उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की ऊंचाहार तहसील और ऊंचाहार थाना क्षेत्र के सलीमपुर भैरव अकोढ़िया गांव में सरकारी जमीनों पर भू-माफियाओं का कब्जा लगातार जारी है। गांव के प्रभावशाली भू-माफिया खलिहान, तालाब और बंजर भूमि जैसी बेशकीमती सरकारी जमीनों पर खुलेआम कब्जा कर रहे हैं, जिससे गांव में मानो लूट मची हुई है। इस अवैध कब्जे के कारण कई सरकारी योजनाएं भी वापस लौट रही हैं, जिसमें प्रमुख रूप से तालाब सौंदर्यीकरण योजना शामिल है। जब ग्राम प्रधान से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने गांव में तालाब न होने का हवाला देते हुए योजना के वापस होने का कारण बताया, जबकि गांव में तालाबों की भरमार है। यह स्थिति ऊंचाहार तहसील के राजस्व प्रशासन को भी सवालों के घेरे में खड़ा करती है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह कहते नहीं थकते कि उत्तर प्रदेश में खुलेआम गुंडागर्दी और तमंचा लहराने वालों की खैर नहीं, वहीं दूसरी ओर गांव की बेशकीमती जमीनों पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और उन्हें किसी का डर नहीं है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या योगी सरकार में भी गांवों की जमीनें सुरक्षित नहीं हैं और आखिर कब तक गांव की बेशकीमती सरकारी जमीनों पर इन्हीं भू-माफियाओं की नजर रहेगी। यह देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं, या इस गंभीर मामले को भी अन्य बड़े मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की ऊंचाहार तहसील और ऊंचाहार थाना क्षेत्र के सलीमपुर भैरव अकोढ़िया गांव में सरकारी जमीनों पर भू-माफियाओं का कब्जा लगातार जारी है। गांव के प्रभावशाली भू-माफिया खलिहान, तालाब और बंजर भूमि जैसी बेशकीमती सरकारी जमीनों पर खुलेआम कब्जा कर रहे हैं, जिससे गांव में मानो लूट मची हुई है। इस अवैध कब्जे के कारण कई सरकारी योजनाएं भी वापस लौट रही हैं, जिसमें प्रमुख रूप से तालाब सौंदर्यीकरण योजना शामिल है। जब ग्राम प्रधान से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने गांव में तालाब न होने का हवाला देते हुए योजना के वापस होने का कारण बताया, जबकि गांव में तालाबों की भरमार है। यह स्थिति ऊंचाहार तहसील के राजस्व प्रशासन को भी सवालों के घेरे में खड़ा करती है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह कहते नहीं थकते कि उत्तर प्रदेश में खुलेआम गुंडागर्दी और तमंचा लहराने वालों की खैर नहीं, वहीं दूसरी ओर गांव की बेशकीमती जमीनों पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और उन्हें किसी का डर नहीं है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या योगी सरकार में भी गांवों की जमीनें सुरक्षित नहीं हैं और आखिर कब तक गांव की बेशकीमती सरकारी जमीनों पर इन्हीं भू-माफियाओं की नजर रहेगी। यह देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं, या इस गंभीर मामले को भी अन्य बड़े मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
- रायबरेली के ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के सलीमपुर भैरव अकोढ़िया गाँव में भू-माफियाओं द्वारा ग्राम सभा की बेशकीमती ज़मीनों, जिनमें तालाब और अन्य बंजर खलिहान शामिल हैं, पर लगातार अवैध कब्जा किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इन कब्जों के कारण गाँव को भविष्य में भारी संकट से गुज़रना पड़ सकता है। इस अवैध कब्जे के गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं, जिससे गाँव को भविष्य में भारी संकट का सामना करना पड़ सकता है। इन तालाबों का इस्तेमाल बारिश के पानी की निकासी के लिए होता है, और इनके भर जाने व निर्माण होने से गाँव में पानी भरने की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। इसके साथ ही, बहुत से किसान इन्हीं तालाबों से अपने खेतों में पानी लगाते हैं, और इनके समाप्त होने से सिंचाई का संकट खड़ा हो जाएगा। तालाबों के खत्म होने से गाँव के भूजल स्तर में भी गिरावट आएगी। भीषण गर्मी में इन्हीं तालाबों से पशु-पक्षी अपनी प्यास बुझाते हैं, और उनका जीवन भी खतरे में पड़ जाएगा। जहाँ एक ओर उत्तर प्रदेश सरकार गाँव-गाँव में तालाबों और जलाशयों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं सलीमपुर भैरव अकोढ़िया में पुराने तालाबों को भरकर उन पर कब्जा किया जा रहा है। यह अवैध कब्जे का कार्य किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि गाँव में तालाबों पर कब्जा करने की होड़ लगी हुई है। इन सब के बावजूद, संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इस स्थिति से 'अंजान' बने हुए हैं, जिससे भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और वे बेशकीमती ज़मीनों पर कब्जा करने की फिराक में रहते हैं। यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या योगी सरकार में भी भू-माफिया सरकारी ज़मीनों पर लगातार कब्जा कर रहे हैं, जबकि सरकार स्वयं इन्हें बचाने के बड़े प्रयास कर रही है। अब देखना यह है कि इस खबर के सामने आने के बाद इन गंभीर मुद्दों पर कोई कार्रवाई होती है, या इन्हें भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।1
- युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहने वाले CJI को ‘कॉकरोच’ कहे जाने वाले इन्हीं युवाओं ने घेर लिया है, जहाँ उन्होंने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इस घटना के बीच, एक ‘मंत्री’ के इस्तीफे की भी खबरें सामने आ रही हैं। नायडू ने सरकार को आईना दिखाते हुए कड़े सवाल खड़े किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप सरकार कथित तौर पर चिंतित नजर आ रही है।1
- उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को गाली-गलौज करने के मामले में कौशाम्बी में केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई कथित तौर पर गाली-गलौज के आरोप में की गई है।1
- उज्जैन के बाफना पार्क और ढांचा भवन क्षेत्र में गाड़ियों के शीशे तोड़ने वाले बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने इन आरोपियों का जुलूस निकाला, जिन्होंने कबूल किया कि उन्होंने 'मजे के लिए' गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने फिर इन बदमाशों को 'अच्छे से मजे चखाए'।1
- कौशाम्बी जिले के संदीपन घाट थाना क्षेत्र में स्थित उजिहनी घाट पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ बकरी चराने गया एक किशोर गंगा नदी में नहाते समय गहरे पानी में डूब गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर संदीपन घाट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में डूबे किशोर की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस हादसे की खबर मिलते ही रोते-बिलखते परिजन भी घाट पर पहुंच गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।1
- कौशाम्बी जिले के श्रद्धालु संदीपन घाट पर उमड़ पड़े, जहाँ उनकी भारी भीड़ देखी गई।2
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की ऊंचाहार तहसील और ऊंचाहार थाना क्षेत्र के सलीमपुर भैरव अकोढ़िया गांव में सरकारी जमीनों पर भू-माफियाओं का कब्जा लगातार जारी है। गांव के प्रभावशाली भू-माफिया खलिहान, तालाब और बंजर भूमि जैसी बेशकीमती सरकारी जमीनों पर खुलेआम कब्जा कर रहे हैं, जिससे गांव में मानो लूट मची हुई है। इस अवैध कब्जे के कारण कई सरकारी योजनाएं भी वापस लौट रही हैं, जिसमें प्रमुख रूप से तालाब सौंदर्यीकरण योजना शामिल है। जब ग्राम प्रधान से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने गांव में तालाब न होने का हवाला देते हुए योजना के वापस होने का कारण बताया, जबकि गांव में तालाबों की भरमार है। यह स्थिति ऊंचाहार तहसील के राजस्व प्रशासन को भी सवालों के घेरे में खड़ा करती है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह कहते नहीं थकते कि उत्तर प्रदेश में खुलेआम गुंडागर्दी और तमंचा लहराने वालों की खैर नहीं, वहीं दूसरी ओर गांव की बेशकीमती जमीनों पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और उन्हें किसी का डर नहीं है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या योगी सरकार में भी गांवों की जमीनें सुरक्षित नहीं हैं और आखिर कब तक गांव की बेशकीमती सरकारी जमीनों पर इन्हीं भू-माफियाओं की नजर रहेगी। यह देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं, या इस गंभीर मामले को भी अन्य बड़े मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।1
- कौशाम्बी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र के इचौली गांव में देर रात उस समय हंगामा हो गया, जब गांजा तस्करी के एक मामले में वांछित आरोपी शिवम को गिरफ्तार करने पहुंची छत्तीसगढ़ पुलिस टीम पर कथित रूप से ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस घटना में एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि तीन अन्य पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम वारंटी आरोपी शिवम की गिरफ्तारी के लिए इचौली गांव पहुंची थी। इसी दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों पर हमला किए जाने का आरोप है। हमले में सिपाही जगदेव प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना की सूचना मिलते ही कोखराज पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कई लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।1