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Ajeet kumar
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- Post by Ajeet kumar1
- कबड्डी के होनहार खिलाड़ी को संस्था ने किया सम्मानित भरुआ सुमेरपुर। प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती है। कस्बे के कबड्डी के होनहार खिलाड़ी अंशुल को इसी के दृष्टिगत वर्णिता संस्था द्वारा सम्मानित किया गया। वर्णिता संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने बताया कि कस्बे के राजन प्रसाद उर्फ पप्पू बैन्ड वाले के पुत्र अंशुल कबड्डी के एक होनहार खिलाड़ी है। वह उत्तर प्रदेश टीम के कप्तान के रूप में खेलो इंडिया में दमन द्वीप में खेल कर उपविजेता बने। इनको बड़े भाई अनीस सहित परिवार ने सदैव प्रोत्साहित कर आगे बढ़ाया। पांच से 11 जनवरी तक अंशुल ने अन्तर्राज्यीय कबड्डी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर कुछ राज्यों को हराया भी। अंशुल को वर्णिता संस्था ने प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित कर इनके उज्जवल भविष्य की कामना की।1
- हेयर सैलून मैटेरियल स्टोर, नगर पालिका रोड, घाटमपुर-9235546395, 8707433329 हेयर सैलून का सभी सामान @highlight सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक उचित मूल्य पर उपलब्ध हैं1
- घाटमपुर-थाना क्षेत्र के परास गांव के पास रविवार को प्रयागराज संगम से लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो पलटने से आधा दर्जन लोग बुरी तरह घायल हो गए।जिन्हें का डॉक्टरों द्वारा हैलट अस्पताल रेफर किया गया है।1
- garam panchayat kargaon1
- जालौन..... जालौन में फ्रेंड से विवाद के बाद युवती ने पुल से लगाई छलांग, पुल से नीचे गिरने के बाद युवती का टूटा पैर, इलाके में मचा हड़कंप, स्थानीय लोग पहुंचे मौके पर, युवती को तत्काल अस्पताल में कराया भर्ती फोन पर बात करते करते लगाई छलांग, उरई कोतवाली के मंशापूर्ण मंदिर के पास बने पुल की घटना।1
- फतेहपुर। पिता की संदिग्ध मौत पर परिवार का थाना में हंगामा। पिता की लाश लेकर खागा कोतवाली पहुंची महिला। प्रकाश त्रिपाठी और आदित्य नाम के युवक पर लगाया गंभीर आरोप।ज्ञकोतवाली के बाहर चिल्ला-चिल्लाकर इंसाफ मांगने का वीडियो वायरल।किशनपुर थाना क्षेत्र के सिलमी गांव का मामला।1
- महाराणा प्रताप की वर्णिता संस्था ने मनाई पुण्यतिथि भरुआ सुमेरपुर। वर्णिता संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने शौर्य और साहस के साक्षी महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप सच्चे अर्थों में मां भारती के एक बेजोड़ सूरमा थे। मुगलकाल में देश के प्रति इनके योगदान को विस्मृत नहीं किया जा सकता है। इनका जन्म नौ मई 1540 को उदय सिंह एवं जयवन्ताबाई के घर हुआ था। इन्होंने जीवनान्त मुगलों से लोहा लिया। उन्होंने मुगल शासक अकबर से जंग लड़ी, लेकिन कभी हार स्वीकार नहीं की और न अकबर से पराजित हुए। राजस्थान में युद्ध के दौरान घायल हो गये थे। कालांतर में इनका 19 जनवरी 1597 को इनका निधन हो गया। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, प्रिन्स, रिचा, महावीर प्रजापति, रामनारायन सोनकर, विकास, भोलू सिंह, रामबाबू, सतेन्द्र और राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।1