सीवर कनेक्शन के नाम पर सड़क खोदकर छोड़ने का आरोप, सीवर कनेक्शन के नाम पर सड़कें खोदीं, चैंबर भी क्षतिग्रस्त! सतना। शहर में सीवर कनेक्शन के काम को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि सीवर कनेक्शन के दौरान पहले सड़क तोड़ी जाती है, लेकिन क्षतिग्रस्त चैंबरों की सही तरीके से मरम्मत नहीं की जाती। कई जगह सिर्फ पाइप डालकर मिट्टी भरने और ऊपर से नाममात्र की कांक्रीट करने की शिकायत सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चैंबर अंदर से क्षतिग्रस्त हैं और उनकी मरम्मत किए बिना कनेक्शन का काम पूरा किया गया, तो आने वाले समय में सीवर का गंदा पानी वापस घरों में घुसने की समस्या पैदा हो सकती है। लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर सड़क तोड़ने के बाद उसकी गुणवत्ता के साथ मरम्मत क्यों नहीं की जा रही और डैमेज चैंबरों को दुरुस्त किए बिना काम पूरा कैसे माना जा रहा है? अब देखना होगा कि नगर निगम और सीवर प्रोजेक्ट से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी इन शिकायतों की जांच कराते हैं या फिर समस्या सामने आने के बाद ही कार्रवाई होगी।
सीवर कनेक्शन के नाम पर सड़क खोदकर छोड़ने का आरोप, सीवर कनेक्शन के नाम पर सड़कें खोदीं, चैंबर भी क्षतिग्रस्त! सतना। शहर में सीवर कनेक्शन के काम को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि सीवर कनेक्शन के दौरान पहले सड़क तोड़ी जाती है, लेकिन क्षतिग्रस्त चैंबरों की सही तरीके से मरम्मत नहीं की जाती। कई जगह सिर्फ पाइप डालकर मिट्टी भरने और ऊपर से नाममात्र की कांक्रीट करने की शिकायत सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चैंबर अंदर से क्षतिग्रस्त हैं और उनकी मरम्मत किए बिना कनेक्शन का काम पूरा किया गया, तो आने वाले समय में सीवर का गंदा पानी वापस घरों में घुसने की समस्या पैदा हो सकती है। लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर सड़क तोड़ने के बाद उसकी गुणवत्ता के साथ मरम्मत क्यों नहीं की जा रही और डैमेज चैंबरों को दुरुस्त किए बिना काम पूरा कैसे माना जा रहा है? अब देखना होगा कि नगर निगम और सीवर प्रोजेक्ट से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी इन शिकायतों की जांच कराते हैं या फिर समस्या सामने आने के बाद ही कार्रवाई होगी।
- सीवर कनेक्शन के नाम पर सड़क खोदकर छोड़ने का आरोप, सीवर कनेक्शन के नाम पर सड़कें खोदीं, चैंबर भी क्षतिग्रस्त! सतना। शहर में सीवर कनेक्शन के काम को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि सीवर कनेक्शन के दौरान पहले सड़क तोड़ी जाती है, लेकिन क्षतिग्रस्त चैंबरों की सही तरीके से मरम्मत नहीं की जाती। कई जगह सिर्फ पाइप डालकर मिट्टी भरने और ऊपर से नाममात्र की कांक्रीट करने की शिकायत सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चैंबर अंदर से क्षतिग्रस्त हैं और उनकी मरम्मत किए बिना कनेक्शन का काम पूरा किया गया, तो आने वाले समय में सीवर का गंदा पानी वापस घरों में घुसने की समस्या पैदा हो सकती है। लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर सड़क तोड़ने के बाद उसकी गुणवत्ता के साथ मरम्मत क्यों नहीं की जा रही और डैमेज चैंबरों को दुरुस्त किए बिना काम पूरा कैसे माना जा रहा है? अब देखना होगा कि नगर निगम और सीवर प्रोजेक्ट से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी इन शिकायतों की जांच कराते हैं या फिर समस्या सामने आने के बाद ही कार्रवाई होगी।1
- चित्रकूट कर्वी के रानीपुर खाकी में सोते समय जहरीला कीड़ा काटने से महिला की हालत बिगड़ी जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती। मामला चित्रकूट जनपद के कवि कोतवाली अंतर्गत रानीपुर खाकी गांव का बीते रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि लगभग 2:00 बजे का है जहां जहरीला कीड़ा काटने से महिला की हालत बिगड़ गई महिला 38 वर्षीया सोनिया पत्नी हीरालाल के परिजनों ने बताया कि सोनिया रोजाना की भांति की चारपाई पर सो रही थी तभी रात्रि लगभग 2:00 बजे सोनिया को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया जिससे सोनिया की हालत बिगड़ गई वही जानकारी होते ही परिजन सोनिया को सोनपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया है जहां सोनिया का इलाज किया जा रहा है चित्रकूट कर्वी के रानीपुर खाकी में सोते समय जहरीला कीड़ा काटने से महिला की हालत बिगड़ी जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती। मामला चित्रकूट जनपद के कवि कोतवाली अंतर्गत रानीपुर खाकी गांव का बीते रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि लगभग 2:00 बजे का है जहां जहरीला कीड़ा काटने से महिला की हालत बिगड़ गई महिला 38 वर्षीया सोनिया पत्नी हीरालाल के परिजनों ने बताया कि सोनिया रोजाना की भांति की चारपाई पर सो रही थी तभी रात्रि लगभग 2:00 बजे सोनिया को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया जिससे सोनिया की हालत बिगड़ गई वही जानकारी होते ही परिजन सोनिया को सोनपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया है जहां सोनिया का इलाज किया जा रहा है1
- चित्रकूट पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ पीड़ित परिवार को बाटी राहत सामग्री एवं बाढ़ से हुए बेघर लोगों को बाटे भूमि आवंटन प्रमाण पत्र2
- बाढ़ की त्रासदी के बीच सेवा का हाथ, पीड़ित परिवारों के बीच पहुंची राहत l चित्रकूट बाढ़ की त्रासदी के बीच सेवा का हाथ, पीड़ित परिवारों के बीच पहुंची राहत चित्रकूट। जिले में बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित ग्रामीण इलाकों में सेवा भारती का राहत अभियान लगातार जारी है। 29 अगस्त से शुरू हुआ सेवा एवं राहत का सिलसिला मलकाना, पडरी पुरवा, कपसेठी, गोबरिया और बहादुरपुर समेत कई बाढ़ प्रभावित बस्तियों तक पहुंचा। सेवा भारती की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था करने के साथ ही महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को कपड़े वितरित किए गए। इसी क्रम में 3 सितंबर को कुशवाहा पुरवा और गोबरिया में बाढ़ पीड़ितों को कपड़े, बिस्किट, चटाई और चादर सहित जरूरत का सामान उपलब्ध कराया गया। वहीं 6 सितंबर को चौरा, अरछा बरेठी के केवटन पुरवा में सेवा भारती चित्रकूट और न्यास सेवा बिन्दिकी फतेहपुर के संयुक्त तत्वावधान में राहत सामग्री वितरण किया गया। यहां जरूरतमंद परिवारों को आटा, दाल, चावल, चीनी, तेल, नमक, मसाले, कपड़े, दरी, चादर, तिरपाल, चटाई और बिस्किट समेत आवश्यक सामग्री दी गई। राहत अभियान के क्रम में कलवारा गांव में भी बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों के बीच दरी, चादर, चटाई, साड़ियां, कपड़े और बिस्किट वितरित किए गए। इस दौरान सेवा भारती के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। आपदा के इस कठिन समय में राहत सामग्री मिलने से बाढ़ प्रभावित परिवारों के चेहरों पर राहत दिखाई दी। सेवा भारती का यह अभियान संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों के लिए मदद के साथ-साथ भरोसे और संवेदना का संदेश भी दे रहा है। जन कनेक्ट भारत समाचार | चित्रकूट1
- जेके सेम कंपनी ने पन्ना जिले को बर्बादी में धकेला, सड़कें तबाह, प्रदूषण बढ़ाया पन्ना। आज से 5 वर्ष पूर्व पन्ना जिले के लोगों ने विकास तथा रोजगार का एक सपना देखा था जिसमें अमानगंज क्षेत्र के पुरेना में जेके सेम कंपनी द्वारा सीमेंट प्लांट की स्थापना की गई थी तथा सैकड़ो किसानों ने अपनी बहु उपयोगी खेती की जमीन उक्त कंपनी को बेची दी गई थी उस दौरान किसानों को कंपनी द्वारा बेरोजगारों को एवं किसानों को रोजगार देने का सपना दिखाया गया था । लेकिन सैकड़ो किसानों के हजारों युवाओं कि उक्त उम्मीद पर पानी फिर गया कंपनी द्वारा जब अपना प्लांट तैयार कर लिया तथा संचालन प्रारंभकर दिया तो कंपनी ने बाहरी लोगों को प्लांट में स्थान दिया स्थानीय किसान एवं बेरोजगारों को कोई काम नहीं दिया क्षेत्र के हजारों बे रोजगार काम की तलाश में महानगरों में काम करने के लिए चले गए हैं उक्त प्लाट से पूरे क्षेत्र की भारी बर्बादी हुई है जहां एक ओर खेती की उन्नत जमीन चली गई वहीं दूसरी ओर क्षेत्र भर में भारी प्रदूषण फैल रहा है प्रतिदिन सैकडो डंपर प्लांट से लेकर किलिंकर के निकलते है1
- सेमरिया विधानसभा के सुकवार गांव में राघवेन्द्र पाठक के यहां कृष्ण जन्माष्टमी इस बार भी बड़ी धूमधाम से मनाई गई* शाहपुर,सेमरिया विधानसभा के अंतर्गत ग्राम सुकवार में प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी राघवेन्द्र पाठक जी के निवास पर भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़ी श्रद्धा, भक्ति और धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संध्या भजन-गायकी से हुई। रात्रि 8 बजे से 12 बजे तक स्थानीय एवं बाहर से आए भजन गायकों द्वारा सुमधुर कृष्ण भजनों की प्रस्तुति दी गई। ढोलक, हारमोनियम, मंजीरा की थाप पर "हरे कृष्ण, कुंज बिहारी, गिरधर कृष्ण मुरारी" के भजनों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। भक्त भाव-विभोर होकर नाचने-गाने लगे। ठीक रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के क्षण पर विशेष आरती *"आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की"* का गायन किया गया। साथ ही *"नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की"* के जयघोषों से पूरा पंडाल गूंज उठा। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण एवं भंडारा/भोजन का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों ग्रामवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस पावन अवसर पर प्रमुख रूप राघवेन्द्र पाठक, राजमणि पाठक, , उमेश पाठक प्रकाश नारायण पाठक, भगवान दीन पाठक, राजू गौतम राजकुमार पाठक, राज बहोर पाठक, शेष मणि त्रिपाठी, अभय राज त्रिवेदी, स्वास्तिक पाठक, अवध नारायण पाठक, रिंकू पाठक, पुष्पक पाठक, अनुरुद्ध पाठक, राम विश्वास तिवारी, ददोली पाठक सहित समस्त ग्रामवासी एवं महिला-पुरुष भक्तगण बड़ी संख्या में मौजूद रहे। ग्रामवासियों ने बताया कि सुकवार में यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर साल इसी उल्लास के साथ जन्माष्टमी मनाई जाती है।1
- घर से निकले 71 वर्षीय बुजुर्ग का नहीं मिला सुराग अजयगढ़ में परिजन परेशान। अजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिन्हाई अंतर्गत ग्राम डाड़े का बारा निवासी 71 वर्षीय मोहन सिंह यादव पिता रतन सिंह यादव के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार मोहन सिंह यादव एक सितंबर से बिना बताए घर से कहीं चले गए हैं। इसके बाद परिजनों ने आसपास के क्षेत्रों और नाते-रिश्तेदारों के यहां काफी तलाश की, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। बताया गया है कि बुजुर्ग की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती और उन्हें कम सुनाई देता है। लापता होने के समय उन्होंने हल्के रंग का कुर्ता-धोती पहन रखा था और गले में गमछा था। परिजनों ने अजयगढ़ थाने में सूचना दे दी है, जिसके बाद पुलिस के सहयोग से उनकी तलाश की जा रही है। परिजनों ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को मोहन सिंह यादव कहीं दिखाई दें या उनके संबंध में कोई जानकारी मिले, तो तत्काल पुलिस अथवा परिजनों को सूचित करें, ताकि उन्हें सुरक्षित घर वापस लाया जा सके।1
- चित्रकूट में सीएम योगी का डेढ़ घंटे का तूफानी दौरा... बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री... लापरवाही पर अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी... तरौहा की महिलाओं ने किया हंगामा, रोते हुए लगाई मदद की गुहार... चित्रकूट में सीएम योगी का डेढ़ घंटे का तूफानी दौरा... बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री... लापरवाही पर अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी... तरौहा की महिलाओं ने किया हंगामा, रोते हुए लगाई मदद की गुहार...2