उत्तर प्रदेश के महोबा में पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह के मार्गदर्शन में 12 जुलाई 2026 को मिशन शक्ति फेज-5.0 (द्वितीय चरण) के तहत पूरे जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर “बहू–बेटी सम्मेलन” का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, लखनऊ द्वारा जारी एसओपी के अनुपालन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, बहुओं, बालिकाओं, छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज कराई। आयोजन के दौरान महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद कर उन्हें समाज में गरिमा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के महत्व से रूबरू कराया गया। इस सम्मेलन में महिलाओं को उनके संवैधानिक व कानूनी अधिकारों, जैसे घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संरक्षण कानून के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही युवतियों को शिक्षा, आत्मरक्षा, आत्मविश्वास और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के सुरक्षित उपयोग की सीख दी गई। उन्हें साइबर अपराध, ब्लैकमेलिंग तथा वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए ओटीपी, बैंक विवरण, सीवीवी या पासवर्ड किसी से भी साझा न करने की सलाह देते हुए आपातकालीन स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा, सम्मेलन में शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, उज्ज्वला योजना, विभिन्न पेंशन योजनाओं और प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इसी के साथ आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों 112, 1090, 181, 1098, 1930, 1076, 102 और 108 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। महोबा पुलिस ने महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन दिया और विश्वास दिलाया कि पुलिस उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए हर परिस्थिति में सदैव तत्पर व उनके साथ खड़ी है। समापन पर सभी को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सजग रहने और बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया गया।
उत्तर प्रदेश के महोबा में पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह के मार्गदर्शन में 12 जुलाई 2026 को मिशन शक्ति फेज-5.0 (द्वितीय चरण) के तहत पूरे जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर “बहू–बेटी सम्मेलन” का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, लखनऊ द्वारा जारी एसओपी के अनुपालन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, बहुओं, बालिकाओं, छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय
जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज कराई। आयोजन के दौरान महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद कर उन्हें समाज में गरिमा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के महत्व से रूबरू कराया गया। इस सम्मेलन में महिलाओं को उनके संवैधानिक व कानूनी अधिकारों, जैसे घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संरक्षण कानून के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही युवतियों को शिक्षा, आत्मरक्षा, आत्मविश्वास और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के सुरक्षित उपयोग की
सीख दी गई। उन्हें साइबर अपराध, ब्लैकमेलिंग तथा वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए ओटीपी, बैंक विवरण, सीवीवी या पासवर्ड किसी से भी साझा न करने की सलाह देते हुए आपातकालीन स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा, सम्मेलन में शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, उज्ज्वला योजना, विभिन्न पेंशन योजनाओं और प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की
गई। इसी के साथ आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों 112, 1090, 181, 1098, 1930, 1076, 102 और 108 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। महोबा पुलिस ने महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन दिया और विश्वास दिलाया कि पुलिस उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए हर परिस्थिति में सदैव तत्पर व उनके साथ खड़ी है। समापन पर सभी को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सजग रहने और बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया गया।
- महोबा में इस बार काम पीडब्ल्यूडी के चहेते ठेकेदार को सौंपे जाने पर गहरा रोष जताया गया है। बारिश के मौसम के बीच अपने पसंदीदा ठेकेदार को काम दिए जाने के इस फैसले पर सीधे सवाल उठाते हुए लोगों से खुद इस स्थिति को देखने की अपील की जा रही है।1
- तुर्का लहचूरा1
- छतरपुर जिले के सिगरामपुरा गांव में 22 वर्षीय प्रेमलाल रैकवार की संदिग्ध हत्या का मामला सामने आया है, जहां उसका शव अमरोनिया गांव के पास जंगल में जमीन में दफन मिला। मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। शव मिलने की सूचना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया गया है कि प्रेमलाल की शादी करीब दो महीने पहले ही हुई थी। परिजनों का आरोप है कि उसकी पत्नी ने पार्टी के बहाने उसे अपने गांव बुलाया था, जिसके बाद वह देर रात तक घर नहीं लौटा। खोजबीन के दौरान परिजनों को सबसे पहले प्रेमलाल की लावारिस बाइक मिली और फिर अमरोनिया गांव से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में एक नाले के पास जमीन में दबी हुई उसकी लाश बरामद हुई। मृतक की बहन रामकली रैकवार ने आरोप लगाया है कि पत्नी ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।1
- दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने आखिरकार अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, जिससे अब यहां का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इस नए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद भारत जंक्शन न्यूज ने एक विशेष विश्लेषण जारी किया है, जिसमें कांग्रेस द्वारा मैदान में उतारे गए प्रत्याशी, उनके राजनीतिक सफर और इस फैसले के प्रभाव पर चर्चा की गई है। इस फैसले के बाद अब चुनावी समीकरणों का राजनीतिक विश्लेषण तेज हो गया है और यह सवाल बड़ा हो गया है कि क्या कांग्रेस के इस कदम से भाजपा की टेंशन बढ़ने वाली है। बीजेपी बनाम कांग्रेस के इस सीधे मुकाबले को लेकर सरगर्मियां तेज हैं।1
- छतरपुर के नौगांव की कुम्हार टोली में एक 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई है। इस मामले में मारपीट का आरोप लगाया गया है और यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।1
- उत्तर प्रदेश में वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का शुभारंभ हो चुका है। इसी बड़े अभियान के अंतर्गत महोबा जिले के पनवाड़ी सीएचसी में भी इसकी शुरुआत की गई है।1
- महोबा जिले के खन्ना थाना क्षेत्र के सिरसी कला गांव में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कथित लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक निर्माणाधीन पुल के कारण बनाए गए वैकल्पिक मार्ग से गुजर रही बारातियों से भरी एक वैन उफनती श्यामा नदी के तेज बहाव में बह गई। हादसे के दौरान इस वैन में दूल्हा समेत कई बाराती सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नदी का जलस्तर बढ़ा होने के बावजूद इस वैकल्पिक मार्ग पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, चेतावनी बोर्ड या आवागमन रोकने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई थी। इसी वजह से वैन तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बहने लगी। ऐसे नाजुक वक्त में स्थानीय मुस्लिम युवकों ने असाधारण साहस का परिचय दिया और अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में उतरकर दूल्हे सहित सभी बारातियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे कई लोगों की जान बच गई। इस हादसे के बाद लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माणाधीन पुल के दौरान बनाए गए वैकल्पिक मार्ग की सुरक्षा को लेकर विभाग ने घोर लापरवाही बरती, जिसके कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल सभी बाराती सुरक्षित हैं और स्थानीय लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1