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5 hrs ago
user_Gudiya Kumari
Gudiya Kumari
Painter Namda Basti, Jamshedpur•
5 hrs ago

More news from Jamshedpur and nearby areas
  • Post by Gudiya Kumari
    1
    Post by Gudiya Kumari
    user_Gudiya Kumari
    Gudiya Kumari
    Painter Namda Basti, Jamshedpur•
    5 hrs ago
  • आदित्यपुर stype फुटबॉल मैदान में मना बाहा पर्व लोगों में दिखी उत्साह। प्रकृति के पूजक एवं जल जंगल जमीन के रक्षक आदिवासी समाज ने आदित्यपुर फुटबॉल मैदान में बड़ी संख्या के उपस्थिति पर मनाया बाहा पर्व। बाहा पर्व साल की शुरुआत में वसंत ऋतु के आगमन पर मनाया जाता है ये आदिवासी समुदाय का सबसे बड़ा त्यौहार है जो विभिन्न जगहों पर तय तिथि के अनुसार इस पर्व को मनाया जाता है। ये त्यौहार आदित्यपुर में लगातार तीन दिनों तक शांति पूर्वक चली जो काफी उत्साहित थी, एवं इस कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और इस पारंपरिक कार्यक्रम को आकर्षक का केंद्र बनाया। बाहा संथाल समुदाय के साथ पूरे आदिवासी समाज के लोग मनाते हैं बाहा का अर्थ साल बिरिछ के फूल होता है। साल का विरीछ जो सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देता है और इस पेड़ के पत्तों को कई सारे चीजों के लिए उपयोग किया जाता है। बाहा फागुन के महीनों में मनाया जाता है यहीं से आदिवासी समुदाय का नव वर्ष शुरू होता है जिसके बाद सारे शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। बाहा पर्व करने से पूरा गांव और आसपास के क्षेत्र में शांति और रोग मुक्त बतावरण बनती है। और साल के बिरिछ की तरह मजबूती से खड़ा, और स्वस्थ रहने के लिए जाहेर आयो और मरांग बुरु से प्रार्थना करते हैं।
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    आदित्यपुर stype फुटबॉल मैदान में मना बाहा पर्व लोगों में दिखी उत्साह। 
प्रकृति के पूजक एवं जल जंगल जमीन के रक्षक आदिवासी समाज ने आदित्यपुर फुटबॉल मैदान में बड़ी संख्या के उपस्थिति पर मनाया बाहा पर्व।
बाहा पर्व साल की शुरुआत में वसंत ऋतु के आगमन पर मनाया जाता है ये आदिवासी समुदाय का सबसे बड़ा त्यौहार है जो विभिन्न जगहों पर तय तिथि के अनुसार इस पर्व को मनाया जाता है।
ये त्यौहार आदित्यपुर में लगातार तीन दिनों तक शांति पूर्वक चली जो काफी उत्साहित थी, एवं इस कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और इस पारंपरिक कार्यक्रम को आकर्षक का केंद्र बनाया।
बाहा संथाल समुदाय के साथ पूरे आदिवासी समाज के लोग मनाते हैं बाहा का अर्थ साल बिरिछ के फूल होता है।
साल का विरीछ जो सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देता है और इस पेड़ के पत्तों को कई सारे चीजों के लिए उपयोग किया जाता है। बाहा फागुन के महीनों में मनाया जाता है यहीं से आदिवासी समुदाय का नव वर्ष शुरू होता है जिसके बाद सारे शुभ कार्यों की शुरुआत होती है।
बाहा पर्व करने से पूरा गांव और आसपास के क्षेत्र में शांति और रोग मुक्त बतावरण बनती है। और साल के बिरिछ की तरह मजबूती से खड़ा, और स्वस्थ रहने के लिए  जाहेर आयो और मरांग बुरु से प्रार्थना करते हैं।
    user_कामदेव कुमार ( जनता की अमानत /हिंदी अखबार)
    कामदेव कुमार ( जनता की अमानत /हिंदी अखबार)
    Reporter आदित्यपुर (गमहरिया), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    11 hrs ago
  • Post by Sabki Pol Yahi Khulegi
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    Post by Sabki Pol Yahi Khulegi
    user_Sabki Pol Yahi Khulegi
    Sabki Pol Yahi Khulegi
    Media company आदित्यपुर (गमहरिया), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    13 hrs ago
  • * सरायकेला - झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी सरायकेला में सोमवार को आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। आध्यात्मिक उत्थान श्री जगन्नाथ मंडली के तत्वाधान में आयोजित ऐतिहासिक दोल यात्रा उत्सव के दौरान भगवान श्री राधा-कृष्ण पालकी पर सवार होकर भक्तों के द्वार पहुंचे। पूरी (ओडिशा) की तर्ज पर आयोजित इस महोत्सव में उत्कल संस्कृति की अनुपम छटा बिखरी। सोमवार अपराह्न, रतिलाल साहू की अध्यक्षता में कंसारी टोला स्थित मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात भगवान की प्रतिमाओं को भव्य पालकी पर विराजमान कराया गया। परंपरा के अनुसार, जैसे ही पालकी नगर भ्रमण के लिए निकली, पूरा क्षेत्र 'जय जगन्नाथ' और 'हरे कृष्णा' के जयघोष से गूंज उठा। राजा उदित नारायण सिंहदेव ने 1818 में शुरू की थी यह परंपरा, जिसे आज भी जगन्नाथ मंडली पूरी जीवंतता के साथ निभा रही है। इस वर्ष की दोल यात्रा विशेष रही। सरायकेला के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी और प्रेम अग्रवाल ने भक्ति भाव से भगवान की पालकी को अपने कंधों पर उठाया। उनके साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालु भजन गाते चल रहे थे। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने घरों के बाहर भगवान की आरती उतारी और पुष्प वर्षा की। *घोड़ा नाच ने मोहा सबका मन* यात्रा का मुख्य आकर्षण पारंपरिक 'घोड़ा नाच' रहा। कलाकारों के अद्भुत प्रदर्शन ने छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सबका मन मोह लिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर थिरकते कलाकार पूरे छऊ नगरी की गलियों को मंत्र मुग्ध कर दिया।
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सरायकेला - झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी सरायकेला में सोमवार को आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। आध्यात्मिक उत्थान श्री जगन्नाथ मंडली के तत्वाधान में आयोजित ऐतिहासिक दोल यात्रा  उत्सव के दौरान भगवान श्री राधा-कृष्ण पालकी पर सवार होकर भक्तों के द्वार पहुंचे। पूरी (ओडिशा) की तर्ज पर आयोजित इस महोत्सव में उत्कल संस्कृति की अनुपम छटा बिखरी।
सोमवार अपराह्न, रतिलाल साहू की अध्यक्षता में कंसारी टोला स्थित मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात भगवान की प्रतिमाओं को भव्य पालकी पर विराजमान कराया गया। परंपरा के अनुसार, जैसे ही पालकी नगर भ्रमण के लिए निकली, पूरा क्षेत्र 'जय जगन्नाथ' और 'हरे कृष्णा' के जयघोष से गूंज उठा।
राजा उदित नारायण सिंहदेव ने 1818 में शुरू की थी यह परंपरा, जिसे आज भी जगन्नाथ मंडली पूरी जीवंतता के साथ निभा रही है।
इस वर्ष की दोल यात्रा विशेष रही। सरायकेला के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी और प्रेम अग्रवाल ने भक्ति भाव से भगवान की पालकी को अपने कंधों पर उठाया। उनके साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालु  भजन गाते चल रहे थे। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने घरों के बाहर भगवान की आरती उतारी और पुष्प वर्षा की।
*घोड़ा नाच ने मोहा सबका मन*
यात्रा का मुख्य आकर्षण पारंपरिक 'घोड़ा नाच' रहा। कलाकारों के अद्भुत प्रदर्शन ने छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सबका मन मोह लिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर थिरकते कलाकार पूरे छऊ नगरी की  गलियों को मंत्र मुग्ध कर दिया।
    user_JAGDISH SAO
    JAGDISH SAO
    सरायकेला, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    6 hrs ago
  • झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी सरियकेला में सोमवार को आस्था और उल्लास का उद्भुत संगम देखने को मिला। आध्यात्मिक उत्थान श्री जगन्नाथ मंडली के तत्वाधान में आयोजित ऐतिहासिक दोल यात्रा उत्सव के दौरान भगवान श्री राधा कृष्ण पालकी सवार होकर भक्तों के द्वार पहुंचे पुरी उड़ीसा की तर्ज पर आयोजित इस महोत्सव में उत्कल संस्कृति की अनुपम छटा बिखरी । सोमवार अपराह्न रतिलाल साहू की अध्यक्षता में कंसारी टोला स्थित मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। इससे पश्चात भगवान की प्रतिमाओं को भाव पालकी पर विराजमान कराया गया। परंपरा के अनुसार जैसे ही पालकी नगर भ्रमण के लिए निकली , पूरा क्षेत्र जय जगन्नाथ और हरे कृष्ण के जयघोष से गूंज उठा। राजा आदित्य नारायण सिंह देव ने 1818 में शुरू की थी यह परंपरा जिसे आज भी जगन्नाथ मंडली पूरी जीवंत के साथ निभा रही है। इस वर्ष की दोल यात्रा विशेष रही। सरायकेला में नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी और प्रेम अग्रवाल ने भक्ति भाव से भगवान की पालकी को अपने कंधों पर उठाया। उसके साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालु भजन गाते चलते रहे थे। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालु ने अपने घरों के बाहर भगवान की आरती और पुष्प वर्षा की। यात्रा का मुख्य आकर्षण पारंपरिक घोड़ा नाच रहा। कलाकारों ने अद्भुत प्रदर्शन ने छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सबका मन मोह लिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर थिरकते कलाकारों पूरे छऊ नगरी की गलियों को मंत्र मुक्त कर दिया।
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    झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी सरियकेला में सोमवार को आस्था और उल्लास का उद्भुत संगम देखने को मिला। आध्यात्मिक उत्थान श्री जगन्नाथ मंडली के तत्वाधान में आयोजित ऐतिहासिक दोल यात्रा उत्सव के दौरान भगवान श्री राधा कृष्ण पालकी सवार होकर भक्तों के द्वार पहुंचे पुरी उड़ीसा की तर्ज पर आयोजित इस महोत्सव में उत्कल संस्कृति की अनुपम छटा बिखरी ।
सोमवार अपराह्न रतिलाल साहू की अध्यक्षता में कंसारी टोला स्थित मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। इससे पश्चात भगवान की प्रतिमाओं को भाव पालकी पर विराजमान कराया गया। परंपरा के अनुसार जैसे ही पालकी नगर भ्रमण के लिए निकली , पूरा क्षेत्र जय जगन्नाथ और हरे कृष्ण के जयघोष से गूंज उठा।
राजा आदित्य नारायण सिंह देव ने 1818 में शुरू की थी यह परंपरा जिसे आज भी जगन्नाथ मंडली पूरी जीवंत के साथ निभा रही है।
इस वर्ष की दोल यात्रा विशेष रही। सरायकेला में नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी और प्रेम अग्रवाल ने भक्ति भाव से भगवान की पालकी को अपने कंधों पर उठाया। उसके साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालु भजन गाते चलते रहे थे। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालु ने अपने घरों के बाहर भगवान की आरती और पुष्प वर्षा की।
यात्रा का मुख्य आकर्षण पारंपरिक घोड़ा नाच रहा। कलाकारों ने अद्भुत प्रदर्शन ने छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सबका मन मोह लिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर थिरकते कलाकारों पूरे छऊ नगरी की गलियों को मंत्र मुक्त कर दिया।
    user_NUNU RAM MAHATO
    NUNU RAM MAHATO
    Local News Reporter गोविंदपुर (राजनगर), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    8 hrs ago
  • Post by Ravi Gupta
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    Post by Ravi Gupta
    user_Ravi Gupta
    Ravi Gupta
    सरायकेला, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    16 hrs ago
  • सोनाहातू। थाना परिसर में होली पर्व को लेकर सोमवार को बीडीओ सह सीओ मनोज महथा की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक सह होली मिलन समारोह सम्पन्न हुई। बैठक में होली पर्व के दौरान शान्ति व्यवस्था कायम रखने को लेकर सभी समुदाय के लोगों से विशेष रूप से चर्चा किया गया। शांति समिति की बैठक में सभी समुदाय के लोग मौजूद थे। होली पर्व को लेकर शान्ति समिति की बैठक में आपसी भाईचारा और सौहार्दपूर्ण वातावरण में होली पर्व मनाने को कहा गया। इस दौरान सभी से अपील किया गया कि त्यौहार को लेकर एक दूसरे में भाईचारे का माहौल बनाये रखें। बैठक में कहा गया कि असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखा जायेगा एवं सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी शेयर करने एवं असमाजिक भड़काऊ गाने बजाने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई किया जायेगा। शांति समिति की बैठक में मौके पर थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप कुमार एसआई राकेश कुमार, एएसआई अनूप एक्का, प्रमुख विक्टोरिया देवी, मुखिया विकास मुंडा, मुखिया फणीभूषण सिंह मुंडा, सावना महली, अनिल सिंह मुण्डा, रूपकुमार साहु, भीष्मदेव महतो, दुर्गाचरण सिंह मुण्डा, आनन्द विट, आनन्द स्वर्णकार, जगदीश चन्द्र महतो, कुंजबिहारी सिंह मुण्डा आदि मौजूद थे।
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    सोनाहातू। थाना परिसर में होली पर्व को लेकर सोमवार को बीडीओ सह सीओ मनोज महथा की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक सह होली मिलन समारोह सम्पन्न हुई। बैठक में होली पर्व के दौरान शान्ति व्यवस्था कायम रखने को लेकर सभी समुदाय के लोगों से विशेष रूप से चर्चा किया गया। शांति समिति की बैठक में सभी समुदाय के लोग मौजूद थे। होली पर्व को लेकर शान्ति समिति की बैठक में आपसी भाईचारा और सौहार्दपूर्ण वातावरण में होली पर्व मनाने को कहा गया। इस दौरान सभी से अपील किया गया कि  त्यौहार को लेकर एक दूसरे में भाईचारे का माहौल बनाये रखें। बैठक में कहा गया कि असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखा जायेगा एवं सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी शेयर करने एवं असमाजिक भड़काऊ गाने बजाने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई किया जायेगा। शांति समिति की बैठक में मौके पर थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप कुमार एसआई राकेश कुमार, एएसआई अनूप एक्का, प्रमुख विक्टोरिया देवी, मुखिया विकास मुंडा, मुखिया फणीभूषण सिंह मुंडा, सावना महली, अनिल सिंह मुण्डा, रूपकुमार साहु, भीष्मदेव महतो, दुर्गाचरण सिंह मुण्डा, आनन्द विट, आनन्द स्वर्णकार, जगदीश चन्द्र महतो, कुंजबिहारी सिंह मुण्डा आदि मौजूद थे।
    user_OM PRAKASH
    OM PRAKASH
    Local News Reporter सोनाहातू, रांची, झारखंड•
    15 hrs ago
  • कंपनी के बाहर मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन प्रबंधन के ऊपर फूटा गुस्सा।
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    कंपनी के बाहर मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन प्रबंधन के ऊपर फूटा गुस्सा।
    user_कामदेव कुमार ( जनता की अमानत /हिंदी अखबार)
    कामदेव कुमार ( जनता की अमानत /हिंदी अखबार)
    Reporter आदित्यपुर (गमहरिया), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    12 hrs ago
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