तातापानी में कानून पस्त, भू-माफिया मस्त NH-343 के किनारे सरकारी जमीन पर खड़ा हुआ 'अवैध किराए के बिल्डिंग तातापानी में कानून पस्त, भू-माफिया मस्त NH-343 के किनारे सरकारी जमीन पर खड़ा हुआ 'अवैध किराए के बिल्डिंग अली खान 9754053874 छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले का प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र तातापानी इन दिनों अपनी गर्म जलधाराओं के लिए नहीं, बल्कि भू-माफियाओं के बेखौफ कब्जों के लिए चर्चा में है। जिला मुख्यालय से मात्र 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 343 (NH-343) के किनारे शासकीय बेशकीमती जमीन और बजार की भूमि पर भू-माफियाओं ने कंक्रीट का जाल बिछा दिया है। आलम यह है कि प्रशासन के नाक के नीचे सरकारी संपत्ति की 'बंदरबांट' जारी है और जिम्मेदार तंत्र ने रहस्यमयी चुप्पी साध ली है। रसूख के आगे थमी प्रशासन की कलम हैरानी की बात यह है कि जिस मार्ग पर रोजाना जिले के आला अधिकारियों और सफेदपोश नेताओं का काफिला गुजरता है, वहीं धड़ल्ले से अवैध निर्माण की इमारतें खड़ी हो रही हैं। यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या प्रशासन को यह निर्माण दिखाई नहीं देता या फिर माफियाओं के रसूख के आगे सरकारी तंत्र नतमस्तक हो चुका है दोहरा मापदंड गरीब पर बुलडोजर, रसूखदारों को अभयदान क्षेत्र में चर्चा है कि प्रशासन का 'बुलडोजर' केवल गरीब भूमिहीनों की झोपड़ियों तक ही सीमित है। जब कोई गरीब दो गज जमीन पर सिर छुपाने की कोशिश करता है, तो प्रशासन तुरंत सक्रिय हो जाता है, लेकिन तातापानी के "धनकुबेरों" द्वारा करोड़ों की सरकारी जमीन डकारने पर विभाग के पसीने छूट रहे हैं शासकीय जमीन पर व्यापार: निजी तिजोरी में जा रहा सरकारी किराया तातापानी में अवैध कब्जा सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां 'दुकानों का काला बाजार' फल-फूल रहा है। माफियाओं ने सरकारी जमीन पर दुकानें बनाकर उन्हें किराए पर चढ़ा दिया है। विडंबना देखिए कि संपत्ति सरकार की है, लेकिन उससे होने वाली मोटी कमाई माफियाओं की तिजोरी में जा रही है। सैंया भये कोतवाल, अब डर काहे का" यह कहावत यहाँ सटीक बैठती है। राजनैतिक संरक्षण और मिलीभगत के कारण इन कब्जाधारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून का जरा भी भय नहीं है। सड़क की बर्बादी और पंचायत का मौन इन अवैध निर्माणों का खामियाजा आम जनता और सरकारी खजाने को भुगतना पड़ रहा है: जल निकासी ठप: बेतरतीब निर्माण के कारण नालियां जाम हो गई हैं। NH-343 को खतरा: जलभराव की वजह से करोड़ों की लागत से बनी सड़क समय से पहले जर्जर हो रही है। पंचायत की चुप्पी: स्थानीय ग्राम पंचायत भी इस पूरे प्रकरण में मूकदर्शक बनी हुई है, जिससे मिलीभगत की आशंका और गहरा जाती है। क्या NH-343 के किनारे हो रहे इन विशाल निर्माणों के पास कोई वैध नक्शा या अनुमति है? सरकारी जमीन पर निजी व्यवसाय और किराया वसूली पर प्रशासन अब तक मौन क्यों है क्या बलरामपुर में सत्ता की हनक, कानून और जनहित से ऊपर हो गई है तातापानी की यह स्थिति प्रशासन की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान है। यदि समय रहते इन 'सफेदपोश' माफियाओं पर नकेल नहीं कसी गई, तो आने वाले समय में सरकारी जमीनों का वजूद ही खत्म हो जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन अपनी 'कुंभकर्णी' नींद से कब जागता है।
तातापानी में कानून पस्त, भू-माफिया मस्त NH-343 के किनारे सरकारी जमीन पर खड़ा हुआ 'अवैध किराए के बिल्डिंग तातापानी में कानून पस्त, भू-माफिया मस्त NH-343 के किनारे सरकारी जमीन पर खड़ा हुआ 'अवैध किराए के बिल्डिंग अली खान 9754053874 छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले का प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र तातापानी इन दिनों अपनी गर्म जलधाराओं के लिए नहीं, बल्कि भू-माफियाओं के बेखौफ कब्जों के लिए चर्चा में है। जिला मुख्यालय से मात्र 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 343 (NH-343) के किनारे शासकीय बेशकीमती जमीन और बजार की भूमि पर भू-माफियाओं ने कंक्रीट का जाल बिछा दिया है। आलम यह है कि प्रशासन के नाक के नीचे सरकारी संपत्ति की 'बंदरबांट' जारी है और जिम्मेदार तंत्र ने रहस्यमयी चुप्पी साध ली है। रसूख के आगे थमी प्रशासन की कलम हैरानी की बात यह है कि जिस मार्ग पर रोजाना जिले के आला अधिकारियों और सफेदपोश नेताओं का काफिला गुजरता है, वहीं धड़ल्ले से अवैध निर्माण की इमारतें खड़ी हो रही हैं। यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या प्रशासन को यह निर्माण दिखाई नहीं देता या फिर माफियाओं के रसूख के आगे सरकारी तंत्र नतमस्तक हो चुका है दोहरा मापदंड गरीब पर बुलडोजर, रसूखदारों को अभयदान क्षेत्र में चर्चा है कि प्रशासन का 'बुलडोजर' केवल गरीब भूमिहीनों की झोपड़ियों तक ही सीमित है। जब कोई गरीब दो गज जमीन पर सिर छुपाने की कोशिश करता है, तो प्रशासन तुरंत सक्रिय हो जाता है, लेकिन तातापानी के "धनकुबेरों" द्वारा करोड़ों की सरकारी जमीन डकारने पर विभाग के पसीने छूट रहे हैं शासकीय जमीन पर व्यापार: निजी तिजोरी में
जा रहा सरकारी किराया तातापानी में अवैध कब्जा सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां 'दुकानों का काला बाजार' फल-फूल रहा है। माफियाओं ने सरकारी जमीन पर दुकानें बनाकर उन्हें किराए पर चढ़ा दिया है। विडंबना देखिए कि संपत्ति सरकार की है, लेकिन उससे होने वाली मोटी कमाई माफियाओं की तिजोरी में जा रही है। सैंया भये कोतवाल, अब डर काहे का" यह कहावत यहाँ सटीक बैठती है। राजनैतिक संरक्षण और मिलीभगत के कारण इन कब्जाधारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून का जरा भी भय नहीं है। सड़क की बर्बादी और पंचायत का मौन इन अवैध निर्माणों का खामियाजा आम जनता और सरकारी खजाने को भुगतना पड़ रहा है: जल निकासी ठप: बेतरतीब निर्माण के कारण नालियां जाम हो गई हैं। NH-343 को खतरा: जलभराव की वजह से करोड़ों की लागत से बनी सड़क समय से पहले जर्जर हो रही है। पंचायत की चुप्पी: स्थानीय ग्राम पंचायत भी इस पूरे प्रकरण में मूकदर्शक बनी हुई है, जिससे मिलीभगत की आशंका और गहरा जाती है। क्या NH-343 के किनारे हो रहे इन विशाल निर्माणों के पास कोई वैध नक्शा या अनुमति है? सरकारी जमीन पर निजी व्यवसाय और किराया वसूली पर प्रशासन अब तक मौन क्यों है क्या बलरामपुर में सत्ता की हनक, कानून और जनहित से ऊपर हो गई है तातापानी की यह स्थिति प्रशासन की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान है। यदि समय रहते इन 'सफेदपोश' माफियाओं पर नकेल नहीं कसी गई, तो आने वाले समय में सरकारी जमीनों का वजूद ही खत्म हो जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन अपनी 'कुंभकर्णी' नींद से कब जागता है।
- अपराध क्रमांक 26/2026 धारा 8, 18 एन.डी.पी.एस.एक्ट मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना कुसमी क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में आरोपी रूपदेव भगत एवं कौशिल भगत के खेत में आरोपियो द्वारा अवैध रूप से अफीम की खेती करने की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 10 - 11 मार्च 2026 को रेड कार्यवाही कर कुल 244 प्लास्टिक बोरी में 4344.569 किलोग्राम कीमत करीब रूपये 4,75,00,000/- की अफीम को जप्त कर एन.डी.पी. एस. एक्ट के तहत कार्यवाही कर पूर्व में आरोपी 01. रूपदेव राम भगत पिता ठाकुर राम भगत उम्र 50 वर्ष जाति उरॉव सा. त्रिपुरी सरना टोली थाना कुसमी जिला बलरामपुर 02. कौशिल भगत पिता संगहू (संधू) राम भगत उम्र 30 वर्ष जाति उरॉव सा. त्रिपुरी माचाडीपा थाना कुसमी जिला बलरामपुर-रा.गंज 03. मनोज कुमार पिता सीता यादव उम्र 24 वर्ष जाति सिंह सा. सोमया थाना बाराचट्टी जिला गया बिहार 04 जिरमल मुण्डा पिता बुधन राम मुण्डा उम्र 56 वर्ष ग्राम भगचन्द थाना आस्ता जिला जशपुर 05. उपेन्द्र कुमार पिता रामचन्द्र यादव उम्र 27 वर्ष जाति यादव सा. सोमया थाना बाराचट्टी जिला गया बिहार 06. विन्देश्वर पिता कमर गंजहू उम्र 45 वर्ष जाति गंजहू सा. कोलवा थाना जोरी जिला चतरा झारखंड 07 कृष्णा सिंह पिता महादेव सिंह साकिन कुराग थाना आस्ता जिला जशपुर छ. ग. को घटना दिनांक 11.03.026 को गिरफतार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। मामले में फरार चल रहे आरोपी पैरू सिंह भोक्ता पिता मटूक सिंह भोक्ता उम्र 35 वर्ष ग्राम सोमिया थाना बाराचटटी जिला गया बिहार को दिनांक 16.03.026 को गया बिहार से पकड़कर गिरफतार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। मामले में एक अन्य फरार आरोपी रोहन सिंह पिता मटूक सिंह भोक्ता उम्र 35 वर्ष ग्राम सोमिया थाना बाराचटटी जिला गया बिहार का घटना दिनांक से लगातार फरार था जिसे पुलिस टीम द्वारा ग्राम सोमिया थाना बाराचटटी जिला गया बिहार से गिरफतार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।1
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