सवाई माधोपुर के ग्राम डेकवा में रविवार शाम को लगभग 5:00 बजे एक जंगली सूअर ने अचानक पांच लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक महिला और एक पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका सवाई माधोपुर के सामान्य चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। घायलों में डेकवा निवासी 56 वर्षीय छीतर (पिता किशन लाल) शामिल हैं, जिनके हाथ और पैर में गंभीर घाव होने के साथ पूरे शरीर पर चोटों के निशान हैं। इनके साथ ही 55 वर्षीय महिला धोली देवी (पत्नी मीठा लाल मीणा) भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। डेकवा गांव में करीब 50 सूअरों ने भारी आतंक मचा रखा है, जिसके कारण ग्रामीण खेती-बाड़ी के काम के लिए बाहर जाने से भी डर रहे हैं। जंगली सूअरों के इस आतंक से ग्रामीणों में भारी दहशत है। घायल के बेटे बबलू मीणा ने बताया कि उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से इन जंगली जानवरों को पकड़कर वापस जंगल में छोड़ने का अनुरोध किया है ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।
सवाई माधोपुर के ग्राम डेकवा में रविवार शाम को लगभग 5:00 बजे एक जंगली सूअर ने अचानक पांच लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक महिला और एक पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका सवाई माधोपुर के सामान्य चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। घायलों में डेकवा निवासी 56 वर्षीय छीतर (पिता किशन लाल) शामिल हैं, जिनके हाथ और पैर में गंभीर घाव होने के साथ पूरे शरीर पर चोटों के निशान हैं। इनके साथ ही 55 वर्षीय महिला धोली देवी (पत्नी मीठा लाल मीणा) भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। डेकवा गांव में करीब 50 सूअरों ने भारी आतंक मचा रखा है, जिसके कारण ग्रामीण खेती-बाड़ी के काम के लिए बाहर जाने से भी डर रहे हैं। जंगली सूअरों के इस आतंक से ग्रामीणों में भारी दहशत है। घायल के बेटे बबलू मीणा ने बताया कि उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से इन जंगली जानवरों को पकड़कर वापस जंगल में छोड़ने का अनुरोध किया है ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।
- सवाई माधोपुर जिले के देवली गांव में सोना निकालने की जो संभावना जताई गई थी, उसके बाद वहां कुछ भी हाथ नहीं लगा है। इस गांव में सोना मिलने की उम्मीदें थीं, मगर आखिरकार कुछ भी नहीं मिला।1
- राजस्थान के बूंदी में स्मार्ट मीटर विवाद को लेकर जनता का एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इस विवाद के बीच अब सीधे तौर पर यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या सरकार इस मुद्दे पर कोई जवाब देगी?1
- श्योपुर के पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में भेदभाव के आरोप लगे हैं। इस मामले में विधायक प्रतिनिधि अभिषेक मीणा ने कहा है कि कॉलेज में सत्ता समर्थित छात्र संगठन को तो अनुमति मिलती है, लेकिन उन्हें यहाँ रोका गया।1
- सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ (सीटू) के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को शहर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष मीनाक्षी टेलर के नेतृत्व में यह रैली सुबह 11 बजे महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय, पंचायत समिति परिसर से शुरू हुई। इसके बाद रैली पंचायत समिति, कोर्ट सर्किल, कचहरी रोड, कोतवाली थाना, व्यापार मंडल चौपड़, बालाजी चौक, कैलाश टॉकीज और फव्वारा चौक से गुजरते हुए मिनी सचिवालय पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने "हमारी मांगें पूरी करो" और "हम सब एक हैं" जैसे नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। मिनी सचिवालय पहुंचकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिनों ने मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि राज्य स्तरीय आह्वान पर पूरे प्रदेश में 8 जुलाई से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और आशा सहयोगिनियां अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। बार-बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद सरकार की ओर से मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगों में चुनावी घोषणा के अनुसार समान कार्य के लिए सम्मानजनक मानदेय देना, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपए की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान करना, समय पर मानदेय का भुगतान करना और अतिरिक्त कार्यभार को कम करना शामिल है। कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि उनसे पोषण ट्रैकर, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, शाला पूर्व शिक्षा, पोषाहार वितरण, फेस मैच, बच्चों का वजन और विभिन्न सर्वे के अलावा नैपकिन वितरण जैसे अतिरिक्त कार्य भी करवाए जा रहे हैं, जबकि एसएसओ आईडी बंद होने से विभागीय कार्य पहले से ही प्रभावित हो रहे हैं। तहसील अध्यक्ष मीनाक्षी टेलर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो इस आंदोलन को और भी उग्र व व्यापक बनाया जाएगा। इस बड़े प्रदर्शन के दौरान प्रभात शर्मा, शिमला शर्मा, दीक्षा शर्मा, गुड्डी शुक्ला, पिंकी, सीमा गुप्ता, सुमन गुर्जर, मनोहर देवी, सुनीता सेन, प्रमोद, कृष्णा देवी, समय बाई, रेखा मीणा, तारावती, सोनू, निर्मला बैरवा सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं उपस्थित रहीं।2
- सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी ग्रामीण क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आज आयोजित एक महा रैली में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस रैली के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री और बाल विकास मंत्री दिया कुमारी के नाम ज्ञापन सौंपा है। इस महा रैली में मुख्य रूप से घीसी बाई, कमलेश कुमारी, अर्चना गुप्ता, रेखा शर्मा, सरोज शर्मा, मंजू शर्मा, माया देवी, सरिता जादोन, हेमलता पटेल, उमा सेन और रजनी सेन सहित ग्रामीण क्षेत्र की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।3
- धौलपुर में जगन गुर्जर के पैतृक गांव पहुंचकर वहां आयोजित शोकसभा और सर्वसमाज पंचायत को संबोधित किया।1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के गांवों में अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग नजारे देखने को मिल रहे हैं।1
- राजस्थान के राजाखेड़ा में किसानों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। यहाँ एक आढ़तिया किसानों की फसल का पैसा लेकर फरार हो गया है।1
- दौसा जिले के लालसोट में पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर ₹3.50 लाख की कथित चोरी के मामले का भंडाफोड़ करते हुए पूरे प्रकरण को फर्जी साबित कर दिया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि परिवादी ने अपनी नाराज पत्नी को वापस घर लाने और उसकी सहानुभूति प्राप्त करने के लिए चोरी की यह झूठी कहानी रची थी। पुलिस को जांच के दौरान घटनास्थल पर चोरी का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला और जब परिवादी के बयानों में विरोधाभास दिखाई दिया, तो मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ में उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। परिवादी ने माना कि उसकी पत्नी नाराज होकर अपने पीहर चली गई थी और ससुराल पक्ष उसे वापस नहीं भेज रहा था, जिसे प्रभावित करने के लिए उसने यह झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार, दर्ज कराई गई फर्जी रिपोर्ट में ₹1.40 लाख नकद सहित सोने-चांदी के आभूषण एवं अन्य सामान चोरी होना बताया गया था, जिसकी कुल कीमत करीब ₹3.50 लाख दर्शाई गई थी, जो जांच में पूरी तरह निराधार पाई गई। इस फर्जी साजिश का पर्दाफाश करने में पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सीपा और वृत्ताधिकारी सुरेन्द्र सिंह के सुपरविजन में लालसोट थाना प्रभारी हरलाल मीणा के नेतृत्व वाली टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक रविन्द्र सिंह, कांस्टेबल लहरीलाल और सांवरमल भी शामिल रहे, जिन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की झूठी सूचना देकर या फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास बिल्कुल न करें। पुलिस ने सचेत किया है कि इस तरह गुमराह करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसा करने वाले दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।2