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विकास के नाम पर भविष्य की नीलामी किए जाने को लेकर गहरा सवाल उठाया गया है। इस संदर्भ में चिंता जताई गई है कि क्या आने वाले समय में लोगों को अपनी साँसें भी बोतलों में खरीदनी पड़ेंगी।
B Republic News
विकास के नाम पर भविष्य की नीलामी किए जाने को लेकर गहरा सवाल उठाया गया है। इस संदर्भ में चिंता जताई गई है कि क्या आने वाले समय में लोगों को अपनी साँसें भी बोतलों में खरीदनी पड़ेंगी।
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- विकास के नाम पर भविष्य की नीलामी किए जाने को लेकर गहरा सवाल उठाया गया है। इस संदर्भ में चिंता जताई गई है कि क्या आने वाले समय में लोगों को अपनी साँसें भी बोतलों में खरीदनी पड़ेंगी।1
- भदोही जनपद में मॉनसून ने मंगलवार सुबह से ही पूरी तरह से सक्रिय होकर जोरदार दस्तक दे दी है, जिससे लगातार हुई झमाझम बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया है। इस वर्षा ने लोगों को कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत प्रदान की है। बारिश के चलते भले ही कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है, लेकिन किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है, क्योंकि यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए अत्यंत लाभदायक मानी जा रही है। मौसम विभाग ने भी पूर्वांचल सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मॉनसून के सक्रिय रहने और आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है।1
- मुख्य कोषाधिकारी अर्चना त्रिपाठी को एक भावभीनी विदाई दी गई। इस दौरान उन्हें भरपूर सम्मान और आत्मीयता मिली, जिससे उनकी आँखें नम हो गईं।1
- उपभोक्ता कोटेदारों की मनमानी से बुरी तरह परेशान हैं। पूरी मात्रा में अपना राशन प्राप्त करने की उम्मीद में, वे अपनी उचित दर की दुकानें बदलने का निर्णय ले रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में, प्रयागराज से सोनभद्र को जोड़ने के लिए प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे योजना के विरोध में किसान संगठन लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को जन संघर्ष समिति मिर्जापुर के तत्वावधान में किसान नेताओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस एक्सप्रेस-वे को निरस्त करने की मांग की और इसे एक विनाशकारी कदम बताया। किसान नेताओं ने दावा किया कि प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे से न तो देश, न प्रदेश, न किसान और न ही आम जनता को कोई फायदा होगा, बल्कि यह अंततः किसानों और देश के लिए एक अभिशाप साबित होगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री को भेजे गए एक पत्र का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि प्रयागराज से सोनभद्र तक 150 किलोमीटर की दूरी को जोड़ने के लिए पहले से ही पर्याप्त मार्ग मौजूद हैं, जबकि प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे की दूरी 330 किलोमीटर है। साथ ही, मिर्जापुर के चुनार में मात्र 10 किलोमीटर के अंतर पर समानांतर रूप से राज्य राजमार्ग संख्या 5ए और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 35 भी उपलब्ध हैं। जन संघर्ष समिति के संयोजक इंजिनियर राज बहादुर सिंह ने कहा कि गलत नियोजन के कारण यह एक्सप्रेस-वे तमाम लघु एवं सीमांत कृषकों को भूमिहीन और बेरोजगार कर देगा। उन्होंने बताया कि इस योजना से अत्यंत ही उपजाऊ कृषि योग्य भूमि स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगी, जिस पर किसान साल में तीन फसलें लेते हैं। यह क्षेत्र गंगा बेसिन में स्थित होने के कारण विंध्य एक्सप्रेस-वे बनने से बुरी तरह प्रभावित होगा। भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के जिलाध्यक्ष धर्मदेव उपाध्याय ने सवाल उठाया कि जो किसान इस योजना से भूमिहीन हो जाएंगे, उनके लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था है, और इसे किसानों को भूमिहीन बनाने का षड्यंत्र बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार राष्ट्रीय स्तर पर किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है और विंध्य एक्सप्रेस-वे छोटे-मझोले किसानों को तबाह कर देगा। उपाध्याय ने यह भी जोड़ा कि इससे पर्यावरण को भारी नुकसान होगा और यह किसी भी तरह जनहित में नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह योजना बिना किसी वजह के किसानों पर थोपी जा रही है और इसका निर्माण अडानी को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है, जिससे किसानों का भला नहीं होगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान नेता प्रहलाद सिंह, बजरंगी कुशवाहा, कंचन सिंह फौजी, राम बुलावन सिंह, सिद्धनाथ सिंह, रमेश सिंह और राम सिंह बागीश सहित अन्य उपस्थित थे। सभी किसान नेताओं ने विंध्य एक्सप्रेस-वे को किसान विरोधी और विनाशकारी कदम करार देते हुए इसे रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस योजना पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो किसान एकजुट होकर सड़कों पर उतरने को विवश होंगे।3
- प्रयागराज के हंडिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पंकज नगर चौराहा सड़क पर हल्की बारिश होते ही जलभराव हो गया है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के दोनों ओर दुकानें लगी रहती हैं, और इस जलभराव के कारण साइकिल और पैदल यात्रियों को खास तौर पर काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। बताया गया है कि सड़क के बगल से कोई नाली नहीं है, जिसके चलते बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है और निकल नहीं पाता। इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए, स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक और सांसद द्वारा सड़कों की मरम्मत और उन्हें गड्ढा मुक्त करने के दावे केवल कागजों तक ही सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। जनता अपनी इस परेशानी को लेकर नेताओं और विधायकों के सामने खुद को लाचार महसूस कर रही है।1
- भदोही जिले में बेटी स्नेहा ने अपने सौतेले पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ये आरोप क्या हैं।1
- एक पिता ने अपनी सौतेली बेटी स्नेहा पर हत्या के प्रयास का गंभीर आरोप लगाया है। इस आरोप के जवाब में, सौतेली बेटी स्नेहा ने पलटवार करते हुए अपने पिता के चरित्र पर ही सवाल उठाए हैं। इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।1