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झारखंड में एक साथ पूरे थाने को कर दिया गया सस्पेंड पुष्पा महतो हत्याकांड का राज आया सामने
Anit tiwary
झारखंड में एक साथ पूरे थाने को कर दिया गया सस्पेंड पुष्पा महतो हत्याकांड का राज आया सामने
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- जनपद सोनभद्र - हाथी नाला थाना क्षेत्र के हथवानी गांव के समीप वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर शनिवार शाम लगभग 5 बजे दो ट्रकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई, जिससे उनमें सवार दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और देखते ही देखते आग ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के दौरान ट्रकों में सवार ड्राइवर और खलासी फंस गए सूचना मिलते ही हाथीनाला और रेणुकूट पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद एक ट्रक चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसे गंभीर हालत में हिंडालको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, दो अन्य लोग बुरी तरह फंसे होने के कारण जिंदा जल गए। एक अन्य खलासी के भी वाहन में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन ट्रक पूरी तरह जल जाने और क्षतिग्रस्त होने के कारण इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, सीओ पिपरी हर्ष पांडे और सीओ ओबरा अमित कुमार समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। आग बुझाने के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट, चोपन फायर स्टेशन और हिंडालको की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि रेणुकूट की ओर जा रही हाईवा में राख लदी थी, जबकि सामने से आ रहे ट्रक में अमूल कंपनी का दूध (200 मिलीलीटर के पैकेट) लदा था, जो हादसे के बाद सड़क पर बिखर गया। दुर्घटना के बाद मार्ग के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस ने मुर्धवा मोड़ पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को दुद्धी मार्ग की ओर डायवर्ट कर दिया। फिलहाल मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- सोनभद्र में दर्दनाक हादसा: ट्रकों की टक्कर के बाद जिंदा जला ड्राइवर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रेणुकूट हाथी नाला जंगल क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर के बाद एक ट्रक में आग लग गई। हादसे में ट्रक चालक का पैर केबिन के आगे लोहे के हिस्से में बुरी तरह फंस गया, जिससे वह बाहर नहीं निकल सका। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन उसकी स्थिति ऐसी थी कि पैर को काटकर निकालना भी संभव नहीं हो पाया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और चालक उसी में फंसकर जिंदा जल गया। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।1
- बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित वन वाटिका एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार होने की ओर बढ़ रही है। लंबे समय से बंद पड़ी नौका विहार (बोटिंग) सुविधा को नई व्यवस्थाओं के साथ पुनः शुरू कर दिया गया है। इस पहल से न सिर्फ पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। रविवार शाम आयोजित एक सादगीपूर्ण लेकिन उत्साहपूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने नौका विहार का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी, पुलिस बल और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान बच्चों के लिए तैयार किए गए चिल्ड्रन पार्क का भी लोकार्पण किया गया, जिससे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। मंत्री नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि विकास का अर्थ केवल भवन और सड़कें बनाना नहीं है, बल्कि लोगों की जरूरतों को समझकर उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराना ही असली विकास है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करती हैं और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने युवाओं की मांग को ध्यान में रखते हुए यहां ओपन जिम, बैठने की बेहतर व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने का आश्वासन भी दिया। महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनेगा संचालन मॉडल इस बार नौका विहार की सबसे खास बात इसका संचालन मॉडल है। वन प्रबंधन समिति के अंतर्गत “विश्वास महिला स्वयं सहायता समूह” को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्री ने समूह की महिलाओं से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और उन्हें सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे समूह की महिलाओं को नियमित आय का स्रोत मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर एक बेहतर प्रबंधन व्यवस्था भी विकसित होगी। किराए में बड़ा बदलाव, परिवारों को राहत पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बोटिंग शुल्क में भी अहम बदलाव किया गया है। पहले जहां प्रति व्यक्ति 100 रुपये (15 मिनट) लिया जाता था, वहीं अब 3 से 6 लोगों के लिए कुल 300 रुपये (15 मिनट) निर्धारित किया गया है। इस नई व्यवस्था से परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों को सीधा फायदा होगा। वहीं, पैडल बोट और पतवार बोट का किराया पहले की तरह 50 रुपये प्रति व्यक्ति (15 मिनट) रखा गया है, ताकि हर वर्ग के लोग इस सुविधा का आनंद ले सकें। पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी वन विभाग ने वन वाटिका को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना बनाई है। आने वाले समय में यहां औषधीय वाटिका, पतंजलि वाटिका, कॉटेज, जिपलाइन, आकर्षक लाइटिंग और विभिन्न स्टैचू स्थापित किए जाएंगे। इन सुविधाओं के विकसित होने से यह स्थान न केवल स्थानीय बल्कि राज्यस्तर पर भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर सकता है। इससे आसपास के क्षेत्रों में होटल, दुकानों और अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार सुरक्षा और प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। वन वाटिका परिसर में निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, जिससे भीड़ नियंत्रण और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके। आगंतुकों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है, जहां बाइक के लिए 10 रुपये और कार के लिए 30 रुपये शुल्क तय किया गया है। साथ ही, परिसर को प्लास्टिक मुक्त रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। सीमावर्ती क्षेत्र का मिलेगा लाभ झारखंड सीमा के करीब स्थित होने के कारण रामानुजगंज क्षेत्र पहले से ही आसपास के लोगों के लिए एक पसंदीदा जगह रहा है। अब बोटिंग जैसी आकर्षक सुविधा शुरू होने से यहां पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है। करीब 250 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हो रहे इस पर्यटन स्थल में 5 एकड़ में वन वाटिका तैयार की गई है। वर्ष 2009 से इसका संचालन वन प्रबंधन समिति द्वारा किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पहले भी यहां नौका विहार शुरू किया गया था, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते इसे बंद करना पड़ा था। इस बार नई योजना, बेहतर प्रबंधन और महिला समूह की भागीदारी के साथ इसे फिर से शुरू किया गया है। यदि व्यवस्थाएं सुचारू रूप से बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में रामानुजगंज वन वाटिका न केवल एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने वाला केंद्र साबित हो सकता है।1
- अपराध क्रमांक 81/26 धारा— 2004 कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4,6,10 एवं 1960 पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 (घ) विवरण: घटना दिनांक-11.04.2026 को थाना राजपुर पुलिस स्टाफ शासकीय वाहन से रात्रि गश्त पर रवाना हुए थे। गश्त के दौरान रात्रि लगभग 10:00 बजे मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की पिकअप वाहन क्रमांक JH01GN-8143 में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक बांधकर तेज गति से अंबिकापुर से राजपुर होते हुए गुमला (झारखण्ड) की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना राजपुर स्टाफ द्वारा थाना के सामने अंबिकापुर रोड पर घेराबंदी कर उक्त वाहन को रोका गया। प्रारंभिक पूछताछ में वाहन चालक द्वारा भ्रामक जानकारी दी गई, जिससे संदेह उत्पन्न होने पर सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में वाहन स्वामी ने अपना नाम संदीप बड़ाईक, पिता चमन बड़ाईक, उम्र 27 वर्ष, निवासी टांगरझरिया थाना बसिया जिला गुमला (झारखण्ड) तथा चालक ने अपना नाम संदीप साहू, पिता सोमरा, उम्र 25 वर्ष, निवासी सुरसुरिया थाना गुमला जिला गुमला (झारखण्ड) बताया।* *पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि दिनांक 11.04.2026 को ग्राम जयनगर थाना जयनगर जिला सूरजपुर से 02 नग गाय एवं 02 नग बछिया को गुमला पहुंचाने हेतु उक्त वाहन में लोड कराया गया था। मवेशियों को वाहन में अत्यंत अमानवीय एवं क्रूर तरीके से ठूंस-ठूंस कर बांधकर परिवहन किया जा रहा था। उक्त कृत्य पशु क्रूरता से संबंधित विधिक प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन करना पाए जाने पर वाहन सहित मवेशियों को जप्त कर आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया एवं आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय पेश किया गया है।* पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सतत कार्यवाही जारी है, और आगे भी जारी रहेगी, आम नागरिकों से अपील की गई है कि इस प्रकार की किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को सूचना दें।1
- Post by Md Faijuddin1