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जबलपुर के रिमझा करमेता स्थित सेंट अलायसियस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दलित कर्मचारियों के कथित धर्मांतरण के आरोपों को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्कूल परिसर में लगे वाटर फिल्टर की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। फिल्टर की जांच के दौरान उसमें काई, फफूंद और मृत कीड़े होने का दावा किया गया है। मौके पर पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी इस संबंध में अवगत कराया गया, जिन्होंने फिल्टर का निरीक्षण किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह छात्रों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर लापरवाही का मामला है और इस पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसी दौरान कुछ छात्रों के कथित बयानों का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्चों ने दावा किया है कि स्कूल में राम नवमी जैसे हिंदू पर्व नहीं मनाए जाते हैं और उन्हें तिलक, कलावा तथा धार्मिक लॉकेट पहनने से रोका जाता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे छात्रों की धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए इसकी भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि स्कूल में कार्यरत कुछ दलित कर्मचारियों पर कथित रूप से धर्मांतरण का दबाव बनाया गया, उन्हें चर्च आने के लिए कहा गया और ऐसा न करने पर अपमानित कर नौकरी से निकाल दिया गया। इसके अलावा, शिकायत करने पर उन्हें धमकियां भी दी गईं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और सरकारी भूमि के उपयोग व लीज की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

4 hrs ago
user_Mohit Sanghi
Mohit Sanghi
Accountant जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

जबलपुर के रिमझा करमेता स्थित सेंट अलायसियस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दलित कर्मचारियों के कथित धर्मांतरण के आरोपों को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्कूल परिसर में लगे वाटर फिल्टर की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। फिल्टर की जांच के दौरान उसमें काई, फफूंद और मृत कीड़े होने का दावा किया गया है। मौके पर पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी इस संबंध में अवगत कराया गया, जिन्होंने फिल्टर का निरीक्षण किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह छात्रों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर लापरवाही का मामला है और इस पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसी दौरान कुछ छात्रों के कथित बयानों का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्चों ने दावा किया है कि स्कूल में राम नवमी जैसे हिंदू पर्व नहीं मनाए जाते हैं

और उन्हें तिलक, कलावा तथा धार्मिक लॉकेट पहनने से रोका जाता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे छात्रों की धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए इसकी भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि स्कूल में कार्यरत कुछ दलित कर्मचारियों पर कथित रूप से धर्मांतरण का दबाव बनाया गया, उन्हें चर्च आने के लिए कहा गया और ऐसा न करने पर अपमानित कर नौकरी से निकाल दिया गया। इसके अलावा, शिकायत करने पर उन्हें धमकियां भी दी गईं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और सरकारी भूमि के उपयोग व लीज की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

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  • जबलपुर के रिमझा करमेता स्थित सेंट अलायसियस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दलित कर्मचारियों के कथित धर्मांतरण के आरोपों को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्कूल परिसर में लगे वाटर फिल्टर की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। फिल्टर की जांच के दौरान उसमें काई, फफूंद और मृत कीड़े होने का दावा किया गया है। मौके पर पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी इस संबंध में अवगत कराया गया, जिन्होंने फिल्टर का निरीक्षण किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह छात्रों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर लापरवाही का मामला है और इस पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसी दौरान कुछ छात्रों के कथित बयानों का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्चों ने दावा किया है कि स्कूल में राम नवमी जैसे हिंदू पर्व नहीं मनाए जाते हैं और उन्हें तिलक, कलावा तथा धार्मिक लॉकेट पहनने से रोका जाता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे छात्रों की धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए इसकी भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि स्कूल में कार्यरत कुछ दलित कर्मचारियों पर कथित रूप से धर्मांतरण का दबाव बनाया गया, उन्हें चर्च आने के लिए कहा गया और ऐसा न करने पर अपमानित कर नौकरी से निकाल दिया गया। इसके अलावा, शिकायत करने पर उन्हें धमकियां भी दी गईं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और सरकारी भूमि के उपयोग व लीज की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
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    जबलपुर के रिमझा करमेता स्थित सेंट अलायसियस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दलित कर्मचारियों के कथित धर्मांतरण के आरोपों को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्कूल परिसर में लगे वाटर फिल्टर की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। फिल्टर की जांच के दौरान उसमें काई, फफूंद और मृत कीड़े होने का दावा किया गया है। मौके पर पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी इस संबंध में अवगत कराया गया, जिन्होंने फिल्टर का निरीक्षण किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह छात्रों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर लापरवाही का मामला है और इस पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

इसी दौरान कुछ छात्रों के कथित बयानों का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्चों ने दावा किया है कि स्कूल में राम नवमी जैसे हिंदू पर्व नहीं मनाए जाते हैं और उन्हें तिलक, कलावा तथा धार्मिक लॉकेट पहनने से रोका जाता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे छात्रों की धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए इसकी भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि स्कूल में कार्यरत कुछ दलित कर्मचारियों पर कथित रूप से धर्मांतरण का दबाव बनाया गया, उन्हें चर्च आने के लिए कहा गया और ऐसा न करने पर अपमानित कर नौकरी से निकाल दिया गया। इसके अलावा, शिकायत करने पर उन्हें धमकियां भी दी गईं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और सरकारी भूमि के उपयोग व लीज की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
    user_Mohit Sanghi
    Mohit Sanghi
    Accountant जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जबलपुर के नेपियर टाउन स्थित जबलपुर हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गया है। ओमती (भरतीपुर) क्षेत्र के निवासी ज्ञानचंद सोनकर के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मरीज की हालत में सुधार होने और सभी सामान्य जांच रिपोर्ट आने के बावजूद उन्हें अचानक वेंटिलेटर पर रख दिया गया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और परिचितों ने जमकर हंगामा किया और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कमजोरी की शिकायत के बाद ज्ञानचंद सोनकर को इलाज के लिए जबलपुर हॉस्पिटल के आईसीयू बेड नंबर-13 पर भर्ती कराया गया था। मरीज के बेटे मोहन सोनकर का आरोप है कि मंगलवार रात करीब 8 बजे उनके पिता ने खुद कहा था कि वे बेहतर महसूस कर रहे हैं और घर जाना चाहते हैं, जिसे पास खड़े अस्पताल कर्मियों ने सुन लिया। इसके तुरंत बाद सफाई कर्मियों ने आईसीयू में सफाई का बहाना बनाकर परिजनों को 10 मिनट के लिए बाहर भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि जब वे वापस आईसीयू में पहुंचे, तो उनके पिता को वेंटिलेटर पर रखा जा चुका था, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने अचानक कार्डियक अरेस्ट आने की बात कहकर मरीज की हालत गंभीर होने की सूचना दी। परिजनों का दावा है कि मरीज के सीटी स्कैन, ब्लड टेस्ट और बाकी सभी जरूरी मेडिकल रिपोर्ट्स पूरी तरह सामान्य थीं। परिवार ने सवाल उठाया है कि जब मरीज बातचीत कर रहा था, तो अचानक ऐसी कौन सी स्थिति बनी कि उन्हें कुछ ही मिनटों में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा। फिलहाल ज्ञानचंद सोनकर की हालत चिंताजनक बनी हुई है और परिवार का आरोप है कि उन्हें उपचार की सही जानकारी नहीं दी जा रही है। आक्रोशित परिजनों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, आईसीयू के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने और डॉक्टरों के रिकॉर्ड की समीक्षा करने की मांग की है। इस पूरे मामले में अब तक जबलपुर हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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    जबलपुर के नेपियर टाउन स्थित जबलपुर हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गया है। ओमती (भरतीपुर) क्षेत्र के निवासी ज्ञानचंद सोनकर के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मरीज की हालत में सुधार होने और सभी सामान्य जांच रिपोर्ट आने के बावजूद उन्हें अचानक वेंटिलेटर पर रख दिया गया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और परिचितों ने जमकर हंगामा किया और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

कमजोरी की शिकायत के बाद ज्ञानचंद सोनकर को इलाज के लिए जबलपुर हॉस्पिटल के आईसीयू बेड नंबर-13 पर भर्ती कराया गया था। मरीज के बेटे मोहन सोनकर का आरोप है कि मंगलवार रात करीब 8 बजे उनके पिता ने खुद कहा था कि वे बेहतर महसूस कर रहे हैं और घर जाना चाहते हैं, जिसे पास खड़े अस्पताल कर्मियों ने सुन लिया। इसके तुरंत बाद सफाई कर्मियों ने आईसीयू में सफाई का बहाना बनाकर परिजनों को 10 मिनट के लिए बाहर भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि जब वे वापस आईसीयू में पहुंचे, तो उनके पिता को वेंटिलेटर पर रखा जा चुका था, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने अचानक कार्डियक अरेस्ट आने की बात कहकर मरीज की हालत गंभीर होने की सूचना दी।

परिजनों का दावा है कि मरीज के सीटी स्कैन, ब्लड टेस्ट और बाकी सभी जरूरी मेडिकल रिपोर्ट्स पूरी तरह सामान्य थीं। परिवार ने सवाल उठाया है कि जब मरीज बातचीत कर रहा था, तो अचानक ऐसी कौन सी स्थिति बनी कि उन्हें कुछ ही मिनटों में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा। फिलहाल ज्ञानचंद सोनकर की हालत चिंताजनक बनी हुई है और परिवार का आरोप है कि उन्हें उपचार की सही जानकारी नहीं दी जा रही है। आक्रोशित परिजनों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, आईसीयू के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने और डॉक्टरों के रिकॉर्ड की समीक्षा करने की मांग की है। इस पूरे मामले में अब तक जबलपुर हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
    user_Vikram Singh thakur
    Vikram Singh thakur
    Local News Reporter जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जबलपुर में धर्म संगठन को बचाने के लिए पालनहार से एक बेहद भावुक गुहार लगाई गई है। इस प्रार्थना में पालनहार से विनती की गई है कि वे अब इस धर्म संगठन की रक्षा करें और अपने चरणों से लगा लें। पूरे समर्पण भाव के साथ 'राधे राधे' का जाप करते हुए ईश्वर से रक्षा की कामना की गई है, क्योंकि अब केवल उन्हीं का एकमात्र सहारा बचा है।
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    जबलपुर में धर्म संगठन को बचाने के लिए पालनहार से एक बेहद भावुक गुहार लगाई गई है। इस प्रार्थना में पालनहार से विनती की गई है कि वे अब इस धर्म संगठन की रक्षा करें और अपने चरणों से लगा लें। पूरे समर्पण भाव के साथ 'राधे राधे' का जाप करते हुए ईश्वर से रक्षा की कामना की गई है, क्योंकि अब केवल उन्हीं का एकमात्र सहारा बचा है।
    user_टेकेशवर गिरी गोस्वामी
    टेकेशवर गिरी गोस्वामी
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • नरसिंहपुर में 'नईदुनिया हेलो डॉक्टर' कार्यक्रम के दौरान शासकीय जिला अस्पताल के डॉ. गुलाब खतरकर ने फोन के माध्यम से नागरिकों से सीधे बात की और उनकी मौसमी बीमारियों से जुड़ी शंकाओं का समाधान किया। डॉ. खतरकर ने नागरिकों के सवालों के जवाब देते हुए मलेरिया, डेंगू और वायरल बुखार जैसी बीमारियों से बचाव और उनके उचित उपचार के बारे में उपयोगी जानकारी साझा की। इस पहल के माध्यम से उन्होंने लोगों को मौसमी बीमारियों के प्रति सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए जागरूक किया।
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    नरसिंहपुर में 'नईदुनिया हेलो डॉक्टर' कार्यक्रम के दौरान शासकीय जिला अस्पताल के डॉ. गुलाब खतरकर ने फोन के माध्यम से नागरिकों से सीधे बात की और उनकी मौसमी बीमारियों से जुड़ी शंकाओं का समाधान किया। डॉ. खतरकर ने नागरिकों के सवालों के जवाब देते हुए मलेरिया, डेंगू और वायरल बुखार जैसी बीमारियों से बचाव और उनके उचित उपचार के बारे में उपयोगी जानकारी साझा की। इस पहल के माध्यम से उन्होंने लोगों को मौसमी बीमारियों के प्रति सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए जागरूक किया।
    user_Kailash gupta tv 24
    Kailash gupta tv 24
    Newspaper advertising department गोटेगांव, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मां दूध महायोगी नर्मदा मिशन के संस्थापक दादा गुरु भैया जी सरकार का मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में आगमन हुआ, जहां जिले वासियों द्वारा उनका भव्य स्वागत, वंदन और अभिनंदन किया गया। दादा गुरु भैया जी सरकार के आगमन पर भक्तों ने ग्राम कहानी खास धनोरा, कुडारी, मझगवां एवं पलारी में उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान संत भैया जी सरकार द्वारा आयोजित सभा को संबोधित किया गया और वहां मौजूद श्रद्धालुओं को अपने आशीर्वचन दिए गए।
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    मां दूध महायोगी नर्मदा मिशन के संस्थापक दादा गुरु भैया जी सरकार का मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में आगमन हुआ, जहां जिले वासियों द्वारा उनका भव्य स्वागत, वंदन और अभिनंदन किया गया। दादा गुरु भैया जी सरकार के आगमन पर भक्तों ने ग्राम कहानी खास धनोरा, कुडारी, मझगवां एवं पलारी में उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान संत भैया जी सरकार द्वारा आयोजित सभा को संबोधित किया गया और वहां मौजूद श्रद्धालुओं को अपने आशीर्वचन दिए गए।
    user_Ramnaresh Patel bhagatji
    Ramnaresh Patel bhagatji
    Doctor धनोरा, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश के कटनी जिले में नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कटनी के पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नशे का बहिष्कार करने तथा समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य, डीएसपी हेडक्वार्टर श्री रत्नेश मिश्रा, रक्षित निरीक्षक श्रीमती संध्या राजपूत, कंट्रोल रूम प्रभारी श्री राहुल पांडे सहित एसपी कार्यालय की सभी शाखाओं के प्रभारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रदेश में "नशा मुक्त मध्यप्रदेश निर्माण" के उद्देश्य से यह व्यापक जन-जागरूकता अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने दृढ़ संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवारजनों तथा परिचितों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने इस अवसर पर कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नष्ट करता है, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी गंभीर समस्याएं खड़ी करता है। उन्होंने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनसहभागिता को अनिवार्य बताते हुए सभी पुलिसकर्मियों से इस अभियान के तहत अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने का आह्वान किया। अभियान की अवधि के दौरान कटनी पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों, गांवों और नगरीय क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इसके तहत जागरूकता कार्यक्रम, संवाद, रैलियों, शपथ ग्रहण और जनसंपर्क के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाया जाएगा।
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    पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश के कटनी जिले में नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कटनी के पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नशे का बहिष्कार करने तथा समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य, डीएसपी हेडक्वार्टर श्री रत्नेश मिश्रा, रक्षित निरीक्षक श्रीमती संध्या राजपूत, कंट्रोल रूम प्रभारी श्री राहुल पांडे सहित एसपी कार्यालय की सभी शाखाओं के प्रभारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

प्रदेश में "नशा मुक्त मध्यप्रदेश निर्माण" के उद्देश्य से यह व्यापक जन-जागरूकता अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने दृढ़ संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवारजनों तथा परिचितों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने इस अवसर पर कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नष्ट करता है, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी गंभीर समस्याएं खड़ी करता है। उन्होंने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनसहभागिता को अनिवार्य बताते हुए सभी पुलिसकर्मियों से इस अभियान के तहत अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने का आह्वान किया।

अभियान की अवधि के दौरान कटनी पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों, गांवों और नगरीय क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इसके तहत जागरूकता कार्यक्रम, संवाद, रैलियों, शपथ ग्रहण और जनसंपर्क के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाया जाएगा।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बाकल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कूड़ा मर्दानगढ़ में पंचायत चुनाव की रंजिश एक बार फिर हिंसक संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि सरपंच पति शिव कुमार शर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर विरोधी पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में तीन लोग घायल हो गए हैं, जिसके बाद गांव में तनाव का माहौल निर्मित हो गया है। हालात को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह घटना 14 जुलाई 2026 की शाम करीब 6 बजे की है। फरियादी अपने भतीजे अनार सिंह लोधी के साथ मोटरसाइकिल से खेत से घर लौट रहा था, तभी गांव के श्रीकृष्ण गेट के पास शिव कुमार शर्मा, अपनी पत्नी गिरिजा शर्मा और छह अन्य लोगों के साथ वहां पहुंच गया। चुनावी रंजिश को लेकर गाली-गलौज करते हुए आरोपियों ने अनार सिंह लोधी पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे इन्द्रपाल लोधी और जागेश्वर लोधी के साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि गिरिजा शर्मा ने जागेश्वर लोधी पर पत्थर से हमला किया। इस विवाद में अनार सिंह और इन्द्रपाल लोधी के सिर व शरीर पर चोटें आईं, जबकि जागेश्वर लोधी की पीठ में चोट लगी। गांव के रामजी लोधी, राजा लोधी और घनश्याम लोधी ने बीच-बचाव कर विवाद शांत कराया। घटना की सूचना पर पहुंची बाकल थाना पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाया और शिकायत के आधार पर शिव कुमार शर्मा, गिरिजा शर्मा व अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 296, 190, 191(2), 191(3) सहित विभिन्न धाराओं में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि ग्राम कूड़ा मर्दानगढ़ का सरपंच पक्ष पहले भी विवादों में रहा है, जब ग्रामीणों ने शासकीय मंगल भवन पर कब्जा कर उसका निजी उपयोग करने की शिकायत कलेक्टर से की थी। फिलहाल पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
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    मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बाकल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कूड़ा मर्दानगढ़ में पंचायत चुनाव की रंजिश एक बार फिर हिंसक संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि सरपंच पति शिव कुमार शर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर विरोधी पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में तीन लोग घायल हो गए हैं, जिसके बाद गांव में तनाव का माहौल निर्मित हो गया है। हालात को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह घटना 14 जुलाई 2026 की शाम करीब 6 बजे की है। फरियादी अपने भतीजे अनार सिंह लोधी के साथ मोटरसाइकिल से खेत से घर लौट रहा था, तभी गांव के श्रीकृष्ण गेट के पास शिव कुमार शर्मा, अपनी पत्नी गिरिजा शर्मा और छह अन्य लोगों के साथ वहां पहुंच गया। चुनावी रंजिश को लेकर गाली-गलौज करते हुए आरोपियों ने अनार सिंह लोधी पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे इन्द्रपाल लोधी और जागेश्वर लोधी के साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि गिरिजा शर्मा ने जागेश्वर लोधी पर पत्थर से हमला किया। इस विवाद में अनार सिंह और इन्द्रपाल लोधी के सिर व शरीर पर चोटें आईं, जबकि जागेश्वर लोधी की पीठ में चोट लगी। गांव के रामजी लोधी, राजा लोधी और घनश्याम लोधी ने बीच-बचाव कर विवाद शांत कराया।

घटना की सूचना पर पहुंची बाकल थाना पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाया और शिकायत के आधार पर शिव कुमार शर्मा, गिरिजा शर्मा व अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 296, 190, 191(2), 191(3) सहित विभिन्न धाराओं में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि ग्राम कूड़ा मर्दानगढ़ का सरपंच पक्ष पहले भी विवादों में रहा है, जब ग्रामीणों ने शासकीय मंगल भवन पर कब्जा कर उसका निजी उपयोग करने की शिकायत कलेक्टर से की थी। फिलहाल पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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