भाजपा मंत्री को बना दिया कांग्रेस प्रदेश सचिव उमरिया में लिस्ट से मचा बवाल.... उमरिया जिले की सियासत में कांग्रेस की एक सूची ने ऐसा बवंडर खड़ा कर दिया है जिसकी गूंज अब संगठन की साख तक पहुंच गई है। मामला मध्य प्रदेश कांग्रेस केश कला शिल्पी प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तरीय नव-नियुक्त प्रबंध समिति से जुड़ा है जहां एक नाम ने पूरी राजनीति गरमा दी। सूची में उमरिया निवासी अनुज सेन को प्रदेश सचिव घोषित कर दिया गया लेकिन असली विवाद यहीं से शुरू हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि अनुज सेन खुद को भारतीय जनता पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता बताते हैं और वर्तमान में भाजपा नगर मंडल उमरिया में मंत्री पद पर काबिज हैं। ऐसे में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सूची में उनका नाम शामिल होना सीधे-सीधे संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अनुज सेन ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनका कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है और वे वर्षों पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं। उनके मुताबिक, बिना जानकारी और सहमति के उनका नाम जोड़ना सिर्फ एक गलती नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है। सेन ने दो टूक कहा कि वे आगे भी भाजपा के साथ ही जुड़े रहेंगे। बताया जा रहा है कि अनुज सेन करीब 8 साल पहले कांग्रेस से अलग हो चुके थे और तब से लगातार भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर कांग्रेस की सूची तैयार करने में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर संगठन के भीतर गहरी गड़बड़ी? इस पूरे मामले ने कांग्रेस को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। विपक्ष को बैठे-बिठाए हमला करने का मौका मिल गया है वहीं संगठन के भीतर भी असंतोष की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। एक साधारण सूची में इस तरह की गलती ने कांग्रेस की गंभीरता और विश्वसनीयता दोनों पर चोट पहुंचाई है। विवाद बढ़ता देख कांग्रेस संगठन के महासचिव एडवोकेट पुष्पराज सिंह सामने आए और सफाई दी। उन्होंने स्वीकार किया कि अनुज सेन पहले कांग्रेस में थे लेकिन अब पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। उनके अनुसार सूची में नाम शामिल होना एक तकनीकी त्रुटि है, जिसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। हालांकि यह सफाई कई सवालों को शांत करने में नाकाफी साबित हो रही है। क्या इतनी अहम नियुक्ति सूची बिना सही जांच के जारी कर दी गई? क्या संगठन में समन्वय की कमी है या फिर जिम्मेदारी तय करने का अभाव? उमरिया का यह मामला अब एक साधारण नाम जुड़ने की गलती नहीं रह गया है बल्कि कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और कार्यशैली पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है या यह मुद्दा आगे और सियासी रंग लेता है।
भाजपा मंत्री को बना दिया कांग्रेस प्रदेश सचिव उमरिया में लिस्ट से मचा बवाल.... उमरिया जिले की सियासत में कांग्रेस की एक सूची ने ऐसा बवंडर खड़ा कर दिया है जिसकी गूंज अब संगठन की साख तक पहुंच गई है। मामला मध्य प्रदेश कांग्रेस केश कला शिल्पी प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तरीय नव-नियुक्त प्रबंध समिति से जुड़ा है जहां एक नाम ने पूरी राजनीति गरमा दी। सूची में उमरिया निवासी अनुज सेन को प्रदेश सचिव घोषित कर दिया गया लेकिन असली विवाद यहीं से शुरू हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि अनुज सेन खुद को भारतीय जनता पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता बताते हैं और वर्तमान में भाजपा नगर मंडल उमरिया में मंत्री पद पर काबिज हैं। ऐसे में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सूची में उनका नाम शामिल होना सीधे-सीधे संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अनुज सेन ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनका कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है और वे वर्षों पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं। उनके मुताबिक, बिना जानकारी और सहमति के उनका नाम जोड़ना सिर्फ एक गलती नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है। सेन ने दो टूक कहा कि वे आगे भी भाजपा के साथ ही जुड़े रहेंगे। बताया जा रहा है कि अनुज सेन करीब 8 साल पहले कांग्रेस से अलग हो चुके थे और तब से लगातार भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर कांग्रेस की सूची तैयार करने में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर संगठन के भीतर गहरी गड़बड़ी? इस पूरे मामले ने कांग्रेस को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। विपक्ष को बैठे-बिठाए हमला करने का मौका मिल गया है वहीं संगठन के भीतर भी असंतोष की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। एक साधारण सूची में इस तरह की गलती ने कांग्रेस की गंभीरता और विश्वसनीयता दोनों पर चोट पहुंचाई है। विवाद बढ़ता देख कांग्रेस संगठन के महासचिव एडवोकेट पुष्पराज सिंह सामने आए और सफाई दी। उन्होंने स्वीकार किया कि अनुज सेन पहले कांग्रेस में थे लेकिन अब पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। उनके अनुसार सूची में नाम शामिल होना एक तकनीकी त्रुटि है, जिसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। हालांकि यह सफाई कई सवालों को शांत करने में नाकाफी साबित हो रही है। क्या इतनी अहम नियुक्ति सूची बिना सही जांच के जारी कर दी गई? क्या संगठन में समन्वय की कमी है या फिर जिम्मेदारी तय करने का अभाव? उमरिया का यह मामला अब एक साधारण नाम जुड़ने की गलती नहीं रह गया है बल्कि कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और कार्यशैली पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है या यह मुद्दा आगे और सियासी रंग लेता है।
- गर्मी में मां के संग पानी में मस्ती करते दिखे 4 शावक, बांधवगढ़ का दिल छू लेने वाला VIDEO वायरल उमरिया तपस गुप्ता (7999276090) जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बेहद खूबसूरत और सुकून देने वाला वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो खितोली जोन क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां रविवार की शाम एक बाघिन अपने चार नन्हे शावकों के साथ पानी में खेलती और उन्हें सिखाती नजर आई। गर्मी के इस मौसम में जहां जंगल के अधिकांश हिस्सों में पानी की कमी हो जाती है, वहीं ऐसे जलस्रोत वन्यजीवों के लिए राहत का सबसे बड़ा सहारा बन जाते हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बाघिन अपने शावकों के साथ पानी में उतरकर न सिर्फ खुद को ठंडक दे रही है, बल्कि अपने बच्चों को भी पानी में रहने और सुरक्षित रहने के तरीके सिखा रही है। चारों शावक बेहद चंचल अंदाज में कभी पानी में छलांग लगाते दिखे, तो कभी मां के आसपास खेलते नजर आए। उनकी मासूम हरकतों ने इस वीडियो को और भी खास बना दिया है। मां बाघिन पूरे समय सतर्क नजर आई और हर पल अपने शावकों पर नजर रखती दिखी, जो जंगल के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के बीच यह वीडियो खासा चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे बांधवगढ़ के समृद्ध वन्यजीव और सुरक्षित माहौल का प्रतीक मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक साथ चार शावकों का स्वस्थ और सक्रिय नजर आना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में शिकार और प्राकृतिक संसाधन पर्याप्त हैं। गौरतलब है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में से एक है, जहां बाघों की अच्छी खासी संख्या पाई जाती है। यहां का खितोली जोन खासतौर पर बाघों की मूवमेंट और उनके व्यवहार को देखने के लिए जाना जाता है। फिलहाल यह वीडियो लोगों के दिलों को छू रहा है और जंगल के उस खूबसूरत पहलू को सामने ला रहा है, जहां ममता, सुरक्षा और जीवन का संतुलन एक साथ नजर आता है।1
- उमरिया जिले की सियासत में कांग्रेस की एक सूची ने ऐसा बवंडर खड़ा कर दिया है जिसकी गूंज अब संगठन की साख तक पहुंच गई है। मामला मध्य प्रदेश कांग्रेस केश कला शिल्पी प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तरीय नव-नियुक्त प्रबंध समिति से जुड़ा है जहां एक नाम ने पूरी राजनीति गरमा दी। सूची में उमरिया निवासी अनुज सेन को प्रदेश सचिव घोषित कर दिया गया लेकिन असली विवाद यहीं से शुरू हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि अनुज सेन खुद को भारतीय जनता पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता बताते हैं और वर्तमान में भाजपा नगर मंडल उमरिया में मंत्री पद पर काबिज हैं। ऐसे में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सूची में उनका नाम शामिल होना सीधे-सीधे संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अनुज सेन ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनका कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है और वे वर्षों पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं। उनके मुताबिक, बिना जानकारी और सहमति के उनका नाम जोड़ना सिर्फ एक गलती नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है। सेन ने दो टूक कहा कि वे आगे भी भाजपा के साथ ही जुड़े रहेंगे। बताया जा रहा है कि अनुज सेन करीब 8 साल पहले कांग्रेस से अलग हो चुके थे और तब से लगातार भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर कांग्रेस की सूची तैयार करने में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर संगठन के भीतर गहरी गड़बड़ी? इस पूरे मामले ने कांग्रेस को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। विपक्ष को बैठे-बिठाए हमला करने का मौका मिल गया है वहीं संगठन के भीतर भी असंतोष की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। एक साधारण सूची में इस तरह की गलती ने कांग्रेस की गंभीरता और विश्वसनीयता दोनों पर चोट पहुंचाई है। विवाद बढ़ता देख कांग्रेस संगठन के महासचिव एडवोकेट पुष्पराज सिंह सामने आए और सफाई दी। उन्होंने स्वीकार किया कि अनुज सेन पहले कांग्रेस में थे लेकिन अब पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। उनके अनुसार सूची में नाम शामिल होना एक तकनीकी त्रुटि है, जिसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। हालांकि यह सफाई कई सवालों को शांत करने में नाकाफी साबित हो रही है। क्या इतनी अहम नियुक्ति सूची बिना सही जांच के जारी कर दी गई? क्या संगठन में समन्वय की कमी है या फिर जिम्मेदारी तय करने का अभाव? उमरिया का यह मामला अब एक साधारण नाम जुड़ने की गलती नहीं रह गया है बल्कि कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और कार्यशैली पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है या यह मुद्दा आगे और सियासी रंग लेता है।1
- *उमरिया* - प्रतिवर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी के जन्मोत्सव के बाद चैत्र पूर्णिमा तिथि पर भगवान राम जी के सबसे अनन्य भक्त और संकट मोचन भगवान श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धाभक्ति के साथ 02 अप्रैल को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में हनुमान जी को कलयुग का देवता माना गया है और ये आज भी इस पृथ्वी पर भ्रमण करते हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। ज्ञात हो कि भगवान श्रीराम के प्रिय भक्त पवनसुत हनुमान जी का जन्मोत्सव जिले भर मे धूम-धाम से मनाया जाएगा। इस मौके पर जगह-जगह हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, सुंदरकाण्ड और अखंड रामायण के पाठ शुरू हो गए हैं।श्री हनुमान जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर श्री हनुमान मंदिरों में श्री अखंड रामायण पाठ एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। बताया गया कि नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 कैम्प मोहल्ला सिंधी धर्मशाला के पीछे स्थित मारुति मंदिर में 01 अप्रैल बुधवार को अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया गया है। जिसका समापन श्री हनुमान जन्मोत्सव 02 अप्रैल को होगा। तत्पश्चात दोपहर 12 बजे से प्रभु इच्छा तक विशाल भंडारा प्रसाद वितरण किया जावेगा। उक्त धार्मिक अनुष्ठान में अधिकाधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया गया है।2
- *महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन* प्रेस विज्ञप्ति उमरिया, दिनांक 31 मार्च 2026 (मंगलवार) उमरिया जिले के करकेली ब्लॉक में आज गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम, उनकी अपर्याप्त उपलब्धता, बिजली दरों में अप्रत्याशित वृद्धि तथा पेट्रोल-डीजल की कमी के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी करकेली द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। इसके पश्चात महामहिम राज्यपाल के नाम तहसीलदार करकेली को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेसजनों ने आम जनता को हो रही भारी परेशानियों को रेखांकित करते हुए मांग की कि बढ़ती महंगाई पर तत्काल नियंत्रण किया जाए तथा आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों से आमजन का जीवन अत्यंत कठिन हो गया है और सरकार को इस दिशा में शीघ्र प्रभावी कदम उठाने चाहिए। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी करकेली के अध्यक्ष श्री एशोराम सिंह के नेतृत्व में जनपद सदस्य श्री ओंकार सिंह ‘बबलू भैया’, श्री पंचम सिंह, श्री ठाकुर दीन झरिया, श्री उधो झरिया, श्री लेखराम सिंह, श्री संतोष सिंह, श्री लखन कुशवाहा, श्री राजेश नापित, श्री बहोरी चौधरी, श्री अर्जुन सिंह, श्री कैलाश कुशवाहा, श्री राजू यादव, श्री लाल विश्वकर्मा, श्री जियालाल बैगा, श्री धर्म सिंह, श्री भरत प्रसाद अगरिया, श्री कृष्ण पाल सिंह, श्री पुनौऊआ कोल, श्री प्यारेलाल कोल, श्री दिलीप गुप्ता, श्री मनोज गुप्ता, श्री आशीष तोमर, श्री अमृत जायसवाल, श्री कमला सिंह, श्री ओम प्रकाश कुशवाहा, श्री बलराम चतुर्वेदी, श्री बबलू केवट, श्री कैलाश अग्रवाल, श्री बाबा सिंह, श्री रतन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी करकेली द्वारा उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए उनका स्वागत एवं वंदन किया गया।4
- Post by Ashok Sondhiya1
- शहडोल /जिला जेल शहडोल में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद एक बंदी ने आत्महत्या की कोशिश कर डाली। बंदी ने किसी नुकीली वस्तु से अपना ही गला काट लिया, जिससे जेल प्रशासन में अफरा-तफरी फैल गई। जानकारी के मुताबिक, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी पाए गए बंदी पंकज कटारे को हाल ही में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सजा के बाद से ही वह मानसिक रूप से बेहद तनाव में बताया जा रहा था। 🔴 सुबह बैरक खुलते ही सामने आया खौफनाक मंजर बुधवार सुबह जब सुरक्षाकर्मी बैरक खोलने पहुंचे, तो चादर पर खून के निशान देखकर उनके होश उड़ गए। पास जाकर देखा तो बंदी के हाथ में टीन का धारदार टुकड़ा था और वह अपने गले पर वार कर चुका था। ⚡ तुरंत बचाई गई जान सुरक्षाकर्मियों ने फौरन स्थिति संभाली, बंदी को काबू में लिया और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि गले में गहरा घाव था, जिस पर टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और खतरे से बाहर बताई जा रही है। 🔎 तनाव बना वजह? जेल प्रशासन के अनुसार, बंदी पिछले करीब एक साल से जेल में था और इस दौरान उससे मिलने कोई परिजन नहीं आया। कानूनी सहायता भी नहीं मिल सकी, जिससे वह लगातार मानसिक दबाव में था। उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद उसका तनाव और बढ़ गया, जिसने उसे यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। ⚠️ पहले भी रहा है आपराधिक इतिहास बताया जा रहा है कि आरोपी पहले भी दुष्कर्म के मामले में सजा काट चुका है और हाल ही में रिहा होने के बाद फिर एक गंभीर अपराध में लिप्त पाया गया था। 👉 फिलहाल मामले ने जेल सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- शहडोल बुधवार को नगर के शासकीय रघुराज स्कूल में प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस आयोजन में जिले के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे हैं, जहां बड़े ही धूमधाम के साथ प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम में स्कूल के छात्र-छात्राएं शिक्षक सहित जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे हैं।1
- Post by RAKES PRATAP SINGH SIKARWAR5