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तुर्का लहचूरा
Rinkuu lakshkar
तुर्का लहचूरा
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- तुर्का लहचूरा1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिला अंतर्गत राठ के मारकंडेश्वर परिसर में बुंदेलखंड राज्य बनाओ अभियान के तहत एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया, जिससे अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग एक बार फिर मुखर हो गई है। इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत के पहुंचने से आंदोलन को नई धार मिली है। पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत ने हुंकार भरते हुए कहा कि बुंदेलखंड की बेरोजगारी और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए अलग राज्य बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब वे चैन से नहीं बैठेंगे, अपने हक के लिए आवाज बुलंद करेंगे और इस आंदोलन को और तेज करेंगे। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। वक्ताओं ने कहा कि विकास के नाम पर बुंदेलखंड की हमेशा अनदेखी हुई है और अलग राज्य बनने से ही यहाँ के युवाओं को रोजगार तथा क्षेत्र को पहचान मिलेगी। आयोजकों ने इस मांग को लेकर जल्द ही बड़े स्तर पर आंदोलन करने का ऐलान किया है।1
- झांसी के टहरौली में आयोजित होने वाले 108 कुण्डीय गायत्री यज्ञ की तैयारियों के संबंध में शक्तिपीठ टहरौली पर एक आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में यज्ञ के विभिन्न पहलुओं पर उपस्थित लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जनवरी 2027 में होने वाले इस यज्ञ में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति चिन्मय पंड्या भी शिरकत करेंगे और अपना उद्वोधन देंगे। यज्ञ की रूपरेखा को और सुदृढ़ करने के लिए आगामी 26 जुलाई को एक और बड़ी बैठक बुलाई जा रही है। इस बैठक में पूरे जिले के गायत्री परिजन के साथ-साथ टहरौली क्षेत्र के करीब 40 ग्रामों के श्रद्धालु शामिल होंगे और यज्ञ के संबंध में अपने विचार साझा करेंगे। आयोजित बैठक में मुख्य रूप से अच्छे लाल साहू, शिवमोहन नाथ खरे, रमेश बिरथरे, रामलोचन बिरथरे, घनश्याम दास यादव, रिंकू दीक्षित, सुख नंदन रायकवार, राकेश झा, पजन दादा, दीपचंद्र चंदवारी, रविन्द्र बिरथरे, राजकुमार पाल, संजीव बिरथरे, बलराम बिरथरे, अंकुश गुप्ता, आशीष उपाध्याय, सोहित मिश्रा और अमित सेन आदि उपस्थित रहे।1
- झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र स्थित ग्राम नवादा के नवादा घाट पर बालू माफिया का भारी दबदबा देखने को मिल रहा है। यहाँ बालू माफिया द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है और यूपी से एमपी (मध्य प्रदेश) में बालू डंप किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन को इस अवैध गतिविधि की सूचना दी जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रशासन की इस चुप्पी के पीछे बालू माफिया का सरकारी दफ्तरों में लगातार आना-जाना होना है, जिसके कारण कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इस गंभीर मामले को लेकर माननीय जिला अधिकारी खनन शैलेंद्र सिंह से तुरंत जांच कराने का निवेदन किया गया है। स्थानीय स्तर पर मांग उठाई गई है कि इस अवैध खनन की तत्काल जांच की जाए, संलिप्त ट्रैक्टरों को जप्त किया जाए और बालू माफिया के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।1
- झांसी के ब्लॉक बामौर अंतर्गत कस्बा गरौठा में शनिवार को समय 4 बजे साइबर अपराध सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के तहत एक विशेष गोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उन्हें डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित करना था। इस दौरान पुलिस ने साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए छात्रों को सलाह दी कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, पासवर्ड, बैंक खाता या एटीएम संबंधी जानकारी साझा न करें।1
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का डिजिटल रुपया (e₹) देश में डिजिटल भुगतान को एक नए दौर में ले जा रहा है, जिससे अब लोगों को जेब में नकद रखने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह डिजिटल रुपया भारत की केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) है, जिसे सीधे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया जाता है। यह किसी निजी कंपनी या क्रिप्टोकरेंसी की तरह नहीं है, बल्कि भारतीय मुद्रा का ही डिजिटल स्वरूप है। जिस तरह आपके पास रखा ₹100 का नोट वैध मुद्रा है, उसी तरह डिजिटल रुपया भी वैध भारतीय करेंसी है। डिजिटल रुपये की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे भुगतान करते समय छुट्टे पैसों की समस्या खत्म हो जाती है। यह यूपीआई (UPI) सहित सभी क्यूआर (QR) कोड पर भुगतान करने में सक्षम है, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों के लिए लेनदेन पहले से अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाता है। आरबीआई का कहना है कि यह लोगों को पूरी तरह डिजिटल माध्यम से नकद जैसा अनुभव देगा, जिससे सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक भुगतान को बढ़ावा मिलेगा तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह रोजमर्रा की खरीदारी, छोटे-बड़े भुगतान और व्यापारिक लेनदेन का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।1
- झाँसी के गुरसराय स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया पीजी महिला महाविद्यालय में 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रो. अशोक यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. अशोक यादव और प्राचार्य डॉ. पिंकी सिंह ने महाविद्यालय परिसर में पौधरोपण कर इसे हरा-भरा बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. अशोक यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और वर्षा चक्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी क्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पिंकी सिंह ने वृक्षों को मानव जीवन का आधार बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में इन्हें ईश्वर का स्वरूप मानकर पूजनीय माना गया है। उन्होंने पौधों को लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने को सभी का नैतिक दायित्व बताया। इस विशेष अभियान के तहत महाविद्यालय के समस्त स्टाफ और छात्राओं ने भी परिसर में पौधे लगाए और उनकी निरंतर देखभाल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन गुलाब राय शर्मा द्वारा किया गया, जबकि उप प्राचार्य डॉ. धीरज दीक्षित ने उपस्थित सभी अतिथियों और जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- झांसी के गरौठा तहसील क्षेत्र में मोती कटरा के पास स्थित केवलारी नाला में तेज बारिश के बाद अचानक पानी का तेज बहाव आ गया। पानी के इस तेज बहाव के कारण नाला कट गया, जिससे वहाँ से गुजरने वाला मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गया है। रास्ता पूरी तरह बाधित होने की वजह से आसपास के कई गांवों का गरौठा तहसील, विकास खंड और थाना मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। इस मार्ग के बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए जल्द से जल्द मार्ग की मरम्मत कराने और एक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आवागमन को फिर से सामान्य किया जा सके। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, केवलारी नाला उफान पर होने के कारण रास्ता कटने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है।1