछ को लगभग 5,000, कुछ को 6,000 तथा कुछ कर्मचारियों को 8,000 तक का मानदेय भुगतान किए जाने की जानकारी प्राप्त हो रही है। सबसे गंभीर विषय यह है कि कर्मचारियों के वास्तविक वेतन/मानदेय से काटी जाने वाली ईपीएफ राशि के संबंध में भी पारदर्शिता का अभाव है। कर्मचारियों के अनुसार ईपीएफ की राशि नियमित रूप से जमा किए जाने के स्थान पर वर्ष में एक बार काटकर अथवा कागजों पर प्रदर्शित किए जाने की शिकायत सामने आ रही है। इस संबंध में जब कर्मचारी संबंधित ठेकेदार/कम्पनी से अपने वेतन, ईपीएफ कटौती एवं जमा राशि का विस्तृत विवरण मांगते हैं, तो उन्हें संतोषजनक जानकारी उपलब्ध कराने के बजाय नौकरी से हटाने अथवा सेवा समाप्त करने की धमकी दिए जाने की शिकायत है।1
- आंदोलन की चेतावनी के बाद सड़क निर्माण शुरू, मिलेगी राहतडेढ़ साल से लोग सड़क निर्माण का कर रहे थे इंतजार जगन्नाथ यादव धामनोद. नगर के पुराने बस स्टैंड से प्रकाश नगर तक सडक़ नवीनीकरण का काम आखिरकार मंगलवार से शुरू हो गया है। करीब डेढ़ से दो साल से अधूरे पड़े इस मार्ग के कारण रहवासी, दुकानदार और वाहन चालक लगातार परेशानियों का सामना कर रहे थे। सड़क की बदहाली और धूल-मिट्टी के कारण लोगों को रोजाना आवागमन में दिक्कतें हो रही थीं। मार्ग की समस्या को लेकर पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा ने पुराने बस स्टैंड पर धरना देकर विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद प्रशासन की सांकेतिक अर्थी निकालकर भी नाराजगी जताई गई। आंदोलन के बाद सीवरेज का काम शुरू हुआ, लेकिन सडक़ निर्माण को लेकर इंतजार बना हुआ था। सोमवार मेड़ा एक बार फिर पुराने बस स्टैंड पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की और सडक़ निर्माण जल्द शुरू करने की मांग उठाई। अधिकारियों की ओर से जल्द काम शुरू करने का आश्वासन दिया गया था। साथ ही देरी होने पर दोबारा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके चलते मंगलवार से सडक़ निर्माण शुरू होने के बाद क्षेत्रवासियों को राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि लोगों की मांग है कि काम केवल शुरू ही न हो, बल्कि तेजी से पूरा भी किया जाए, ताकि लंबे समय से धूल-मिट्टी और बदहाल मार्ग की परेशानी झेल रहे लोगों को स्थायी राहत मिल सके।3