सवाई माधोपुर जिले के ईसरदा गांव में आबादी क्षेत्र से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के मुख्य मार्ग से दिनभर भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सड़क पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की आवाजाही अधिक होने के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा, तेज रफ्तार ट्रकों और अन्य भारी वाहनों से लगातार उड़ने वाली धूल, शोर और सड़क सुरक्षा की समस्या भी गंभीर रूप ले रही है। ग्रामीणों ने ज्ञापन के जरिए प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों के लिए या तो कोई वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए या फिर आबादी क्षेत्र में उनके प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सवाई माधोपुर जिले के ईसरदा गांव में आबादी क्षेत्र से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के मुख्य मार्ग से दिनभर भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सड़क पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की आवाजाही अधिक होने के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा, तेज रफ्तार ट्रकों और अन्य भारी वाहनों से लगातार उड़ने वाली धूल, शोर और सड़क सुरक्षा की समस्या भी गंभीर रूप ले रही है। ग्रामीणों ने ज्ञापन के जरिए प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों के लिए या तो कोई वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए या फिर आबादी क्षेत्र में उनके प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- सवाई माधोपुर जिले के ईसरदा गांव में आबादी क्षेत्र से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के मुख्य मार्ग से दिनभर भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सड़क पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की आवाजाही अधिक होने के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा, तेज रफ्तार ट्रकों और अन्य भारी वाहनों से लगातार उड़ने वाली धूल, शोर और सड़क सुरक्षा की समस्या भी गंभीर रूप ले रही है। ग्रामीणों ने ज्ञापन के जरिए प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों के लिए या तो कोई वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए या फिर आबादी क्षेत्र में उनके प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- ग्रामीण अंचल में रहने वाले लोगों, अपने रिश्तेदारों और गाँव के लोगों तक इसे साझा करने और पूरा देखने का विनम्र निवेदन किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों और ट्रक ड्राइवरों के इस वीडियो को सभी लोगों तक पहुँचाने की अपील की गई है।1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में कल गूगल अकाउंट आने वाला है। इसे लेकर अब यह देखने का इंतजार किया जा रहा है कि इस पर क्या रिएक्शन होता है।1
- सवाई माधोपुर के खंडार में बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ दिया है। यहाँ स्कूल में पढ़ाई कर रहे 300 विद्यार्थियों पर सिर्फ 5 शिक्षक ही तैनात हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। शिक्षकों की इस भारी कमी से नाराज होकर ग्रामीणों ने अब सीधे शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।1
- सवाई माधोपुर के खंडार उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत नायपुर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सावटा में शिक्षकों की कमी और उनकी अनियमित उपस्थिति से गुस्साए ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही, विद्यालय में तैनात कुछ शिक्षक भी समय पर नहीं आते और न ही अपनी नियमित उपस्थिति दर्ज करते हैं। इस समस्या को लेकर ग्रामीण पूर्व में कई बार सीबीईओ खंडार, तहसीलदार, एसडीएम और खंडार विधायक को ज्ञापन सौंपकर शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी लापरवाही के विरोध में ग्रामीणों ने आज स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर अपना कड़ा विरोध जताया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्मिकों की नियुक्ति और अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- टोंक जिले के उनियारा तहसील क्षेत्र के श्रीमठ (शॉप) में आगामी गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भव्य 'गुरु पूर्णिमा महोत्सव' और विशाल भंडारे का आयोजन होने जा रहा है। यह धार्मिक महोत्सव श्री श्री 1008 श्री महामंडलेश्वर बाल योगी लाल दास त्यागी जी महाराज के पावन सानिध्य में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस उत्सव को लेकर श्रीमठ सेवा समिति द्वारा तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं, जिससे क्षेत्र के भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत 28 जुलाई (मंगलवार) को शाम से होगी, जिसमें पूरी रात्रि संगीतमय रामधुनी का आयोजन किया जाएगा और दूर-दराज से आए भक्त रातभर प्रभु नाम का संकीर्तन करेंगे। इसके अगले दिन यानी 29 जुलाई (बुधवार) को गुरु पूर्णिमा के मुख्य दिन दोपहर 12:30 बजे से विशाल भंडारा (भोजन प्रसादी) प्रारंभ हो जाएगा, जो प्रभु इच्छा तक अनवरत चलता रहेगा। श्रीमठ सेवा समिति ने सभी धर्मप्रेमी भाई-बहनों और श्रद्धालुओं से करबद्ध निवेदन किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में श्रीमठ, शॉप पधारकर गुरुदेव का आशीर्वाद लें और भगवान की प्रसादी ग्रहण कर पुण्य के भागी बनें। आयोजन से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी या सहयोग के लिए श्रद्धालु सेवा समिति के मोबाइल नंबर 7568619345 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा अंतर्गत सारसोप गांव में इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बंदरों के झुंड सुबह से लेकर शाम तक गलियों, मकानों की छतों और सार्वजनिक स्थानों पर भारी उत्पात मचा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बंदर अब घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं और कपड़े व अन्य घरेलू सामान को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। बंदरों के इस आतंक के चलते छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में हमले का लगातार भय बना हुआ है। हालत यह है कि कई लोग बंदरों के काटने और खरोंच मारने की घटनाओं का शिकार हो चुके हैं, जिसके चलते बच्चे अब घरों की छतों पर जाने से भी कतराने लगे हैं। इस गंभीर समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इन बंदरों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पकड़कर छोड़ा जाए ताकि लोगों को इस आतंक से राहत मिल सके।1
- सवाई माधोपुर के ग्राम डेकवा में रविवार शाम को लगभग 5:00 बजे एक जंगली सूअर ने अचानक पांच लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक महिला और एक पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका सवाई माधोपुर के सामान्य चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। घायलों में डेकवा निवासी 56 वर्षीय छीतर (पिता किशन लाल) शामिल हैं, जिनके हाथ और पैर में गंभीर घाव होने के साथ पूरे शरीर पर चोटों के निशान हैं। इनके साथ ही 55 वर्षीय महिला धोली देवी (पत्नी मीठा लाल मीणा) भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। डेकवा गांव में करीब 50 सूअरों ने भारी आतंक मचा रखा है, जिसके कारण ग्रामीण खेती-बाड़ी के काम के लिए बाहर जाने से भी डर रहे हैं। जंगली सूअरों के इस आतंक से ग्रामीणों में भारी दहशत है। घायल के बेटे बबलू मीणा ने बताया कि उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से इन जंगली जानवरों को पकड़कर वापस जंगल में छोड़ने का अनुरोध किया है ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।1