शिवपुरी जिले के भोंती थाना क्षेत्र के ग्राम चंदावनी में किशोरी साक्षी कोली पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला। घटना से नाराज लोगों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता राशि की मांग की, साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और उनके कथित अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की भी मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। चक्काजाम की सूचना मिलने पर अमोला थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता और नायब तहसीलदार शुभम गर्ग सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, उनकी मांगों को सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश के बाद, दोपहर करीब 1 बजे लगभग 5 घंटे से चला आ रहा यह प्रदर्शन समाप्त हुआ, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
शिवपुरी जिले के भोंती थाना क्षेत्र के ग्राम चंदावनी में किशोरी साक्षी कोली पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला। घटना से नाराज लोगों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता राशि की मांग की, साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और उनके कथित अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की भी मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। चक्काजाम की सूचना मिलने पर अमोला थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता और नायब तहसीलदार शुभम गर्ग सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, उनकी मांगों को सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश के बाद, दोपहर करीब 1 बजे लगभग 5 घंटे से चला आ रहा यह प्रदर्शन समाप्त हुआ, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
- शिवपुरी जिले के मामोनी कलाँ गाँव में माँ शेरावाली की मूर्ति को प्रतिस्थापित किया गया है।1
- शिवपुरी जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, पुलिस चौकी मगरौनी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 60,500 रुपये मूल्य की 11 पेटी देशी मदिरा प्लेन और 1 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की है। पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि मगरौनी के पंजाब परमार निवासी क्षेत्र में ख्यातदा रोड स्थित एक कमरे के बाहर बने टीन शेड में बड़ी मात्रा में अवैध शराब रखी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और टीन शेड से यह अवैध शराब बरामद की। पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती रागिनी डोंगरे भदौरिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नरवर निरीक्षक विनय यादव के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। बरामद की गई शराब में कुल 550 क्वार्टर देशी शराब और 50 क्वार्टर अंग्रेजी शराब शामिल थी, जिसकी कुल मात्रा 108 लीटर है। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विनय यादव, चौकी प्रभारी मगरौनी उपनिरीक्षक अभिमन्यु सिंह राजावत, प्रधान आरक्षक भूपेन्द्र गुर्जर, आरक्षक सतीश यादव, रविन्द्र भास्कर और राघवेन्द्र तोमर की विशेष भूमिका रही। मगरौनी पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नरवर के संदीपनी विद्यालय परिसर में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी (BJP) मंडल नरवर और नगर परिषद नरवर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जहाँ उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों और गणमान्य नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पौधरोपण किया। इस दौरान सभी से यह अपील की गई कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी सुनिश्चित करे। कार्यक्रम में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शगगन खटीक, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संदीप बिसानी माहेश्वरी, भाजपा मंडल नरवर के पदाधिकारी, नगर परिषद नरवर के प्रतिनिधि, विद्यालय परिवार, शिक्षकगण, नायब तहसीलदार महोदय, छात्र-छात्राएँ, विधायक प्रतिनिधि तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण के साधन नहीं हैं, बल्कि ये आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को प्रकृति और मातृत्व के सम्मान का एक प्रेरणादायक प्रयास बताया, जो जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि यह महान अभियान सफल हो।1
- दतिया में राज एक्सप्रेस के तत्वावधान में काली माता आश्रम, ग्वालियर रोड परिसर में एक पर्यावरण संगोष्ठी एवं वृक्षारोपण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दतिया कोतवाली के टीआई धीरेंद्र मिश्रा ने मुख्य अतिथि के आसन से अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के हित के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए, क्योंकि “पेड़ है तो जीवन है”। उन्होंने धर्म शास्त्रों का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि “एक वृक्ष 100 पुत्रों के समान” होता है। इस समारोह की अध्यक्षता अनेक अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड विजेता डॉ. आलोक सोनी ने की, वहीं महामंडलेश्वर विपुल समाधि नाथ महाराज जी ने सभी उपस्थित लोगों को आशीर्वाद दिया। श्रमजीवी पत्रकार संघ के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रांतीय संयोजक मनोज गोस्वामी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जिन्होंने सुझाव दिया कि लोगों को प्रतिदिन फल खाने के बाद उनके बीज सुरक्षित रखने चाहिए और सुबह जिस सड़क से गुजरें, उसके किनारे उन बीजों को बिखेर देना चाहिए, जो भविष्य में अच्छे पेड़ बनकर हमारी अगली पीढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात साबित होंगे। कार्यक्रम के अध्यक्ष और पर्यावरणविद् डॉ. आलोक सोनी ने पर्यावरण बचाने के लिए ओजोन परत को संरक्षित करने का आह्वान किया, जिसके लिए उन्होंने एसी और फ्रिज के उपयोग को कम करने तथा प्रतिदिन एक पेड़ लगाने का संकल्प लेने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार चेतन सुखानी ने किया, जबकि स्वागत भाषण राज एक्सप्रेस के पत्रकार चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव ने दिया। इस अवसर पर जिला अभिभाषक संघ के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट राघवेंद्र समाधिया, प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन के सचिव सुनील सिंह कुशवाहा, पत्रकार रूपेश सेन, विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले जितेंद्र गुरु, पत्रकार दीपक श्रीवास्तव, पत्रकार राहुल शर्मा, पत्रकार मुरारी लाल कुशवाह, पत्रकार जेपी पटवा, रामलखन यादव, अंकित श्रीवास्तव, वासुदेव श्रीवास्तव, विनय त्रिपाठी और दीपक पाठक सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे। समारोह के दौरान नीम, पीपल, आम और गूगल सहित कई किस्मों के विभिन्न पेड़ लगाए गए। अंत में, दीपक श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया।1
- झांसी की नवाबाद पुलिस ने शराबियों को पकड़ने के उद्देश्य से कई स्थानों पर एक संज्ञान चेकिंग अभियान चलाया।1
- सिंध नदी के किनारे रतनगढ़ माता के पास पिछले कई वर्षों से लगातार अवैध रेत का उत्खनन जारी है, जिसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। इस अनियंत्रित खनन के कारण नदी के बहाव में परिवर्तन, जल स्तर में कमी, जल प्रदूषण और भूमि कटाव जैसी प्राकृतिक अवनति हो रही है। इतना ही नहीं, अवैध रेत के परिवहन के लिए जंगल के बीच रास्ते बनाए जा रहे हैं, जिससे वन संपदा को भी भारी क्षति पहुँच रही है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए, रतनगढ़ माता सिंध नदी के किनारे हो रहे इस अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है।1
- शिवपुरी जिले के भोंती थाना क्षेत्र के ग्राम चंदावनी में किशोरी साक्षी कोली पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला। घटना से नाराज लोगों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता राशि की मांग की, साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और उनके कथित अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की भी मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। चक्काजाम की सूचना मिलने पर अमोला थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता और नायब तहसीलदार शुभम गर्ग सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, उनकी मांगों को सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश के बाद, दोपहर करीब 1 बजे लगभग 5 घंटे से चला आ रहा यह प्रदर्शन समाप्त हुआ, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।1
- शिवपुरी जिले में आशा, ऊषा और आशा सुपरवाइजर कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की अपील की है। कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से जनवरी से मई 2026 तक के लंबित भुगतानों को तुरंत जारी करने की मांग की है, साथ ही भविष्य में समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछले कई महीनों से उन्हें निर्धारित मानदेय और प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में कुल 6 प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें लंबित मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान, एरियर भुगतान, अतिरिक्त वेतन वृद्धि, सेवा संबंधी सुविधाएं प्रदान करना और आशा कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु को 65 वर्ष तक बढ़ाना शामिल है। संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू करेंगी। इस आंदोलन के तहत पहले विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और फिर "कलम बंद, काम बंद" हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, फिर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, और उन्होंने सरकार से अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।1