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☑️कलेक्टर ने प्रवेश उत्सव शिक्षा रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना ☑️स्कूल चले हम अभियान के तहत पीएम श्री शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रवेश उत्सव शिक्षा रथ को कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । रथ के माध्यम से आवासीय छात्रावासों मे उपलब्ध सुविधाओं,विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं,दिव्यांग बच्चों को शासन व्दारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं से आम जनों को अवगत कराया जाएगा तथा बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ☑️ इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, जूनियर रेडक्रास सोसायटी अध्यक्ष मान सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी आर एस मरावी, डीपीसी के के डेहरिया सहित शिक्षक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे ।
Tapas Gupta
☑️कलेक्टर ने प्रवेश उत्सव शिक्षा रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना ☑️स्कूल चले हम अभियान के तहत पीएम श्री शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रवेश उत्सव शिक्षा रथ को कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । रथ के माध्यम से आवासीय छात्रावासों मे उपलब्ध सुविधाओं,विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं,दिव्यांग बच्चों को शासन व्दारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं से आम जनों को अवगत कराया जाएगा तथा बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ☑️ इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, जूनियर रेडक्रास सोसायटी अध्यक्ष मान सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी आर एस मरावी, डीपीसी के के डेहरिया सहित शिक्षक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे ।
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- गर्मी में मां के संग पानी में मस्ती करते दिखे 4 शावक, बांधवगढ़ का दिल छू लेने वाला VIDEO वायरल उमरिया तपस गुप्ता (7999276090) जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बेहद खूबसूरत और सुकून देने वाला वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो खितोली जोन क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां रविवार की शाम एक बाघिन अपने चार नन्हे शावकों के साथ पानी में खेलती और उन्हें सिखाती नजर आई। गर्मी के इस मौसम में जहां जंगल के अधिकांश हिस्सों में पानी की कमी हो जाती है, वहीं ऐसे जलस्रोत वन्यजीवों के लिए राहत का सबसे बड़ा सहारा बन जाते हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बाघिन अपने शावकों के साथ पानी में उतरकर न सिर्फ खुद को ठंडक दे रही है, बल्कि अपने बच्चों को भी पानी में रहने और सुरक्षित रहने के तरीके सिखा रही है। चारों शावक बेहद चंचल अंदाज में कभी पानी में छलांग लगाते दिखे, तो कभी मां के आसपास खेलते नजर आए। उनकी मासूम हरकतों ने इस वीडियो को और भी खास बना दिया है। मां बाघिन पूरे समय सतर्क नजर आई और हर पल अपने शावकों पर नजर रखती दिखी, जो जंगल के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के बीच यह वीडियो खासा चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे बांधवगढ़ के समृद्ध वन्यजीव और सुरक्षित माहौल का प्रतीक मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक साथ चार शावकों का स्वस्थ और सक्रिय नजर आना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में शिकार और प्राकृतिक संसाधन पर्याप्त हैं। गौरतलब है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में से एक है, जहां बाघों की अच्छी खासी संख्या पाई जाती है। यहां का खितोली जोन खासतौर पर बाघों की मूवमेंट और उनके व्यवहार को देखने के लिए जाना जाता है। फिलहाल यह वीडियो लोगों के दिलों को छू रहा है और जंगल के उस खूबसूरत पहलू को सामने ला रहा है, जहां ममता, सुरक्षा और जीवन का संतुलन एक साथ नजर आता है।1
- उमरिया जिले की सियासत में कांग्रेस की एक सूची ने ऐसा बवंडर खड़ा कर दिया है जिसकी गूंज अब संगठन की साख तक पहुंच गई है। मामला मध्य प्रदेश कांग्रेस केश कला शिल्पी प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तरीय नव-नियुक्त प्रबंध समिति से जुड़ा है जहां एक नाम ने पूरी राजनीति गरमा दी। सूची में उमरिया निवासी अनुज सेन को प्रदेश सचिव घोषित कर दिया गया लेकिन असली विवाद यहीं से शुरू हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि अनुज सेन खुद को भारतीय जनता पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता बताते हैं और वर्तमान में भाजपा नगर मंडल उमरिया में मंत्री पद पर काबिज हैं। ऐसे में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सूची में उनका नाम शामिल होना सीधे-सीधे संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अनुज सेन ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनका कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है और वे वर्षों पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं। उनके मुताबिक, बिना जानकारी और सहमति के उनका नाम जोड़ना सिर्फ एक गलती नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है। सेन ने दो टूक कहा कि वे आगे भी भाजपा के साथ ही जुड़े रहेंगे। बताया जा रहा है कि अनुज सेन करीब 8 साल पहले कांग्रेस से अलग हो चुके थे और तब से लगातार भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर कांग्रेस की सूची तैयार करने में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर संगठन के भीतर गहरी गड़बड़ी? इस पूरे मामले ने कांग्रेस को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। विपक्ष को बैठे-बिठाए हमला करने का मौका मिल गया है वहीं संगठन के भीतर भी असंतोष की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। एक साधारण सूची में इस तरह की गलती ने कांग्रेस की गंभीरता और विश्वसनीयता दोनों पर चोट पहुंचाई है। विवाद बढ़ता देख कांग्रेस संगठन के महासचिव एडवोकेट पुष्पराज सिंह सामने आए और सफाई दी। उन्होंने स्वीकार किया कि अनुज सेन पहले कांग्रेस में थे लेकिन अब पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। उनके अनुसार सूची में नाम शामिल होना एक तकनीकी त्रुटि है, जिसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। हालांकि यह सफाई कई सवालों को शांत करने में नाकाफी साबित हो रही है। क्या इतनी अहम नियुक्ति सूची बिना सही जांच के जारी कर दी गई? क्या संगठन में समन्वय की कमी है या फिर जिम्मेदारी तय करने का अभाव? उमरिया का यह मामला अब एक साधारण नाम जुड़ने की गलती नहीं रह गया है बल्कि कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और कार्यशैली पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है या यह मुद्दा आगे और सियासी रंग लेता है।1
- Post by Ashok Sondhiya1
- शहडोल /जिला जेल शहडोल में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद एक बंदी ने आत्महत्या की कोशिश कर डाली। बंदी ने किसी नुकीली वस्तु से अपना ही गला काट लिया, जिससे जेल प्रशासन में अफरा-तफरी फैल गई। जानकारी के मुताबिक, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी पाए गए बंदी पंकज कटारे को हाल ही में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सजा के बाद से ही वह मानसिक रूप से बेहद तनाव में बताया जा रहा था। 🔴 सुबह बैरक खुलते ही सामने आया खौफनाक मंजर बुधवार सुबह जब सुरक्षाकर्मी बैरक खोलने पहुंचे, तो चादर पर खून के निशान देखकर उनके होश उड़ गए। पास जाकर देखा तो बंदी के हाथ में टीन का धारदार टुकड़ा था और वह अपने गले पर वार कर चुका था। ⚡ तुरंत बचाई गई जान सुरक्षाकर्मियों ने फौरन स्थिति संभाली, बंदी को काबू में लिया और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि गले में गहरा घाव था, जिस पर टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और खतरे से बाहर बताई जा रही है। 🔎 तनाव बना वजह? जेल प्रशासन के अनुसार, बंदी पिछले करीब एक साल से जेल में था और इस दौरान उससे मिलने कोई परिजन नहीं आया। कानूनी सहायता भी नहीं मिल सकी, जिससे वह लगातार मानसिक दबाव में था। उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद उसका तनाव और बढ़ गया, जिसने उसे यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। ⚠️ पहले भी रहा है आपराधिक इतिहास बताया जा रहा है कि आरोपी पहले भी दुष्कर्म के मामले में सजा काट चुका है और हाल ही में रिहा होने के बाद फिर एक गंभीर अपराध में लिप्त पाया गया था। 👉 फिलहाल मामले ने जेल सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- शहडोल बुधवार को नगर के शासकीय रघुराज स्कूल में प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस आयोजन में जिले के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे हैं, जहां बड़े ही धूमधाम के साथ प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम में स्कूल के छात्र-छात्राएं शिक्षक सहित जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के कटनी में इंसानियत शर्मसार, ट्रेन के टॉयलेट में लावारिस मिली नवजात सोमवार (30 मार्च) की सुबह हरिद्वार से पुरी जा रही उत्कल एक्सप्रेस के S-4 कोच में उस वक्त हड़कंप मच गया. जब एक यात्री ने टॉयलेट के अंदर एक नवजात शिशु को पड़ा हुआ देखा. मध्य प्रदेश के कटनी से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी खबर सामने आई है. जिसने सभी के रोंगटे खड़े कर दिए हैं. कटनी में उत्कल एक्सप्रेस के कोच के टॉयलेट में एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिली है. लावारिश हालत में शिशु के बरामद होने से हड़कंप मच गया. यह घटना मुड़वारा रेलवे स्टेशन की है, जहां मासूम की जिंदगी मौत के मुहाने पर थी, लेकिन समय रहते उसे बचा लिया गया. फिलहाल नवजात शिशु पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है. यात्री को टॉयलेट में मिला नवजात शिशु सोमवार (30 मार्च) की सुबह हरिद्वार से पुरी जा रही उत्कल एक्सप्रेस के S-4 कोच में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक यात्री ने टॉयलेट के अंदर एक नवजात शिशु को पड़ा हुआ देखा. यात्री द्वारा यह दृश्य देखते ही इसकी सूचना यात्री ने तुरंत रेलवे के इमरजेंसी नंबर पर दी. सूचना मिलते ही कोच में अफरा-तफरी मच गई.1
- बाणसागर: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाणसागर प्रभारी प्राचार्य श्री शिवेंद्र मणि त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आयोजित नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ पर भव्य 'प्रवेश उत्सव' का आयोजन किया गया। शासन के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में नव-प्रवेशी छात्र-छात्राओं का स्वागत पारंपरिक और उत्साहपूर्ण तरीके से तिलक लगाकर हुआ स्वागत विद्यालय की गरिमा के अनुरूप, शिक्षकों और वरिष्ठ छात्रों ने नव-प्रवेशी विद्यार्थियों का प्रवेश द्वार पर ही तिलक लगाकर और फूल-मालाओं के साथ आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान छात्रों के चेहरे पर नई कक्षा और नए सत्र को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।प्रवेश उत्सव के अवसर पर विद्यालय में कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना के साथ हुई। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य और शिक्षकों ने दीप प्रज्वलित कर माता का आशीर्वाद लिया।। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न लोक गीतों, नृत्यों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा के महत्व और 'स्कूल चलें हम' अभियान का संदेश दिया गया। इस दौरान कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्र-छात्राओं को उनकी अंकसूची प्रदान की गई। साथ ही, आगामी शैक्षणिक सत्र के सुचारू संचालन हेतु शासन की योजना के तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया गया। विद्यालय का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा, जिसमें कई छात्र-छात्राओं ने प्रथम श्रेणी में स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। अंकसूची प्राप्त करने के तुरंत बाद विद्यार्थियों को नए सत्र की पुस्तकें प्रदान की गईं, ताकि वे अपनी आगे की पढ़ाई समय पर शुरू कर सकें। इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों को उनके बच्चों की प्रगति के बारे में जानकारी दी गई और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। अतिथियों का उद्बोधन: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्थानीय नगर परिषद खांड (बाणसागर) अध्यक्ष श्री मती सुशीला सिंह भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र बैस, वरिष्ठ समाजसेवी गया पयासी और निपेंद्र सिंह, रामजी गौतम संबोधन में विद्यार्थियों को बधाई दी और उन्हें भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करने हेतु प्रेरित किया। प्राचार्य का संबोधन:इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि "शिक्षा ही सफलता की कुंजी है। नई पुस्तकें विद्यार्थियों के लिए नए सपनों की शुरुआत हैं।" उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक रहें और उन्हें नियमित विद्यालय भेजें।परीक्षा परिणाम पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे और वे नई पुस्तकें पाकर बेहद उत्साहित नजर आए।1
- Post by Ashok Sondhiya1