आचार्य बालकृष्ण जी की जयंती व जड़ी बूटी दिवस पर ललित उरांव स्टेडियम सिसई में औषधीय पौधों का निशुल्क वितरण सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड के ललित उरांव स्टेडियम महुआडीपा में जड़ी-बूटी दिवस के अवसर पर औषधीय पौधों का निशुल्क वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योगगुरु गजराज महतो ने कहा कि प्रति वर्ष 4 अगस्त को पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के आचार्य बालकृष्ण जी के जन्म दिवस को औषधीय पौधों का वितरण कर मनाया जाता है। योगगुरु ने योगी जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दिन हम सभी संकल्प लें की योग व आयुर्वेद को अपने दिनचर्या में शामिल करेंगे। वहीं एलोपैथिक दवा का उपयोग कम से कम करेंगे। अंग्रेजी दवा के लगातार सेवन से हमारे शरीर पर अधिक दुष्प्रभाव पड़ता है और हमारे शरीर के अंग धीरे -धीरे काम करना बंद कर देते हैं। या यूं कहें कि निष्क्रिय हो जाते हैं। मेरा मानना है की नियमित रूप से योग के कुछ आसन व प्राणायाम का अभ्यास करते रहने से गंभीर से गंभीर रोग ठीक हो जाते हैं। तो हम और हमारा शरीर दवाओं पर निर्भर क्यों रहें। अपनी दिनचर्या व ख़ानपान ठीक रखेंगे तो आधी बिमारियां तो होंगी ही नहीं। और बाकी आसन व प्राणायाम के अभ्यास से ठीक कर लेंगे। योगगुरु जी ने गिलोय, ऐलोवेरा, पत्थर चट्टा,मीठा नीम, पुनर्नवा, तुलसी आदि औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का निशुल्क वितरण किया और कहा कि, इन्हें अपने घर के आंगन व खेत खलिहान में लगाएं। और वैध से परामर्श लेकर इसका सेवन करें। उन्होंने इन पौधों से मिलने वाले औषधीय लाभ की जानकारी देते हुए बताया कि गिलोय के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। डेंगू, मलेरिया,चिकनगुनियां जैसे बीमारी नहीं होती है। एलोवेरा के सेवन से पाचन तंत्र ठीक रहता है शरीर में ऊतकों का नाश नहीं होता है। जिस कारण शरीर लंबे समय तक रोग मूक्त रहता है। त्वचा में समय से पहले झुर्रियाँ नहीं आती है। इसी प्रकार मोरिंगा के औषधीय लाभ की जानकारी दी। साथ ही बताया कि पुनर्नवा के सेवन से लीवर स्वस्थ व दिर्घायु होता है। पाचन क्रिया अच्छी रहती है। वहीं हमारे भारतीय संस्कृति में तुलसी एक पूजनीय व औषधीय पौधा है जो सभी के घर आंगन में रहना ही चाहिए। इससे भरपूर मात्रा में ऑक्सिजन उत्सर्जित होती रहती है। इसके पत्तों का सुबह खाली पेट में सेवन करने से बुखार,सर्दी, ज़ुकाम नहीं होती है। सनातन धर्म परार्वतन प्रमुख संजय वर्मा जी, खेल प्रशिक्षक व समाजसेवी महावीर लोहरा, आदिवासी विकास परिषद सिसई के सचिव सचिदानंद उरांव जी ने अपने अपने विचार रखे। और कहा कि पूर्वजों की जीवन शैली अपनाकर एवं खान पान में सैय्यम रखकर ही स्वस्थ रहा जा सकता है।
आचार्य बालकृष्ण जी की जयंती व जड़ी बूटी दिवस पर ललित उरांव स्टेडियम सिसई में औषधीय पौधों का निशुल्क वितरण सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड के ललित उरांव स्टेडियम महुआडीपा में जड़ी-बूटी दिवस के अवसर पर औषधीय पौधों का निशुल्क वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योगगुरु गजराज महतो ने कहा कि प्रति वर्ष 4 अगस्त को पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के आचार्य बालकृष्ण जी के जन्म दिवस को औषधीय पौधों का वितरण कर मनाया जाता है। योगगुरु ने योगी जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दिन हम सभी संकल्प लें की योग व आयुर्वेद को अपने दिनचर्या में शामिल करेंगे। वहीं एलोपैथिक दवा का उपयोग कम
से कम करेंगे। अंग्रेजी दवा के लगातार सेवन से हमारे शरीर पर अधिक दुष्प्रभाव पड़ता है और हमारे शरीर के अंग धीरे -धीरे काम करना बंद कर देते हैं। या यूं कहें कि निष्क्रिय हो जाते हैं। मेरा मानना है की नियमित रूप से योग के कुछ आसन व प्राणायाम का अभ्यास करते रहने से गंभीर से गंभीर रोग ठीक हो जाते हैं। तो हम और हमारा शरीर दवाओं पर निर्भर क्यों रहें। अपनी दिनचर्या व ख़ानपान ठीक रखेंगे तो आधी बिमारियां तो होंगी ही नहीं। और बाकी आसन व प्राणायाम के अभ्यास से ठीक कर लेंगे। योगगुरु जी ने गिलोय, ऐलोवेरा, पत्थर चट्टा,मीठा नीम, पुनर्नवा, तुलसी आदि
औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का निशुल्क वितरण किया और कहा कि, इन्हें अपने घर के आंगन व खेत खलिहान में लगाएं। और वैध से परामर्श लेकर इसका सेवन करें। उन्होंने इन पौधों से मिलने वाले औषधीय लाभ की जानकारी देते हुए बताया कि गिलोय के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। डेंगू, मलेरिया,चिकनगुनियां जैसे बीमारी नहीं होती है। एलोवेरा के सेवन से पाचन तंत्र ठीक रहता है शरीर में ऊतकों का नाश नहीं होता है। जिस कारण शरीर लंबे समय तक रोग मूक्त रहता है। त्वचा में समय से पहले झुर्रियाँ नहीं आती है। इसी प्रकार मोरिंगा के औषधीय लाभ की जानकारी दी। साथ ही बताया कि
पुनर्नवा के सेवन से लीवर स्वस्थ व दिर्घायु होता है। पाचन क्रिया अच्छी रहती है। वहीं हमारे भारतीय संस्कृति में तुलसी एक पूजनीय व औषधीय पौधा है जो सभी के घर आंगन में रहना ही चाहिए। इससे भरपूर मात्रा में ऑक्सिजन उत्सर्जित होती रहती है। इसके पत्तों का सुबह खाली पेट में सेवन करने से बुखार,सर्दी, ज़ुकाम नहीं होती है। सनातन धर्म परार्वतन प्रमुख संजय वर्मा जी, खेल प्रशिक्षक व समाजसेवी महावीर लोहरा, आदिवासी विकास परिषद सिसई के सचिव सचिदानंद उरांव जी ने अपने अपने विचार रखे। और कहा कि पूर्वजों की जीवन शैली अपनाकर एवं खान पान में सैय्यम रखकर ही स्वस्थ रहा जा सकता है।
- सिसई में जड़ी-बूटी पौधों का हुआ वितरण, योग-आयुर्वेद अपनाने का दिया संदेश पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिन पर सोमवार को ललित उरांव स्टेडियम, महुआडीपा सिसई में जड़ी-बूटी वितरण समारोह का आयोजन किया गया। पतंजलि परिवार सिसई के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में योग गुरु गजराज महतो ने कहा कि योग और आयुर्वेद को दिनचर्या में शामिल कर हम रोगमुक्त जीवन जी सकते हैं। उन्होंने कहा कि एलोपैथिक दवाओं के अधिक सेवन से शरीर के अंग निष्क्रिय हो जाते हैं। प्रतिदिन प्राणायाम और आसन करने से गंभीर बीमारियां भी ठीक हो जाती हैं। यदि खान-पान और दिनचर्या ठीक रखें तो बीमारियां नहीं के बराबर होगी।1
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- जब-जब छात्र बोला है राजसिंहासन डोला है.?😱 #shorts #shortvideo #ranchi #jlkm #jmm #bjp #jpsc #news1
- पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने कही बड़ी बात उसके बाद फिर... जब मोदी सरकार झुक सकती है तो हेमंत सोरेन कैसे नहीं झुकेंगे...1
- झारखण्ड JPSC JSSC गड़बड़ी छात्र आंदोलन जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम रांची झारखण्ड JPSC JSSC गड़बड़ी छात्र आंदोलन जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम रांची1
- अंचल परिसर सिसई में 5 दिवसीय विशेष शिविर, ऑन द स्पोर्ट किया जा रहा निष्पादन सिसई प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में अंचल कार्यालय के द्वारा विशेष अभियान के तहत 5 दिवसीय शिविर लगाया गया हैं। जिसमें मुख्य रूप से जाति, आवासीय, आय, EWS प्रणाम ऑन द स्पोर्ट बनाया जा रहा हैं। अंचलाधिकारी अशोक बड़ाईक ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेशानुसार शिविर का आयोजन किया जा रहा हैं। उन्होंने वासियों से शिविर में पहुंच कर लाभ उठाने का आग्रह किया हैं।1
- बड़ी खबर गुमला जिले में खरीफ-2026 के दौरान किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाने गुमला जिले में खरीफ-2026 के दौरान किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाने के लिए समाहरणालय परिसर से बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (B-PMFBY) के जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है1
- झारखंड में छात्रों का आंदोलन तेज, सरकार तक अपनी आवाज़ पहुंचाने की कोशिश.?1
- पुलिस ने वृद्ध किसान का शव कुआं से किया बरामद गांव में छाया मातम शव पंचनाव के पश्चात कारवाई आरम्भ उक्त घटना लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना अंतर्गत डांडू गांव में घटना घटने की सूचना पर थाना प्रभारी के निर्देशानुसार एस आई दयानंद सरस्वती द्वारा अग्रतर कारवाई आरम्भ गांव में छाया मातम परिजनों ने बताया कि खेत निरीक्षण करने निकले थे काफी समय बीतने के बाद घर नही लौटे तो छानबीन करने लगे इसी दरमियान अपने खेत के कुआं में तैरता देख पुलिस को घटना की सूचना दिया गया।1