एक साल बाद भी जिले की सबसे बड़ी गौशाला में नहीं पहुंची एक भी गाय, 1.63 करोड़ का भवन बदहाल धानापुर। एक करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से तैयार जिले की सबसे बड़ी गौशाला एक साल बाद भी पशुओं के इंतजार में है। निर्माण पूरा होने के बावजूद अब तक यहां एक भी गाय नहीं पहुंची है। वहीं, परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं से निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। करीब पांच बीघे में बने गौशाला परिसर में भूसा गोदाम और पशुओं के चारा खाने की व्यवस्था की गई है। लेकिन पर्याप्त बाउंड्रीवाल नहीं होने के कारण परिसर में कुत्तों समेत अन्य आवारा और जंगली जानवर घूमते रहते हैं। गौशाला को तार से घेरा गया है, जो कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुका है। ऐसे में पशुओं को यहां रखने पर उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। बारिश के बाद परिसर में जल निकासी की समस्या भी सामने आ रही है। जगह-जगह पानी जमा होने से परिसर में कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण मोहन यादव, निरहू यादव, सोहन और सर्जन ने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण में कम गुणवत्ता वाली ईंटों का इस्तेमाल किया गया है, जिसके चलते कई स्थानों पर निर्माण क्षतिग्रस्त होने लगा है। ग्राम प्रधान रामजी कुशवाहा ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले गौशाला का निर्माण पूरा हो गया था, लेकिन पशुओं को रखने के लिए अभी तक जरूरी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो सकी हैं। बाउंड्रीवाल समेत अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के बाद ही पशुओं को सुरक्षित रखा जा सकेगा। स्थानीय लोगों ने गौशाला की स्थिति की जांच कराने, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और मजबूत बाउंड्रीवाल बनवाने की मांग की है। मुख्य जिला पशु चिकित्साधिकारी योगेश कुशवाहा ने बताया कि गौशाला में व्यवस्थाओं की जांच कराई जाएगी। आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कराने के बाद जल्द ही वहां पशुओं को रखा जाएगा।
एक साल बाद भी जिले की सबसे बड़ी गौशाला में नहीं पहुंची एक भी गाय, 1.63 करोड़ का भवन बदहाल धानापुर। एक करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से तैयार जिले की सबसे बड़ी गौशाला एक साल बाद भी पशुओं के इंतजार में है। निर्माण पूरा होने के बावजूद अब तक यहां एक भी गाय नहीं पहुंची है। वहीं, परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं से निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। करीब पांच बीघे में बने गौशाला परिसर में भूसा गोदाम और पशुओं के चारा खाने की व्यवस्था की गई है। लेकिन पर्याप्त बाउंड्रीवाल नहीं होने के कारण परिसर में कुत्तों समेत अन्य आवारा और जंगली जानवर घूमते रहते हैं। गौशाला को तार से घेरा गया है, जो कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुका है। ऐसे में पशुओं को यहां रखने पर उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। बारिश के बाद परिसर में जल निकासी की समस्या भी सामने आ रही है। जगह-जगह पानी जमा होने से परिसर में कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण मोहन यादव, निरहू यादव, सोहन और सर्जन ने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण में कम गुणवत्ता वाली ईंटों का इस्तेमाल किया गया है, जिसके चलते कई स्थानों पर निर्माण क्षतिग्रस्त होने लगा है। ग्राम प्रधान रामजी कुशवाहा ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले गौशाला का निर्माण पूरा हो गया था, लेकिन पशुओं को रखने के लिए अभी तक जरूरी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो सकी हैं। बाउंड्रीवाल समेत अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के बाद ही पशुओं को सुरक्षित रखा जा सकेगा। स्थानीय लोगों ने गौशाला की स्थिति की जांच कराने, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और मजबूत बाउंड्रीवाल बनवाने की मांग की है। मुख्य जिला पशु चिकित्साधिकारी योगेश कुशवाहा ने बताया कि गौशाला में व्यवस्थाओं की जांच कराई जाएगी। आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कराने के बाद जल्द ही वहां पशुओं को रखा जाएगा।
- एक साल बाद भी जिले की सबसे बड़ी गौशाला में नहीं पहुंची एक भी गाय, 1.63 करोड़ का भवन बदहाल धानापुर। एक करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से तैयार जिले की सबसे बड़ी गौशाला एक साल बाद भी पशुओं के इंतजार में है। निर्माण पूरा होने के बावजूद अब तक यहां एक भी गाय नहीं पहुंची है। वहीं, परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं से निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। करीब पांच बीघे में बने गौशाला परिसर में भूसा गोदाम और पशुओं के चारा खाने की व्यवस्था की गई है। लेकिन पर्याप्त बाउंड्रीवाल नहीं होने के कारण परिसर में कुत्तों समेत अन्य आवारा और जंगली जानवर घूमते रहते हैं। गौशाला को तार से घेरा गया है, जो कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुका है। ऐसे में पशुओं को यहां रखने पर उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। बारिश के बाद परिसर में जल निकासी की समस्या भी सामने आ रही है। जगह-जगह पानी जमा होने से परिसर में कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण मोहन यादव, निरहू यादव, सोहन और सर्जन ने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण में कम गुणवत्ता वाली ईंटों का इस्तेमाल किया गया है, जिसके चलते कई स्थानों पर निर्माण क्षतिग्रस्त होने लगा है। ग्राम प्रधान रामजी कुशवाहा ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले गौशाला का निर्माण पूरा हो गया था, लेकिन पशुओं को रखने के लिए अभी तक जरूरी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो सकी हैं। बाउंड्रीवाल समेत अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के बाद ही पशुओं को सुरक्षित रखा जा सकेगा। स्थानीय लोगों ने गौशाला की स्थिति की जांच कराने, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और मजबूत बाउंड्रीवाल बनवाने की मांग की है। मुख्य जिला पशु चिकित्साधिकारी योगेश कुशवाहा ने बताया कि गौशाला में व्यवस्थाओं की जांच कराई जाएगी। आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कराने के बाद जल्द ही वहां पशुओं को रखा जाएगा।1
- चंदौली में 2027 चुनाव चारों विधानसभा जीतेगी बसपा जिला अध्यक्ष घनश्याम प्रधान1
- दो साल पहले बनी आधा दर्जन सड़के हुई जर्जर, गड्ढेमें चलना मुश्किल धीना। बरहनी विकासखंड की आधा दर्जन सड़कें बदहाल हो गई हैं। सकलडीहा-अमड़ा मार्ग से इमिलिया होते हुए बरहनी तक जाने वाली सड़क,पांच किमी इसी मुख्य मार्ग से जुड़ी डैना-धीना रोड,चार किमी धीना-अमड़ा मुख्य मार्ग से सिकठा-पिपरदाहा मार्ग,सात किमी धीना-जमानिया मार्ग से तम्मागढ़ होते हुए एवती मार्ग,पांच किमी भैसउर से चिलहारी होते हुए दुधारी मार्ग आठ किमी , भैंसा से कमालपुर मार्ग पांच किमी और पिपरी से तुलसी आश्रम चार किमी रैथा से गोपालपुर तीन किमी जाने वाली सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इन सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे बन जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इन सड़कों में से कुछ की करीब दो वर्ष पहले और कुछ की एक वर्ष पहले मरम्मत कराई गई थी, लेकिन गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं होने के कारण सड़कें जल्द ही उखड़ने लगीं। वर्तमान में कई स्थानों पर सड़क की गिट्टियां उखड़ गई हैं और गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। यह मार्ग आसपास के गांवों के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। सड़क खराब होने से स्कूली बच्चों, किसानों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराकर जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।3
- नौकरी के लिए खुला दरवाजा जापान की इंट्री उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि पहली बार जापान का इतना बड़ा दल भारत आया था और उन्होंने पूरे देश में उत्तर प्रदेश को चुना। जापान, यूपी के मेहनती युवाओं को अपने यहां नौकरी के अवसर देना चाहता है। आज पूरी दुनिया में उत्तर प्रदेश के Youth की Demand है।1
- *दिल्ली: भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ज़ोर की बारिश में मंच पर फँस गए मंच के बाद बिछा रेड कार्पेट पानी मे तैरता रहा।अब पाँव रखे तो कहाँ!* *दिल्ली: भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ज़ोर की बारिश में मंच पर फँस गए मंच के बाद बिछा रेड कार्पेट पानी मे तैरता रहा।अब पाँव रखे तो कहाँ!*1
- वाराणसी में शिव मंदिर से 51 किलो 600 ग्राम का घंटा चोरी जनता न्यूज़ टीवी संवाददाता गुलशन कुमार वाराणसी वाराणसी। उमरहा बॉर्डर स्थित खानपुर बवली के पास शिवजी के मंदिर से बीती रात करीब 51 किलो 600 ग्राम वजन का घंटा चोरी होने का मामला सामने आया है। सुबह दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे स्थानीय लोगों ने देखा कि मंदिर में लगा घंटा गायब है। घंटा चोरी होने की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर में लगा घंटा काफी भारी था, जिसका वजन 51 किलो 600 ग्राम बताया जा रहा है। पुलिस आसपास के इलाके में जानकारी जुटाने के साथ ही चोरी की घटना में शामिल लोगों का पता लगाने में जुटी है। मंदिर से घंटा चोरी होने की घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द से जल्द चोरी का खुलासा कर घंटा बरामद करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- सपेरा ने नाग नागिन के जोड़े को किया रेस्कीयू , घर में बहुत दिनों से रहते थे लोग दहशत में दिखाई देते थे धानापुर l थाना क्षेत्र के सीता पोखरी गांव स्थित एक व्यक्ति के गौ शाला के समीप एक टिन सेड में रखे उपले के ढेर में विगत कई दिनों से डेरा जमाये नाग नागिन के जोड़े को सपेरा ने मंगलवार कोदर्जनो ग्रामीणों के भीड़ के बीच रेस्कीयू किया l मिली जानकारी के अनुसार ग्राम सीता पोखरी ( धराँव ) निवासी किसान सागर यादव के गौ शाला परिसर के पास बने टिन सेड में उपला रखा गया था l जिसमे कुछ दिनों पूर्व से नाग नागिन के जोड़ा ने अपना डेरा जमा रखा था l लगभग एक सप्ताह पूर्व घर की एक महिला खाना बनाने के लिएउपले निकलने के लिए जैसे ही टिन सेड में पहुंची तो सांप के जोड़े उपले से निकलकर कुछ दुरी पर जमीन पर कुंडली जमाकर बैठे मिले यह नजारा देखते ही उक्त महिला डर कर भाग ख़डी हुईं औऱ घर जाकर परिजनों से सांप के बारे में बताई ज़ब तक लोग मौके पर पहुँचते उसके पहले दोनों सांप उपले में घुस चुके थे l उसके बाद से अक्सर सांप के जोड़े गौ शाला परिसर के आस पास इधर उधर घूमते दिख जाते थे औऱ जैसे ही उनके सामने कोई व्यक्ति पड़ता तो फूफकारते हुए भागकर उपले की ढेर में छुप जाते रहे l भुक्तभोगी शिव बदन यादव ने बताया कि नाग पंचमी के त्योंवहार से पहले से ही नागदेवता अपने नागिन के साथ दिखाई पड़ रहे थे मगर हमलोग सोच रहे थे इन्हे छेड़ना उचित नहीं है अपने आप निकल कर कहीं चले जायेगे मगर ज़ब बार बार दिखाई पड़ने लगे तो घर के सभी के सभी लोग सतर्क होकर आते जाते रहे l इसके बाद मंगलवार को मजबूरन खतरा से बचने के लिए प्रसहटा गांव केएक सपेरा को बुलाकर आस पास के ग्रामीण लोगो के मौजूदगी में उपले के ढेर से सांप के जोड़े के साथ उपले क़ी ढेर में छिपी एक गुमी सांप भी मिली l जिसे काफ़ी मशक्कत के बाद निकाला गया उसके बाद सपेरा ने रेसस्क्यू करके एक मिट्टी क़ी हांडी में भरकर सांप के जोड़े को किसी अन्यत्र जगह छोड़ने को लें गया तब जाकर परिजनों ने राहत क़ी सांस लिए l1
- 🚨 दिल दहला देने वाली घटना: एक साथ उठे 3 जनाजे, रो पड़ा पूरा गांव! कुएं की जहरीली गैस ने छीनी तीन युवकों की जिंदगी 😭 उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है! शहाबगंज थाना क्षेत्र के किड़हिरा गांव में कुएं की जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन युवकों—अखिरूज्जमा (27 वर्ष), तौकीर और वारिस—की अकाल मौत हो गई। रविवार को जैसे ही गांव में एक साथ तीन युवाओं के जनाजे उठे, पूरा गांव दहाड़ मारकर रो पड़ा। इस अप्रत्याशित हादसे ने तीन हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां पूरी तरह उजाड़ दी हैं और हर आंख नम हो गई है।1