कानपुर देहात के डेरापुर में पुलिस ने न्यायालय से लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे एक वारंटी को उसके घर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस चौकी इंचार्ज गिरीश चंद्र ने अपनी टीम के साथ कार्रवाई करते हुए ग्राम खजुर्रा निवासी आरोपी नन्हऊ उर्फ दिलशाद, पुत्र मुस्तफा को गिरफ्तार किया। आरोपी न्यायालय से वारंट जारी होने के बावजूद लगातार गैरहाजिर चल रहा था। डेरापुर प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र सिंह ने मंगलवार शाम करीब पांच बजे बताया कि आरोपी के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी था और वह लगातार पुलिस से बच रहा था। पुलिस टीम ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय से जारी वारंटों के अनुपालन में फरार और गैरहाजिर चल रहे वारंटियों के विरुद्ध पुलिस का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
कानपुर देहात के डेरापुर में पुलिस ने न्यायालय से लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे एक वारंटी को उसके घर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस चौकी इंचार्ज गिरीश चंद्र ने अपनी टीम के साथ कार्रवाई करते हुए ग्राम खजुर्रा निवासी आरोपी नन्हऊ उर्फ दिलशाद, पुत्र मुस्तफा को गिरफ्तार किया। आरोपी न्यायालय से वारंट जारी होने के बावजूद लगातार गैरहाजिर चल रहा था। डेरापुर प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र सिंह ने मंगलवार शाम करीब पांच बजे बताया कि आरोपी के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी था और वह लगातार पुलिस से बच रहा था। पुलिस टीम ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय से जारी वारंटों के अनुपालन में फरार और गैरहाजिर चल रहे वारंटियों के विरुद्ध पुलिस का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
- कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील अंतर्गत मंगलपुर थाना क्षेत्र के हिसावा गांव में पीड़ित दंपति के पलायन करने के 19 दिन बाद पुलिस ने आखिरकार मुकदमा दर्ज कर लिया है। हिसावा गांव के रहने वाले हीरालाल बीते दिनों अपने घर के बाहर 'पलायन' लिखकर पत्नी के साथ घर छोड़कर चले गए थे। पीड़ित परिवार का आरोप था कि पुलिस उनकी शिकायत दर्ज नहीं कर रही थी और विपक्षी उन्हें लगातार डरा-धमका रहे थे। मामला चर्चा में आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने इसे संज्ञान में लिया, जिसके बाद मंगलवार को पुलिस ने कार्रवाई की। घटनाक्रम की शुरुआत 25 जून की शाम करीब छह बजे हुई थी, जब पीड़ित हीरालाल अपने घर के बाहर लगी टोंटी से पानी भर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही आदित्य, आशीष और कमला देवी ने उनकी पानी की टोंटी तोड़ दी। इसके बाद जब हीरालाल अपने भाई जगमोहन के घर के बाहर लगे नल से पानी भरने गए, तो आरोपितों ने उनके साथ गाली-गलौज की। इसका विरोध करने पर आरोपितों ने घर में घुसकर बुजुर्ग दंपति के साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मंगलपुर पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रभारी इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह ने मंगलवार शाम 7 बजे बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- सट्टी थाना क्षेत्र के बहोरापुर गांव में कथित मारपीट से आहत होकर एक युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। जहर खाने से पहले युवक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया था, जिसमें उसने दो लोगों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए प्रशासन से उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। मृतक की पहचान बहोरापुर निवासी मिलन कटियार के रूप में हुई है। जहर खाने से पहले सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उसने बताया कि वह केवल गली से गुजर रहा था, तभी बाबू के घरवालों ने उसके साथ बेवजह मारपीट की। इस मारपीट से आहत होकर उसने जहरीली गोलियां खा लीं। वीडियो में उसने प्रशासन से सोनेलाल और अंकित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। वीडियो की जानकारी मिलते ही परिजन उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और उसकी मां रीता देवी तथा भाई विशाल और विनय का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सट्टी थाना प्रभारी कालीचरण कुशवाहा ने बताया कि मृतक के परिजनों की तहरीर पर आरोपी सोनेलाल और अंकित के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।1
- कानपुर देहात के भोगनीपुर क्षेत्र में बारिश के दौरान होने वाले गंभीर जलभराव की समस्या को लेकर समाजसेविका एवं स्वर्गीय चौधरी नरेंद्र सिंह की सुपौत्री निहारिका सिंह ने नई बस्ती सहित अन्य प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि इन समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाकर जल्द से जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों ने निहारिका सिंह को बताया कि थोड़ी सी भी बारिश होने पर भोगनीपुर के कई वार्डों और नई बस्ती में पानी भर जाता है, जिससे लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। घरों के आसपास जलभराव होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भोगनीपुर विधानसभा क्षेत्र में तहसील, थाना और न्यायालय जैसी महत्वपूर्ण सरकारी संस्थाएं मौजूद हैं, इसके बावजूद जल निकासी की यह समस्या लंबे समय से जस की तस बनी हुई है और बरसात के मौसम में पूरा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है। इस दौरान निहारिका सिंह ने ग्रामीणों की शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना और कहा कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वह इस मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष बात उठाएंगी और जल्द कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगी। वहीं, ग्रामीणों ने भी उम्मीद जताई है कि निहारिका सिंह के इस प्रयास से उन्हें जलभराव की इस पुरानी और गंभीर समस्या से जल्द ही राहत मिल सकेगी।4
- कानपुर देहात के राजपुर पीएचसी में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला भारी अव्यवस्थाओं और गंदगी के बीच संचालित हुआ। इस मेले से विशेषज्ञ चिकित्सक पूरी तरह नदारत रहे, जिसके चलते यहाँ आने वाले मरीजों की संख्या भी लगातार घट रही है। इस बार आरोग्य मेले में इलाज कराने के लिए महज 33 मरीज ही अस्पताल पहुंचे। बुखार, खुजली, खांसी और त्वचा रोग जैसी संक्रामक बीमारियों से पीड़ित इन मरीजों का इलाज ट्रेनी एमबीबीएस चिकित्सक डॉ हरदीप प्रताप सिंह और आयुष चिकित्सक डॉ आकांक्षा मिश्रा द्वारा किया गया। अस्पताल परिसर में चारों तरफ फैली गंदगी के बीच ही डॉक्टरों द्वारा मरीजों का इलाज किया गया। डॉक्टरों को ओपीडी कक्ष के बाहर फैला गंदगी का अंबार नजर नहीं आया, जिससे शासन की लोकप्रिय योजना 'स्वच्छ भारत मिशन' पीएचसी परिसर में ही दम तोड़ती नजर आ रही है। वैसे तो चिकित्सक मरीजों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हैं, लेकिन अस्पताल परिसर की इस दुर्दशा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में आशंका है कि यहाँ आने वाले स्वस्थ लोग भी इस गंदगी के कारण बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। इस पूरे मामले में लापरवाही को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ जय गोविन्द ने बताया कि इस घोर लापरवाही की जांच कराई जाएगी।1
- कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के मुंगिसापुर में छींटाकशी और गाली-गलौज का विरोध करने पर मारपीट का मामला सामने आया है। सिकन्द्रा के इतखुदा बुधौली निवासी विकल कटियार अपने परिवार के साथ मुंगिसापुर में रहने वाले अपने चाचा शैलेंद्र कटियार को छींटाकशी और गाली-गलौज करने से मना करने आया था। लेकिन जब गाली देने से मना किया गया, तो प्रिंस कटियार, शुमन देवी, तन्नू और पन्नू ने पीड़ित के चाचा के साथ जमकर मारपीट शुरू कर दी। घटना के बाद पीड़ित द्वारा 112 नंबर पर सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची 112 पुलिस ने उन्हें संबंधित थाना डेरापुर भेज दिया। इस मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें महिला और उसके लड़के मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। डेरापुर इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है और दोनों पक्षों को थाने बुला लिया गया है।1
- कानपुर देहात के डेरापुर में पुलिस ने न्यायालय से लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे एक वारंटी को उसके घर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस चौकी इंचार्ज गिरीश चंद्र ने अपनी टीम के साथ कार्रवाई करते हुए ग्राम खजुर्रा निवासी आरोपी नन्हऊ उर्फ दिलशाद, पुत्र मुस्तफा को गिरफ्तार किया। आरोपी न्यायालय से वारंट जारी होने के बावजूद लगातार गैरहाजिर चल रहा था। डेरापुर प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र सिंह ने मंगलवार शाम करीब पांच बजे बताया कि आरोपी के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी था और वह लगातार पुलिस से बच रहा था। पुलिस टीम ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय से जारी वारंटों के अनुपालन में फरार और गैरहाजिर चल रहे वारंटियों के विरुद्ध पुलिस का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- औरैया जनपद के प्राथमिक विद्यालय अयाना में सोमवार सुबह शिक्षा का मंदिर अखाड़े में तब्दील हो गया। प्रधानाध्यापक के अवकाश पर होने के कारण विद्यालय समय पर नहीं खुल सका, जिसके चलते बच्चे, शिक्षक और अभिभावक स्कूल के गेट के बाहर इंतजार करते रहे। करीब 7:50 बजे जब विद्यालय का ताला खुला, तो उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने को लेकर शिक्षामित्र और सहायक अध्यापक के बीच तीखी कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई और मारपीट में बदल गई। इस मामले में सहायक अध्यापक शिखा मिश्रा ने शिक्षामित्र नूरीना मुबारक पर मारपीट का आरोप लगाते हुए डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और विद्यालय स्टाफ सहित वहां मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। जानकारी के अनुसार, प्रधानाध्यापक अमृत प्रकाश पांडेय स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर थे और उन्होंने कार्यभार सहायक अध्यापक अजय कुमार को सौंपा था। हालांकि, अजय कुमार के भी अवकाश पर चले जाने के कारण चाबी शिक्षामित्र को दी गई थी, जिसकी वजह से स्कूल निर्धारित समय पर नहीं खुल पाया था। थानाध्यक्ष अयाना जयप्रकाश पाल ने बताया कि सहायक अध्यापक की तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि जिस विद्यालय में बच्चों को अनुशासन और संस्कार सिखाए जाते हैं, वहीं शिक्षकों के बीच विवाद और मारपीट के आरोप लग रहे हैं।2