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हाल ही में सामने आई एक वीभत्स घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें एक सौतेले पिता द्वारा सालों तक अपनी बेटियों का शोषण किया गया। इस दौरान माँ की आपराधिक चुप्पी भी जारी रही और अंत में एक नवजात शिशु की तस्करी का भी मामला सामने आया। यह घटना किसी डरावनी फिल्म की पटकथा नहीं, बल्कि समाज का एक कड़वा सच है, जो यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हमारा घर अब भी सुरक्षित है। चुप्पी दरिंदों का हौसला बढ़ाती है। यह मामला सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी की ओर इशारा करता है। हमें यह भ्रम तोड़ना होगा कि बच्चियां घर के भीतर पूरी तरह सुरक्षित हैं; इसके बजाय, अपने बच्चों के साथ लगातार संवाद करना और उनकी बदलती आदतों, व्यवहार या डरे हुए नजरिए को अनदेखा न करना बेहद ज़रूरी है। यह भी साफ़ है कि चुप्पी अपराध को बढ़ावा देती है, जैसा कि इस मामले में माँ की चुप्पी सबसे बड़ी कातिल साबित हुई। यदि कहीं भी कुछ गलत महसूस हो, तो तुरंत आवाज़ उठाना चाहिए, क्योंकि एक शिकायत किसी की जान और भविष्य बचा सकती है। बाल सुरक्षा हम सबका दायित्व है, और अगर पड़ोस या आसपास किसी बच्चे के साथ अनुचित व्यवहार या 'सौतेले' रिश्ते में अजीब खामोशी दिखे, तो उसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए, क्योंकि खून के रिश्ते हों या सौतेले, अपराध सिर्फ़ 'अपराध' ही होता है। ऐसे मामलों में जाति, धर्म या रिश्ते की आड़ लेना बंद कर अपराधियों को कानून के कठोरतम दायरे में लाने का दबाव बनाना चाहिए। बच्चों का बचपन उनसे छीनने का अधिकार किसी को नहीं है, और यह घटना हमें अपने बच्चों के प्रति अधिक सतर्क और सजग रहने की ज़रूरत की याद दिलाती है। कानून मदद के लिए तत्पर है, जिसके लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 (24x7 उपलब्ध), महिला हेल्पलाइन 181 और पुलिस आपातकालीन सेवा 112 जैसी सेवाएं मौजूद हैं। अपनी चुप्पी तोड़िए, इससे पहले कि कोई और मासूम इसका शिकार बने; इस संदेश को साझा करें, क्योंकि जागरूकता ही बचाव की पहली सीढ़ी है।

1 hr ago
user_PUBLIC MEDIA NEWS
PUBLIC MEDIA NEWS
Local News Reporter Samastipur, Bihar•
1 hr ago
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हाल ही में सामने आई एक वीभत्स घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें एक सौतेले पिता द्वारा सालों तक अपनी बेटियों का शोषण किया गया। इस दौरान माँ की आपराधिक चुप्पी भी जारी रही और अंत में एक नवजात शिशु की तस्करी का भी मामला सामने आया। यह घटना किसी डरावनी फिल्म की पटकथा नहीं, बल्कि समाज का एक कड़वा सच है, जो यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हमारा घर अब भी सुरक्षित है। चुप्पी दरिंदों का हौसला बढ़ाती है। यह मामला सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी की ओर इशारा करता है। हमें यह भ्रम तोड़ना होगा कि बच्चियां घर के भीतर पूरी तरह सुरक्षित हैं; इसके बजाय, अपने बच्चों के साथ लगातार संवाद करना और उनकी बदलती आदतों, व्यवहार या डरे हुए नजरिए को अनदेखा न करना बेहद ज़रूरी है। यह भी साफ़ है कि चुप्पी अपराध को बढ़ावा देती है, जैसा कि इस मामले में माँ की चुप्पी सबसे बड़ी कातिल साबित हुई। यदि कहीं भी कुछ गलत महसूस हो, तो तुरंत आवाज़ उठाना चाहिए, क्योंकि एक शिकायत किसी की जान और भविष्य बचा सकती है। बाल सुरक्षा हम सबका दायित्व है, और अगर पड़ोस या आसपास किसी बच्चे के साथ अनुचित व्यवहार या 'सौतेले' रिश्ते में अजीब खामोशी दिखे, तो उसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए, क्योंकि खून के रिश्ते हों या सौतेले, अपराध सिर्फ़ 'अपराध' ही होता है। ऐसे मामलों में जाति, धर्म या रिश्ते की आड़ लेना बंद कर अपराधियों को कानून के कठोरतम दायरे में लाने का दबाव बनाना चाहिए। बच्चों का बचपन उनसे छीनने का अधिकार किसी को नहीं है, और यह घटना हमें अपने बच्चों के प्रति अधिक सतर्क और सजग रहने की ज़रूरत की याद दिलाती है। कानून मदद के लिए तत्पर है, जिसके लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 (24x7 उपलब्ध), महिला हेल्पलाइन 181 और पुलिस आपातकालीन सेवा 112 जैसी सेवाएं मौजूद हैं। अपनी चुप्पी तोड़िए, इससे पहले कि कोई और मासूम इसका शिकार बने; इस संदेश को साझा करें, क्योंकि जागरूकता ही बचाव की पहली सीढ़ी है।

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  • मुजफ्फरपुर के बड़गांव पंचायत के वार्ड नंबर 06 में चौक के पास लगे 16 केवीए के तीन ट्रांसफार्मरों में से दो लगभग दो महीने पहले जल चुके हैं। इन ट्रांसफार्मरों से वार्ड नंबर 05, 06 और 07 में बिजली आपूर्ति होती थी, लेकिन ट्रांसफार्मर जलने के कारण बिजली व्यवस्था बाधित है। शिकायतकर्ताओं ने लगातार इसकी आवेदन दी है, परंतु अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इस संबंध में अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि जले हुए 16 केवीए के ट्रांसफार्मर को जल्द से जल्द बदलकर 63 केवीए क्षमता वाला ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए।
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    मुजफ्फरपुर के बड़गांव पंचायत के वार्ड नंबर 06 में चौक के पास लगे 16 केवीए के तीन ट्रांसफार्मरों में से दो लगभग दो महीने पहले जल चुके हैं। इन ट्रांसफार्मरों से वार्ड नंबर 05, 06 और 07 में बिजली आपूर्ति होती थी, लेकिन ट्रांसफार्मर जलने के कारण बिजली व्यवस्था बाधित है। शिकायतकर्ताओं ने लगातार इसकी आवेदन दी है, परंतु अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इस संबंध में अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि जले हुए 16 केवीए के ट्रांसफार्मर को जल्द से जल्द बदलकर 63 केवीए क्षमता वाला ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए।
    user_Vaskodigama
    Vaskodigama
    बांद्रा, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    2 hrs ago
  • पूर्व विधायक अजय कुमार बुलगाणी ने हाल ही में हुई एक घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि पत्रकार पर किया गया हमला असल में लोकतंत्र पर हमला है।
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    पूर्व विधायक अजय कुमार बुलगाणी ने हाल ही में हुई एक घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि पत्रकार पर किया गया हमला असल में लोकतंत्र पर हमला है।
    user_Anil shriwastav
    Anil shriwastav
    दलसिंहसराय, समस्तीपुर, बिहार•
    4 hrs ago
  • बिहार बाल भवन मुजफ्फरपुर के किलकारी में आगामी 1 जून से 'चक धूम धूम' समर कैंप का शुभारंभ होने जा रहा है। इस कार्यक्रम को लेकर आदरणीय पूनम दीदी जी ने एक समीक्षा बैठक की है, जिसमें तैयारियों का जायजा लिया गया।
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    बिहार बाल भवन मुजफ्फरपुर के किलकारी में आगामी 1 जून से 'चक धूम धूम' समर कैंप का शुभारंभ होने जा रहा है। इस कार्यक्रम को लेकर आदरणीय पूनम दीदी जी ने एक समीक्षा बैठक की है, जिसमें तैयारियों का जायजा लिया गया।
    user_Sabir Husain
    Sabir Husain
    Department of Social Services Sakra, Muzaffarpur•
    9 hrs ago
  • तमिलनाडु और बेंगलुरु से मशीन स्क्रैप के एक मामले में एक आरोपी की संलिप्तता सामने आई है।
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    तमिलनाडु और बेंगलुरु से मशीन स्क्रैप के एक मामले में एक आरोपी की संलिप्तता सामने आई है।
    user_Suraj Kumar
    Suraj Kumar
    बांद्रा, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    13 hrs ago
  • बिहार के बेगूसराय में राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों पर डिवाइडर न होने की गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और सड़क निर्माण विभाग का ध्यान आकर्षित किया गया है। पोस्ट के माध्यम से यह बताया गया है कि बिहार के कई व्यस्त हाईवे पर अभी भी बीच में डिवाइडर नहीं बनाए गए हैं। डिवाइडर न होने के कारण सड़कें सिंगल या टू-लेन जैसी स्थिति में रहती हैं, जहाँ तेज रफ्तार गाड़ियां लगातार ओवरटेक करने की कोशिश करती हैं। ऐसी परिस्थितियों में विपरीत दिशा से आ रहे वाहनों से आमने-सामने की भीषण टक्कर होने की आशंका हर समय बनी रहती है। इन्हीं कारणों से इन हाईवे पर आए दिन ओवरटेकिंग की वजह से दर्दनाक सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें कई मासूम लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और कई परिवार तबाह हो रहे हैं। यह स्थिति यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक बहुत बड़ा खतरा बन चुकी है। संबंधित प्रशासन और अधिकारियों से अपील की गई है कि बिहार के सभी व्यस्त और दुर्घटना-संभावित हाईवे को चिह्नित कर जल्द से जल्द डिवाइडर का निर्माण कराया जाए। जब तक स्थाई डिवाइडर नहीं बनते, तब तक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रिफ्लेक्टर युक्त प्लास्टिक बैरिकेड्स या रंबल स्ट्रिप्स लगाए जाएं। साथ ही, ओवरटेकिंग जोन और तीखे मोड़ों पर साफ-साफ चेतावनी बोर्ड लगाने की भी मांग की गई है। इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन से जल्द ही उचित कदम उठाने की उम्मीद जताई गई है, क्योंकि सड़क सुरक्षा हर नागरिक का अधिकार है और लोगों का सफर सुरक्षित होना चाहिए।
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    बिहार के बेगूसराय में राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों पर डिवाइडर न होने की गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और सड़क निर्माण विभाग का ध्यान आकर्षित किया गया है। पोस्ट के माध्यम से यह बताया गया है कि बिहार के कई व्यस्त हाईवे पर अभी भी बीच में डिवाइडर नहीं बनाए गए हैं। डिवाइडर न होने के कारण सड़कें सिंगल या टू-लेन जैसी स्थिति में रहती हैं, जहाँ तेज रफ्तार गाड़ियां लगातार ओवरटेक करने की कोशिश करती हैं। ऐसी परिस्थितियों में विपरीत दिशा से आ रहे वाहनों से आमने-सामने की भीषण टक्कर होने की आशंका हर समय बनी रहती है।

इन्हीं कारणों से इन हाईवे पर आए दिन ओवरटेकिंग की वजह से दर्दनाक सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें कई मासूम लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और कई परिवार तबाह हो रहे हैं। यह स्थिति यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक बहुत बड़ा खतरा बन चुकी है।

संबंधित प्रशासन और अधिकारियों से अपील की गई है कि बिहार के सभी व्यस्त और दुर्घटना-संभावित हाईवे को चिह्नित कर जल्द से जल्द डिवाइडर का निर्माण कराया जाए। जब तक स्थाई डिवाइडर नहीं बनते, तब तक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रिफ्लेक्टर युक्त प्लास्टिक बैरिकेड्स या रंबल स्ट्रिप्स लगाए जाएं। साथ ही, ओवरटेकिंग जोन और तीखे मोड़ों पर साफ-साफ चेतावनी बोर्ड लगाने की भी मांग की गई है।

इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन से जल्द ही उचित कदम उठाने की उम्मीद जताई गई है, क्योंकि सड़क सुरक्षा हर नागरिक का अधिकार है और लोगों का सफर सुरक्षित होना चाहिए।
    user_VINOD KUMAR SHARMA
    VINOD KUMAR SHARMA
    बछवारा, बेगूसराय, बिहार•
    1 hr ago
  • बीपीएससी शिक्षिका गुंजन कुमारी ने अपने पति अमन कुमार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ अब तक न्यायालय में कोई भी आरोप साबित नहीं हो पाया है, और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। गुंजन कुमारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके पति लगातार उन पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन आज तक किसी भी आरोप को प्रमाणित नहीं कर सके हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि कोई सबूत है, तो उसे सड़कों और मीडिया में प्रचारित करने के बजाय अदालत में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। गुंजन कुमारी ने अपनी संघर्ष गाथा साझा करते हुए बताया कि इंटरमीडिएट के बाद उनकी शादी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने संघर्ष करते हुए स्नातक, बीएड, सीटेट और फिर बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर शिक्षक का पद हासिल किया। उन्होंने इस उपलब्धि के पीछे अपनी वर्षों की कड़ी मेहनत और संघर्ष को बताया। शिक्षिका ने पति के उस आरोप का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि उनकी पढ़ाई के लिए जमीन बेची गई थी। गुंजन कुमारी के अनुसार, उनके पति ने जमीन उनकी पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि अपने पैर टूटने के बाद इलाज के लिए बेची थी। गुंजन कुमारी ने आगे बताया कि वर्ष 2023 में उनकी नियुक्ति सुपौल जिले में हुई थी, जहाँ वे अपने बच्चों के साथ रह रही थीं। नौकरी के साथ-साथ वे बच्चों की देखभाल, खाना बनाने और पढ़ाई जैसे सभी काम स्वयं करती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति वहाँ भी जाकर उनके बारे में गलत बातें फैलाते थे, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी हुई। दार्जिलिंग यात्रा को लेकर लगे आरोपों पर उन्होंने सफाई दी कि प्रशिक्षण के बाद कई महिला शिक्षिकाएं उनके साथ दार्जिलिंग घूमने गई थीं और उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए परिवार को लगातार जानकारी दी थी, इसके बावजूद उनके पति ने इस यात्रा को लेकर अनर्गल आरोप लगाए। गुंजन कुमारी ने यह भी कहा कि वर्ष 2022 से ही वे अपने पति से अलग रह रही हैं क्योंकि उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने अपने नाबालिग बेटे से दबाव में बयान दिलवाने का भी आरोप लगाया, विश्वास जताते हुए कि बच्चा उनके पास आएगा तो स्वयं सच्चाई बता देगा। शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे की अभिरक्षा के लिए न्यायालय में आवेदन दिया है और चाहती हैं कि उनका बच्चा उन्हें वापस मिले, क्योंकि उन्होंने ही उसका पालन-पोषण किया है और उन्हें बच्चे को पाने का कानूनी अधिकार भी है। तलाक के मामले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अदालत में अपने दावे और तथ्यों को प्रस्तुत किया है, और उनके पति को भी अपने आरोपों के समर्थन में अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए, क्योंकि अदालत बिना सबूत के किसी को दोषी नहीं ठहराती। फिलहाल पति-पत्नी के बीच का यह विवाद न्यायालय में विचाराधीन है और इस पूरे मामले में अंतिम फैसला अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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    बीपीएससी शिक्षिका गुंजन कुमारी ने अपने पति अमन कुमार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ अब तक न्यायालय में कोई भी आरोप साबित नहीं हो पाया है, और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। गुंजन कुमारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके पति लगातार उन पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन आज तक किसी भी आरोप को प्रमाणित नहीं कर सके हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि कोई सबूत है, तो उसे सड़कों और मीडिया में प्रचारित करने के बजाय अदालत में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

गुंजन कुमारी ने अपनी संघर्ष गाथा साझा करते हुए बताया कि इंटरमीडिएट के बाद उनकी शादी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने संघर्ष करते हुए स्नातक, बीएड, सीटेट और फिर बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर शिक्षक का पद हासिल किया। उन्होंने इस उपलब्धि के पीछे अपनी वर्षों की कड़ी मेहनत और संघर्ष को बताया। शिक्षिका ने पति के उस आरोप का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि उनकी पढ़ाई के लिए जमीन बेची गई थी। गुंजन कुमारी के अनुसार, उनके पति ने जमीन उनकी पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि अपने पैर टूटने के बाद इलाज के लिए बेची थी।

गुंजन कुमारी ने आगे बताया कि वर्ष 2023 में उनकी नियुक्ति सुपौल जिले में हुई थी, जहाँ वे अपने बच्चों के साथ रह रही थीं। नौकरी के साथ-साथ वे बच्चों की देखभाल, खाना बनाने और पढ़ाई जैसे सभी काम स्वयं करती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति वहाँ भी जाकर उनके बारे में गलत बातें फैलाते थे, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी हुई। दार्जिलिंग यात्रा को लेकर लगे आरोपों पर उन्होंने सफाई दी कि प्रशिक्षण के बाद कई महिला शिक्षिकाएं उनके साथ दार्जिलिंग घूमने गई थीं और उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए परिवार को लगातार जानकारी दी थी, इसके बावजूद उनके पति ने इस यात्रा को लेकर अनर्गल आरोप लगाए। गुंजन कुमारी ने यह भी कहा कि वर्ष 2022 से ही वे अपने पति से अलग रह रही हैं क्योंकि उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने अपने नाबालिग बेटे से दबाव में बयान दिलवाने का भी आरोप लगाया, विश्वास जताते हुए कि बच्चा उनके पास आएगा तो स्वयं सच्चाई बता देगा।

शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे की अभिरक्षा के लिए न्यायालय में आवेदन दिया है और चाहती हैं कि उनका बच्चा उन्हें वापस मिले, क्योंकि उन्होंने ही उसका पालन-पोषण किया है और उन्हें बच्चे को पाने का कानूनी अधिकार भी है। तलाक के मामले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अदालत में अपने दावे और तथ्यों को प्रस्तुत किया है, और उनके पति को भी अपने आरोपों के समर्थन में अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए, क्योंकि अदालत बिना सबूत के किसी को दोषी नहीं ठहराती। फिलहाल पति-पत्नी के बीच का यह विवाद न्यायालय में विचाराधीन है और इस पूरे मामले में अंतिम फैसला अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
    user_ईलमासनगर टुडे
    ईलमासनगर टुडे
    Voice of people खानपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    9 hrs ago
  • समस्तीपुर जिले के ताजपुर नगर परिषद स्थित मोतीपुर सब्जी मंडी के पास नेशनल हाईवे का वह खंड, जो योगियामठ से गुजरते हुए आधारपुर के समीप ताजपुर-समस्तीपुर रोड से जुड़ता है, वर्तमान में ऐसी स्थिति में है जो विकास को खुलेआम मुँह चिढ़ा रहा है।
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    समस्तीपुर जिले के ताजपुर नगर परिषद स्थित मोतीपुर सब्जी मंडी के पास नेशनल हाईवे का वह खंड, जो योगियामठ से गुजरते हुए आधारपुर के समीप ताजपुर-समस्तीपुर रोड से जुड़ता है, वर्तमान में ऐसी स्थिति में है जो विकास को खुलेआम मुँह चिढ़ा रहा है।
    user_Anil shriwastav
    Anil shriwastav
    दलसिंहसराय, समस्तीपुर, बिहार•
    9 hrs ago
  • आराम पल्ली होम कंपनी ने एक नौकरी का अवसर पेश किया है। इस पद के लिए 26 दिन की ड्यूटी पर ₹16250 का वेतन दिया जाएगा, साथ ही कंपनी द्वारा मुफ्त कमरा उपलब्ध कराया जाएगा। कर्मचारियों को रविवार की छुट्टी मिलेगी और प्रतिदिन 12 घंटे की ड्यूटी करनी होगी। यह नौकरी तमिलनाडु और बेंगलुरु में स्थित आराम पल्ली होम कंपनी के लिए है।
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    आराम पल्ली होम कंपनी ने एक नौकरी का अवसर पेश किया है। इस पद के लिए 26 दिन की ड्यूटी पर ₹16250 का वेतन दिया जाएगा, साथ ही कंपनी द्वारा मुफ्त कमरा उपलब्ध कराया जाएगा। कर्मचारियों को रविवार की छुट्टी मिलेगी और प्रतिदिन 12 घंटे की ड्यूटी करनी होगी। यह नौकरी तमिलनाडु और बेंगलुरु में स्थित आराम पल्ली होम कंपनी के लिए है।
    user_Suraj Kumar
    Suraj Kumar
    बांद्रा, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    14 hrs ago
  • बगहा थाना क्षेत्र स्थित एलआईसी कार्यालय परिसर में शुक्रवार को गोली चलने की एक घटना हुई। इस घटना के कारण इलाके में हड़कंप मच गया।
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    बगहा थाना क्षेत्र स्थित एलआईसी कार्यालय परिसर में शुक्रवार को गोली चलने की एक घटना हुई। इस घटना के कारण इलाके में हड़कंप मच गया।
    user_Vaanishree News
    Vaanishree News
    Newspaper publisher Jandaha, Vaishali•
    21 hrs ago
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