लखीमपुर खीरी के फरधान थाने के अगरबुजुर्ग गांव में मोहर्रम की छठी के जुलूस के दौरान हुए बवाल के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घटना तब हुई जब एक ओर मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम चल रहा था और दूसरी ओर उसी मार्ग से छठी का जुलूस निकल रहा था। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जुलूस के मंदिर के सामने रुकने के दौरान माहौल को भड़काने वाली गतिविधियां और उकसावे की कोशिशें की गईं, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चले। इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यदि मौके पर पुलिस बल मौजूद होता और स्थिति पर समय रहते नियंत्रण किया जाता, तो संभवतः इस विवाद को टाला जा सकता था। गनीमत रही कि समय रहते हालात काबू में आ गए और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। हालांकि, इस घटना ने पुलिस की सतर्कता और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
लखीमपुर खीरी के फरधान थाने के अगरबुजुर्ग गांव में मोहर्रम की छठी के जुलूस के दौरान हुए बवाल के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घटना तब हुई जब एक ओर मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम चल रहा था और दूसरी ओर उसी मार्ग से छठी का जुलूस निकल रहा था। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जुलूस के मंदिर के सामने रुकने के दौरान माहौल को भड़काने वाली गतिविधियां और उकसावे की कोशिशें की गईं, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चले। इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यदि मौके पर पुलिस बल मौजूद होता और स्थिति पर समय रहते नियंत्रण किया जाता, तो संभवतः इस विवाद को टाला जा सकता था। गनीमत रही कि समय रहते हालात काबू में आ गए और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। हालांकि, इस घटना ने पुलिस की सतर्कता और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
- लखीमपुर खीरी जिले के पढ़ुआ थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां खरवहिया नंबर दो और प्रमोधापुर गांव के संपर्क मार्ग पर नीचे झूल रही हाई टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से एक डीसीएम चालक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश फैल गया है, वहीं परिजन गहरे सदमे में हैं। जानकारी के अनुसार, ऊंच गांव निवासी मेंड़ाई उर्फ वारिस (लगभग 40 वर्ष) अपनी डीसीएम (संख्या UP 83 AT 8507) से सुबह करीब 9:15 बजे प्रमोधापुर क्षेत्र में खेतों से केले लादने जा रहे थे। इसी दौरान खरवहिया नंबर दो और प्रमोधापुर के बीच सड़क पर काफी नीचे झूल रही हाई टेंशन लाइन उनके वाहन से टकरा गई, जिससे करंट लगने से चालक वारिस की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना पढ़ुआ प्रभारी मोहित पुंडीर अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग को लंबे समय से इस हाई टेंशन लाइन के नीचे होने की जानकारी दी जा रही थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने इस दुखद घटना को पूरी तरह से विभागीय लापरवाही का परिणाम बताया। मृतक वारिस अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें उनकी पत्नी, 18 वर्षीय पुत्र नियाज़ अहमद और दो पुत्रियां— 23 वर्षीय सना (विवाहित) और 14 वर्षीय सबा शामिल हैं। हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।1
- पलिया क्षेत्र में खनन से जुड़ी एक खबर सोशल मीडिया पर साझा करना एक स्थानीय पत्रकार अमन गुप्ता को भारी पड़ गया। पत्रकार ने आरोप लगाया है कि 21 जून को व्हाट्सएप ग्रुप में खबर पोस्ट करने के बाद सम्पूर्णानगर थाना क्षेत्र के गोविंद नगर निवासी जाकिर हुसैन नामक व्यक्ति, जिसे पत्रकार ने कथित खनन माफिया बताया है, खबर से नाराज़ हो गया। पत्रकार अमन गुप्ता के मुताबिक, आरोपी जाकिर हुसैन ने उन्हें फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोप है कि माफिया ने उन्हें जान से मारने के साथ-साथ अपनी पहुंच और रसूख का हवाला देते हुए झूठे मादक पदार्थ के मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद से मोहल्ला बाजार द्वितीय निवासी पत्रकार अमन गुप्ता और उनका परिवार भय तथा तनाव के माहौल में है, वे प्रतिदिन अपनी दुकान पर आने-जाने के दौरान भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस मामले को लेकर स्थानीय पत्रकारों और प्रबुद्ध लोगों में भी रोष व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्रकार अमन गुप्ता ने कोतवाली पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है। कोतवाली पुलिस ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।2
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के अग्गर बुजुर्ग में दो समुदायों के बीच ईटा-पत्थर चले। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसने स्थिति को नियंत्रित कर शांति व्यवस्था कायम की। पुलिस ने अपनी ओर से मुकदमा दर्ज करते हुए इस मामले में चार उपद्रवियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।1
- लखीमपुर खीरी में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रांतीय खंड-1 में तैनात वरिष्ठ लिपिक संजय कुमार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी कर्मचारी ने पेंशन संबंधी कार्य कराने के बदले यह रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने एक जाल बिछाकर कार्रवाई की और संजय कुमार को रिश्वत की रकम लेते समय ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है, और मामले की जांच जारी है, जिसमें अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।1
- लखीमपुर खीरी जिले के फरदाहन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत अगर बुजुर्ग गांव में हिंदू धर्म की रीति-रिवाजों के अनुसार एक धार्मिक स्थान पर भंडारे का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा उपद्रव किया गया, जिसके चलते दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। यह कहासुनी जल्द ही लड़ाई-झगड़े में बदल गई और दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और गांव के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत भारी पुलिस बल तथा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रण में लिया और किसी अप्रिय घटना को टाल दिया। मारपीट की वजह से चोटिल हुए कुछ लोगों को बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद पुलिस की मुस्तैदी से इस मामले को सांप्रदायिक रूप लेने से रोक दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि चंद मिनटों का गुस्सा और हुड़दंग आखिर समाज के सौहार्द को क्यों बिगाड़ देता है।1
- दुधवा नेशनल पार्क की दक्षिण सोनारीपुर रेंज में भीषण गर्मी के बीच स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़े गए गैंडों को जल विहार करते हुए देखा गया। जंगल सफारी पर आए सैलानियों ने इस अद्भुत नजारे को अपने कैमरों में कैद किया। इसके बाद, इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया।1
- लखीमपुर खीरी जिले के अग्गरबुजुर्ग गाँव में बीते दिन हुए बवाल के बाद स्थानीय पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। इस मामले में उपद्रवियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है और चार लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। यह विवाद कल अग्गरबुजुर्ग गाँव में छटी के एक जुलूस के दौरान शुरू हुआ था। पुलिस की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया।1
- बिजनौर जिले के धामपुर स्थित ओलिवा मोटो गेयर आयल एंड लुब्रिकेंट कंपनी पर पलिया के एक एजेंसी संचालक ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित विभिन्न उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर कंपनी का लाइसेंस निरस्त करने और कंपनी संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर बकाया धनराशि वापस दिलाने की मांग की है। पलिया निवासी आशीष नंदन गुप्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने अक्टूबर 2025 में धामपुर की ओलिवा मोटो गेयर आयल एंड लुब्रिकेंट कंपनी की एजेंसी ली थी। एजेंसी के लिए उन्होंने 50 हजार रुपये बतौर सिक्योरिटी जमा किए थे, जिसके बदले कंपनी ने उन्हें करीब 2 लाख 35 हजार रुपये का माल उपलब्ध कराया। आशीष गुप्ता का आरोप है कि प्राप्त हुआ सारा माल क्षतिग्रस्त (डेमेज) था और बिक्री योग्य नहीं निकला। उनके अनुसार, जब उन्होंने कंपनी मालिक रईस खान से माल वापस लेने और धनराशि लौटाने की मांग की, तो उनसे 60 हजार 600 रुपये और जमा करने को कहा गया, यह कहते हुए कि नए माल के साथ ही क्षतिग्रस्त माल वापस ले लिया जाएगा। आशीष गुप्ता ने रईस खान के कहने पर यह अतिरिक्त धनराशि भी जमा कर दी, लेकिन आरोप है कि उन्हें इन पैसों का भी माल नहीं भेजा गया और रईस खान ने आज तक न तो क्षतिग्रस्त माल वापस लिया और न ही उनके रुपये लौटाए। आशीष गुप्ता ने बताया कि उन्होंने एजेंसी लेने के लिए कर्ज लिया था और इस धोखाधड़ी के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे उनका परिवार आर्थिक संकट में है और बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। इसी मामले में कंपनी से जुड़े सेल्समैन तरुण गुप्ता ने भी शिकायत की है। उनका आरोप है कि कंपनी ने उन्हें प्रति माह 13 हजार रुपये वेतन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन केवल एक माह का वेतन देने के बाद भुगतान बंद कर दिया गया और उसके बाद उन्हें कोई वेतन नहीं मिला है। दोनों पीड़ितों ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित संबंधित विभागों और उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कंपनी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने, कंपनी का लाइसेंस निरस्त कराने तथा कंपनी संचालक रईस खान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उनकी बकाया धनराशि वापस दिलाने की मांग की है।4