कांठ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मुजफ्फरपुर टांडा में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। गांव में दो दिन पहले स्थापित की गई अंबेडकर जी की कांठ मुजफ्फरपुर टांडा में अंबेडकर मूर्ति को लेकर हुआ विवाद पुलिस कार्रवाई के बाद गांव में बढ़ा तनाव प्रशासन के फैसले पर टिकी सबकी नजर कांठ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मुजफ्फरपुर टांडा में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। गांव में दो दिन पहले स्थापित की गई अंबेडकर जी की मूर्ति को पुलिस द्वारा हटवाए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है और ग्रामीणों के बीच इस मुद्दे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत मुजफ्फरपुर टांडा के एक पार्क में 23 अप्रैल 2026 के आसपास स्थानीय लोगों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि यह मूर्ति समाज के सहयोग और आपसी सहमति से लगाई गई थी, जिसका उद्देश्य महान समाज सुधारक और संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के प्रति सम्मान प्रकट करना था बताया जा रहा है कि 24 अप्रैल 2026 की रात किसी व्यक्ति द्वारा इस मूर्ति स्थापना को लेकर पुलिस प्रशासन से शिकायत की गई। शिकायत मिलते ही थाना कांठ पुलिस तत्काल हरकत में आई और भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना किसी देरी के पार्क में स्थापित मूर्ति को हटवा दिया पुलिस ने मूर्ति को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पास के एक कमरे में रखवाकर उस पर ताला लगवा दिया और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद गांव में हलचल मच गई और लोगों में आक्रोश देखने को मिला। इस मामले को लेकर जाटव समाज के लोगों में खासा रोष है। ग्रामीणों ने मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पूरी श्रद्धा और शांति के साथ अंबेडकर जी की मूर्ति स्थापित की थी, लेकिन ग्राम प्रधान संजय सिंह की शिकायत पर पुलिस ने जबरन मूर्ति हटवा दी। उनका कहना है कि यह उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है और प्रशासन को इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उचित समाधान नहीं निकाला तो गांव का माहौल और बिगड़ सकता है। वहीं, कुछ ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और मूर्ति को पुनः स्थापित करने की मांग भी की है। दूसरी ओर, ग्राम प्रधान संजय सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए मीडिया के सामने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर मूर्ति स्थापित की गई थी, वह “परिवर्तन पार्क” है, न कि “अंबेडकर पार्क”। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मूर्ति की स्थापना बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के की गई थी, इसीलिए प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मूर्ति को हटवाया। ग्राम प्रधान ने यह भी कहा कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई उद्देश्य नहीं है और यदि प्रशासन से विधिवत अनुमति प्राप्त हो जाती है तो मूर्ति को दोबारा स्थापित किया जा सकता है। फिलहाल गांव में शांति का माहौल है फिर भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव में पुलिस बल की तैनाती जारी है। प्रशासन द्वारा ग्रामवासियों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। अब पूरे मामले पर सबकी निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मुद्दे का समाधान किस प्रकार करता है और क्या गांव में फिर से मूर्ति स्थापित हो सकती है
कांठ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मुजफ्फरपुर टांडा में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। गांव में दो दिन पहले स्थापित की गई अंबेडकर जी की कांठ मुजफ्फरपुर टांडा में अंबेडकर मूर्ति को लेकर हुआ विवाद पुलिस कार्रवाई के बाद गांव में बढ़ा तनाव प्रशासन के फैसले पर टिकी सबकी नजर कांठ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मुजफ्फरपुर टांडा में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। गांव में दो दिन पहले स्थापित की गई अंबेडकर जी की मूर्ति को पुलिस द्वारा हटवाए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है और ग्रामीणों के बीच इस मुद्दे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत मुजफ्फरपुर टांडा के एक पार्क में 23 अप्रैल 2026 के आसपास स्थानीय लोगों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि यह मूर्ति समाज के सहयोग और आपसी सहमति से लगाई गई थी, जिसका उद्देश्य महान समाज सुधारक और संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के प्रति सम्मान प्रकट करना था बताया जा रहा है कि 24 अप्रैल 2026 की रात किसी व्यक्ति द्वारा इस मूर्ति स्थापना को लेकर पुलिस प्रशासन से शिकायत की गई। शिकायत मिलते ही थाना कांठ पुलिस तत्काल हरकत में आई और भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना किसी देरी के पार्क में स्थापित मूर्ति को हटवा दिया पुलिस ने मूर्ति को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पास के एक कमरे में रखवाकर उस पर ताला लगवा दिया और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद गांव में हलचल मच गई और लोगों में आक्रोश देखने को मिला। इस मामले को लेकर जाटव समाज के लोगों में खासा रोष है। ग्रामीणों ने मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पूरी श्रद्धा और शांति के साथ अंबेडकर जी की मूर्ति स्थापित की थी, लेकिन ग्राम प्रधान संजय सिंह की शिकायत पर पुलिस ने जबरन मूर्ति हटवा दी। उनका कहना है कि यह उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है और प्रशासन को इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उचित समाधान नहीं निकाला तो गांव का माहौल और बिगड़ सकता है। वहीं, कुछ ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और मूर्ति को पुनः स्थापित करने की मांग भी की है। दूसरी ओर, ग्राम प्रधान संजय सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए मीडिया के सामने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर मूर्ति स्थापित की गई थी, वह “परिवर्तन पार्क” है, न कि “अंबेडकर पार्क”। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मूर्ति की स्थापना बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के की गई थी, इसीलिए प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मूर्ति को हटवाया। ग्राम प्रधान ने यह भी कहा कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई उद्देश्य नहीं है और यदि प्रशासन से विधिवत अनुमति प्राप्त हो जाती है तो मूर्ति को दोबारा स्थापित किया जा सकता है। फिलहाल गांव में शांति का माहौल है फिर भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव में पुलिस बल की तैनाती जारी है। प्रशासन द्वारा ग्रामवासियों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। अब पूरे मामले पर सबकी निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मुद्दे का समाधान किस प्रकार करता है और क्या गांव में फिर से मूर्ति स्थापित हो सकती है
- कांठ थाना क्षेत्र में घर में घुसकर लाठी डंडों से मारपीट करने के मामले में थाना पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में उन्हें न्यायालय भेज दिया है। थाना कांठ के ग्राम सलेमपुर निवासी राजीव चौहान एवं दूसरे पक्ष के मोहित आदि में 15 अप्रैल को गाली गलौंज हो गई थी। इसके बाद हमलावरों ने राजीव के घर में घुसकर राजीव और उसकी मां को लाठी डंडों से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था और जान से मारने की धमकी दी थी। थाना पुलिस ने राजीव चौहान की तहरीर के आधार पर पृथ्वी सिंह, सौरभ कुमार, लक्ष्य, मोहित कुमार सहित चार लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया था। थाना पुलिस ने एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार का न्यायालय भेज दिया है और शनिवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें संबंधित धाराओं में न्यायालय भेज दिया है।2
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- अमरोहा के रजबपुर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे-9 पर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहां एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और फिल्मी स्टाइल में कई बार पलट गई। हादसे में एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार काफी तेज गति में थी और अचानक नियंत्रण खो बैठी, जिसके बाद डिवाइडर से टकराते ही वाहन पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया। गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज जारी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। आज शनिवार की दोपहर करीब 2:00 बजे राजापुर थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया है कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है। मृत्यु की पहचान गोडबिल निवासी गजरौला के रूप में हुई है।घायल की शिनाख्त की कोशिश की जा रही हैं। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे हाईवे पर सावधानीपूर्वक और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।1
- जनपद संभल के बनियाठेर थाना क्षेत्र में टायर गलाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग, आधा दर्जन गाड़ियों ने कड़ी मशकत कर पाया आग पर काबू। जनपद संभल के बनियाठेर थाना क्षेत्र में टायर से तेल निकालने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई दो घंटे तक फैक्ट्री आग से धधकी रही दमकल की छह गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया है. भीषण अग्निकांड की घटना बनियाठेर थाना इलाके में गुमथल रोड़ पर टायर से तेल निकालने वाली फैक्ट्री में सुबह करीब चार बजे की बताई जाती है फैक्ट्री परिसर स्थित पुराने टायरों का गोदाम आग से धधक उठा। रबर के टायरों में लगी आग बेकाबू हो गई मौके पर पहुंची दमकल ने आग बुझाने की कोशिश की बेकाबू आग देख अग्निशमन महकमे ने संभल और मुरादाबाद से एक-एक कर छह दमकल गाड़ियां बुला लीं और अग्निशमन महकमे ने कड़ी मशक्कत कर आग को बुझा लिया है.चीफ फायर आफिसर कृष्णकांत ओझा ने फैक्ट्री में लगी सभी मशीनों को सुरक्षित बचाने का दावा किया है। वहीं भयंकर दुर्गंध एवं धुआं फैला कर संचालित इस तरह की फैक्ट्रियों की वैधता पर सवाल उठना लाजिमी हैं. आखिर फैक्ट्री वैध है या अवैध अग्नि सचेतक थे या नही इसकी भी जांच की जा रही है। इस विषय में जानकारी देते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी कृष्णकांत ओझा ने बताया कि जैसा कि आप देख रहे हैं भारत पेट्रो ट्रेडर्स में आग लगी थी यहां पर टायर्स को रिसाइकल करके मोबिल ऑयल निकाला जाता है जिसको बाद में कार्य में लिया जाता है गोदाम में रखे पुराने टायरों में भयंकर आग लगी थी जब फायर स्टेशन सूचना पहुंची तो हम लोग आकर देखें तो भयंक रूप धारण कर लिया था और आगे बढ़ तत्काल दो फायर टेंडर, एक बहजोई से फायर टेंडर, एक संभल से फायर टेंडर और आवश्यकता अनुसार एक फायर टेंडर मुरादाबाद से भी मंगाया गया और चारों तरफ से घेरकर के आग पर काबू पाया गया इसमें कोई जनहानि नहीं हुई।3
- संभल में ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी संभल को सौंपा है। संगठन ने मुरादाबाद मंडल के असिस्टेंट कमिश्नर पर गंभीर आरोप लगाए हैं1
- नहटौर: नर्सिंग होम में गर्भवती महिला और शिशु की मौत से हड़कंप, परिजनों अस्पताल में हंगामा1
- शबाना और प्रदीप ने घर से भागकर रचाई शादी। लड़की ने वीडियो वायरल कर कहा मम्मी पापा आप केस वापस लेलो1
- कांठ मुजफ्फरपुर टांडा में अंबेडकर मूर्ति को लेकर हुआ विवाद पुलिस कार्रवाई के बाद गांव में बढ़ा तनाव प्रशासन के फैसले पर टिकी सबकी नजर कांठ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मुजफ्फरपुर टांडा में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। गांव में दो दिन पहले स्थापित की गई अंबेडकर जी की मूर्ति को पुलिस द्वारा हटवाए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है और ग्रामीणों के बीच इस मुद्दे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत मुजफ्फरपुर टांडा के एक पार्क में 23 अप्रैल 2026 के आसपास स्थानीय लोगों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि यह मूर्ति समाज के सहयोग और आपसी सहमति से लगाई गई थी, जिसका उद्देश्य महान समाज सुधारक और संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के प्रति सम्मान प्रकट करना था बताया जा रहा है कि 24 अप्रैल 2026 की रात किसी व्यक्ति द्वारा इस मूर्ति स्थापना को लेकर पुलिस प्रशासन से शिकायत की गई। शिकायत मिलते ही थाना कांठ पुलिस तत्काल हरकत में आई और भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना किसी देरी के पार्क में स्थापित मूर्ति को हटवा दिया पुलिस ने मूर्ति को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पास के एक कमरे में रखवाकर उस पर ताला लगवा दिया और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद गांव में हलचल मच गई और लोगों में आक्रोश देखने को मिला। इस मामले को लेकर जाटव समाज के लोगों में खासा रोष है। ग्रामीणों ने मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पूरी श्रद्धा और शांति के साथ अंबेडकर जी की मूर्ति स्थापित की थी, लेकिन ग्राम प्रधान संजय सिंह की शिकायत पर पुलिस ने जबरन मूर्ति हटवा दी। उनका कहना है कि यह उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है और प्रशासन को इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उचित समाधान नहीं निकाला तो गांव का माहौल और बिगड़ सकता है। वहीं, कुछ ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और मूर्ति को पुनः स्थापित करने की मांग भी की है। दूसरी ओर, ग्राम प्रधान संजय सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए मीडिया के सामने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर मूर्ति स्थापित की गई थी, वह “परिवर्तन पार्क” है, न कि “अंबेडकर पार्क”। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मूर्ति की स्थापना बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के की गई थी, इसीलिए प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मूर्ति को हटवाया। ग्राम प्रधान ने यह भी कहा कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई उद्देश्य नहीं है और यदि प्रशासन से विधिवत अनुमति प्राप्त हो जाती है तो मूर्ति को दोबारा स्थापित किया जा सकता है। फिलहाल गांव में शांति का माहौल है फिर भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव में पुलिस बल की तैनाती जारी है। प्रशासन द्वारा ग्रामवासियों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। अब पूरे मामले पर सबकी निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मुद्दे का समाधान किस प्रकार करता है और क्या गांव में फिर से मूर्ति स्थापित हो सकती है1
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