कार्य के प्रति निष्ठा वांन पुलिस अधीक्षक की सिंगाही पुलिस कर रही छवि धूमिल तथा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल! लखीमपुर खीरी के सिंगाही कस्बे में मारपीट में चोटिल एक महिला का आरोप है कि वह दो दिन से न्याय की उम्मीद में थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन न मेडिकल कराया गया और न ही FIR दर्ज की गई। महिला ने वीडियो जारी कर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप तो यहां तक है कि थाने में चक्कर आने के बाद भी उसे मदद देने के बजाय वहां से जाने को कह दिया गया। अब सवाल यह है कि अगर आरोप सही हैं तो पीड़ित महिला की सुनवाई आखिर कहां होगी? खास बात यह है कि 15 अगस्त को ही जिले की SP ने बेहतर सेवा के लिए पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था। तो सवाल सीधा है— क्या यही है “बेहतर सेवा”? क्या न्याय मांगने के लिए पीड़ित को दो दिन थाने के चक्कर लगाना ही पुलिस सेवा है? अगर महिला के आरोप सही हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई जरूरी है। सम्मान पत्र की चमक और थाने में पीड़ित की हकीकत—आखिर दोनों में इतना फर्क क्यों?
कार्य के प्रति निष्ठा वांन पुलिस अधीक्षक की सिंगाही पुलिस कर रही छवि धूमिल तथा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल! लखीमपुर खीरी के सिंगाही कस्बे में मारपीट में चोटिल एक महिला का आरोप है कि वह दो दिन से न्याय की उम्मीद में थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन न मेडिकल कराया गया और न ही FIR दर्ज की गई। महिला ने वीडियो जारी कर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप तो यहां तक है कि थाने में चक्कर आने के बाद भी उसे मदद देने के बजाय वहां से जाने को कह दिया गया। अब सवाल यह है कि अगर आरोप सही हैं तो पीड़ित महिला की सुनवाई आखिर कहां होगी? खास बात यह है कि 15 अगस्त को ही जिले की SP ने बेहतर सेवा के लिए पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था। तो सवाल सीधा है— क्या यही है “बेहतर सेवा”? क्या न्याय मांगने के लिए पीड़ित को दो दिन थाने के चक्कर लगाना ही पुलिस सेवा है? अगर महिला के आरोप सही हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई जरूरी है। सम्मान पत्र की चमक और थाने में पीड़ित की हकीकत—आखिर दोनों में इतना फर्क क्यों?
- कार्य के प्रति निष्ठा वांन पुलिस अधीक्षक की सिंगाही पुलिस कर रही छवि धूमिल तथा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल! लखीमपुर खीरी के सिंगाही कस्बे में मारपीट में चोटिल एक महिला का आरोप है कि वह दो दिन से न्याय की उम्मीद में थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन न मेडिकल कराया गया और न ही FIR दर्ज की गई। महिला ने वीडियो जारी कर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप तो यहां तक है कि थाने में चक्कर आने के बाद भी उसे मदद देने के बजाय वहां से जाने को कह दिया गया। अब सवाल यह है कि अगर आरोप सही हैं तो पीड़ित महिला की सुनवाई आखिर कहां होगी? खास बात यह है कि 15 अगस्त को ही जिले की SP ने बेहतर सेवा के लिए पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था। तो सवाल सीधा है— क्या यही है “बेहतर सेवा”? क्या न्याय मांगने के लिए पीड़ित को दो दिन थाने के चक्कर लगाना ही पुलिस सेवा है? अगर महिला के आरोप सही हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई जरूरी है। सम्मान पत्र की चमक और थाने में पीड़ित की हकीकत—आखिर दोनों में इतना फर्क क्यों?1
- बाराबंकी के बड्डूपुर में कार-बाइक की टक्करः मोटरसाइकिल सवार घायल, कार खेत में बड्डूपुर। लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर टिकरा गांव के पास एक कार और मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार घायल हो गया, जबकि मोटरसाइकिल को बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे धान के बड्डूपुर। लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर टिकरा गांव के पास एक कार और मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार घायल हो गया, जबकि मोटरसाइकिल को बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे धान के खेत में जा घुसी। कार में सवार लोग सुरक्षित बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर एक कार जा रही थी और अचानक सामने से एक मोटरसाइकिल आ गई। मोटरसाइकिल से बचने के लिए कार चालक ने वाहन को तेजी से मोड़ा। इस प्रयास में कार अनियंत्रित हो गई और मोटरसाइकिल से टकरा गई। टक्कर के बाद कार सड़क किनारे धान के खेत में जा घुसी और वहीं रुक गई। टक्कर लगने से मोटरसाइकिल सवार सड़क पर गिरकर घायल हो गया। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने घायल व्यक्ति को उठाकर तत्काल इलाज के लिए एक निजी अस्पताल भेजा। कार में सवार लोगों को कोई गंभीर चोट नहीं आई और वे बाल-बाल बच गए। खबरें और भी हैं... कोई गंभीर चोट नहीं आई और वे बाल-बाल बच गए।1
- *विशुनपुर से अभिषेक टीम ओनर 1000 की ओर से 15 अगस्त तिरंगा यात्रा भरी संख्या में बाइक रैली निकाली गई* कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। अतिथियों ने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। टीवी हिन्दुस्तान नेशनल न्यूज चैनल के लिए राहुल रावत की रिपोर्ट1
- अटरिया पुलिस की तत्परता से 8 वर्षीय आदित्य अपने पिता से मिला, परिजनों को सौंपा गया अटरिया पुलिस की तत्परता से 8 वर्षीय आदित्य अपने पिता से मिला, परिजनों को सौंपा गया अटरिया/सीतापुर। थाना अटरिया पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से परिजनों से बिछड़ा 8 वर्षीय मासूम आदित्य आखिरकार अपने पिता तक पहुंच गया। पुलिस ने बच्चे की पहचान और पते की जानकारी जुटाकर उसे उसके पिता दिलीप यादव निवासी नई बस्ती, थाना कमलापुर, जनपद सीतापुर के सुपुर्द कर दिया। जानकारी के अनुसार, आदित्य अपने परिजनों से बिछड़कर अटरिया क्षेत्र में पहुंच गया था। पुलिस को बच्चा मिला तो वह अपना पूरा पता बताने में असमर्थ था। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम आदित्य और पिता का नाम दिलीप यादव बताया। मामा और रिश्तेदारों के नाम से मिली पुलिस को अहम कड़ी बच्चे ने बातचीत के दौरान अपने रिश्तेदारों से जुड़ी कुछ जानकारी भी पुलिस को दी। उसने अपने मामा का नाम मेवालाल यादव तथा उनके बेटों के नाम संदीप, कुलदीप और रोहित बताए। बच्चे ने बताया कि उसका परिवार लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र में किराए के मकान में रहता है, जबकि मामा का गांव पहाड़पुर के आसपास बताया गया। मासूम द्वारा दी गई जानकारी को आधार बनाकर अटरिया पुलिस ने उसके परिजनों की तलाश शुरू की। पुलिस के प्रयासों से बच्चे के पिता की पहचान हुई और आखिरकार आदित्य को सुरक्षित उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस की तत्परता से परिवार को मिली बड़ी राहत बच्चे के सकुशल मिल जाने की सूचना के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। इस पूरे मामले में अटरिया पुलिस की सक्रियता और बच्चे से संवेदनशील तरीके से बातचीत कर जानकारी जुटाने की भूमिका महत्वपूर्ण रही। बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की अपील पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई बच्चा अपने परिजनों से बिछड़कर मिले तो उसकी जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को दें। बच्चों की पहचान से जुड़ी जानकारी को बिना सत्यापन सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के बजाय सीधे पुलिस को उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सके।1
- लखनऊ में स्नैचिंग पर पुलिस का शिकंजा, सर्वोदय नगर चौकी प्रभारी ने संभाली कमान *लखनऊ कमिश्नर के दिशा-निर्देशन में और एसीपी गाज़ीपुर अतुल कुमार पांडे की देखरेख में थाना गाज़ीपुर पुलिस क्षेत्र में सतर्क नजर आ रही है। *सर्वोदय नगर चौकी प्रभारी दरोगा सचिन कौशिक मीना मार्केट, ए-ब्लॉक में अकेले वाहन चेकिंग अभियान चलाते नजर आए। इस दौरान संदिग्ध लोगों और वाहनों को रोककर पूछताछ की गई। _लखनऊ में लगातार हो रही स्नैचिंग और झपटमारी की घटनाओं को देखते हुए थाना गाज़ीपुर क्षेत्र में जगह-जगह पुलिस प्वाइंट बनाए गए हैं। हर चौकी पर पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए क्षेत्र में लगातार गश्त और चेकिंग करते नजर आ रहे हैं।_ अमन राठौर ✍️✍️1
- नौकरी दिलाने के नाम पर ले लिए एक लाख, ना पैसा मिला ना नौकरी रिपोर्ट :: अरुणेन्द्र प्रताप सिंह बहराइच:: 18अगस्त पूरा मामला थाना पयागपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पाण्डेय पुरवा का है, जहां की निवासी गुलशन पाण्डेय द्वारा थाना हुजूरपुर के ग्राम पंचायत बसंतपुर के रहने वाले हसमत अली पुत्र हयातुल्लाह से वर्ष 2021 से 23 के बीच में लगातार नौकरी दिलाने के नाम पर धड़ल्ले से वसूली की गई गरीब व्यक्ति को बाद की अनिश्चितताओं से अनभिज्ञ रखा गया और तत्काल नौकरी दिलाने का झांसा दे देकर लगभग ₹100000 की ठगी कर ली गई गुलशन पांडे जब कभी भी हसमत अली से मिलने तो सिर्फ 5 दिन में नौकरी दिलाने का वादा करता, कुछ दिन तक लगातार पैसा देने के बाद जब हसमत अली को नौकरी नहीं मिली तो उसने अपना पैसा मांगना शुरू किया तब गुलशन पांडे द्वारा यह कहकर टालमटोल करना शुरू कर दिया गया कि हमने आपकी डी डी कटवा दी है और अब हम पैसा वापस नहीं कर पाएंगे, लगातार बहाने बाजी से तंग आकर हसमत अली ने आज थाना पयागपुर पर उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र देते हुए अपना पैसा वापस दिलाए जाने की मांग की है प्रार्थी का आरोप है कि गुलशन पांडे लगातार उसे गुमराह कर रहा है और धमकियां दे रहा है पीड़ित हसमत अली के बहन की शादी है और हसमत अली का कहना है कि यदि उसको पैसा नहीं मिला तो उसके बहन की शादी रुक जाएगी देखने वाली बात रहेगी की खबर चलने के बाद पयागपुर थाने की पुलिस और बहराइच पुलिस द्वारा कितनी तेजी से और कितनी प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जाती है2
- बाराबंकी के लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर एक सड़क हादसा हो गया। यह हादसा रोडवेज बस और गैस सिलेंडर से लदे ट्रक की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें दोनों वाहनों के चालकों सहित कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। कुर्सी थाना क्षेत्र में रोडवेज बस महमूदाबाद, सीतापुर से लगभग 25 से 30 यात्रियों को लेकर लखनऊ की ओर बस जा रही थी, जबकि भारत पेट्रोलियम का गैस सिलेंडर लदा ट्रक लखनऊ की ओर से आ रहा था। दोनों वाहनों की जोरदार आमने-सामने टक्कर हो गई, जिससे बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और लगभग 10 से 12 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं, जिनमें 108 सेवा की एंबुलेंस और कुछ निजी एंबुलेंस भी शामिल थीं। पुलिस की मदद से घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुंघटेर में भर्ती कराया गया रवि रावत 24 इंडिया न्यूज़ बाराबंकी1
- सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, सूरतगंज,बाराबंकी। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार दूसरे दिन भी बढ़ोतरी जारी है। सोमवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.480 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही रामनगर तहसील के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। सोमवार को गिरजा बैराज से 2.29 लाख क्यूसेक और शारदा बैराज से एक लाख 35 हजार 667 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। रामनगर तहसील क्षेत्र के सुंदरनगर, ललपुरवा, कोडरी और बेलहरी गांवों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है। वहीं हेतमापुर, बलईपुर, बाबापुरवा, मदरहा और सरसंडा समेत कई गांव पानी से घिर गए हैं। इन गांवों को जोड़ने वाले रास्तों पर भी पानी भर गया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित सुंदरनगर गांव के करीब 30 परिवारों ने सुरक्षित स्थान की तलाश में तटबंध पर शरण ली है। तहसील प्रशासन की ओर से इन परिवारों के रहने के लिए तिरपाल उपलब्ध कराए गए हैं। प्रभावित लोगों के भोजन के लिए पूड़ी-सब्जी की व्यवस्था भी की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आसपास के अन्य गांवों में भी स्थिति गंभीर हो सकती है। एडीएम और सीएमओ ने लिया बाढ़ के हालात का जायजा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सोमवार को अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह ने एसडीएम रामनगर आकांक्षा गुप्ता के साथ सुंदरनगर और बतनेरा क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों की स्थिति, नावों की व्यवस्था और राहत कार्यों की जानकारी ली। एडीएम ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए।वहीं सीएमओ डॉ. रजन गौतम ने सीएचसी सूरतगंज के अधीक्षक डॉ. राजर्षि त्रिपाठी के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी स्थिति की जानकारी लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। सीएमओ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इस सम्बन्ध रामनगर तहसीलदार विपुल सिंह ने बताया की सुंदरनगर और ललपुरवा गांव के कुछ घरों में बाढ़ का पानी पहुंचा है, जबकि अन्य गांवों के किनारे तक पानी आया है। फिलहाल स्थिति सामान्य है। सुंदरनगर के करीब 30 परिवार तटबंध पर शरण लिए हैं। उनके रहने के लिए तिरपाल और भोजन की व्यवस्था की गई है। राजस्वकर्मियों एवं लेखपालों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासन की टीम नदी के जलस्तर और तटवर्ती गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।1