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सुबह 9 बजे सिद्धार्थनगर के जिला अस्पताल में, एक्स-रे रूम में कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था। यह घटना सिद्धार्थनगर के स्वास्थ्य विभाग की लगातार चर्चा में रहने वाली कार्यप्रणाली का एक और उदाहरण है, जहाँ आए दिन डॉक्टरों की लापरवाही देखने को मिलती है।
Amit mishra up55
सुबह 9 बजे सिद्धार्थनगर के जिला अस्पताल में, एक्स-रे रूम में कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था। यह घटना सिद्धार्थनगर के स्वास्थ्य विभाग की लगातार चर्चा में रहने वाली कार्यप्रणाली का एक और उदाहरण है, जहाँ आए दिन डॉक्टरों की लापरवाही देखने को मिलती है।
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- सुबह 9 बजे सिद्धार्थनगर के जिला अस्पताल में, एक्स-रे रूम में कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था। यह घटना सिद्धार्थनगर के स्वास्थ्य विभाग की लगातार चर्चा में रहने वाली कार्यप्रणाली का एक और उदाहरण है, जहाँ आए दिन डॉक्टरों की लापरवाही देखने को मिलती है।1
- सिद्धार्थनगर जनपद के सनई स्थित शुभम पैराडाइज में 30 मई 2026 को एकल अभियान के तत्वावधान में “समिति प्रेरणा वर्ग” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में अंचल सिद्धार्थनगर और भाग गोरखपुर के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य “शिक्षित भारत, स्वस्थ भारत और समर्थ भारत” के संकल्प को ग्रामीण क्षेत्रों की अंतिम कड़ी तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक शिक्षा, अच्छे संस्कार और विकास के लाभ सुनिश्चित रूप से पहुंचें।3
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ में यह स्पष्ट कर दिया है कि गरीबों की जमीन पर जबरन कब्जा करने वालों के खिलाफ अब बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जो लोग पहले जबरन गरीबों की जमीनों पर कब्जा करते थे, अब यदि वे ऐसा करेंगे तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, जिसमें बुलडोजर का उपयोग शामिल होगा।1
- सिद्धार्थनगर जिले मुख्यालय के बांसी स्टैंड के पास लोक निर्माण विभाग (PWD) की बेशकीमती सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और पक्के निर्माण का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ भू-माफिया और रसूखदार लोग जबरन इस भूमि पर निर्माण कार्य करा रहे हैं, जिसके उजागर होने के बाद PWD विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, बांसी स्टैंड के पास स्थित गाटा संख्या 144 और 152 की यह जमीन लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की बताई जा रही है, लेकिन कुछ लोग इसे अपनी बताकर खुलेआम निर्माण कार्य में जुटे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिशें लंबे समय से चल रही थीं, मगर अब निर्माण कार्य में तेजी देखी जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता कमल किशोर ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने तत्काल अवैध निर्माण रुकवाने और सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। विभागीय पत्र के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। PWD अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। अब लोगों की नजरें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। चर्चा है कि यदि कब्जा अवैध पाया जाता है, तो प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर कार्रवाई भी की जा सकती है।1
- Available for Sale - Bike Brand : KTM RC200 Model : 2025 Year of Registration : 2025 City / Locality : Beluha bazar Price (₹) : 220000 Vehicle Type : Bike Vehicle Condition : Like new Fuel Type : Petrol 4000 K/M gadi me koi problem nahi hai bechne ka resion koi chalane wala nahi Bike khada rahta hai4
- संत कबीर नगर जिले के बेलहर कला ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत अमर डोभा में, ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। इसी शिकायत के आधार पर, भू संरक्षण अधिकारी संत कबीर नगर पंकज कुमार के नेतृत्व में एक दो सदस्यीय जांच टीम ने विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर उनका भौतिक सत्यापन किया। इस जांच पड़ताल के दौरान, ग्राम प्रधान, शिकायतकर्ता, पुलिस टीम और ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे।1
- महराजगंज जिले के सवरेजी स्थित नहर पुल की टूटी रेलिंग स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गई है। यह पुल रोजाना बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों, किसानों और ग्रामीणों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, जिनकी सुरक्षा लगातार दांव पर है क्योंकि टूटी रेलिंग से हादसे का डर बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रेलिंग लंबे समय से क्षतिग्रस्त है, लेकिन संबंधित विभाग ने इसकी मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस टूटी रेलिंग की तत्काल मरम्मत कराने की पुरजोर मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे अपनी आवाज बुलंद करने के लिए बाध्य होंगे।1
- सिद्धार्थनगर जिले में पिछले कई दिनों से डीज़ल और पेट्रोल की भारी समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रतिदिन ईंधन की आपूर्ति किए जाने के बावजूद भी भीड़ और माँग को नियंत्रित नहीं किया जा पा रहा है, जिसके चलते आम जनता को भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस किल्लत का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है, जिन्हें खेती-बाड़ी के लिए पर्याप्त मात्रा में ईंधन नहीं मिल पा रहा है। स्थिति को देखते हुए, अधिकारियों से किसानों को पर्याप्त डीज़ल-पेट्रोल उपलब्ध कराने की कृपा करने का आग्रह किया गया है, ताकि वे अपना बहुमूल्य समय बचा सकें और अपने अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को भी सुचारू रूप से पूरा कर सकें। यह माँग 'जय जवान जय किसान' के नारे के साथ उठाई गई है।1