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मोहित चढ़ार
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- दारू पीके नशा में घूम रहे साथी में साथी के सर पर पत्थर से प्यार करके भाग गया 😱तिलकगंज की कलारी आल्हा की सही सलामत है मामूली चोट आई है खून साफ कर रह1
- Post by मोहित चढ़ार4
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- Post by Santosh Parkar1
- सागर कलेक्टर संदीप जीआर ने जिलेवासियों को होली की शुभकामनाएं दी एवं इको फ्रेंडली होली मनाने की अपील की।1
- 🤩☺️😀😍🥰1
- मोबाइल-छाता थामे होलिका बनी चर्चा का केंद्र, शिक्षा सदन चौराहे पर अनोखे अंदाज में दहन सागर: हाथ में छाता, कान में मोबाइल और बगल में लग्जरी पर्स लटकाए...यह कोई हीरोइन या मॉडल नहीं बल्कि बुंदेलखंड की होलिका हैं। भक्त प्रहलाद की बुआ 'होलिका' को यहां गजब का सुंदर लुक दिया गया है। पहली नजर में यह प्रतिमा किसी बॉलीवुड की हीरोइन जैसी नजर आती है, इसे होलिका दहन के साथ जलाया जाएगा। मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी में देवरी में 'होलिका दहन' इस बार बिल्कुल नए और आकर्षक और अनोखे अंदाज में दिखाई दे रहा है। शिक्षा सदन चौराहे पर महाकाली गणेश उत्सव समिति द्वारा तैयार की गई होलिका की प्रतिमा सोशल मीडिया पर धूम मचा रही है। दरअसल मूर्तिकार ने प्रतिमा को इतना गजब का मॉडर्न लुक दिया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान हैं। दरअसल होली के अवसर पर देवरी में होलिका दहन में कुछ नया और रचनात्मक करने का निर्णय लिया गया। इसमें भक्त प्रहलाद की बुआ होलिका को आधुनिक 'न्यू मॉडल' प्रतिमा के रूप में तैयार कराया गया है। इनके एक हाथ में मोबाइल तो दूसरे में छाता थामे हैं। कमर में करधन और कांधे पर लेडीज पर्स लटक रहा है। पहली नजर में ही प्रतिमा लोगों का ध्यान खींच लेती है। प्रतिमा के साथ भक्त प्रहलाद की आकृति भी स्थापित की गई है, जिससे परंपरा और संदेश दोनों को सशक्त रूप मिला है। समिति के सदस्यों राहुल नामदेव और गोलू मिश्रा ने बताया कि इस अनोखी कल्पना को जबलपुर की तर्ज पर विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। हर साल कुछ नया करने का प्रयास, शहर में घुमाया शहर के शिक्षा सदन चौराहे पर होलिका दहन का आयोजन पिछले 18 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। समिति के अनुसार इसकी शुरुआत वर्ष 2007 में हुई थी और तब से हर साल कुछ नया और रचनात्मक प्रस्तुत करने की परंपरा बनी हुई है। शहर का सबसे बड़ा आयोजन नगर में 20 से 30 स्थानों पर होलिका दहन की तैयारियां होती हैं, लेकिन शिक्षा सदन चौराहे का आयोजन सबसे भव्य माना जाता है। विधिवत पूजन-अर्चना के बाद रात्रि में होलिका दहन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। बता दें कि आधुनिकता और परंपरा के इस अनोखे संगम ने शिक्षा सदन चौराहे की होलिका को खास बना दिया है। यही वजह है कि यह आयोजन इस बार नगर की पहचान बनकर उभर रहा है।4