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रायबरेली के गुरबक्शगंज थाना क्षेत्र में शकल नारायण स्कूल के पास एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। यात्रियों से खचाखच भरी विकास नगर डिपो की एक रोडवेज बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई, जिसके चलते मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में आधा दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से सभी घायल यात्रियों को बस से बाहर निकाला और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच करने और सड़क पर ट्रैफिक व्यवस्था को सामान्य बनाने में जुटी हुई है।
Harinarayan Tiwari
रायबरेली के गुरबक्शगंज थाना क्षेत्र में शकल नारायण स्कूल के पास एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। यात्रियों से खचाखच भरी विकास नगर डिपो की एक रोडवेज बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई, जिसके चलते मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में आधा दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से सभी घायल यात्रियों को बस से बाहर निकाला और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच करने और सड़क पर ट्रैफिक व्यवस्था को सामान्य बनाने में जुटी हुई है।
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- भारत में पेपर लीक की समस्या को देश की एक मुख्य समस्या बताया गया है, जिसे लेकर भारतीय युवाओं में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। इसी गुस्से के इज़हार के लिए आज बड़ी संख्या में युवा और सीजेपी समर्थक जंतर मंतर पर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दिया।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया। इस अवसर पर मौजूद लोगों ने केक काटकर उनका जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया।1
- रायबरेली के ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के सलीमपुर भैरव अकोढ़िया गाँव में भू-माफियाओं द्वारा ग्राम सभा की बेशकीमती ज़मीनों, जिनमें तालाब और अन्य बंजर खलिहान शामिल हैं, पर लगातार अवैध कब्जा किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इन कब्जों के कारण गाँव को भविष्य में भारी संकट से गुज़रना पड़ सकता है। इस अवैध कब्जे के गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं, जिससे गाँव को भविष्य में भारी संकट का सामना करना पड़ सकता है। इन तालाबों का इस्तेमाल बारिश के पानी की निकासी के लिए होता है, और इनके भर जाने व निर्माण होने से गाँव में पानी भरने की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। इसके साथ ही, बहुत से किसान इन्हीं तालाबों से अपने खेतों में पानी लगाते हैं, और इनके समाप्त होने से सिंचाई का संकट खड़ा हो जाएगा। तालाबों के खत्म होने से गाँव के भूजल स्तर में भी गिरावट आएगी। भीषण गर्मी में इन्हीं तालाबों से पशु-पक्षी अपनी प्यास बुझाते हैं, और उनका जीवन भी खतरे में पड़ जाएगा। जहाँ एक ओर उत्तर प्रदेश सरकार गाँव-गाँव में तालाबों और जलाशयों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं सलीमपुर भैरव अकोढ़िया में पुराने तालाबों को भरकर उन पर कब्जा किया जा रहा है। यह अवैध कब्जे का कार्य किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि गाँव में तालाबों पर कब्जा करने की होड़ लगी हुई है। इन सब के बावजूद, संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इस स्थिति से 'अंजान' बने हुए हैं, जिससे भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और वे बेशकीमती ज़मीनों पर कब्जा करने की फिराक में रहते हैं। यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या योगी सरकार में भी भू-माफिया सरकारी ज़मीनों पर लगातार कब्जा कर रहे हैं, जबकि सरकार स्वयं इन्हें बचाने के बड़े प्रयास कर रही है। अब देखना यह है कि इस खबर के सामने आने के बाद इन गंभीर मुद्दों पर कोई कार्रवाई होती है, या इन्हें भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक निर्दयी चाचा ने अपनी ही 14 वर्षीय भतीजी पर तेजाब डालकर उसे आग के हवाले कर दिया। यह बच्ची, जो जिंदगी और मौत के बीच 5 दिनों तक जंग लड़ रही थी, अब होश में आ गई है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद वह अपने चाचा-चाची के साथ रहती थी। उसने बताया कि उसका चाचा लंबे समय से उसके साथ 'गंदा काम' करता था, उसे भूखा रखता था और बेरहमी से पीटता था। जब बच्ची ने लंबे समय से चले आ रहे इस भयावह शोषण का विरोध किया और अपनी आवाज उठाई, तो क्रूर चाचा ने उसे सबक सिखाने के इरादे से उस पर तेजाब फेंककर उसे जला दिया। यह घटना रिश्तों और इंसानियत को पूरी तरह से तार-तार कर देने वाली है। ऐसे हैवानों के समाज में रहने पर गंभीर सवाल खड़ा होता है।1
- फतेहपुर के राधानगर में एक महिला ने अपने पड़ोसी पर अभद्रता करने और धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। लखनऊ स्थित सतगुरु पुरम कॉलोनी की निवासी सुनीता देवी ने राधानगर थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। सुनीता देवी का फतेहपुर के नई बस्ती पश्चिम में एक मकान है, जहाँ यह घटना सामने आई है। पीड़ित सुनीता देवी के अनुसार, यह घटना 31 मई 2026 को हुई थी, जब वह अपने फतेहपुर वाले मकान पर अकेली थीं। उस समय, उनके पड़ोसी संदीप पाल और लाल का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान, निर्माण के कारण एक पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे थोड़ा जलभराव हुआ था, हालाँकि उसे तुरंत ही ठीक करा दिया गया था। सुनीता का आरोप है कि इस छोटी सी बात के बावजूद, पड़ोसी संदीप पाल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया, गालियाँ दीं और उनसे ऊंची आवाज में झगड़ा किया। सुनीता ने कहा कि इस घटना ने उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाई है और उन्हें मानसिक पीड़ा हुई है। अपनी शिकायत में, महिला ने पड़ोसी के आक्रामक व्यवहार को देखते हुए अपनी और अपनी संपत्ति की सुरक्षा के प्रति डर व्यक्त किया है। उन्होंने भविष्य में जानमाल के नुकसान की आशंका जताते हुए पुलिस से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।1
- संजय सिंह ने 'कॉकरोच पार्टी' के संबंध में एक ऐसा राज़ उजागर किया है, जिसे सुनकर लोग निश्चित रूप से चौंक जाएंगे। इस रहस्योद्घाटन को लेकर चर्चा है कि यह बेहद अप्रत्याशित और स्तब्ध कर देने वाला होगा।1
- रायबरेली के ऊँचाहार कोतवाली परिसर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें प्रभारी थानाध्यक्ष संजय शर्मा एक महिला से रुपये लेते और अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो खुद महिलाओं द्वारा बनाया गया बताया जा रहा है, और इसमें वह रुपये के लेन-देन की बात कहती सुनाई दे रही हैं। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद कोतवाली में हलचल बढ़ गई है। प्रभारी थानाध्यक्ष संजय शर्मा ने अपनी सफाई में इन रुपयों को 'भंडारे' के लिए बताया है। हालांकि, वायरल वीडियो में महिलाएं साफ तौर पर रुपये देकर वीडियो बनाने की बात कहती सुनाई दे रही हैं, जो थानाध्यक्ष के दावे के ठीक उलट है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसपी ने पूरे प्रकरण की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की ऊंचाहार तहसील और ऊंचाहार थाना क्षेत्र के सलीमपुर भैरव अकोढ़िया गांव में सरकारी जमीनों पर भू-माफियाओं का कब्जा लगातार जारी है। गांव के प्रभावशाली भू-माफिया खलिहान, तालाब और बंजर भूमि जैसी बेशकीमती सरकारी जमीनों पर खुलेआम कब्जा कर रहे हैं, जिससे गांव में मानो लूट मची हुई है। इस अवैध कब्जे के कारण कई सरकारी योजनाएं भी वापस लौट रही हैं, जिसमें प्रमुख रूप से तालाब सौंदर्यीकरण योजना शामिल है। जब ग्राम प्रधान से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने गांव में तालाब न होने का हवाला देते हुए योजना के वापस होने का कारण बताया, जबकि गांव में तालाबों की भरमार है। यह स्थिति ऊंचाहार तहसील के राजस्व प्रशासन को भी सवालों के घेरे में खड़ा करती है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह कहते नहीं थकते कि उत्तर प्रदेश में खुलेआम गुंडागर्दी और तमंचा लहराने वालों की खैर नहीं, वहीं दूसरी ओर गांव की बेशकीमती जमीनों पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और उन्हें किसी का डर नहीं है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या योगी सरकार में भी गांवों की जमीनें सुरक्षित नहीं हैं और आखिर कब तक गांव की बेशकीमती सरकारी जमीनों पर इन्हीं भू-माफियाओं की नजर रहेगी। यह देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं, या इस गंभीर मामले को भी अन्य बड़े मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।1
- रायबरेली जिले के हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के लाला खेड़ा गांव में लोधी समाज के युवाओं ने विकास कार्यों की कमी को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है। युवाओं का स्पष्ट कहना है कि विधायक बनने के बाद से क्षेत्र में कोई अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी राय रखी।1