पांगी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बने सुभाष चौहान: लगातार तीसरी बार हाईकमान का भरोसा, गुटबाजी के बीच रणनीतिक फैसला हिम संदेश पांगी, 17 अप्रैल 2026: लंबे इंतजार के बाद आज पांगी ब्लॉक में कांग्रेस पार्टी ने अपना नया संगठनात्मक ढांचा मजबूत करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष की ताजपोशी कर दी। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने सबसे पहले जिला स्तर पर अध्यक्षों की नियुक्ति की थी, और अब ब्लॉक स्तर पर भी यह प्रक्रिया पूरी हो गई है। पांगी ब्लॉक में एक बार फिर सुभाष चौहान पंगवाल को लगातार तीसरी बार यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस पद के लिए तीन से चार दावेदार मैदान में थे, लेकिन हाईकमान ने सुभाष चौहान के लंबे अनुभव, संगठन में मजबूत पकड़ और जमीनी स्तर पर सक्रियता को प्राथमिकता दी। पांगी घाटी में कांग्रेस में गुटबाजी की चर्चा लंबे समय से चल रही थी, जिसमें कई नाम अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल थे। ऐसे में सुभाष चौहान ने सभी को पछाड़ते हुए यह पद हासिल कर लिया। अब सवाल यह है कि क्या उनके नेतृत्व में पार्टी एकजुट हो पाएगी, या गुटबाजी फिर हावी हो जाएगी? सुभाष चौहान इससे पहले दो बार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं और क्षेत्र में संगठन को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनकी पुनर्नियुक्ति को आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनजर पार्टी की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। करीब 17 महीनों के इंतजार के बाद यह फैसला कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने वाला है। कार्यकर्ताओं में जोश, नेताओं ने दी बधाई पांगी घाटी में इस नियुक्ति को लेकर खुशी का माहौल है। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाईकमान के इस फैसले का स्वागत किया है। पूर्व ब्लॉक कांग्रेस सचिव देव राज राणा ने सुभाष चौहान को बधाई देते हुए कहा, "वे घाटी की जनता की बुलंद आवाज हैं और लंबे समय से पार्टी को मजबूती प्रदान करने में जुटे हैं। उनके नेतृत्व में संगठन और सशक्त होगा।" देव राज राणा ने इस नियुक्ति के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अमित भरमौरी तथा जिला चंबा कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हाईकमान द्वारा एक जमीनी नेता को जिम्मेदारी सौंपने से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और संगठन को नई दिशा मिलेगी। पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र में कांग्रेस का यह कदम पंचायत चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना है कि सुभाष चौहान की अगुवाई में पार्टी कितना आगे बढ़ पाती है।
पांगी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बने सुभाष चौहान: लगातार तीसरी बार हाईकमान का भरोसा, गुटबाजी के बीच रणनीतिक फैसला हिम संदेश पांगी, 17 अप्रैल 2026: लंबे इंतजार के बाद आज पांगी ब्लॉक में कांग्रेस पार्टी ने अपना नया संगठनात्मक ढांचा मजबूत करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष की ताजपोशी कर दी। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने सबसे पहले जिला स्तर पर अध्यक्षों की नियुक्ति की थी, और अब ब्लॉक स्तर पर भी यह प्रक्रिया पूरी हो गई है। पांगी ब्लॉक में एक बार फिर सुभाष चौहान पंगवाल को लगातार तीसरी बार यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस पद के लिए तीन से चार दावेदार मैदान में थे, लेकिन हाईकमान ने सुभाष चौहान के लंबे अनुभव, संगठन में मजबूत पकड़ और जमीनी स्तर पर सक्रियता को प्राथमिकता दी। पांगी घाटी में कांग्रेस में गुटबाजी की चर्चा लंबे समय से चल रही थी, जिसमें कई नाम अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल थे। ऐसे में सुभाष चौहान ने सभी को पछाड़ते हुए यह पद हासिल कर लिया। अब सवाल यह है कि क्या उनके नेतृत्व में पार्टी एकजुट हो पाएगी, या गुटबाजी फिर हावी हो जाएगी? सुभाष चौहान इससे पहले दो बार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं और क्षेत्र में संगठन को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनकी पुनर्नियुक्ति को आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनजर पार्टी की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। करीब 17 महीनों के इंतजार के बाद यह फैसला कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने वाला है। कार्यकर्ताओं में जोश, नेताओं ने दी बधाई पांगी घाटी में इस नियुक्ति को लेकर खुशी का माहौल है। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाईकमान के इस फैसले का स्वागत किया है। पूर्व ब्लॉक कांग्रेस सचिव देव राज राणा ने सुभाष चौहान को बधाई देते हुए कहा, "वे घाटी की जनता की बुलंद आवाज हैं और लंबे समय से पार्टी को मजबूती प्रदान करने में जुटे हैं। उनके नेतृत्व में संगठन और सशक्त होगा।" देव राज राणा ने इस नियुक्ति के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अमित भरमौरी तथा जिला चंबा कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हाईकमान द्वारा एक जमीनी नेता को जिम्मेदारी सौंपने से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और संगठन को नई दिशा मिलेगी। पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र में कांग्रेस का यह कदम पंचायत चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना है कि सुभाष चौहान की अगुवाई में पार्टी कितना आगे बढ़ पाती है।
- Inder Devपांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेशcongratulation chouhan jion 17 April
- Post by Surender Thakur1
- पांगी घाटी के कुलाल गांव से शिक्षा व्यवस्था की एक बेहद चिंताजनक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां करोड़ों रुपये खर्च कर राजकीय माध्यमिक पाठशाला का भवन तो तैयार किया जा रहा है, लेकिन विडंबना यह है कि स्कूल में पढ़ाने के लिए पर्याप्त अध्यापक ही मौजूद नहीं हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि एकमात्र शास्त्री के सहारे स्कूल चलाने की कोशिश नाकाम साबित हो रही है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार प्रशासन और सरकार से अध्यापकों की नियुक्ति की मांग की गई, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला। शुरुआत में अच्छी संख्या में बच्चों ने इस स्कूल में प्रवेश लिया था, लेकिन लगातार अध्यापकों की कमी के चलते अभिभावकों ने अपने बच्चों को दूसरे स्कूलों में भेजना शुरू कर दिया। अब हालात यह हैं कि स्कूल का आंगन पूरी तरह सूना हो चुका है और आखिरी बचा छात्र भी स्कूल छोड़ने को मजबूर हो गया है। कुलाल गांव के वार्ड पंच कोल सिंह के अनुसार, बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अभिभावकों को दूसरे स्थानों पर किराए के कमरे तक लेने पड़ रहे हैं। कुलाल से मिंधल की दूरी करीब 6 किलोमीटर है और गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है, जिससे बच्चों का रोजाना सफर बेहद जोखिम भरा बन जाता है। स्थानीय लोगों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुलाल जैसे दुर्गम गांवों की लगातार अनदेखी की जा रही है। जब स्कूल में स्टाफ ही उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे में स्कूल खोलने का क्या औचित्य रह जाता है? एक ओर सरकार शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है और ऑनलाइन संवाद के जरिए अपनी उपलब्धियां गिनाती है, वहीं जमीनी स्तर पर हकीकत बिल्कुल उलट नजर आ रही है। यह मामला सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाती है या फिर कुलाल के बच्चों का भविष्य यूं ही अधर में लटका रहेगा।1
- चुराह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला सालवी–पधरोलू मार्ग पिछले आठ साल से पक्का होने के लिए तरस रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्षों पहले मार्ग का निर्माण तो किया गया, लेकिन उसके बाद इसकी सुध नहीं ली गई। नतीजतन आज तक यह सड़क पक्की नहीं हो पाई है। यह मार्ग भावला पंचायत की करीब दो हजार की आबादी को जोड़ता है और रोजाना इस सड़क पर काफी संख्या में वाहन गुजरते हैं। लेकिन मार्ग की खस्ता हालत के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह गड्ढों के कारण कई बार वाहनों को नुकसान पहुंचता है, जिससे लोगों की दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क को पक्का किया जाए। वीओ: स्थानीय निवासी पुंजर देव और हेमराज का कहना है कि इस मार्ग को बने 8 से 9 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक विभाग ने इसे पक्का नहीं किया। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के चलते सफर करना मुश्किल हो गया है और रोजाना लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द इस सड़क का पक्कीकरण किया जाए, ताकि क्षेत्र की करीब 2000 की आबादी को राहत मिल सके। बाइट: (पुंजर देव और हेमराज – स्थानीय निवासी)3
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