उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र में बिना मानकों के चल रहे प्रजापति अस्पताल की घोर लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला के पेट में ही शिशु की मौत हो गई। महिला की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया है। आरोप है कि प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री के इस क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से दर्जनों अवैध अस्पताल, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिनकी लापरवाही का शिकार स्थानीय लोगों को होना पड़ रहा है। तरकुलवा थाना क्षेत्र के ग्राम शामपुर निवासी रीमा देवी, पत्नी रविंद्र चौहान, को प्रसव पीड़ा होने पर पथरदेवा नगर स्थित प्रजापति अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वजनों का आरोप है कि पूरे दिन ऑपरेशन की बात कहकर इंतजार कराया गया और देर रात बताया गया कि गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद ऑपरेशन के लिए 50 हजार रुपये मांगे गए, जिसकी व्यवस्था करके परिजनों ने पैसे जमा करा दिए। महिला की गंभीर स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर रात करीब नौ बजे चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रभात रंजन और स्थानीय चौकी पुलिस मौके पर पहुंचे। महिला को तत्काल एंबुलेंस से महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर मृत शिशु को बाहर निकाला और महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रभात रंजन ने बताया कि एसीएमओ से सूचना मिलने पर वह तुरंत मौके पर पहुंचे। जांच में पाया गया कि अस्पताल में मानक के अनुसार कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। इस गंभीर लापरवाही के बाद विभाग के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में प्रजापति अस्पताल को सील कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र में बिना मानकों के चल रहे प्रजापति अस्पताल की घोर लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला के पेट में ही शिशु की मौत हो गई। महिला की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया है। आरोप है कि प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री के इस क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से दर्जनों अवैध अस्पताल, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिनकी लापरवाही का शिकार स्थानीय लोगों को होना पड़ रहा है। तरकुलवा थाना क्षेत्र के ग्राम शामपुर निवासी रीमा देवी, पत्नी रविंद्र चौहान, को प्रसव पीड़ा होने पर पथरदेवा नगर स्थित प्रजापति अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वजनों का आरोप है कि पूरे दिन ऑपरेशन की बात कहकर इंतजार कराया गया और देर रात बताया गया कि गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद ऑपरेशन के लिए 50 हजार रुपये मांगे गए, जिसकी व्यवस्था करके परिजनों ने पैसे जमा करा दिए। महिला की गंभीर स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर रात करीब नौ बजे चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रभात रंजन और स्थानीय चौकी पुलिस मौके पर पहुंचे। महिला को तत्काल एंबुलेंस से महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर मृत शिशु को बाहर निकाला और महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रभात रंजन ने बताया कि एसीएमओ से सूचना मिलने पर वह तुरंत मौके पर पहुंचे। जांच में पाया गया कि अस्पताल में मानक के अनुसार कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। इस गंभीर लापरवाही के बाद विभाग के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में प्रजापति अस्पताल को सील कर दिया गया है।
- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सभी थानों में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जहाँ राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से फरियादियों की समस्याएं सुनीं। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने बरहज और सुरौली थाने पहुंचकर जनसुनवाई की। इस दौरान जिले में बेहतर जनसुनवाई, पुलिस की जवाबदेही, संवेदनशीलता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सभी थानों पर डेस्क सिस्टम लागू किया गया, जिसके तहत हल्का प्रभारी और बीट पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग डेस्क लगाकर लोगों की शिकायतें सुनीं। जिले भर के थानों पर कुल 129 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 38 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं, पुलिस अधीक्षक द्वारा निरीक्षित बरहज और सुरौली थानों पर कुल 15 प्रार्थना पत्र आए, जिनमें से छह मामलों का मौके पर समाधान हुआ। शेष मामलों के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए राजस्व तथा पुलिस की संयुक्त टीमें गठित कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।1
- देवरिया जिले के ग्राम गौतम चक मठिया (पोस्ट सिद्धूआ) में सरकारी पोखरे पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। सरकारी कागज़ी मानक के अनुसार यह पोखरा 37 डिसमिल का था, लेकिन इसके अगल-बगल में बसे लोगों ने इसे भरकर इस पर कब्ज़ा कर लिया है। पोखरे पर अतिक्रमण के कारण गाँव में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। पहले इस पोखरे में आधे गाँव के घरों की नालियों का पानी जाता था, जो अब पोखरा भर जाने की वजह से सीधे गाँव की सड़क पर बह रहा है। सड़क पर लगातार गंदा पानी जमा रहने से पूरे गाँव के लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर ध्यान देते हुए जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने की माँग की है।1
- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र में बिना मानकों के चल रहे प्रजापति अस्पताल की घोर लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला के पेट में ही शिशु की मौत हो गई। महिला की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया है। आरोप है कि प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री के इस क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से दर्जनों अवैध अस्पताल, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिनकी लापरवाही का शिकार स्थानीय लोगों को होना पड़ रहा है। तरकुलवा थाना क्षेत्र के ग्राम शामपुर निवासी रीमा देवी, पत्नी रविंद्र चौहान, को प्रसव पीड़ा होने पर पथरदेवा नगर स्थित प्रजापति अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वजनों का आरोप है कि पूरे दिन ऑपरेशन की बात कहकर इंतजार कराया गया और देर रात बताया गया कि गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद ऑपरेशन के लिए 50 हजार रुपये मांगे गए, जिसकी व्यवस्था करके परिजनों ने पैसे जमा करा दिए। महिला की गंभीर स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर रात करीब नौ बजे चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रभात रंजन और स्थानीय चौकी पुलिस मौके पर पहुंचे। महिला को तत्काल एंबुलेंस से महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर मृत शिशु को बाहर निकाला और महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रभात रंजन ने बताया कि एसीएमओ से सूचना मिलने पर वह तुरंत मौके पर पहुंचे। जांच में पाया गया कि अस्पताल में मानक के अनुसार कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। इस गंभीर लापरवाही के बाद विभाग के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में प्रजापति अस्पताल को सील कर दिया गया है।1
- देश को नया शिक्षा मंत्री मिल गया है। इसके तहत प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।1
- देवरिया में नौकरी दिलाने के नाम पर दस लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें बेटी ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि जिस व्यक्ति ने नौकरी का झांसा देकर उनसे पैसे वसूले थे, उसका मोबाइल नंबर अब बंद आ रहा है और उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। पैसे डूबने के बाद अब पीड़ित परिवार पर कर्ज का भारी दबाव बन गया है। पीड़िता का कहना है कि जिन लोगों से पैसे उधार लिए गए थे, वे अब रकम वापस मांगने के लिए लगातार घर आ रहे हैं। इस स्थिति में परिवार पूरी तरह बेबस है और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे इतने पैसे कहां से देंगे। ठगी का शिकार हुआ यह परिवार अब न्याय की गुहार लगा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद अंतर्गत हाटा तहसील क्षेत्र में पकौली लाल के समीप पगरा-52 नहर किनारे स्थित लगभग 200 वर्ष प्राचीन राम-जानकी मंदिर और उसके बगल में मौजूद पोखरा आज घोर उपेक्षा और बदहाली का शिकार है। कभी क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा यह ऐतिहासिक स्थल देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुका है। समय पर मरम्मत न होने से मंदिर की दीवारों और छत में गंभीर दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे इसके ढहने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंदिर के महंत मदन दास ने बताया कि इस प्राचीन मंदिर में भगवान श्रीराम, माता जानकी, भगवान शिव, माता पार्वती और हनुमान जी सहित कई देवी-देवताओं की अष्टधातु की प्रतिमाएं स्थापित हैं। वर्षों से श्रद्धालु यहाँ पूजा-अर्चना के लिए आते रहे हैं। महंत के अनुसार, मंदिर के संरक्षण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रीय विधायक, ग्राम प्रधान और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। स्थानीय ग्रामीणों जगदम्बा पाण्डेय, अशोक गिरी, अमृतलाल सिंह और अभिषेक यादव का कहना है कि मंदिर तक पहुँचने वाला संपर्क मार्ग भी खस्ताहाल है, जिससे विशेषकर बरसात के मौसम में श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मंदिर के पास स्थित पोखरा भी सफाई न होने से अपना अस्तित्व खो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यहाँ हर साल महाशिवरात्रि पर विशाल मेला लगता है, जिसमें दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु आते हैं। एक तरफ सरकार धार्मिक स्थलों के विकास की योजनाएं चला रही है, वहीं यह ऐतिहासिक धरोहर उपेक्षा झेल रही है। क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से मंदिर के जीर्णोद्धार, पोखरे के पुनरोद्धार और सड़क निर्माण की शीघ्र मांग की है।1
- देवरिया में थाना कोतवाली पुलिस और जनपदीय एंटी थेफ्ट टीम को वाहन चोर गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कसया मालगोदाम के पास छापेमारी करके चोरी की पांच मोटरसाइकिल बरामद की हैं। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक आरोपी संतोष मध्देशिया और चार विधि-विरुद्ध बालकों को हिरासत में लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बरामद वाहनों के अलावा पांच अन्य चोरी की बाइक बिहार में बेचने की बात स्वीकार की है। इसके आधार पर थाना कोतवाली के नौ और थाना भाटपाररानी के एक वाहन चोरी के मुकदमे का भी खुलासा हुआ है। पुलिस फिलहाल पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।1
- देवरिया के पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में शनिवार को जिले के सभी थानों की मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमों ने मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिलाओं, बालिकाओं और छात्राओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़े अधिकारों की जानकारी दी गई और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के पंपलेट बांटे गए। विशेष रूप से थाना तरकुलवा की मिशन शक्ति टीम ने बीएन पब्लिक स्कूल, बजरिया में छात्र-छात्राओं को जागरूक किया। वहीं थाना बनकटा की टीम ने ग्राम गोल्हाचक व चंदाचक में और थाना भलुअनी की टीम ने भलुअनी बाजार में महिलाओं तथा छात्राओं के बीच पंपलेट वितरित किए। अभियान के दौरान डायल-112, महिला हेल्पलाइन-181, वूमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076, वन स्टॉप सेंटर-181, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन-102, एंबुलेंस सेवा-108 और साइबर हेल्पलाइन-1930 जैसी आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने महिलाओं को किसी भी परेशानी या अपराध की स्थिति में बिना किसी झिझक इन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण देने और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है।1