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खागा जिला फतेहपुर खागा रेलवे स्टेशन पर गुंडों का बोल बाला कुल्हड़ी से जोर दार जन लेवा हमला कोई कार्य वही नही हुई
Vinod shriwastva
खागा जिला फतेहपुर खागा रेलवे स्टेशन पर गुंडों का बोल बाला कुल्हड़ी से जोर दार जन लेवा हमला कोई कार्य वही नही हुई
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- क्या बेइज्जती के लिए बुलाया गया था?”—पीडब्ल्यूडी पर उठाए सवाल, कहा- मेरे विधानसभा में बिना मुझे बैठाए नहीं होगी पूजा खागा-नौबस्ता रोड के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब हुसैनगंज विधायक उषा मौर्या को पूजा में शामिल नहीं किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार, उद्घाटन से पहले चल रही पूजा में विधायक को बैठने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे वह नाराज हो गईं और मौके पर ही उन्होंने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। विधायक उषा मौर्या ने पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब उन्हें कार्यक्रम में बुलाया गया था, तो पूजा में शामिल क्यों नहीं किया गया। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “क्या मुझे यहां बेइज्जती करने के लिए बुलाया गया था?” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए असहज स्थिति बन गई और मौजूद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई। उन्होंने आगे कहा कि यह कार्यक्रम उनके विधानसभा क्षेत्र में हो रहा है, ऐसे में उन्हें नजरअंदाज करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “मेरे विधानसभा में पूजा हो रही है, मैं नहीं बैठने दूंगी अगर मुझे शामिल नहीं किया जाएगा।” इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों में समन्वय की कमी के कारण ही इस तरह के विवाद सामने आते हैं। फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का दौर जारी है।2
- हुसैनगंज1
- Post by Vinod shriwastva1
- *अढावल में संचालित मोरंग खदाने तीन दिन से बंद चल रही है, कारण है कि ग्रामीणों ने रास्ता खोदकर बंद कर दिया , ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय लेखपाल ने खनन कारोबारियों से मिलकर उनकी आस्था को चोट पहुंचाई है, गांव किनारे स्थित शहीद बाबा की मजार से रास्ता बना दिया गया है, वही खनन कारोबारी और पट्टेधारक का तर्क है कि सारी समस्या खदान चलने के बीस दिन बाद क्यों आई, अभी तक किसी को कोई आपत्ति नहीं थी, जिस रास्ते का वह इस्तेमाल कर रहे है उसके एवज में किसानों को मुंहमांगा भुगतान किया गया है, तीन दिन से खनन प्रभावित होने के कारण उनका आर्थिक नुकसान हो रहा है, पट्टेधारकों के अनुरोध पर सदर एसडीएम , तहसीलदार , खनिज निरीक्षक , सीओ जाफरगंज, ललौली और गाजीपुर पुलिस मौके पर मौजूद रही , अज्ञात राजनीतिक दबाव के चलते फिलहाल समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो सका, एसडीएम ने केवल तीन दिन से मोरंग लादकर खड़ी गाड़ियों को निकलवाया,*1
- फतेहपुर जनपद में व्याप्त जनसमस्याओं को लेकर आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी फतेहपुर ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रीपेड स्मार्ट मीटरों की गड़बड़ियों और एलपीजी गैस की भारी किल्लत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। और जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को ज्ञापन प्रेषित किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी और शहर अध्यक्ष आरिफ गुड्डा महिला जिला अध्यक्ष हेमलता पटेल ने संयुक्त रूप से किया साथ ही कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गए हैं। बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली कट जाना और तकनीकी खामियों के कारण उपभोक्ताओं को अत्यधिक बिल और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन मीटरों की विसंगतियों को दूर नहीं किया गया, तो कांग्रेस बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इस दौरान महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष व पूर्व विधानसभा प्रत्याशी हेमलता पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी प्रतिभाग किया। हेमलता पटेल ने रसोई गैस की किल्लत पर कहा कि एक तरफ महंगाई आसमान छू रही है, दूसरी तरफ समय पर गैस सिलेंडर न मिलने से गृहणियों का बजट और रसोई का प्रबंधन पूरी तरह चरमरा गया है। सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि आम जनमानस को राहत मिल सके।" महिलाओं ने बुलंद आवाज में अपनी मांगें रखीं और कहा कि प्रीपेड मीटर की व्यवस्था ने गरीबों और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता और भारी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वे जनहित के मुद्दों पर चुप नहीं बैठेंगे और सड़क से सदन तक जनता की लड़ाई लड़ते रहेंगे इस अवसर पर आईएनसीडब्लू सचिव मोहित कुमार वर्मा, कलीम उल्ला सिद्दीकी, सरला सिंह, रंजना, सुमन, रानी, उदित, संजय, हम्माद हुसैन, आकाश आदि लोग रहे |1
- * बिजली का तार गिरने से खेतों में लगी आग, कई किसानों की फसल जली फतेहपुर के बकेवर क्षेत्र में खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन एक बार फिर खतरे की वजह बन गई। गिरा हुआ तार सिर्फ चिंगारी नहीं था—उसने कई किसानों की महीनों की मेहनत को कुछ ही मिनटों में राख में बदल दिया। यह हादसा जितना दर्दनाक है, उतना ही बड़ा सवाल भी खड़ा करता है—क्या यह सिर्फ दुर्घटना थी या फिर लापरवाही का सीधा नतीजा? फतेहपुर जनपद की बिंदकी तहसील के बकेवर थाना क्षेत्र अंतर्गत देवमई विकासखंड के सुजावलपुर और गुटईयाखेड़ा गांव के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। खेत में बिजली का तार गिरने से अचानक आग लग गई, जिससे कई किसानों की गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई।1
- payar Kiya to drna ky aapne asik ko bulane ke chakkar me tawar me chadi kisori ki mag ke meri saddi karai jaye👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏1
- क्या बेइज्जती के लिए बुलाया गया था?”—पीडब्ल्यूडी पर उठाए सवाल, कहा- मेरे विधानसभा में बिना मुझे बैठाए नहीं होगी पूजा खागा-नौबस्ता रोड के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब हुसैनगंज विधायक उषा मौर्या को पूजा में शामिल नहीं किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार, उद्घाटन से पहले चल रही पूजा में विधायक को बैठने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे वह नाराज हो गईं और मौके पर ही उन्होंने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। विधायक उषा मौर्या ने पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब उन्हें कार्यक्रम में बुलाया गया था, तो पूजा में शामिल क्यों नहीं किया गया। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “क्या मुझे यहां बेइज्जती करने के लिए बुलाया गया था?” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए असहज स्थिति बन गई और मौजूद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई। उन्होंने आगे कहा कि यह कार्यक्रम उनके विधानसभा क्षेत्र में हो रहा है, ऐसे में उन्हें नजरअंदाज करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “मेरे विधानसभा में पूजा हो रही है, मैं नहीं बैठने दूंगी अगर मुझे शामिल नहीं किया जाएगा।” इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों में समन्वय की कमी के कारण ही इस तरह के विवाद सामने आते हैं। फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का दौर जारी है।2