खीरी तहसील में जमीनी हकीकत कुछ और कागजों पर कुछ और, जिला खीरी तहसील पलिया बसंतापुर खुर्द बुद्धापुरवा का मामला, खबर विश्वसनीय सूत्रों, ऑडियो रिकॉर्डिग और प्रार्थना पत्र के आधार पर, मोटा नजराना लेने का बाद कुछ भी हो सकता है सूत्र, लेखपाल अजय साहब विपक्षी पर इतना मेहरबान है, कि बिना उच्च अधिकारियों को जानकारी दिए ही विपक्षी को लाभ दिलाने के लिए थाने पहुंच जाते है पीड़ित पर मुकदमा दर्ज कराने, विपक्षी पर लेखपाल साहब की मेहरबानी किसी को हजम नहीं हो रही, जरूर डाल में कुछ काला है। जमीन बेची बिरजी ने, बिरजी ने बेची चकरोड" लेखपाल अजय ने 115 D किया राम आसरे पर, लेखपाल अजय को करनामा पता होने के बाद भी बिरजी पर कार्यवाही करने की बजाय रामासरे पर 115 D की कार्यवाही क्यों, कब्जा हुआ रामासरे की जमीन पर, राम आसरे की जमीन पर ही लेखपाल ने चकरोड़ दिलवाने की लिए पीड़ित पर ही दर्ज किया 115 D, लेखपाल अजय पर आरोप लगाते हुए पीड़ित ने बताया कि घर के आगे मात्र 10 फिट ही नवीन परती होगी और लेखपाल साहब ने पूरे मकान की चौहद्दी पर किया 115 D क्यों ?, पूरे गांव में लगभग 35 से 40 मकान नवीन परती पर बने फिर भी लेखपाल अजय की नजर पीड़ित राम आसरे क्यों हुई टेढ़ी, अब जबरन मीरा के घर से निकलवा रहे लेखपाल, दबाव बनाने के लिया पीड़ित पर किया गया 115 D का मुकदमा, 115 D का मुकदमा का मुकदमा एक शर्त पर हटेगा मीरा पत्नी रामआसरे अपनी चेक में रास्ता दें, विपक्षी ओमप्रकाश पर इतनी मेहरबानी क्यों दिखा रहे अजय लेखपाल,जबकि विपक्षी ने अपनी चेक के बजाय ओमप्रकाश की चेक में लिया कब्जा, विपक्षी को अपने खेत में भेजने की बजाय लेखपाल ने बताया कि बिरजी के लड़के अपनी जमीन से रास्ता देने को तैयार हैं। रामासरे भी अपने घर से रास्ता दें तभी हम मुकदमा हटाने पर विचार करेंगे, लेखपाल ने विपक्षी से सांठ गांठ करके पीड़ित पर ही कर दिया 115 D का मुकदमा और रुकवा दिया उसके घर का निर्माण कार्य, टूटी झोपड़ी में रहने को मजबूर पीड़ित।
खीरी तहसील में जमीनी हकीकत कुछ और कागजों पर कुछ और, जिला खीरी तहसील पलिया बसंतापुर खुर्द बुद्धापुरवा का मामला, खबर विश्वसनीय सूत्रों, ऑडियो रिकॉर्डिग और प्रार्थना पत्र के आधार पर, मोटा नजराना लेने का बाद कुछ भी हो सकता है सूत्र, लेखपाल अजय साहब विपक्षी पर इतना मेहरबान है, कि बिना उच्च अधिकारियों को जानकारी दिए ही विपक्षी को लाभ दिलाने के लिए थाने पहुंच जाते है पीड़ित पर मुकदमा दर्ज कराने, विपक्षी पर लेखपाल साहब की मेहरबानी किसी को हजम नहीं हो रही, जरूर डाल में कुछ काला है। जमीन बेची बिरजी ने, बिरजी ने बेची चकरोड" लेखपाल अजय ने 115 D किया राम आसरे पर, लेखपाल अजय को करनामा पता होने के बाद भी बिरजी पर कार्यवाही करने की बजाय रामासरे पर 115 D की कार्यवाही क्यों, कब्जा हुआ रामासरे की जमीन पर, राम आसरे की जमीन पर ही लेखपाल ने चकरोड़ दिलवाने की लिए पीड़ित पर ही दर्ज किया 115 D, लेखपाल अजय पर आरोप लगाते हुए पीड़ित ने बताया कि घर के आगे मात्र 10 फिट ही नवीन परती होगी और लेखपाल साहब ने पूरे मकान की चौहद्दी पर किया 115 D क्यों ?, पूरे गांव में लगभग 35 से 40 मकान नवीन परती पर बने फिर भी लेखपाल अजय की नजर पीड़ित राम आसरे क्यों हुई टेढ़ी, अब जबरन मीरा के घर से निकलवा रहे लेखपाल, दबाव बनाने के लिया पीड़ित पर किया गया 115 D का मुकदमा, 115 D का मुकदमा का मुकदमा एक शर्त पर हटेगा मीरा पत्नी रामआसरे अपनी चेक में रास्ता दें, विपक्षी ओमप्रकाश पर इतनी मेहरबानी क्यों दिखा रहे अजय लेखपाल,जबकि विपक्षी ने अपनी चेक के बजाय ओमप्रकाश की चेक में लिया कब्जा, विपक्षी को अपने खेत में भेजने की बजाय लेखपाल ने बताया कि बिरजी के लड़के अपनी जमीन से रास्ता देने को तैयार हैं। रामासरे भी अपने घर से रास्ता दें तभी हम मुकदमा हटाने पर विचार करेंगे, लेखपाल ने विपक्षी से सांठ गांठ करके पीड़ित पर ही कर दिया 115 D का मुकदमा और रुकवा दिया उसके घर का निर्माण कार्य, टूटी झोपड़ी में रहने को मजबूर पीड़ित।
- राजा का रामपुर में नाबालिगों की शादी की तैयारी पर पुलिस का एक्शन, कानून उल्लंघन उजागर, एक नाबालिगों की शादी की फिर कोशिश, पुराने आरोपी का नाम आया सामने—कानून की खुली अवहेलना एटा जनपद के कस्बा एवं थाना राजा का रामपुर क्षेत्र के मोहल्ला कुजड़ियान, मस्जिद के पास नाबालिग लड़का और नाबालिग लड़की की शादी की तैयारी को लेकर इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाबालिग लड़की की हल्दी-मेहंदी की रस्में भी कराई जा रही थी, जो स्पष्ट रूप से बाल विवाह की श्रेणी में आता है। मामले की जानकारी मिलते ही लड़की के सगे ताऊ रामवीर, दादी चंद्रकली तथा सबसे बड़े ताऊ पप्पू ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्यवाही करते हुए दो युवकों को हिरासत में लेकर कोतवाली राजा का रामपुर ले गई। इनमें एक युवक बालिग बताया जा रहा है, जिसकी पहचान करन पुत्र रामभरोसे मोहल्ला कुजड़ियाँन मज्जिद के पास के रूप में हुई है, जबकि दूसरा उसका नाबालिग भांजा मोहित पुत्र जगदीश निवासी नगरिया सिवारा, थाना कम्पिल (जनपद फर्रुखाबाद) है। बताया जा रहा है, कि करन का नाम पहले भी गंभीर मामले में सामने आ चुका है। आरोप है कि उसने 29 फरवरी 2024 को एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। इस मामले में विवेचक उपनिरीक्षक प्रवेश राणा द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद आरोपी करन पुत्र रामभरोसे को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। एटा न्यायालय से उसकी जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जमानत हासिल की थी। अब करीब दो वर्ष बाद फिर उसी तरह की घटना अब फिर सामने आने आई है। *कानूनी उल्लंघन-* नाबालिगों की शादी कराना भारत में गंभीर अपराध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह कराना या उसमें सहयोग करना दंडनीय अपराध है, जिसमें सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। *पुलिस कार्यवाही-* वही स्थानीय राजा का रामपुर पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है, कि इस अवैध विवाह की तैयारी में और कौन-कौन लोग शामिल थे। यह मामला न केवल कानून की खुली अवहेलना है, बल्कि नाबालिगों के अधिकारों और उनके भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ भी दर्शाता है।2
- श्री राम कथा के अन्तिम दिवस में पूर्ण कथा विश्राम पर आचार्य हुए भावुक रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा / जलेसर क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुहब्बतपुरा में नौ दिवसीय श्री राम कथा का समापन हो गया। वृन्दावन के परम श्रद्धेय आचार्य महेश किंकर उपाध्याय ने कथा का वाचन किया, जिसमें उन्होंने श्री रामचरितमानस की गाथाओं का वर्णन किया। कथा का प्रारंभ सीता खोज से हुआ था। आचार्य उपाध्याय ने संगीतमय प्रस्तुति के साथ सरल और सद्भाव भरी गाथाएं सुनाईं। उन्होंने पवनपुत्र हनुमान द्वारा लंका दहन के बाद श्री राम को समाचार सुनाने, वानर सेना के साथ लंका पर चढ़ाई और रावण वध तक का वृत्तांत विस्तार से बताया। आचार्य ने बताया कि कथा में भगवान श्री राम की पावन गाथाओं पर मुख्य रूप से चर्चा की गई, जबकि राक्षसों का वृत्तांत संक्षिप्त रखा गया। राम के राजतिलक के साथ कथा का पूर्ण विश्राम किया गया। कथा के समापन पर आचार्य महेश किंकर उपाध्याय भावुक हो गए। उन्होंने उपस्थित भक्तों से कथा के दौरान वाणी से निकली किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा याचना की। आचार्य पूजन कार्यक्रम के बाद आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर कथा का पूर्ण विश्राम किया गया। आयोजक मंडल ने आचार्य मंडल, संगीत मंडल, सभी आगंतुकों और उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति उनके निरंतर प्रेम, श्रद्धा और सद्भाव के लिए आभार व्यक्त किया।2
- Post by Hari Singh Goutam1
- पार्किंग में खड़ी कार में अचानक लगी आग, देखते ही देखते विकराल रूप ▪️ एक के बाद एक कई गाड़ियां आग की चपेट में, मची भगदड़ ▪️ धूं-धूं कर जलती कारों ने बढ़ाई दहशत, लोगों में अफरा-तफरी ▪️ मौके पर पहुंची पुलिस, फायर ब्रिगेड को तुरंत दी गई सूचना ▪️ कई दमकल गाड़ियां मौके पर, आग बुझाने की जद्दोजहद जारी ▪️ आग लगने की वजह अब तक रहस्य बनी हुई ▪️ न्यू आगरा थाना क्षेत्र की दीवानी पार्किंग का मामला1
- Post by रबेन्द्र सिंह परमार संपादक1
- 51 कलशों के साथ निकली शोभा यात्रा, भक्तिमय हुआ पूरा क्षेत्र। आपको बतादे कि दिव्य योग कला मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ से पूर्व भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिली। कलश यात्रा में 51 कलशों के साथ महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति भाव से नगर भ्रमण पर निकलीं। पूरे वातावरण में भजन-कीर्तन और जयकारों की गूंज सुनाई देती रही, जिससे क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इस पावन यात्रा का शुभारंभ पूज्य श्री श्री 108 कलाधर जी महाराज द्वारा विधि-विधान से किया गया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। कथा के माध्यम से मनुष्य को धर्म, कर्म और भक्ति और योग का मार्ग मिलता है। कथा के प्रथम दिवस पर भगवान के विभिन्न अवतारों का वर्णन किया गया। साथ ही भक्त ध्रुव की प्रेरणादायक कथा सुनाई गई, जिसमें उनकी अटूट भक्ति और दृढ़ संकल्प का वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया गया। महाराज श्री ने मां की महिमा का भी विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि मां का स्थान संसार में सर्वोच्च होता है। इसके अलावा गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि गुरु के बिना जीवन में ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी भक्तजन कथा श्रवण कर प्रभु भक्ति में लीन नजर आए।1
- जनपद हाथरस की हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के मथुरा रोड गांव कछपुरा अंबेडकर पार्क के पास लगे बाबा साहब के होर्डिग को बाइक सवार कुछ लोगों ने फाड़ दिया। सुबह जब लोगों ने होर्डिंग फटा देखा तो बाबा साहब के अनुयायियों में रोष व्याप्त हो गया। वहीं पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना कैद हो गई जिसमें बाइक सवार लोग होल्डिंग को फाड़ते हुए दिखाई दिए। हंगामा की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। बाबा साहब के अनुयायियों द्वारा दी गई शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।1
- खीरी तहसील में जमीनी हकीकत कुछ और कागजों पर कुछ और, जिला खीरी तहसील पलिया बसंतापुर खुर्द बुद्धापुरवा का मामला, खबर विश्वसनीय सूत्रों, ऑडियो रिकॉर्डिग और प्रार्थना पत्र के आधार पर, मोटा नजराना लेने का बाद कुछ भी हो सकता है सूत्र, लेखपाल अजय साहब विपक्षी पर इतना मेहरबान है, कि बिना उच्च अधिकारियों को जानकारी दिए ही विपक्षी को लाभ दिलाने के लिए थाने पहुंच जाते है पीड़ित पर मुकदमा दर्ज कराने, विपक्षी पर लेखपाल साहब की मेहरबानी किसी को हजम नहीं हो रही, जरूर डाल में कुछ काला है। जमीन बेची बिरजी ने, बिरजी ने बेची चकरोड" लेखपाल अजय ने 115 D किया राम आसरे पर, लेखपाल अजय को करनामा पता होने के बाद भी बिरजी पर कार्यवाही करने की बजाय रामासरे पर 115 D की कार्यवाही क्यों, कब्जा हुआ रामासरे की जमीन पर, राम आसरे की जमीन पर ही लेखपाल ने चकरोड़ दिलवाने की लिए पीड़ित पर ही दर्ज किया 115 D, लेखपाल अजय पर आरोप लगाते हुए पीड़ित ने बताया कि घर के आगे मात्र 10 फिट ही नवीन परती होगी और लेखपाल साहब ने पूरे मकान की चौहद्दी पर किया 115 D क्यों ?, पूरे गांव में लगभग 35 से 40 मकान नवीन परती पर बने फिर भी लेखपाल अजय की नजर पीड़ित राम आसरे क्यों हुई टेढ़ी, अब जबरन मीरा के घर से निकलवा रहे लेखपाल, दबाव बनाने के लिया पीड़ित पर किया गया 115 D का मुकदमा, 115 D का मुकदमा का मुकदमा एक शर्त पर हटेगा मीरा पत्नी रामआसरे अपनी चेक में रास्ता दें, विपक्षी ओमप्रकाश पर इतनी मेहरबानी क्यों दिखा रहे अजय लेखपाल,जबकि विपक्षी ने अपनी चेक के बजाय ओमप्रकाश की चेक में लिया कब्जा, विपक्षी को अपने खेत में भेजने की बजाय लेखपाल ने बताया कि बिरजी के लड़के अपनी जमीन से रास्ता देने को तैयार हैं। रामासरे भी अपने घर से रास्ता दें तभी हम मुकदमा हटाने पर विचार करेंगे, लेखपाल ने विपक्षी से सांठ गांठ करके पीड़ित पर ही कर दिया 115 D का मुकदमा और रुकवा दिया उसके घर का निर्माण कार्य, टूटी झोपड़ी में रहने को मजबूर पीड़ित।1