उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन स्थित प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन ने अयोध्या राम मंदिर के दान पेटी से हुई चोरी की घटना के बाद एक बड़ा कदम उठाया है। 20 जून 2026 को लिए गए इस निर्णय के तहत, मंदिर में अब कैश दान पूरी तरह बंद कर दिया गया है और केवल डिजिटल दान की व्यवस्था लागू की गई है। इस बदलाव के तहत, मंदिर की सभी पारंपरिक दान पेटिकाओं पर QR कोड लगा दिए गए हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अब अपने मोबाइल से इन QR कोड को स्कैन करके UPI के माध्यम से दान कर सकेंगे। मंदिर प्रबंधन ने भक्तों से अधिक से अधिक ऑनलाइन दान करने की अपील की है, जिसके लिए `bankebihari@sbi` (SBI BHIM UPI) की UPI ID भी प्रदान की गई है। यह फैसला अयोध्या के राम मंदिर में हाल ही में सामने आई दान पेटी से चोरी की घटना के मद्देनजर लिया गया है, जिसने कई मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए एक पारदर्शी और सुरक्षित डिजिटल दान व्यवस्था अपनाने का निश्चय किया है। इस नई प्रणाली से चोरी की आशंका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी, हर दान की ऑनलाइन ट्रैकिंग संभव होगी, और लेखा-परीक्षा भी आसान तथा पारदर्शी बनी रहेगी। मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे भगवान बांके बिहारी जी के प्रति अपनी आस्था को डिजिटल माध्यम से ही व्यक्त करें। उनका कहना है कि दान की पवित्रता बनाए रखने के लिए डिजिटल व्यवस्था ही सबसे बेहतर विकल्प है।
उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन स्थित प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन ने अयोध्या राम मंदिर के दान पेटी से हुई चोरी की घटना के बाद एक बड़ा कदम उठाया है। 20 जून 2026 को लिए गए इस निर्णय के तहत, मंदिर में अब कैश दान पूरी तरह बंद कर दिया गया है और केवल डिजिटल दान की व्यवस्था लागू की गई है। इस बदलाव के तहत, मंदिर की सभी पारंपरिक दान पेटिकाओं पर QR कोड लगा दिए गए हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अब अपने मोबाइल से इन QR कोड को स्कैन करके UPI के माध्यम से दान कर सकेंगे। मंदिर प्रबंधन ने भक्तों से अधिक से अधिक ऑनलाइन दान करने की अपील की है, जिसके लिए `bankebihari@sbi` (SBI BHIM UPI) की UPI ID भी प्रदान की गई है। यह फैसला अयोध्या के राम मंदिर में हाल ही में सामने आई दान पेटी से चोरी की घटना के मद्देनजर लिया गया है, जिसने कई मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए एक पारदर्शी और सुरक्षित डिजिटल दान व्यवस्था अपनाने का निश्चय किया है। इस नई प्रणाली से चोरी की आशंका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी, हर दान की ऑनलाइन ट्रैकिंग संभव होगी, और लेखा-परीक्षा भी आसान तथा पारदर्शी बनी रहेगी। मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे भगवान बांके बिहारी जी के प्रति अपनी आस्था को डिजिटल माध्यम से ही व्यक्त करें। उनका कहना है कि दान की पवित्रता बनाए रखने के लिए डिजिटल व्यवस्था ही सबसे बेहतर विकल्प है।
- राज टॉकीज, रायपुर ने दर्शकों के लिए टिकट बुकिंग और संचार हेतु कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं। दर्शक ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए बुक माई शो (Book My Show) का उपयोग कर सकते हैं, जिसकी सुविधा सिनेमाघर के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा, सिनेमाघर ने अपने दर्शकों को एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए भी आमंत्रित किया है, जिसका लिंक भी साझा किया गया है। लोगों से यह लिंक दूसरों को भी भेजने का आग्रह किया गया है, ताकि वे भी इस ग्रुप से जुड़ सकें। सिनेमाघर से संपर्क करने के लिए 0771-2229223 पर कॉल किया जा सकता है।1
- श्रुत पंचमी के पावन अवसर पर नेवरा में आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान जैन समाज द्वारा एक भव्य और विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिससे पूरा नेवरा भक्तिभाव से गूंज उठा। यह शोभायात्रा अहिंसा और सद्भाव का महत्वपूर्ण संदेश लेकर आगे बढ़ी।1
- बोड़ला के आदिमजाति सेवा सहकारी समिति (वार्ड नंबर 10) कार्यालय के ठीक सामने व्याप्त अव्यवस्था ने किसानों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। खेती के चरम मौसम में, किसानों को भारी-भरकम खाद की बोरियां अपने कंधों पर लादकर ऐसी स्थिति से गुजरना पड़ रहा है, जिसे 'मौत का कुआँ' कहा जा रहा है। देश का विकास किसानों के कंधों पर टिका होने के बावजूद, उन्हें खाद-यूरिया के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने के साथ-साथ जानलेवा जोखिम भी उठाना पड़ रहा है, क्योंकि प्रशासनिक अमला और ठेकेदार मिलकर उनकी पीठ पर दोहरी मार मार रहे हैं। यह विकट स्थिति सहकारी कार्यालय के सामने चल रहे नाली निर्माण कार्य के कारण उत्पन्न हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह निर्माण कार्य किसानों की सुविधा को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए सीधे तौर पर ठेकेदार की मनमानी और सहूलियत के हिसाब से किया जा रहा है, मानो एक रसूखदार ठेकेदार के आगे पूरा प्रशासनिक तंत्र नतमस्तक हो चुका हो। प्रशासन ने यह भी नहीं सोचा कि खेती के मौसम में सहकारी कार्यालय पर सबसे अधिक भीड़ होती है और इस हिस्से का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पहले पूरा किया जाना चाहिए था। मौजूदा हालात में, किसानों को गोदाम से यूरिया और खाद की 50 किलो वजनी बोरियां अपने सिर और कंधों पर लादकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ रहा है, और बीच में खुदी हुई अधूरी नाली किसी भी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रही है। इस गहरी नाली को भारी वजन के साथ पार करना किसी खतरे से कम नहीं है, और पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने पर किसी भी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। अन्नदाताओं की इस जानलेवा जद्दोजहद के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए थे, जब तक कि एक पत्रकार ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रणव प्रधान से इस बेहद गंभीर समस्या को लेकर सवाल नहीं किए और धरातल की हकीकत से उन्हें अवगत नहीं कराया। पत्रकार के सवालों के घेरे में आने के बाद, CMO ने मामले की गंभीरता को समझा और तत्काल ठेकेदार को फटकार लगाते हुए किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के कड़े निर्देश जारी किए। CMO प्रणव प्रधान ने आश्वस्त किया, "मामले की जानकारी मिलते ही ठेकेदार को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किसानों को खाद और यूरिया ले जाने में कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।" हालांकि, नेताओं के भाषणों में किसानों को 'अन्नदाता' कहकर सम्मानित किया जाता है, लेकिन बोड़ला के वार्ड नंबर 10 की जमीनी हकीकत इन खोखले दावों की पोल खोलती है, जहाँ ठेकेदार के मुनाफे के आगे किसान की पीड़ा को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। मंचों पर 'अन्नदाता' का सम्मान किया जाता है, लेकिन ज़मीन पर प्रशासन घुटनों के बल है। अब देखना यह होगा कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देशों के बाद ठेकेदार कितनी जल्दी धरातल पर वैकल्पिक रास्ता तैयार करता है, या फिर कागजी निर्देशों की आड़ में किसान इसी तरह जान जोखिम में डालने को मजबूर रहेंगे।1
- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी दो हजार छब्बीस परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। यह परीक्षा 21 जून, रविवार को केसीजी जिले में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलना शुरू हो जाएगा, लेकिन दोपहर 1:30 बजे के बाद प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे। यह जानकारी 20 जून शनिवार को सुबह 8 बजे मिली। एनटीए ने अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र, स्व-घोषणा पत्र, फोटोयुक्त पहचान पत्र और पारदर्शी पानी की बोतल साथ लाने का निर्देश दिया है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा केंद्र में ले जाना प्रतिबंधित है। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें।1
- गरियाबंद पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में, गरियाबंद पुलिस और ग्राम सीनापाली के ग्रामीणों ने अवैध शराब के खिलाफ एक जनमोर्चा का गठन किया है। थाना देवभोग द्वारा ग्राम सीनापाली में सामाजिक सुधार और नशामुक्ति की दिशा में पहल करते हुए, अवैध शराब की बिक्री और बढ़ते नशे पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सर्वसम्मति से अवैध शराब के कारोबार को रोकने हेतु एक विशेष महिला समूह, जिसे 'महिला कमांडो' नाम दिया गया है, का गठन किया गया। बैठक के समापन के बाद, गठित महिला समूह, जनप्रतिनिधियों और जागरूक ग्रामीणों ने पूरे गांव में एक जागरूकता रैली निकाली। इस दौरान हाथों में तख्तियां लेकर गांव का भ्रमण किया गया और लोगों से नशे से दूर रहने की अपील की गई। रैली में "नशा एक बीमारी है, इसे मिटाना हमारी जिम्मेदारी है" और "अवैध शराब बंद करो" जैसे नारे लगाए गए। इस पहल के तहत, अवैध शराब बेचने वालों की जानकारी तत्काल पुलिस को दी जाएगी, ताकि दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जनप्रतिनिधियों ने इस अवसर पर कहा कि नशा समाज को खोखला कर रहा है, जिससे कई परिवार तबाह हो रहे हैं और गांव का माहौल बिगड़ रहा है। इसे रोकने के लिए कानून के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता की भी नितांत आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिला समूह का यह गठन गांव को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इस बैठक और रैली में ग्राम पंचायत के सरपंच, पंचगण, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य, युवा वर्ग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।1
- मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अंतर्गत तिल्दा-नेवरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों के स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसमें तिल्दा-नेवरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर में बच्चों के अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के संबंध में आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्वास्थ्य मितानिनों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष पहल से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार देखने को मिला है और माताओं में भी बच्चों की उम्र तथा आवश्यकता के अनुसार उचित आहार देने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस अवसर पर बीएमओ डॉ. आशीष सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का उद्देश्य कुपोषित एवं संकटग्रस्त बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालकर कुपोषण की दर में कमी लाना है। योजना के तहत बच्चों को चिकित्सीय परीक्षण, आवश्यक उपचार और बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन जारी रहेगा।1
- रायपुर स्थित राज टॉकीज ने अपनी सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसके तहत अब दर्शक 'बुक माय शो' के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। इसके लिए सिनेमा हॉल द्वारा एक सीधा ऑनलाइन बुकिंग लिंक भी प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज टॉकीज ने दर्शकों को अपने व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने का भी आमंत्रण दिया है, जिससे वे सभी आवश्यक अपडेट प्राप्त कर सकें; इस ग्रुप का लिंक भी उपलब्ध कराया गया है और अन्य लोगों को भी जोड़ने के लिए इसे साझा करने का अनुरोध किया गया है। किसी भी जानकारी के लिए दर्शक 0771-2229223 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने गरियाबंद में 'ऑपरेशन तलाश' के तहत गुमशुदा मामलों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस दौरान जिले के सभी विवेचकों को गुमशुदा व्यक्तियों की तेजी से खोजबीन के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, पुलिसिंग को आधुनिक और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से ई-साक्ष्य पोर्टल, समाधान ऐप, मेडलैपर और ई-प्रॉसिक्यूशन प्रणाली के संबंध में पीपीटी (PPT) के माध्यम से विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। 'ऑपरेशन तलाश' की समीक्षा करते हुए, पुलिस अधीक्षक ने जिले में दर्ज सभी गुमइंसान (मिसिंग पर्सन) मामलों की फाइलें खोलकर उनकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लंबे समय से लंबित गुमशुदगी के मामलों में विवेचकों को विशेष टीम बनाकर जल्द से जल्द गुमशुदा लोगों की दस्तयाबी (बरामदगी) करने के सख्त निर्देश दिए। एसपी ने इस बात पर जोर दिया कि गुमशुदा लोगों की तलाश में संवेदनशीलता और तेजी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रशिक्षण सत्र में, विवेचकों को ई-साक्ष्य पोर्टल का उपयोग करके डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से एकत्र करने, उनका रिकॉर्ड रखने और न्यायालय में प्रस्तुत करने की नई तकनीकी प्रक्रिया सिखाई गई। जनता की शिकायतों के त्वरित निवारण और पारदर्शी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए समाधान ऐप के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया गया। मेडलैपर के माध्यम से मेडिकल-लीगल मामलों (MLC) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की ऑनलाइन एंट्री व ट्रैकिंग को सुगम बनाने की विस्तृत ट्रेनिंग दी गई। इसके अतिरिक्त, पुलिस और अभियोजन (Prosecution) विभाग के बीच बेहतर तालमेल के लिए ई-प्रॉसिक्यूशन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए केस डायरी और चालान पेश करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।2
- शासन के निर्देशानुसार, नगर परिषद लांजी में 15, 16 और 17 जून 2026 को जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित पात्र लोगों के लिए एक विशेष शिविर अभियान चलाया गया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मयूर वाहने के मार्गदर्शन में, नगर परिषद लांजी के प्रांगण में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए, जिनमें स्वास्थ्य विभाग लांजी, महिला बाल विकास, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, वित्त विभाग और अन्य विभाग शामिल थे। इस शिविर में प्राप्त अधिक से अधिक आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया। अभियान के समापन पर, यानी 17 जून 2026 को, नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती रेखा ताराचंद कालबेले, उपाध्यक्ष श्री संदीप रामटेककर और सीएमओ श्री मयूर वाहने के हाथों पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। शिविर अभियान में सभी विभागीय स्टॉलों के साथ-साथ नगर परिषद लांजी के कर्मचारी श्री रणदीप मोनू वराडे, श्री विनोद रहमतकर, श्री संतोष भार्गव, श्रीमती वंदना भार्गव, श्रीमती जयवती कच्छवाहे, श्री लक्ष्मीकांत सोनवाने, श्री गोविंद राउत, श्री उपकेन्द्र वराडे, श्री श्याम vagare, श्री तेजराम आसटकर, श्री छगन मिश्रा, श्रीमती रेखा नागपुर, श्री काजू दुर्गकार और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।1