*निरीक्षक रेव सिंह तोमर ने एयर पिस्टल 10 मीटर मास्टर वर्ग में जीता स्वर्ण पदक* *राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आकास संगठन बधाई एवं दी शुभकामनाएं* *निरीक्षक रेव सिंह तोमर ने एयर पिस्टल 10 मीटर मास्टर वर्ग में जीता स्वर्ण पदक* *राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आकास संगठन बधाई एवं दी शुभकामनाएं* इमरान खत्री आलीराजपुर:- आलीराजपुर जिले के गुजरात राज्य से लगे हुए छोटे से गांव आंधारकांच के निवासी निरीक्षक रेवसिंह तोमर ने जबलपुर में हुई मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में 15वीं बटालियन, इंदौर में पदस्थ निरीक्षक रेव सिंह तोमर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के गौरव में एक और स्वर्णिम उपलब्धि जोड़ दी है। दिनांक 20 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक जबलपुर में आयोजित मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता के मास्टर वर्ग में रेव सिंह तोमर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम किया प्रतियोगिता के दौरान प्रदेशभर से आए अनुभवी खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में रेव सिंह तोमर ने संयम, धैर्य और बेहतरीन तकनीक का परिचय देते हुए अपने निशाने को लक्ष्य पर केंद्रित रखा। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उन्हें प्रतियोगिता के शीर्ष स्थान तक पहुंचाया। पुलिस सेवा में वर्षों से कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे रेव सिंह तोमर ने खेल के मैदान में भी वही समर्पण दिखाया। उनकी यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि— “जब पुलिस सेवा का अनुशासन खेल के प्रति जुनून से मिलता है, तो निशाने पर सिर्फ लक्ष्य नहीं, बल्कि स्वर्णिम सफलता लिखी जाती है।” 15वीं बटालियन, इंदौर के लिए यह उपलब्धि विशेष गौरव का विषय है। एक ओर निरीक्षक के रूप में महत्वपूर्ण शासकीय जिम्मेदारियां और दूसरी ओर खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन—दोनों को संतुलित करते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त करना उनके दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत को दर्शाता है। रेव सिंह तोमर की यह उपलब्धि पुलिस विभाग के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने यह साबित किया है कि सफलता की कोई उम्र नहीं होती और अनुभव यदि निरंतर अभ्यास के साथ जुड़ जाए तो बड़ी से बड़ी चुनौती को भी उपलब्धि में बदला जा सकता है। उनकी इस स्वर्णिम सफलता ने न केवल 15वीं बटालियन, इंदौर, बल्कि संपूर्ण मध्यप्रदेश पुलिस का मान बढ़ाया है। रेव सिंह तोमर को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर आदिवासी कर्मचारी अधिकारी संगठन (आकास) जिला अध्यक्ष भंगुसिंग तोमर, कार्यकारी अध्यक्ष केरमसिंह जमरा,उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौहान, बसंत अजनार, लालसिंह डावर,महासचिव डॉ नितेश भिंडे,केरमसिंह चौहान, विद्या बंदौड, सुरेन्द्रसिंह डावर, अनिल आवासीय, कोषाध्यक्ष रतनसिंह रावत, जिला सचिव गजेंद्र सिंह कनेश, सुनील डुडवे, करमसिंह किराड़, श्रीमति निर्मला चौहान, गुलाबी तोमर,डॉ.दिगदार सिंह कलेश,रायसिंह आवासीय, सुरेंद्र अजनार, नानसिंह चौहान, मगनसिंह मौर्य, मीडिया प्रभारी भुवानसिंह भाबर, नारायण डुडवे सहित समाज जन,वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस परिवार, सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों द्वारा हार्दिक बधाई दी गई है तथा आगामी प्रतियोगिताओं में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं।
*निरीक्षक रेव सिंह तोमर ने एयर पिस्टल 10 मीटर मास्टर वर्ग में जीता स्वर्ण पदक* *राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आकास संगठन बधाई एवं दी शुभकामनाएं* *निरीक्षक रेव सिंह तोमर ने एयर पिस्टल 10 मीटर मास्टर वर्ग में जीता स्वर्ण पदक* *राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आकास संगठन बधाई एवं दी शुभकामनाएं* इमरान खत्री आलीराजपुर:- आलीराजपुर जिले के गुजरात राज्य से लगे हुए छोटे से गांव आंधारकांच के निवासी निरीक्षक रेवसिंह तोमर ने जबलपुर में हुई मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में 15वीं बटालियन, इंदौर में पदस्थ निरीक्षक रेव सिंह तोमर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के गौरव में एक और स्वर्णिम उपलब्धि जोड़ दी है। दिनांक 20 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक जबलपुर
में आयोजित मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता के मास्टर वर्ग में रेव सिंह तोमर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम किया प्रतियोगिता के दौरान प्रदेशभर से आए अनुभवी खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में रेव सिंह तोमर ने संयम, धैर्य और बेहतरीन तकनीक का परिचय देते हुए अपने निशाने को लक्ष्य पर केंद्रित रखा। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उन्हें प्रतियोगिता के शीर्ष स्थान तक पहुंचाया। पुलिस सेवा में वर्षों से कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे रेव सिंह तोमर ने खेल के मैदान में भी वही समर्पण दिखाया। उनकी यह सफलता इस बात का उदाहरण है
कि— “जब पुलिस सेवा का अनुशासन खेल के प्रति जुनून से मिलता है, तो निशाने पर सिर्फ लक्ष्य नहीं, बल्कि स्वर्णिम सफलता लिखी जाती है।” 15वीं बटालियन, इंदौर के लिए यह उपलब्धि विशेष गौरव का विषय है। एक ओर निरीक्षक के रूप में महत्वपूर्ण शासकीय जिम्मेदारियां और दूसरी ओर खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन—दोनों को संतुलित करते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त करना उनके दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत को दर्शाता है। रेव सिंह तोमर की यह उपलब्धि पुलिस विभाग के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने यह साबित किया है कि सफलता की कोई उम्र नहीं होती और अनुभव यदि निरंतर अभ्यास के साथ जुड़ जाए तो बड़ी से बड़ी चुनौती को भी उपलब्धि में बदला जा सकता है। उनकी
इस स्वर्णिम सफलता ने न केवल 15वीं बटालियन, इंदौर, बल्कि संपूर्ण मध्यप्रदेश पुलिस का मान बढ़ाया है। रेव सिंह तोमर को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर आदिवासी कर्मचारी अधिकारी संगठन (आकास) जिला अध्यक्ष भंगुसिंग तोमर, कार्यकारी अध्यक्ष केरमसिंह जमरा,उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौहान, बसंत अजनार, लालसिंह डावर,महासचिव डॉ नितेश भिंडे,केरमसिंह चौहान, विद्या बंदौड, सुरेन्द्रसिंह डावर, अनिल आवासीय, कोषाध्यक्ष रतनसिंह रावत, जिला सचिव गजेंद्र सिंह कनेश, सुनील डुडवे, करमसिंह किराड़, श्रीमति निर्मला चौहान, गुलाबी तोमर,डॉ.दिगदार सिंह कलेश,रायसिंह आवासीय, सुरेंद्र अजनार, नानसिंह चौहान, मगनसिंह मौर्य, मीडिया प्रभारी भुवानसिंह भाबर, नारायण डुडवे सहित समाज जन,वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस परिवार, सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों द्वारा हार्दिक बधाई दी गई है तथा आगामी प्रतियोगिताओं में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं।
- बिजली बिल अधिक आने की शिकायत लेकर सहायक अभियंता कार्यालय पहुंचे उपभोक्ता स्मार्ट मीटर में बदलने की उठाई मांग स्मार्ट मीटर के बिल अधिक आने की शिकायत लेकर उपभोक्ता सहायक अभियंता कार्यालय पहुंचे और समस्या के समाधान की मांग की है।प्राप्त जानकारी अनुसार सेगांव निवासी पदम मुकाती ने आवेदन सौंप कर बताया कि उनके घर पर 3 किलोवाट का सोलर विद्युत कनेक्शन है। तथा उनकी बगैर जानकारी के स्मार्ट मीटर लगा दिया गया1
- कुशलगढ, मुस्लिम समाज ने निकाला बारावफात पर जुलुस ढोल की थाप पर थिरके युवाओं के कदम (ईद-ए-मिलाद-उन-नबी ﷺ) - रहमत का दिन* प्राइम न्यूज राजस्थान ब्यूरो रिपोर्ट धर्मेन्द्र कुमार सोनी इस्लामी कैलेंडर का तीसरा महीना रबी-उल-अव्वल इस्लाम में बहुत बरकत वाला माना जाता है। इसी महीने की 12 तारीख को पूरी दुनिया में *बारावफात* का त्योहार बड़े ही अदब और एहतराम के साथ मनाया जाता है। इसे *ईद-ए-मिलाद-उन-नबी* भी कहा जाता है। "बारा" का मतलब बारह होता है और "वफात" का मतलब दुनिया से पर्दा फरमाना होता है। इस्लामी तारीख के मुताबिक 12 रबी-उल-अव्वल को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद ﷺ की पैदाइश हुई और इसी तारीख को आपने दुनिया से पर्दा भी किया, इसलिए इस दिन को बारावफात कहा जाता है। आपका जन्म सन 570 ईस्वी में अरब के मक्का शहर में हुआ था। आपके वालिद का नाम हजरत अब्दुल्ला और वालिदा का नाम हजरत आमना था। *बारावफात क्यों मनाई जाती है?* पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ को इस्लाम में अल्लाह के आखिरी पैगंबर माना जाता है। आपने 63 साल की जिंदगी में पूरी इंसानियत को एक नया रास्ता दिखाया। जब दुनिया में अंधेरा था, बेटियों को जिंदा दफन किया जाता था, गरीबों पर जुल्म होता था, तब आपने अमन, इंसाफ और बराबरी का पैगाम दिया। आपने फरमाया कि सभी इंसान एक ही माँ-बाप की औलाद हैं, कोई छोटा-बड़ा नहीं। औरतों को इज्जत दो, यतीमों के सर पर हाथ रखो, पड़ोसियों का ख्याल रखो चाहे वो किसी भी मजहब का हो। बारावफात उसी रहमत और इंसानियत के पैगाम को याद करने का दिन है। *कैसे मनाते हैं बारावफात?* *1. जुलूस-ए-मोहम्मदी:* बारावफात की सबसे बड़ी पहचान है जुलूस। सुबह फजर की नमाज के बाद से ही बच्चे, जवान और बुजुर्ग हरे झंडे, सफेद टोपी और नए कपड़े पहनकर घरों से निकलते हैं। "आका की आमद मरहबा, सरकार की आमद मरहबा" और "लब्बैक या रसूल अल्लाह" के नारों से पूरा माहौल गूंज उठता है। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सागवाड़ा, उदयपुर, जयपुर, अजमेर में बहुत बड़े जुलूस निकलते हैं। *2. सजावट और चिरागां:* इस मुबारक मौके पर मस्जिदों, दरगाहों, खानकाहों और घरों को फूलों, झंडियों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। रात के वक्त चिरागां होता है, जो देखने में बहुत खूबसूरत लगता है। *3. मिलाद शरीफ और सीरत बयान:* मस्जिदों और घरों में मिलाद की महफिलें सजती हैं। उलेमा-ए-कराम पैगंबर साहब की जिंदगी जिसे सीरत-ए-पाक कहा जाता है, पर बयान करते हैं। नात-ख्वां हजरत की शान में नातें पढ़ते हैं और लोग बड़ी खामोशी से सुनते हैं। *4. लंगर, शरबत और खैरात:* इस दिन को रहमत का दिन समझा जाता है। जगह-जगह लंगर लगते हैं। शरबत, मिठाई, बिरयानी और फल बांटे जाते हैं। लोग गरीबों को कपड़े देते हैं, खाना खिलाते हैं और अल्लाह की राह में खर्च करते हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया नेक काम कई गुना सवाब देता है। *बारावफात का असली पैगाम क्या है?* बारावफात सिर्फ झंडे लगाने और जुलूस निकालने का नाम नहीं है। इसका असली मकसद है पैगंबर साहब की बताई हुई बातों पर अमल करना। आज दुनिया में नफरत, झूठ और धोखा बढ़ रहा है। ऐसे में आप ﷺ का पैगाम और भी जरूरी हो जाता है। आपने कहा - "तुम में से बेहतरीन वो है जिसका अखलाक सबसे अच्छा है।" अगर हम सच में आपसे मोहब्बत करते हैं तो हमें सच बोलना होगा, वादा निभाना होगा, किसी का दिल नहीं दुखाना होगा। *वागड़ में गंगा-जमुनी तहजीब* डूंगरपुर और बांसवाड़ा के वागड़ क्षेत्र में बारावफात पर एक खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। जुलूस जब निकलता है तो कई जगह हिंदू भाई भी पानी और शरबत की सबील लगाते हैं। यह हमारे देश की गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की सबसे बड़ी मिसाल है। अंत में यही कहना है कि बारावफात हमें इंसानियत का पाठ पढ़ाती है। आओ इस दिन हम यह अहद करें कि हम नफरत को मिटाकर मोहब्बत फैलाएंगे। बारावफात के जुलूस में कुशलगढ़ थानाधिकारी प्रवीण सिंह मय जाप्ता तैनात रहा वहीं पुरे कुशलगढ़ कस्बे में शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकाला गया4
- बड़वानी पुलिस की अनूठी पहल: एसपी श्री पद्मविलोचन शुक्ल ने ऑनलाइन जनसुनवाई के जरिए सुनीं जनसमस्याएं, 08 मामलों में त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश*1
- निमाड़ कैम्ब्रिज पब्लिक स्कूल, धामनोद में पी.टी.एम. का आयोजन निप्र -जे .एन. यादव धामनोद। निमाड़ कैम्ब्रिज पब्लिक स्कूल, धामनोद में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास एवं अभिभावकों से संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग (पी.टी.एम.) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय संचालक रामेश्वर पंवार एवं संजय पंवार ने माँ सरस्वती के पूजन के साथ किया। कार्यक्रम में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, व्यवहार एवं अन्य गतिविधियों पर चर्चा की। अभिभावकों ने भी अपने सुझाव साझा किए तथा विद्यालय द्वारा सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर प्राचार्य विशाल पाटील ने कहा कि विद्यार्थी की सफलता में विद्यालय और परिवार दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। विद्यालय संचालक संजय पंवार ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार एवं आत्मविश्वास प्रदान करना है। अभिभावकों और शिक्षकों के बीच निरंतर संवाद से विद्यार्थियों की प्रतिभा को बेहतर दिशा दी जा सकती है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्री-प्राइमरी इंचार्ज दीपिका पटेल, शीतल शेखावत, प्राइमरी इंचार्ज अंजलि नंदाने, अभिषेक सोलंकी, समन्वयक जितेंद्र बचाने सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।1
- चीनी के दाम जिस तरह से बढ़े हैं, उसमें करोड़ों का हुआ है वारान्यारा: अटल क्या है आपकी राय?? और विपक्ष ने किया मौन धारण1
- बेटमा - इंदौर अहमदाबाद हाईवे स्थित बाईपास पर हुआ बड़ा ट्रक हादसा, ट्रक अनियंत्रित होकर खड़े में गिरा *👉 बेटमा में हुआ बड़ा सड़क हादसा✍️* *👉 अनियंत्रित होकर ट्रक पलटी खाया✍️* *👉 ड्राइवर क्लीनर को मामूली चोट आई बड़ा---✍️* *👉 बेटमा बाईपास स्थित जिओ पेट्रोल पंप के पास की घटना✍️* *👉 पुलिस दुर्घटना की जांच में जुटी ✍️* *👉हर खबर पर नजर, खोजी नजर ✍️* *👉 खोजी नजर न्यूज के लिए प्रधान संपादक रणजीत मंडलोई ✍️*1
- उज्जैन वाले बाबा के दरबार में अखाड़ा और चमत्कार दिखने मिलता हे1
- धामनोद में भोजशाला मामले को लेकर बंद का दिखा असर एवं सकल हिन्दू समाज ने रैली निकालकर dm के ज्ञापन सौंपा1