उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिला अंतर्गत राठ के मारकंडेश्वर परिसर में बुंदेलखंड राज्य बनाओ अभियान के तहत एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया, जिससे अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग एक बार फिर मुखर हो गई है। इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत के पहुंचने से आंदोलन को नई धार मिली है। पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत ने हुंकार भरते हुए कहा कि बुंदेलखंड की बेरोजगारी और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए अलग राज्य बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब वे चैन से नहीं बैठेंगे, अपने हक के लिए आवाज बुलंद करेंगे और इस आंदोलन को और तेज करेंगे। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। वक्ताओं ने कहा कि विकास के नाम पर बुंदेलखंड की हमेशा अनदेखी हुई है और अलग राज्य बनने से ही यहाँ के युवाओं को रोजगार तथा क्षेत्र को पहचान मिलेगी। आयोजकों ने इस मांग को लेकर जल्द ही बड़े स्तर पर आंदोलन करने का ऐलान किया है।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिला अंतर्गत राठ के मारकंडेश्वर परिसर में बुंदेलखंड राज्य बनाओ अभियान के तहत एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया, जिससे अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग एक बार फिर मुखर हो गई है। इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत के पहुंचने से आंदोलन को नई धार मिली है। पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत ने हुंकार भरते हुए कहा कि बुंदेलखंड की बेरोजगारी और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए अलग राज्य बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब वे चैन से नहीं बैठेंगे, अपने हक के लिए आवाज बुलंद करेंगे और इस आंदोलन को और तेज करेंगे। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। वक्ताओं ने कहा कि विकास के नाम पर बुंदेलखंड की हमेशा अनदेखी हुई है और अलग राज्य बनने से ही यहाँ के युवाओं को रोजगार तथा क्षेत्र को पहचान मिलेगी। आयोजकों ने इस मांग को लेकर जल्द ही बड़े स्तर पर आंदोलन करने का ऐलान किया है।
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिला अंतर्गत राठ के मारकंडेश्वर परिसर में बुंदेलखंड राज्य बनाओ अभियान के तहत एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया, जिससे अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग एक बार फिर मुखर हो गई है। इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत के पहुंचने से आंदोलन को नई धार मिली है। पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत ने हुंकार भरते हुए कहा कि बुंदेलखंड की बेरोजगारी और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए अलग राज्य बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब वे चैन से नहीं बैठेंगे, अपने हक के लिए आवाज बुलंद करेंगे और इस आंदोलन को और तेज करेंगे। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। वक्ताओं ने कहा कि विकास के नाम पर बुंदेलखंड की हमेशा अनदेखी हुई है और अलग राज्य बनने से ही यहाँ के युवाओं को रोजगार तथा क्षेत्र को पहचान मिलेगी। आयोजकों ने इस मांग को लेकर जल्द ही बड़े स्तर पर आंदोलन करने का ऐलान किया है।1
- तुर्का लहचूरा1
- महोबा के सेंगरपुरा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पौधारोपण किया। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पौधारोपण कार्यक्रम के संपन्न होने के बाद, संगठन की तरफ से एक पारंपरिक देसी व्यंजन स्वादिष्ट पार्टी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसान नेताओं ने स्वादिष्ट देसी व्यंजनों का आनंद लेते हुए संगठन की मजबूती, आपसी भाईचारे और किसानों के हितों को लेकर गहन विचार-विमर्श किया। वक्ताओं ने मंच से किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान निकालने तथा संगठन को और अधिक सशक्त व एकजुट बनाने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें जिला अध्यक्ष राम खिलावन शुक्ला, महिला जिला अध्यक्ष माधुरी दीक्षित, जिला मीडिया प्रभारी वेद प्रकाश नायक, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अमन शर्मा, तहसील मीडिया प्रभारी हरी सिंह वर्मा, ब्लॉक मीडिया प्रभारी शिवनंदन अग्निहोत्री, ब्लॉक अध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्रा, ब्लॉक उपाध्यक्ष कौशलेंद्र पस्तोर, जिला प्रवक्ता महेंद्र मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष ब्रजेंद्र सोनकिया, जिला उपाध्यक्ष अशोक राजपूत, तहसील अध्यक्ष मान बहादुर राजपूत, ब्लॉक सचिव नीरज शर्मा, पनवाड़ी ग्राम अध्यक्ष नरेंद्र पांडेय और बबलू नायक सहित दर्जनों किसान सदस्य शामिल थे। पूरा कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और किसान एकता के दृढ़ संकल्प के साथ समाप्त हुआ।1
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का डिजिटल रुपया (e₹) देश में डिजिटल भुगतान को एक नए दौर में ले जा रहा है, जिससे अब लोगों को जेब में नकद रखने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह डिजिटल रुपया भारत की केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) है, जिसे सीधे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया जाता है। यह किसी निजी कंपनी या क्रिप्टोकरेंसी की तरह नहीं है, बल्कि भारतीय मुद्रा का ही डिजिटल स्वरूप है। जिस तरह आपके पास रखा ₹100 का नोट वैध मुद्रा है, उसी तरह डिजिटल रुपया भी वैध भारतीय करेंसी है। डिजिटल रुपये की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे भुगतान करते समय छुट्टे पैसों की समस्या खत्म हो जाती है। यह यूपीआई (UPI) सहित सभी क्यूआर (QR) कोड पर भुगतान करने में सक्षम है, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों के लिए लेनदेन पहले से अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाता है। आरबीआई का कहना है कि यह लोगों को पूरी तरह डिजिटल माध्यम से नकद जैसा अनुभव देगा, जिससे सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक भुगतान को बढ़ावा मिलेगा तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह रोजमर्रा की खरीदारी, छोटे-बड़े भुगतान और व्यापारिक लेनदेन का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जालौन में महावृक्षारोपण अभियान के तहत पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी उचित देखभाल करने की अपील की। कैबिनेट मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं और स्वच्छ पर्यावरण के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे एक पौधा लगाकर हरित और समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दें। इसके साथ ही उन्होंने "हर घर एक पेड़ लगाओ" का नारा देकर हरित यूपी का संदेश प्रसारित किया।1
- कानपुर देहात के नवीपुर पीएम श्री विद्यालय में राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला और जिलाधिकारी कपिल सिंह ने वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर भारी संख्या में लोगों ने वृक्षारोपण किया। यहाँ "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं जनसहभागिता का संदेश दिया गया।2
- झाँसी के गुरसराय स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया पीजी महिला महाविद्यालय में 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रो. अशोक यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. अशोक यादव और प्राचार्य डॉ. पिंकी सिंह ने महाविद्यालय परिसर में पौधरोपण कर इसे हरा-भरा बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. अशोक यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और वर्षा चक्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी क्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पिंकी सिंह ने वृक्षों को मानव जीवन का आधार बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में इन्हें ईश्वर का स्वरूप मानकर पूजनीय माना गया है। उन्होंने पौधों को लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने को सभी का नैतिक दायित्व बताया। इस विशेष अभियान के तहत महाविद्यालय के समस्त स्टाफ और छात्राओं ने भी परिसर में पौधे लगाए और उनकी निरंतर देखभाल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन गुलाब राय शर्मा द्वारा किया गया, जबकि उप प्राचार्य डॉ. धीरज दीक्षित ने उपस्थित सभी अतिथियों और जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- झांसी के गरौठा तहसील क्षेत्र में मोती कटरा के पास स्थित केवलारी नाला में तेज बारिश के बाद अचानक पानी का तेज बहाव आ गया। पानी के इस तेज बहाव के कारण नाला कट गया, जिससे वहाँ से गुजरने वाला मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गया है। रास्ता पूरी तरह बाधित होने की वजह से आसपास के कई गांवों का गरौठा तहसील, विकास खंड और थाना मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। इस मार्ग के बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए जल्द से जल्द मार्ग की मरम्मत कराने और एक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आवागमन को फिर से सामान्य किया जा सके। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, केवलारी नाला उफान पर होने के कारण रास्ता कटने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है।1