छिंदवाड़ा। तामिया की खूबसूरत वादियों और विकास के दावों के बीच ग्राम बीजाढाना की तस्वीर सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खोलती नजर आ रही है। जनपद पंचायत तामिया अंतर्गत ग्राम पंचायत चोपना के इस गांव में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला पिछले करीब दो महीने से अपने भवन के अभाव में खेत में बने कच्चे मकान में संचालित हो रही है। जर्जर स्कूल भवन के कारण मासूम बच्चों को अस्थायी व्यवस्था में पढ़ाई करनी पड़ रही है। तामिया में शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ जिम्मेदार सरकारी पैसो का कर रहे उजाड़ K K R News ब्लॉक ब्यूरो चीफ नोमान खान कादरी की रिपोर्ट छिंदवाड़ा। तामिया की खूबसूरत वादियों और विकास के दावों के बीच ग्राम बीजाढाना की तस्वीर सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खोलती नजर आ रही है। जनपद पंचायत तामिया अंतर्गत ग्राम पंचायत चोपना के इस गांव में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला पिछले करीब दो महीने से अपने भवन के अभाव में खेत में बने कच्चे मकान में संचालित हो रही है। जर्जर स्कूल भवन के कारण मासूम बच्चों को अस्थायी व्यवस्था में पढ़ाई करनी पड़ रही है। जर्जर भवन ने छीना बच्चों का सुरक्षित स्कूल ग्रामीणों और स्कूल में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों के अनुसार, पुराना स्कूल भवन जर्जर हालत में है और कभी भी गिर सकता है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीणों से चर्चा कर स्कूल को खेत में बने कच्चे मकान में स्थानांतरित किया गया। तब से बच्चे इसी अस्थायी स्थान पर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्षों से मांग, फिर भी जिम्मेदार बेखबर ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन की मरम्मत अथवा नए भवन के निर्माण के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है। जनशिक्षक और ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया। ग्राम सभा में ग्राम पंचायत चोपना के सचिव से भी भवन की मरम्मत की मांग रखी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। जनशिक्षक ने अधिकारियों को दी जानकारी जनशिक्षक दिलीप भारती ने बताया कि स्कूल भवन की... जनशिक्षक ने अधिकारियों को दी जानकारी जनशिक्षक दिलीप भारती ने बताया कि स्कूल भवन की समस्या के संबंध में कई उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है। जनपद पंचायत के इंजीनियर राजिक खान से भी भवन की मरम्मत के लिए कई बार आग्रह किया गया, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है। ग्रामीणों और जनशिक्षक ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा बीआरसी के स्कूल निरीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर स्कूल भवन की स्थिति का निरीक्षण किया जाता, तो बच्चों को इस तरह कच्चे मकान में पढ़ने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। योजनाओं के बीच बुनियादी सुविधा का अभाव आदिवासी अंचलों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद बीजाढाना गांव के बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन तक नसीब नहीं हो पा रहा है। बच्चों की संख्या कम हो सकती है, लेकिन शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का समान अधिकार है। अब प्रशासन से जवाब की उम्मीद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल भवन का तत्काल निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत अथवा नए भवन के निर्माण की व्यवस्था की जाए। बच्चों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। बड़ा सवाल: जब विकास और पर्यटन के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो बीजाढाना के मासूम बच्चों के लिए एक सुरक्षित स्कूल भवन कब बनेगा? जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का समाधान कब करेंगे?
छिंदवाड़ा। तामिया की खूबसूरत वादियों और विकास के दावों के बीच ग्राम बीजाढाना की तस्वीर सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खोलती नजर आ रही है। जनपद पंचायत तामिया अंतर्गत ग्राम पंचायत चोपना के इस गांव में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला पिछले करीब दो महीने से अपने भवन के अभाव में खेत में बने कच्चे मकान में संचालित हो रही है। जर्जर स्कूल भवन के कारण मासूम बच्चों को अस्थायी व्यवस्था में पढ़ाई करनी पड़ रही है। तामिया में शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ जिम्मेदार सरकारी पैसो का कर रहे उजाड़ K K R News ब्लॉक ब्यूरो चीफ नोमान खान कादरी की रिपोर्ट छिंदवाड़ा। तामिया की खूबसूरत वादियों और विकास के दावों के बीच ग्राम बीजाढाना की तस्वीर सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खोलती नजर आ रही है। जनपद पंचायत तामिया अंतर्गत ग्राम पंचायत चोपना के इस गांव में संचालित शासकीय
प्राथमिक शाला पिछले करीब दो महीने से अपने भवन के अभाव में खेत में बने कच्चे मकान में संचालित हो रही है। जर्जर स्कूल भवन के कारण मासूम बच्चों को अस्थायी व्यवस्था में पढ़ाई करनी पड़ रही है। जर्जर भवन ने छीना बच्चों का सुरक्षित स्कूल ग्रामीणों और स्कूल में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों के अनुसार, पुराना स्कूल भवन जर्जर हालत में है और कभी भी गिर सकता है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीणों से चर्चा कर स्कूल को खेत में बने कच्चे मकान में स्थानांतरित किया गया। तब से बच्चे इसी अस्थायी स्थान पर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्षों से मांग, फिर भी जिम्मेदार बेखबर ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन की मरम्मत अथवा नए भवन के निर्माण के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है। जनशिक्षक और ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया। ग्राम
सभा में ग्राम पंचायत चोपना के सचिव से भी भवन की मरम्मत की मांग रखी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। जनशिक्षक ने अधिकारियों को दी जानकारी जनशिक्षक दिलीप भारती ने बताया कि स्कूल भवन की... जनशिक्षक ने अधिकारियों को दी जानकारी जनशिक्षक दिलीप भारती ने बताया कि स्कूल भवन की समस्या के संबंध में कई उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है। जनपद पंचायत के इंजीनियर राजिक खान से भी भवन की मरम्मत के लिए कई बार आग्रह किया गया, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है। ग्रामीणों और जनशिक्षक ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा बीआरसी के स्कूल निरीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर स्कूल भवन की स्थिति का निरीक्षण किया जाता, तो बच्चों को इस तरह कच्चे मकान में पढ़ने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। योजनाओं के बीच बुनियादी सुविधा का
अभाव आदिवासी अंचलों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद बीजाढाना गांव के बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन तक नसीब नहीं हो पा रहा है। बच्चों की संख्या कम हो सकती है, लेकिन शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का समान अधिकार है। अब प्रशासन से जवाब की उम्मीद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल भवन का तत्काल निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत अथवा नए भवन के निर्माण की व्यवस्था की जाए। बच्चों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। बड़ा सवाल: जब विकास और पर्यटन के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो बीजाढाना के मासूम बच्चों के लिए एक सुरक्षित स्कूल भवन कब बनेगा? जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का समाधान कब करेंगे?
- मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव शीघ्र बहाल किए जाएं : अभाविप छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वर्ष 2017 से बंद छात्रसंघ चुनावों को पुनः प्रारंभ करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् छिंदवाड़ा ने प्रदेश सरकार से शीघ्र चुनाव बहाल करने की मांग की है। अभाविप ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, सामाजिक चेतना, उत्तरदायित्व एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। शैक्षणिक परिसरों में विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने और उनके समाधान के लिए निर्वाचित छात्र प्रतिनिधित्व आवश्यक है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् सदैव छात्रहित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लोकतांत्रिक परंपराओं के सुदृढ़ीकरण एवं राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के लिए कार्य करती रही है। परिषद् द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों एवं अधिवेशनों में पारित शैक्षिक प्रस्तावों के माध्यम से सरकार से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग की जाती रही है। अभाविप ने कहा कि माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा भी छात्रसंघ चुनाव के संबंध में राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके पश्चात सरकार की ओर से सितंबर माह में चुनाव आयोजित कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक चुनाव संबंधी कोई आधिकारिक सूचना अथवा चुनाव सारणी जारी नहीं की गई है। इससे प्रदेश के विद्यार्थी समुदाय में निराशा का भाव है। अतः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् छिंदवाड़ा प्रदेश सरकार से मांग करती है कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप अकादमिक कैलेंडर के अनुसार तथा लिंगदोह समिति की अनुशंसाओं के आधार पर प्रत्यक्ष, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध छात्रसंघ चुनाव शीघ्र आयोजित किए जाएं। अभाविप का स्पष्ट मत है कि छात्रसंघ चुनाव शैक्षणिक परिसरों में लोकतांत्रिक संस्कृति एवं विद्यार्थी नेतृत्व को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। प्रदेश सरकार विद्यार्थियों की इस दीर्घकालिक एवं न्यायसंगत मांग पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए अविलंब छात्रसंघ चुनाव बहाल करे। जिला संयोजक पियूष श्रीवास जी ने कहा कि प्रदेश के लाखों विद्यार्थी लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार को विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक भावनाओं का सम्मान करते हुए अब किसी प्रकार की देरी किए बिना छात्रसंघ चुनाव की आधिकारिक घोषणा करनी चाहिए। अभाविप विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों एवं छात्रहित के लिए सदैव आवाज उठाती रहेगी।4
- कृषि समाचार मक्के की फसल कम होने की संभावना किसान चिंतन में जन जीवन में असर बारिश कम होने का असर कृषि और किसानों की चिंता बढ़ गई है जैसे तैसे मक्का की फसल हो जाएगी किंतु मध्य प्रदेश में गेहूं की फसल में किसानों की चिंता बढ़ सकती है उसका असर आम इंसान को पड़ेगा1
- लोगों से आए दिन मारपीट करने वाले आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्ते छिंदवाड़ा शहर में आए दिन लोगों से मारपीट करने वाले आरोपी को आज पुलिस में दबोच लिया न्यायालय जाते समय पुलिस का भांग खराब होने के बाद आरोपी को पैदल न्यायालय ले जाया गया इस दौरान उसे उठक बैठक भी लगवाई गई4
- हाथों के बल 3600 किमी नर्मदा परिक्रमा: धर्मपुरी महाराज का नर्मदापुरम जिले में भव्य स्वागत बनखेड़ी, नर्मदापुरम। निरंजन अखाड़े के संत धर्मपुरी महाराज इन दिनों अपनी अद्भुत तपस्या और अनोखी साधना के चलते चर्चा में हैं। महाराज पिछले एक वर्ष से अधोमुखी होकर, यानी हाथों के बल 3600 किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा कर रहे हैं। उन्होंने यह परिक्रमा गत वर्ष नवरात्रि के दौरान अमरकंटक से प्रारंभ की थी। महाराज की यह परिक्रमा पूरी तरह अनोखी है, जिसमें वे हाथों के बल आगे बढ़ते हैं और फिर पीछे जाकर अपनी पिकअप गाड़ी लेकर आगे बढ़ते हैं। इस यात्रा में उनके साथ केवल उनका एक कुत्ता और एक पिकअप वाहन है। श्रद्धालुओं का कहना है कि हाथों के बल नर्मदा परिक्रमा का यह संभवतः पहला उदाहरण है। महाराज हाल ही में नर्मदापुरम जिले में प्रवेश कर चुके हैं। कल वे ग्राम माल्हनवाड़ा पहुंचे, जहां देर रात तक श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए इंतजार करते रहे। रात करीब 2 बजे तक लोगों की भीड़ लगी रही। आज महाराज हाथों के बल यात्रा करते हुए गोविंदनगर पहुंचे, जहां भी श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। विशेष बात यह है कि धर्मपुरी महाराज अधिकांश यात्रा रात्रि में ही करते हैं। दिन में वे अपनी गाड़ी में विश्राम करते हैं, जबकि उनका कुत्ता पूरे समय उनके साथ बना रहता है। क्षेत्रवासी उनकी इस कठोर साधना को देखकर आश्चर्यचकित हैं और बड़ी संख्या में उनके दर्शन कर रहे हैं।1
- आज शाम सिंगोड़ी में आसमान ने ऐसा रंग दिखाया कि हर किसी की नजरें बस चाँद पर ही टिक गईं। नीले-सुनहरे आसमान में चमकता चाँद और उसके करीब टिमटिमाता तारा, मानो आसमान पर कोई कहानी लिख रहा हो। ये दिलकश मंजर इतना खूबसूरत था कि जो भी देख रहा था, उसके मुंह से बस एक ही बात निकल रही थी - वाह! क्या नज़ारा है। कई लोगों ने इस पल को अपने कैमरे में कैद किया तो कई बस ठहर कर इस सुकून भरे पल को महसूस करते रहे। क्या आपके शहर में भी आज चाँद का ऐसा ही हसीन नज़ारा दिखा? कमेंट में अपने शहर का नाम जरूर बताएं। आज शाम सिंगोड़ी में आसमान ने ऐसा रंग दिखाया कि हर किसी की नजरें बस चाँद पर ही टिक गईं। नीले-सुनहरे आसमान में चमकता चाँद और उसके करीब टिमटिमाता तारा, मानो आसमान पर कोई कहानी लिख रहा हो। ये दिलकश मंजर इतना खूबसूरत था कि जो भी देख रहा था, उसके मुंह से बस एक ही बात निकल रही थी - वाह! क्या नज़ारा है। कई लोगों ने इस पल को अपने कैमरे में कैद किया तो कई बस ठहर कर इस सुकून भरे पल को महसूस करते रहे। क्या आपके शहर में भी आज चाँद का ऐसा ही हसीन नज़ारा दिखा? कमेंट में अपने शहर का नाम जरूर बताएं।1
- संत का अखंड रामायण में आगमन श्रद्धालुओं ने किया फटाके फोड़ कर स्वागत संत धर्मपुरी महाराज का नर्मदमंदिर मालहनवाड़ा आगमन बनखेड़ी बनखेड़ी के समीप गांव मालहंवाडा में दादा दरबार पर अखंड सीताराम में धर्म पूरी महाराज का आगमन हुआ यहां मंगल बार को हर मंगल बार अखंड रामायण का पाठ होता है इस अवसर पर धर्म पूरी महाराज के आगमन से श्रद्धालुओं ने महाराज जी का फाटका फोड़ कर स्वागत किया साथ ही महिलाओं ने भी दर्शन किए3
- पिपरिया के पत्रकारों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, सोशल मीडिया आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग पिपरिया के पत्रकारों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, सोशल मीडिया आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग पत्रकार पर पैसे मांगने और झूठी खबरें प्रकाशित करने के आरोपों को बताया निराधार, धमकी के आरोप की भी जांच की मांग छगन कुशवाहा पिपरिया। सोशल मीडिया पर पत्रकार नर्मदा पटेल के खिलाफ कथित रूप से पैसे मांगने, झूठी खबरें प्रकाशित करने और दबाव बनाने संबंधी आरोप लगाए जाने के मामले में पिपरिया के पत्रकारों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम के नाम ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाने और आरोप गलत पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि 13 सितंबर को प्रयाग राज रघुवंशी की ओर से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट प्रकाशित की गई, जिसमें पत्रकार नर्मदा पटेल पर गंभीर आरोप लगाए गए। पत्रकारों के अनुसार सार्वजनिक मंच पर लगाए गए ऐसे आरोपों से उनकी सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। पत्रकारों ने मांग की कि यदि पैसे मांगने या झूठी खबर प्रकाशित करने के आरोप लगाए गए हैं तो उनके समर्थन में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएं। गोली मारने की धमकी के आरोप की भी जांच हो पत्रकारों ने बताया कि नर्मदा पटेल ने फेसबुक लाइव के माध्यम से दावा किया कि उनके परिचित के पास प्रयाग राज की ओर से फोन किया गया और मंगलवारा चौराहा, भोपाल तथा नर्मदापुरम में गोली मारने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई। पत्रकारों ने इस दावे की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले में कॉल रिकॉर्ड सहित उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर वास्तविकता सामने लाई जाए। सांसद प्रतिनिधि होने के दावे की जांच की मांग ज्ञापन में प्रयाग राज रघुवंशी द्वारा स्वयं को नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी का प्रतिनिधि बताए जाने संबंधी दावे की भी जांच कराने की मांग की गई। पत्रकारों ने कहा कि यदि वे अधिकृत प्रतिनिधि हैं तो उनका नियुक्ति-पत्र या प्राधिकरण जांचा जाए और यदि अधिकृत नहीं हैं तो सांसद प्रतिनिधि के रूप में पहचान प्रस्तुत करने के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पचमढ़ी होटल विवाद की भी जांच हो पत्रकारों ने पचमढ़ी के एक होटल से जुड़े कथित कब्जे के विवाद का भी ज्ञापन में उल्लेख किया है। उन्होंने होटल संचालिका अंजली सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध शिकायतों या दस्तावेजों की तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की। साथ ही यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि इस पूरे मामले में कहीं सांसद दर्शन सिंह चौधरी के नाम या सार्वजनिक छवि का अनुचित उपयोग तो नहीं किया जा रहा। पत्रकारों ने एसपी से मांग की कि सोशल मीडिया पोस्ट, उसके प्रसार, कथित धमकी, सांसद प्रतिनिधि होने के दावे और पचमढ़ी होटल विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। आरोप झूठे या दुर्भावनापूर्ण पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।1
- छिंदवाड़ा में आए दिन विवाद और मारपीट कर लोगों में दहशत फैलाने वाले दबंगों पर अब पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने आरोपी को कोतवाली से जुलूस के रूप में न्यायालय तक ले जाकर सख्त कार्रवाई का संदेश दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने कुछ साथियों के साथ आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाओं में शामिल रहता था, जिससे स्थानीय लोग परेशान थे। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और विधिवत कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस का कहना है कि असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम हो।4