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शिवपुरी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र की हनुमान कॉलोनी में आधी रात को पांच नकाबपोश युवकों की संदिग्ध गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं। फुटेज में ये युवक कॉलोनी की गलियों में घूमते और कई घरों के बाहर रुककर अंदर झांकते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि चोरी के लिए कोई कीमती सामान न मिलने पर, बदमाश घरों के बाहर रखे जूते-चप्पल उठाकर फरार हो गए। इस घटना के बाद कॉलोनीवासियों में दहशत का माहौल है और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और मामले की जांच में जुटी हुई है।
Ram Manohar Mishra
शिवपुरी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र की हनुमान कॉलोनी में आधी रात को पांच नकाबपोश युवकों की संदिग्ध गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं। फुटेज में ये युवक कॉलोनी की गलियों में घूमते और कई घरों के बाहर रुककर अंदर झांकते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि चोरी के लिए कोई कीमती सामान न मिलने पर, बदमाश घरों के बाहर रखे जूते-चप्पल उठाकर फरार हो गए। इस घटना के बाद कॉलोनीवासियों में दहशत का माहौल है और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और मामले की जांच में जुटी हुई है।
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- शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में हो रही लगातार बिजली कटौती से आक्रोशित सरपंच अंतरसिंह लोधी ने रविवार दोपहर करीब 1 बजे विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को फोन पर जमकर लताड़ा। सरपंच ने साफ शब्दों में अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार बिजली गुल होने से गांव की नल-जल योजना बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीणों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भीषण गर्मी के दौरान अनवरत विद्युत कटौती के कारण लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं और उनके दैनिक कार्य भी बाधित हो रहे हैं। सरपंच लोधी ने विद्युत विभाग से तत्काल व्यवस्था सुधारने और सिरसौद गांव में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की कड़ी मांग की।1
- शिवपुरी जिले के मगरौनी ग्राउंड के पास स्थित जैन के एक गोदाम में अचानक नागिन निकल आने से वहाँ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गोदाम में मौजूद लोगों ने घबराने के बजाय सतर्कता दिखाते हुए नागिन से उचित दूरी बनाए रखी और तुरंत सर्प विशेषज्ञ सलमान पठान को इस बारे में सूचित किया। सूचना मिलते ही सलमान पठान मौके पर पहुँचे और उन्होंने सावधानीपूर्वक बचाव अभियान चलाकर नागिन को सुरक्षित पकड़ लिया। इस सफल रेस्क्यू के बाद नागिन को मानव आबादी से दूर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया, जिससे समय रहते किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सलमान पठान ने आम जनता से अपील की है कि जब भी सांप दिखाई दे, उसे मारने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत किसी प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को इसकी सूचना दें।1
- भितरवार पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहाँ उन्होंने चंद घंटों के भीतर दो नाबालिग बच्चियों को सकुशल दस्तयाब कर लिया। एसडीओपी और थाना प्रभारी की सक्रियता के चलते दोनों बच्चियों को सुरक्षित बरामद किया जा सका। पुलिस ने इन बच्चियों को ग्राम कोसा से दस्तयाब किया है।1
- Available for Sale Locality : कोलारस Area (dimensions) : 8 बीघा Expected Price : 8000000 Property Type : Agricultural / Farm Land कम बढ़ की जा सकती है रेट1
- शिवपुरी जिले के नरवर में लोड़ी माबा मंदिर के पास क्लारी से केंद्र तक शराब सप्लाई किए जाने का एक वीडियो सामने आया है। इस घटना के बाद, जिम्मेदारों की भूमिका पर कुल 38 सवाल उठाए जा रहे हैं, जो उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हैं।1
- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के किशनपुरा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ट्रिपल मर्डर और सुसाइड से पूरा गांव स्तब्ध रह गया। शनिवार को एक घर में महिला और उसके मासूम बेटों के खून से सने शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस जांच में सामने आया कि पत्नी और बेटों की हत्या करने वाले पति ने बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली। उसका शव रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटा हुआ मिला। इस खौफनाक वारदात की वजह महिला का एक डांस वीडियो बताया जा रहा है, जिसे गांव के कुछ लड़कों ने बनाया और बलराम नामक पति को वॉट्सएप पर भेजा था। पत्नी के डांस करने की बात पति बलराम को इतनी नागवार गुज़री कि उसने पूरे परिवार को ही तबाह कर दिया।1
- समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने राम मंदिर के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी की कड़ी खिंचाई की है। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए अपनी बात रखी।1
- उत्तर प्रदेश के एक जिला अस्पताल में एक महिला के साथ एक युवक ने कथित तौर पर छेड़छाड़ की। इस घटना के बाद महिला ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए उस युवक का 'भूत उतार दिया' और उस पर चप्पलों की बरसात कर दी। यह घटना जिला अस्पताल परिसर में ही हुई।1
- करेरा नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाए गए सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। नगर के काली माता मंदिर के सामने स्थित यह सड़क भारी जलभराव के कारण नदी का रूप ले चुकी है। इससे आसपास के लोगों के घरों और दुकानों में पानी भर गया है, जिससे नागरिकों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह समस्या कोई नई नहीं है; इसी स्थान पर पहले भी दो से तीन बार ऐसी ही जलभराव की स्थिति बन चुकी है। इसके बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला है, जिसके परिणामस्वरूप हर बारिश में लोगों को इस परेशानी से जूझना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद जनता को मूलभूत सुविधा नहीं मिल पा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि स्थानीय वार्ड पार्षद को भी यह जानकारी नहीं है कि यह निर्माण कार्य किस एजेंसी या ठेकेदार द्वारा कराया गया है, और वर्तमान में चल रहे कार्यों की जिम्मेदारी किसके पास है। नागरिकों ने प्रशासन से इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता की गहन जांच कराने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में उन्हें इस समस्या से मुक्ति मिल सके। संवैधानिक और कानूनी पहलुओं का हवाला देते हुए बताया गया है कि अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन और सुरक्षित वातावरण में रहने का अधिकार देता है, जो जलभराव और अव्यवस्थित निर्माण से प्रभावित होता है। अनुच्छेद 243W नगर निकायों को सड़क, जल निकासी और नागरिक सुविधाओं के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपता है, और मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 के तहत नगर पालिका का दायित्व है कि वह नागरिकों के लिए सड़क एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करे। यदि निर्माण कार्य में अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध जांच एवं वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी जनता को जलभराव की इस गंभीर समस्या से आखिर कब राहत मिलेगी और इस पूरी स्थिति के लिए जिम्मेदारों की जवाबदेही कब तय की जाएगी।4