चन्दौली वाराणसी खंडग्रास चंद्रग्रहण के अवसर पर मंगलवार को काशी के गंगा घाटों पर आस्था का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। ग्रहण के स्पर्श से लेकर मोक्ष काल तक हरिनाम जप, संकीर्तन और साधना का क्रम चलता रहा।दशाश्वमेध और अस्सी घाट पर उमड़ी भीड़ दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट पर श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ देखी गई। ग्रहण काल में दान-पुण्य की मान्यता के चलते बड़ी संख्या में जरूरतमंद और भिक्षुक घाटों के आसपास जुटे रहे। ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने दोपहर की गंगा आरती के बाद ही अपने लिए स्थान सुरक्षित कर लिया था।ग्रहण के दौरान लोगों ने घरों में भी उपवास रखा। खाने-पीने की वस्तुओं की शुद्धता के लिए उनमें कुश या तुलसी डालने की परंपरा का पालन किया गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, जल पुलिस रही सतर्क ग्रहण के मद्देनजर घाटों पर पुलिस और जल पुलिस की विशेष तैनाती की गई थी। जल पुलिस के जवान घाट किनारे बंधी नौकाओं पर मुस्तैद रहे और श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकते रहे। प्रमुख घाटों पर पानी के भीतर बांस लगाकर बैरिकेडिंग की गई थी ताकि कोई दुर्घटना न हो।शंकराचार्य घाट पर शहनाई वादन केदारघाट और हरिश्चंद्र घाट के बीच स्थित शंकराचार्य घाट पर ग्रहणकाल के दौरान आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। पंडित महेंद्र प्रसन्ना ने शहनाई वादन के माध्यम से प्रभु का सुमिरन किया। ग्रहण काल में भजन और मंत्रजाप की मान्यता के अनुरूप शहनाई की स्वर लहरियां गूंजती रहीं। बंद रहे मंदिरों के कपाट, मोक्ष के बाद शुरु हुआ दर्शनखंडग्रास चंद्रग्रहण के कारण मंगलवार सुबह ही काशी के प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन हनुमान मंदिर, कालभैरव मंदिर और दुर्गा मंदिर समेत अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन रोक दिया गया था।संकटमोचन मंदिर के कपाट प्रातः आरती के बाद सुबह 9 बजे बंद कर दिए गए थे। ग्रहण के मोक्ष के बाद शाम 7 बजे मंदिरों में विधिवत शुद्धिकरण और पूजन के पश्चात दर्शन का क्रम शुरू हुआ। संध्या आरती और रात्रि शयन आरती नियमानुसार संपन्न कराई गई। ग्रहण काल में श्रद्धालु घरों और घाटों पर कीर्तन, मंत्रजाप और साधना में लीन रहे। काशी में एक बार फिर आस्था, परंपरा और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला।
चन्दौली वाराणसी खंडग्रास चंद्रग्रहण के अवसर पर मंगलवार को काशी के गंगा घाटों पर आस्था का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। ग्रहण के स्पर्श से लेकर मोक्ष काल तक हरिनाम जप, संकीर्तन और साधना का क्रम चलता रहा।दशाश्वमेध और अस्सी घाट पर उमड़ी भीड़ दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट पर श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ देखी गई। ग्रहण काल में दान-पुण्य की मान्यता के चलते बड़ी संख्या में जरूरतमंद और भिक्षुक घाटों के आसपास जुटे रहे। ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने दोपहर की गंगा आरती के बाद ही अपने लिए स्थान सुरक्षित कर लिया था।ग्रहण के दौरान लोगों ने घरों में भी उपवास रखा। खाने-पीने की वस्तुओं की शुद्धता के लिए उनमें कुश या तुलसी डालने की परंपरा का पालन किया गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, जल पुलिस रही सतर्क ग्रहण के मद्देनजर घाटों पर पुलिस और जल पुलिस की विशेष तैनाती की गई थी। जल पुलिस के जवान घाट किनारे बंधी नौकाओं पर मुस्तैद रहे और श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकते रहे। प्रमुख घाटों पर पानी के भीतर बांस लगाकर बैरिकेडिंग की गई थी ताकि कोई दुर्घटना न हो।शंकराचार्य घाट पर शहनाई वादन केदारघाट और हरिश्चंद्र घाट के बीच स्थित शंकराचार्य घाट पर ग्रहणकाल के दौरान आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। पंडित महेंद्र प्रसन्ना ने शहनाई वादन के माध्यम से प्रभु का सुमिरन किया। ग्रहण काल में भजन और मंत्रजाप की मान्यता के अनुरूप शहनाई की स्वर लहरियां गूंजती रहीं। बंद रहे मंदिरों के कपाट, मोक्ष के बाद शुरु हुआ दर्शनखंडग्रास चंद्रग्रहण के कारण मंगलवार सुबह ही काशी के प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन हनुमान मंदिर, कालभैरव मंदिर और दुर्गा मंदिर समेत अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन रोक दिया गया था।संकटमोचन मंदिर के कपाट प्रातः आरती के बाद सुबह 9 बजे बंद कर दिए गए थे। ग्रहण के मोक्ष के बाद शाम 7 बजे मंदिरों में विधिवत शुद्धिकरण और पूजन के पश्चात दर्शन का क्रम शुरू हुआ। संध्या आरती और रात्रि शयन आरती नियमानुसार संपन्न कराई गई। ग्रहण काल में श्रद्धालु घरों और घाटों पर कीर्तन, मंत्रजाप और साधना में लीन रहे। काशी में एक बार फिर आस्था, परंपरा और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला।
- गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि मैं दिनांक 28.02.2026 रात्रि अपने ट्यूबेल से अपने घर जा रहा था रास्ते में मन्नू पटेल की चाय-पान की दुकान के पास अपनी गाड़ी खड़ी करके पान खाने जा रहा था कि दुकान पर पहले से ही मौजूद दो व्यक्ति बैठकर शराब पी रहे थे तभी अचानक 03 मोटरसाइकिल से 06 व्यक्ति तेज रफ्तार में आये तब मैने उन्हें टोका कि आप इतनी तेज रफ्तार में आ रहे हो तो मुझे मारने का इरादा है क्या । इतनी बात पर वहाँ मौजूद 08 व्यक्ति मिलकर मुझे मारने पीटने लगे। उसके बाद मैं आवेश में आकर ट्युबेल पर जाकर ट्युबेल में रखा असलहा लाकर उनके ऊपर कई राउण्ड फायर कर दिया जिसमें वह लोग घायल हो गये और मैं वहां से भागकर बिहार चला गया।1
- चौबेपुर डाकघर में नन्हें बच्चों की पाठशाला, 51 छात्रों ने समझी कार्यप्रणाली1
- यह वायरल है मेरा कुछ नही है है इसमें - विकास की रफ्तार देखिए विश्वगुरु का हल्ला मचाना और औकात पर आना यही असली पहचान है मुफ्तखोरी का विश्वस्तरीय पहचान - UP के मंत्री संजय निषाद ने लखनऊ के पत्रकारों को होली के तोहफ़े देने का वादा किया था, लेकिन उन्हें 250 ग्राम गुजिया का डिब्बा मिला। गुस्साए पत्रकारों ने गुजिया का डिब्बा लौटा दिया और कहा कि उन्हें "बेइज्जत" किया गया।1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- Post by Pintutiwari Pintutiwari1
- मीरजापुर एसपी अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़, बाजारों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस की गश्त मीरजापुर : होली पर्व और अन्य आगामी त्योहारों को लेकर मीरजापुर पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में जनपद के संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में व्यापक फ्लैग मार्च किया गया। क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन शिखा भारती के नेतृत्व में मड़िहान, जमुई, कोपलपुर, कलवारी, कुन्द्रुफ और दारानगर समेत कई इलाकों में पुलिस बल ने मार्च कर आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। वहीं चील्ह, पड़री, कछवां, चुनार, जमालपुर, राजगढ़ और जिगना थाना क्षेत्रों में भी पुलिस टीमों ने बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त की। पीआरवी डायल 112 की टीमों के साथ पुलिस अधिकारियों ने दुकानदारों, सर्राफा व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से संवाद कर शांति और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट संदेश है — कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी, लेकिन आम नागरिक निश्चिंत होकर त्योहार मनाएं।1
- Post by गजेन्द्र कुमार सिंह1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- Post by Pintutiwari Pintutiwari1