डूंगरपुर जिले के बीछीवाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोने की तस्करी के एक बड़े और शातिर नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए करीब पौने दो करोड़ रुपये मूल्य का अवैध सोना जब्त किया है। जिला विशेष टीम (DST) की सतर्कता और सटीक सूचना पर हुई इस कार्रवाई में राजपाल सिंह, प्रवेश पाटीदार और प्रदीप पाटीदार नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तस्करों ने सोने को इलेक्ट्रॉनिक इंडक्शन चूल्हे के भीतर हीटिंग कॉइल के आकार में ढालकर छिपाया था, ताकि एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच और एक्स-रे स्कैनर को सफलतापूर्वक धोखा दिया जा सके। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में, DST को कुवैत से अवैध रूप से सोना लाकर गुजरात के रास्ते राजस्थान में पहुंचाए जाने की सूचना मिली थी। इस जानकारी के आधार पर, टीम ने लेहणा घाटी क्षेत्र में नाकाबंदी की और एक संदिग्ध अर्टिगा कार को रोका। कार में सवार तीनों व्यक्तियों से पूछताछ की गई, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। संदेह गहराने पर पुलिस आरोपियों और वाहन को बीछीवाड़ा थाने ले गई, जहाँ गहन तलाशी के दौरान कार से एक बॉक्स बरामद हुआ। बॉक्स में रखे इलेक्ट्रॉनिक इंडक्शन चूल्हे की जांच करने पर, पुलिस को उसके भीतर पिघलाकर हीटिंग कॉइल जैसी आकृति में ढाला गया और कार्बन की परत चढ़ाया गया सोना मिला, जिससे यह सुरक्षा उपकरणों की नजर से बच सके। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर, सोने का कुल वजन 1 किलो 77 ग्राम 840 मिलीग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 74 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सोने के साथ तस्करी में प्रयुक्त अर्टिगा कार को भी जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह सोना कुवैत से तस्करी कर भारत लाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने जीएसटी, कस्टम और आयकर विभाग को भी इस संबंध में सूचित किया है, ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे सक्रिय बड़े सरगनाओं तक पहुंचा जा सके। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना पुलिस के ‘तीसरी आंख’ हेल्पलाइन नंबर 8690180022 पर दें, जहाँ सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह कार्रवाई न केवल जिले में अब तक की बड़ी स्वर्ण बरामदगी में शामिल है, बल्कि तस्करों द्वारा अपनाए गए अत्याधुनिक और अनोखे तरीकों को भी उजागर करती है। पुलिस की इस महत्वपूर्ण सफलता से अवैध सोना तस्करी के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
डूंगरपुर जिले के बीछीवाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोने की तस्करी के एक बड़े और शातिर नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए करीब पौने दो करोड़ रुपये मूल्य का अवैध सोना जब्त किया है। जिला विशेष टीम (DST) की सतर्कता और सटीक सूचना पर हुई इस कार्रवाई में राजपाल सिंह, प्रवेश पाटीदार और प्रदीप पाटीदार नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तस्करों ने सोने को इलेक्ट्रॉनिक इंडक्शन चूल्हे के भीतर हीटिंग कॉइल के आकार में ढालकर छिपाया था, ताकि एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच और एक्स-रे स्कैनर को सफलतापूर्वक धोखा दिया जा सके। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में, DST को कुवैत से अवैध रूप से
सोना लाकर गुजरात के रास्ते राजस्थान में पहुंचाए जाने की सूचना मिली थी। इस जानकारी के आधार पर, टीम ने लेहणा घाटी क्षेत्र में नाकाबंदी की और एक संदिग्ध अर्टिगा कार को रोका। कार में सवार तीनों व्यक्तियों से पूछताछ की गई, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। संदेह गहराने पर पुलिस आरोपियों और वाहन को बीछीवाड़ा थाने ले गई, जहाँ गहन तलाशी के दौरान कार से एक बॉक्स बरामद हुआ। बॉक्स में रखे इलेक्ट्रॉनिक इंडक्शन चूल्हे की जांच करने पर, पुलिस को उसके भीतर पिघलाकर हीटिंग कॉइल जैसी आकृति में ढाला गया और कार्बन की परत चढ़ाया गया सोना मिला, जिससे यह सुरक्षा उपकरणों की
नजर से बच सके। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर, सोने का कुल वजन 1 किलो 77 ग्राम 840 मिलीग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 74 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सोने के साथ तस्करी में प्रयुक्त अर्टिगा कार को भी जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह सोना कुवैत से तस्करी कर भारत लाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने जीएसटी, कस्टम और आयकर विभाग को भी इस संबंध में सूचित किया है, ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे सक्रिय बड़े सरगनाओं तक पहुंचा जा सके। पुलिस अधीक्षक मनीष
कुमार ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना पुलिस के ‘तीसरी आंख’ हेल्पलाइन नंबर 8690180022 पर दें, जहाँ सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह कार्रवाई न केवल जिले में अब तक की बड़ी स्वर्ण बरामदगी में शामिल है, बल्कि तस्करों द्वारा अपनाए गए अत्याधुनिक और अनोखे तरीकों को भी उजागर करती है। पुलिस की इस महत्वपूर्ण सफलता से अवैध सोना तस्करी के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
- डूंगरपुर जिले के बीछीवाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोने की तस्करी के एक बड़े और शातिर नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए करीब पौने दो करोड़ रुपये मूल्य का अवैध सोना जब्त किया है। जिला विशेष टीम (DST) की सतर्कता और सटीक सूचना पर हुई इस कार्रवाई में राजपाल सिंह, प्रवेश पाटीदार और प्रदीप पाटीदार नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तस्करों ने सोने को इलेक्ट्रॉनिक इंडक्शन चूल्हे के भीतर हीटिंग कॉइल के आकार में ढालकर छिपाया था, ताकि एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच और एक्स-रे स्कैनर को सफलतापूर्वक धोखा दिया जा सके। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में, DST को कुवैत से अवैध रूप से सोना लाकर गुजरात के रास्ते राजस्थान में पहुंचाए जाने की सूचना मिली थी। इस जानकारी के आधार पर, टीम ने लेहणा घाटी क्षेत्र में नाकाबंदी की और एक संदिग्ध अर्टिगा कार को रोका। कार में सवार तीनों व्यक्तियों से पूछताछ की गई, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। संदेह गहराने पर पुलिस आरोपियों और वाहन को बीछीवाड़ा थाने ले गई, जहाँ गहन तलाशी के दौरान कार से एक बॉक्स बरामद हुआ। बॉक्स में रखे इलेक्ट्रॉनिक इंडक्शन चूल्हे की जांच करने पर, पुलिस को उसके भीतर पिघलाकर हीटिंग कॉइल जैसी आकृति में ढाला गया और कार्बन की परत चढ़ाया गया सोना मिला, जिससे यह सुरक्षा उपकरणों की नजर से बच सके। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर, सोने का कुल वजन 1 किलो 77 ग्राम 840 मिलीग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 74 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सोने के साथ तस्करी में प्रयुक्त अर्टिगा कार को भी जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह सोना कुवैत से तस्करी कर भारत लाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने जीएसटी, कस्टम और आयकर विभाग को भी इस संबंध में सूचित किया है, ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे सक्रिय बड़े सरगनाओं तक पहुंचा जा सके। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना पुलिस के ‘तीसरी आंख’ हेल्पलाइन नंबर 8690180022 पर दें, जहाँ सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह कार्रवाई न केवल जिले में अब तक की बड़ी स्वर्ण बरामदगी में शामिल है, बल्कि तस्करों द्वारा अपनाए गए अत्याधुनिक और अनोखे तरीकों को भी उजागर करती है। पुलिस की इस महत्वपूर्ण सफलता से अवैध सोना तस्करी के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।4
- विप्र फाउंडेशन के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष एस.एन. श्रीमाली ने शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने 'सेवा, संस्कार और राष्ट्रहित' को केंद्र में रखकर देशभर में विप्र फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न सामाजिक सरोकारों और सेवा गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की। बैठक में विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा भी उपस्थित थे, जबकि जोन-1जी के प्रदेश अध्यक्ष योगेश जोशी ने बताया कि इस दौरान शिक्षा, चिकित्सा, संस्कार निर्माण तथा राष्ट्रहित से जुड़े अनेक प्रकल्पों पर गहन चर्चा हुई। श्रीमाली ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि संस्था वर्षों से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सेवा कार्यों का विस्तार कर रही है, जिसमें देशभर से हजारों कार्यकर्ता जुड़े हुए हैं। चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विप्र फाउंडेशन ने 'आरोग्य साथी' प्रकोष्ठ का गठन किया है, जो बड़े अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की हरसंभव सहायता करता है। संस्था स्वास्थ्य शिविरों और रक्तदान कार्यक्रमों से आगे बढ़कर जरूरतमंद परिवारों को भावनात्मक और सामाजिक सहयोग भी प्रदान करती है। उन्होंने कोरोना महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए बताया कि तब फाउंडेशन के कार्यकर्ता सेवा भावना के साथ मैदान में डटे रहे और जरूरतमंदों तक मास्क, दवाइयां तथा आवश्यक सामग्री पहुंचाई; देश में सबसे पहले व्यापक स्तर पर मास्क वितरण अभियान शुरू करने वालों में भी विप्र फाउंडेशन अग्रणी रहा। संस्था के संस्थापक सुशील ओझा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'टीबी मुक्त भारत अभियान' की सराहना की और कहा कि विप्र फाउंडेशन 'नि-क्षय मित्र' कार्यक्रम के माध्यम से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएगा, क्योंकि समाज के सक्षम और जागरूक वर्ग का दायित्व है कि वह जरूरतमंद और पीड़ित व्यक्तियों के जीवन में आशा का संचार करे। ओझा ने संस्था की दूरदर्शी सोच का उल्लेख करते हुए बताया कि विप्र फाउंडेशन ने 'पूरब में शक्ति और पश्चिम में ज्ञान' की अवधारणा को मूर्त रूप दिया है; इसके तहत जयपुर में स्थापित 'श्री परशुराम ज्ञानपीठ' शिक्षा, संस्कृति और संस्कार का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, जिसका लोकार्पण 6 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्वोत्तर भारत स्थित पवित्र परशुराम कुंड में भगवान परशुराम की 54 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है, जो सनातन संस्कृति, शक्ति और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बनेगी तथा इसका लोकार्पण भी शीघ्र प्रस्तावित है। ओझा ने जोर दिया कि विप्र फाउंडेशन का ध्येय वाक्य 'उन्नत समाज, समर्थ राष्ट्र' केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, और संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार व सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, इसी भावना के साथ राष्ट्र निर्माण और समाजोत्थान की दिशा में निरंतर अग्रसर है।1
- डूंगरपुर शहर की टाइगर हिल कॉलोनी में शुक्रवार तड़के अज्ञात बदमाशों ने एक घर में घुसकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। बदमाशों ने घर में सो रही महिला की गर्दन पर चाकू रखकर नकदी और जेवरात के बारे में पूछताछ की और करीब 10 हजार रुपये नकद, दो जोड़ी चांदी की पायल और एक मोबाइल लेकर फरार हो गए। पीड़िता जया जैन, जो टाइगर हिल कॉलोनी निवासी अनिल जैन की पत्नी हैं, ने कोतवाली थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि सुबह करीब 4 बजे जब वह अपने घर में सो रही थीं, तभी अज्ञात बदमाश घुस आए। बदमाशों ने पहले दूसरे कमरे की अलमारी खंगाली और वहां रखी खाद्य सामग्री भी खाई। इसके बाद वे उस कमरे में पहुंचे जहां महिला सो रही थी। महिला के अनुसार, बदमाशों ने उसे जगाकर उसकी गर्दन पर चाकू रख दिया और घर में रखे रुपये व जेवरात के बारे में पूछताछ करने लगे। डर के कारण महिला ने मंदिर के पास पैसे रखे होने की जानकारी दी। इसी दौरान महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए मंदिर की ओर जाते समय जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया और पड़ोसियों को आवाज लगाई। पड़ोसियों के जागने और हलचल बढ़ने की आहट मिलते ही बदमाश मौके से भाग निकले, लेकिन भागने से पहले वे घर से बताए गए सामान ले गए। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।1
- डूंगरपुर जिले के कुआं थाना क्षेत्र में एक जीजा ने अपने साले पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में भाई और बहन गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई।1
- डूंगरपुर जिले की टाइगर हिल कॉलोनी में आज तड़के अज्ञात बदमाशों ने एक घर में घुसकर चाकू की नोंक पर नकदी, जेवरात और मोबाइल लूटने का प्रयास किया। बदमाशों ने महिला की गर्दन पर चाकू रखकर रुपयों और गहनों के बारे में पूछताछ की, जिसके बाद वे सामान लेकर फरार हो गए। पीड़िता श्रीमती जया जैन (पत्नी अनिल जैन) ने पुलिस कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि यह घटना 30 मई 2026 को सुबह करीब 4:00 बजे हुई, जब वह अपने घर में सो रही थीं। अज्ञात चोर पहले दूसरे कमरे की अलमारी खंगाल रहे थे और उन्होंने वहां रखी खाद्य सामग्री भी खाई। इसके बाद वे उस कमरे में दाखिल हुए जहां महिला सो रही थी। बदमाशों ने महिला को जगाकर उसकी गर्दन पर चाकू रख दिया और पैसे व गहनों के बारे में पूछा। महिला ने डर के मारे घर के मंदिर के पास पैसे रखे होने की बात कही। महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए जैसे ही मंदिर के पास पहुंची, उसने शोर मचाकर पड़ोसियों को आवाज लगाई। पड़ोसियों के जागने की आवाज सुनते ही चोर मौके से भाग निकले। हालांकि, भागने से पहले चोर घर से 10,000 रुपये नकद, दो जोड़ी चांदी की पायल और मोबाइल चुरा ले गए। पीड़िता ने कोतवाली थाना प्रभारी से मामले की तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने, चोरों की शीघ्र गिरफ्तारी करने और चोरी गया सामान बरामद करने की गुहार लगाई है।3
- डूंगरपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र की टाइगर हिल कॉलोनी में आज तड़के अज्ञात बदमाशों ने एक घर में घुसकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। 30 मई 2026 को सुबह करीब 4:00 बजे जब पीड़िता श्रीमती जया जैन अपने घर में सो रही थीं, तभी चोर अंदर घुस आए। बदमाशों ने महिला की गर्दन पर चाकू रखकर रुपयों और गहनों के बारे में पूछा, जिसके बाद वे नकदी, जेवरात और मोबाइल लेकर फरार हो गए। अपनी पुलिस रिपोर्ट में, श्रीमती जया जैन ने बताया कि अज्ञात चोर पहले घर के दूसरे कमरे में दाखिल हुए, जहाँ उन्होंने अलमारी खंगाली और वहाँ रखी खाद्य सामग्री भी खाई। इसके बाद वे उस कमरे में पहुँचे जहाँ महिला सो रही थी। बदमाशों ने महिला को जगाकर उसकी गर्दन पर चाकू रखा और नकदी व गहनों के ठिकाने के बारे में पूछताछ की। डर के कारण महिला ने घर के मंदिर के पास पैसे रखे होने की बात कही। महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए जैसे ही मंदिर के पास पहुँची, शोर मचाकर पड़ोसियों को आवाज़ लगा दी। पड़ोसियों के जागने की आवाज़ सुनते ही चोर मौके से भाग निकले, लेकिन भागने से पहले वे घर से 10,000 रुपये नकद और दो जोड़ी चांदी की पायल चुरा ले गए। पीड़िता ने कोतवाली थाना प्रभारी से मामले की तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने, चोरों की शीघ्र गिरफ्तारी करने तथा चोरी गया सामान बरामद करने की गुहार लगाई है।1
- डूंगरपुर में जिला स्पेशल टीम (DST) ने अवैध सोने की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 किलो 77 ग्राम सोना बरामद किया है। इस सोने की बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 74 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है। तस्करों ने एयरपोर्ट सुरक्षा और स्कैनर को चकमा देने के लिए इस सोने को विशेष रिंगनुमा स्पेस बनाकर इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे में छिपाया था। एसपी मनीष कुमार के निर्देश पर गठित DST टीम को कुवैत से गुजरात के रास्ते राजस्थान में अवैध सोने की तस्करी की सूचना मिली थी। इसी जानकारी के आधार पर बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र की लेहना घाटी में नाकाबंदी की गई, जहां आर्टिगा कार RJ03UA7036 को रोका गया। कार में सवार राजपाल सिंह, प्रवेश पाटीदार और प्रदीप पाटीदार से पूछताछ करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार में रखे बॉक्स खोलने पर इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे मिले। इन चूल्हों के अंदर धातु की स्प्रिंग की जगह विशेष रूप से तैयार किए गए रिंगनुमा सेक्शन में सोने के टुकड़े छिपाए गए थे। जांच में खुलासा हुआ कि तस्कर इलेक्ट्रॉनिक सामान के धातु पार्ट्स की जगह सोने को उसी आकार में ढालकर फिट करते थे, ताकि एयरपोर्ट स्कैनर और कस्टम जांच से बचा जा सके। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और कार जब्त कर ली है। इस मामले की सूचना GST, कस्टम और आयकर विभाग को भी दी गई है, ताकि सोने की खरीद-फरोख्त से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। DST टीम ने इस पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवाई है।1
- मुंबई उच्च न्यायालय में न्यायाधीश पद पर नियुक्त होने के बाद, दामड़ी गांव के मूल निवासी और वासुदेव जोशी के सुपुत्र रोहित जोशी का पहली बार डूंगरपुर आगमन पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया गया। प्रियंकांत पंड्या के आवास पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पंड्या परिवार ने न्यायाधीश जोशी का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने रोहित जोशी की उपलब्धि को वागड़ अंचल के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने इस सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी करार दिया। अतिथियों ने न्यायाधीश जोशी को पुष्पमालाएं भेंट कर और सम्मान स्वरूप शॉल ओढ़ाकर उनका अभिनंदन किया, जिससे यह स्वागत समारोह गौरव और आत्मीयता का प्रतीक बन गया। अपने प्रति मिले इस स्नेह और सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए, न्यायाधीश रोहित जोशी ने कहा कि व्यक्ति को अपने क्षेत्र और समाज से जुड़ाव ही आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, अथक परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहने का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में कई सामाजिक और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे, जिन्होंने न्यायाधीश पद पर उनकी नियुक्ति को क्षेत्र की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।1